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06 May 2010
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बदलाव मुश्क़िल है फिर भी मुमकिन है!

अक्सर कहा जाता है कि लोग आसानी से बदलना नहीं चाहते और बदलाव बहुत मुश्क़िल होता है आप धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं, छोड़ नहीं पाते. वज़न घटाना चाहते हैं, कामयाब नहीं होते. फिज़ूलखर्ची रोकना चाहते हैं, रोक नहीं पाते. आप सब कुछ समझते हैं फिर भी वह नहीं कर पाते
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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कैसे हो बेहतर तरह से काम

2005 में प्रकाशित बहु-चर्चित पुस्तक अ होल न्यू माइंड: व्हाय राइट-ब्रेनर्स विल रूल द फ्यूचर के लेखक डेनियल एच पिंक अपनी हालिया प्रकाशित किताब ड्राइव: द सरप्राइज़िंग ट्रुथ अबाउट व्हाट मोटिवेट्स अस में यह कहकर हमें चौंकाते हैं कि कुछ करने के लिए हम क्यों
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
Mar 07 2010 06:19 AM
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सहायता की ज़रूरत विषेषज्ञों को भी होती है

एक बहुत दिलचस्प उक्ति है कि अस्पताल बीमार लोगों के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है. इसलिए नहीं है कि यह स्थान ऐसी अनेक बातों और चीज़ों से भरा होता है जो आपकी सेहत के लिए ख़तरनाक होती हैं, जैसे छोटे-बड़े इन्फेक्शन, निदान या दवा देने में होने वाली चूकें और
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
Feb 07 2010 10:12 AM
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शिक्षा और प्रलय के बीच एक रेस

अपनी मेगा बेस्टसेलर थ्री कप्स ऑफ टी (अब तक 30 लाख प्रतियां बिक चुकी हैं) में ग्रेग मॉर्टेन्सन ने पाकिस्तान के दुर्गम इलाकों में लड़कियों के लिए स्कूल बनाने के अपने प्रयासों का मार्मिक वृत्तांत दिया था. उसी किताब की अगली कड़ी है स्टोन्स इण्टु स्कूल्स:
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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दूसरों की नज़रों से देखने की कोशिश में

पिछले एक दशक में अपनी तीन सुपर बेस्टसेलर किताबों द टिपिंग पॉइंट, ब्लिंक और आउटलायर्स से बहु चर्चित और अपने परिवेश को देखने का हमरा नज़रिया बदल डालने वाले लेखक माल्कम ग्लैडवेल की नई किताब व्हाट द डॉग सॉ: एंड अदर एडवेंचर्स असल में लगभग इसी कालावधि में
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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गेब्रियल गार्सिया मार्ख़ेस की जीवनी

साहित्यानुरागियों के लिए गेब्रियल गार्सिया मार्ख़ेस (जन्म 1928) का नाम अनजाना नहीं है. बीसवीं शताब्दी के तीन महानतम उपन्यासों ‘वन हण्ड्रेड ईयर्स ऑफ सॉलिट्यूड’, ‘द ऑटम ऑफ पैट्रियार्क’ और ‘लव इन द टाइम ऑफ कॉलेरा’ का यह रचियता अपने लातिन अमरीका के सार्वज
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
Dec 29 2009 11:42 AM
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उदयपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण साहित्यिक गोष्ठी की रपट

उदयपुर। पारम्परिकता रेत के शिल्प को शिथिल नहीं कर सकी और जरायमपेशा समाज पर लिखे जाने के बावजूद यह अतिरंजना से बचता है। सुपरिचित आलोचक एवं मीडिया विश्लेषक डॉ. माधव हाड़ा ने भगवानदास मोरवाल के चर्चित उपन्यास रेत के संबंध में कहा कि समाजशास्त्रीयता इस उ
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
Dec 29 2009 11:42 AM
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दासता का एहसान

की नोबल पुरस्कार विजेता टॉनी मॉरिसन अपने लेखन में बार-बार यह कहती रही हैं कि अमरीकी साहित्य और इतिहास उसकी अश्वेत जनसंख्या के निषेध पर निर्मित है और अमरीकी राष्ट्र की नींव श्वेत-अश्वेत के बीच की ‘हम’ और ‘वे’ की खाई पर टिकी है. ऐसे में यह बात अतिरिक्त
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
Dec 29 2009 11:42 AM
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टेढ़ी नज़र वाला अर्थशास्त्र

सन 2005 में प्रकाशित एक छोटी-सी किताब फ्रीकोनोमिक्स ने अर्थशास्त्र और दुनिया के प्रति लोगों का नज़रिया बदलने में बहुत बड़ी भूमिका अदा की. न्यूयॉर्क टाइम्स की बेस्ट सेलर सूची में रही स्टीवेन डी. लेविट्ट और स्टीफ़ेन जे. ड्युबनेर कृत इस किताब की दुनिया
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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व्यथा-कथा आधे आकाश की

पुलित्ज़र पुरस्कार जीतने वाले पहले विवाहित दम्पती निकोलस डी क्रिस्टोफ और शेरिल वुडन ने अफ़्रीका और एशिया की सघन यात्राओं के बाद लिखी इस किताब में बताया है कि कैसे एक छोटी-सी सहायता भी पद दलित, पीड़ित बच्चियों और स्त्रियों की ज़िंदगी में महत्वपूर्ण बद
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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एक गायिका की ज़िन्दगी के बहाने भारतीय शास्त्रीय संगीत का वृत्तांत

टाइम्स ऑफ इण्डिया की पत्रकार नमिता देवीदयाल की पहली किताब द म्यूज़िक रूम: अ मेमोयर एक तरह से शिष्या की क़लम से लिखी अपने गुरु की जीवनी है. नमिता लगभग 20 वर्ष तक जयपुर घराने की सुविख्यात गायिका ढोंढुताई कुलकर्णी की शिष्या रही थीं. लेकिन असल में तो यह
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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माइकल जैक्सन की ज़िन्दगी के आखिरी बरस

खोजी पत्रकारिता के लिए विख्यात और फायर एण्ड रेन: द जेम्स टेलर स्टोरी और सेलिन डियोन: बिहाइण्ड द फेयरी टेल जैसी बेस्ट सेलर्स के लेखक इयान हाल्पेरिन, जिन्होंने दिसम्बर 2008 के आखिरी दिनों में यह कह कर दुनिया को चौंका दिया था कि माइकल जैक्सन के पास सिर्फ छह
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
Sep 13 2009 07:54 AM
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उलझा-उलझा है भाषाई परिदृश्य

फेसबुक के अपने मित्र सुयश सुप्रभ के ब्लॉग अनुवाद, हिंदी और भाषाओं की दुनिया पर उनका विचारोत्तेजक लेख क्या हम दुनिया की आधी भाषाओं को दम तोड़ते देखते रहेंगे तो लगभग् इसी विषय पर लिखा अपना एक थोड़ा पुराना लेख मुझे याद आ गया, जो अब भी प्रासंगिक है.18 मई
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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जिन्ना, भारत का विभाजन और आज़ादी

भारत में हाल के वर्षों में किसी किताब ने ऐसी हलचल पैदा नहीं की है जैसी भाजपा के अब भूतपूर्व हो गए नेता जसवंत सिंह की हाल ही में प्रकाशित किताब जिन्ना - इंडिया पार्टीशन इंडिपेंडेंस ने की है. इस एक किताब ने जसवंत सिंह को ‘हनुमान से रावण’ बना दिया है. यह
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
Aug 30 2009 09:37 AM
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अब वह सपने भी हिंदी में देखने लगी है

पुरस्कृत संस्मरण पुस्तक द रेड डेविल: टू हेल विथ कैंसर – एण्ड बैक की लेखिका कैथरीन रसेल रिच जो न्यूयॉर्क टाइम्स मैगज़ीन, वाशिगटन पोस्ट, नेशनल पब्लिक रेडियो और सलोन डॉट कॉम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए लिखती रही हैं, की नवीनतम पुस्तक ड्रीमिंग इन हिंदी
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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आने वाला समय मुफ़्त का है

2006 की बेस्ट सेलर द लोंग टैल के लेखक, वायर्ड पत्रिका के सम्पादक क्रिस एंडरसन की स्थापना है कि हमारी अर्थव्यवस्था की नियति है मुफ़्त, यानि फ्री. अपनी सद्य प्रकाशित किताब फ्री: द फ्यूचर ऑफ अ रेडिकल प्राइस के शुरू में ही वे लिखते हैं कि देर-सबेर हर कंपनी को
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
Jul 26 2009 09:08 PM
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ईश्वर का विकास

इधर कुछ वर्षों में ईश्वर विषयक अनेक पुस्तकें आई हैं. नास्तिक लेखकों जैसे सेम हैरिस, रिचार्ड डॉकिंस, क्रिस्टोफर हिचेंस ने लगभग बेबाक शब्दों में कहा है कि अगर आप ईश्वर के प्रति अनास्थावान नहीं हैं तो आप नशेड़ी हैं. हैरिस ने तो अपने एथीस्ट मेनिफेस्टो (प्
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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क्यों अच्छा लगता है कोई विचार?

अगर कभी आपके मन में भी यह सवाल उठा हो कि लोग क्यों और कैसे धर्म, सम्प्रदायों, विज्ञापनों, वगैरह के ग़ुलाम बन जाते हैं, तो यह किताब आपके लिए है. रिचर्ड ब्रोडी का कहना है कि यह सब दिमागी विषाणुओं (माइण्ड वाइरस) यानी मीम्स की वजह से होता है. जो लोग इस बा
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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धोखा-धड़ी की दुनिया के भीतर से

अगर आप इंटरनेट और ई मेल का इस्तेमाल करते हैं तो आपको कभी न कभी इस आशय का ई मेल ज़रूर मिला होगा कि दूर किसी देश में कोई बेहद अमीर बहुत बड़ी दौलत छोड़ कर मर गया है और उसकी बेवा आपकी सहायता से वह दौलत देश से बाहर भेजना चाहती है. निश्चय ही आपको इस सेवा क
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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भारत: नई सुपरपॉवर

अपनी बहु-चर्चित किताब पोस्ट अमरीकन वर्ल्ड में फरीद ज़कारिया ने भविष्यवाणी की थी कि आने वाले वर्षों में अमरीका महाशक्ति नहीं रह जाएगा. और अब अपनी ताज़ा किताब इण्डिया एक्सप्रेस: द फ्यूचर ऑफ अ न्यू सुपरपॉवर में डेनियल लाक कह रहे हैं कि एशिया का अमरीका बनन
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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दास्तान लापता पाण्डुलिपि, हत्या और अफीम व्यापार की

कथाकार चार्ल्स डिकेंस एक बार फिर से चर्चा में हैं. 2009 के शुरू में डैन साइमंस की किताब आई ड्रुड जो डिकेंस की अपूर्ण कृति द मिस्ट्री ऑफ एडविन ड्रुड पर आधारित थी, और अब आई है मैथ्यू पर्ल की किताब द लास्ट डिकेंस . चार्ल्स डिकेंस का निधन 9 जून 1870 को म
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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नए भारत में प्रेम की तलाश

तीस पार की अनिता जैन एक पत्रकार हैं. हॉर्वर्ड में पढी और न्यूयॉर्क मैगज़ीन, वाल स्ट्रीट जर्नल, फाइनेंशियल टाइम्स, ट्रेवल एण्ड लेज़र जैसी पत्रिकाओं में छपती रही हैं और मेक्सिको सिटी, लंदन, न्यूयॉर्क वगैरह में काम कर चुकी हैं. 2005 में उन्होंने न्यूयॉर्क
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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अपना देश छोड़ने की पीड़ा

कैलिफोर्निया में बस चुके ईरानी आप्रवासी मां-बाप की संतान, लम्बे समय तक ‘टाइम’ पत्रिका की मध्यपूर्व सम्वाददाता और लिप्स्टिक जिहाद नामक चर्चित पुस्तक की लेखिका आज़ादेह मोआवेनी की नई संस्मरणात्मक किताब हनीमून इन तेहरान: टू ईयर्स ऑफ लव एण्ड डेंजर इन ईरान
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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आनन्द के पीछे छिपा अवसाद

अगर आपका यह खयाल है कि भ्रष्टाचार हिन्दी व्यंग्य लेखकों की कमज़ोरी है, तो कृपया विख्यात पत्रकार मैक्लीन जे स्टोरर की इस कृति, फॉर्वर्ड ओ पीजेण्ट को ज़रूर पढें. आप मान जाएंगे कि यह तो सर्वव्यापी है. अगर आप पहले से भी ऐसा मानते हैं तो भी कोई हर्ज़ नहीं
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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हम तो ऐसे हैं भैया

कोई चार बरस बाद फिर से दिल्ली के इन्दिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आना हुआ तो उसकी बदली शक्ल-सूरत देख कर बड़ा अच्छा लगा. चौबीस घण्टों के अंतराल में ही तीन अलग-अलग हवाई अड्डों को छूने का मौका मिला और अलग-अलग तरह के अनुभव हुए. दिल्ली के इंदिरा
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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किस्सा शेक्सपीयर की दूसरी पत्नी का

अत्यधिक ख्याति और लोकप्रियता के धनी विलियम शेक्सपीयर के साथ कई रहस्य अब भी बने हुए हैं. साहित्य की दुनिया में इस बात को लेकर अभी भी बहस जारी है कि जो रचनाएं उनके नाम से जानी जाती हैं क्या वे वाकई उन्हीं ने रची थीं. एक अन्य रहस्य उनके जीवन के एक विशेष
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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कैसी होगी इक्कीसवीं सदी?

भविष्यवाणियां, चाहे वे ज्योतिषियों ने की हों, विज्ञान गल्प लेखकों ने या भू-राजनीतिज्ञों ने, सदा ही मानव को आकर्षित करती रही हैं. बावज़ूद इस बात के कि उनकी सत्यता और विश्वसनीयता प्राय: सन्दिग्ध रही है. फिर भी दुनिया की अग्रणी निजी गुप्तचरी और भविष्यवाण
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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साहित्य का अविस्मरणीय मेला

पांच दिवसीय (21 से 25 जनवरी 2009) डी एस सी जयपुर लिट्रेचर फेस्टिवल सम्पन्न हो गया. अपने आयोजन के इस चौथे वर्ष में आ पहुंचे इस फेस्टिवल ने अब साहित्यकारों और साहित्य रसिकों के मन में सम्मान पूर्ण स्थान बना लिया है. राजस्थान की राजधानी -गुलाबी नगरी जयप
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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युवा लेखक का पहला उपन्यास

दिल्ली में जन्मे 24 वर्षीय करण महाजन स्टैनफर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि अर्जित करने के बाद अब उस ब्रुकलिन शहर में रहते हैं, जहां, उन्हीं के शब्दों में, हर कोई या तो लेखक है, या शिशु या दोनों ही. हाल ही में फेमिली प्लानिंग शीर्षक से उनका पहला
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल
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निजी भी राजनीतिक भी

तेहरान के एक पूर्व मेयर और शाह के शासन काल में ईरानी संसद की पहली महिला सांसद निज़हत नफीसी की बेटी अज़र नफीसी की संस्मरणात्मक किताब थिंग्ज़ आई हैव बीन साइलेण्ट अबाउट प्रकाशित होते ही चर्चा में आ गई है. इन्हीं अज़र नफीसी की 2003 में आई पिछली किताब रीडिंग
 
डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल