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कुछ यादें - अपनी सी

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31 Dec 2009
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पद्मनाभ मिश्र और प्रभु चावला का "केवल सच"

पद्मनाभ मिश्र के एक अदने बकवास ने आपको इस कदर का झूठ "केवल सच" के नाम से प्रकाशित करने को बाध्य करता है तो मुझे अनायास ही पद्मनाभ मिश्र के ब्लोग पर विश्वास हो जाता है। वैसे तो मैं "आज तक" को तभी देखता हूँ जब बिल्कुल बोर हो जाता हूँ और टीवी में कहीं क
टैग: चावला
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गाँधी नहीं रहे

भ्रमित होने की जरूरत नहीं कि कहीं मैंने 2 अक्तूबर को गाँधी जी की पुण्य तिथि तो ना समझ बैठा। पर कल की कुछ घटनाएँ एसी थी कि मैं सोचने पे विवश हो गया कि गाँधी नहीं रहे। आगे कुछ लिखने से पहले मैं यह बता दूँ कि मैं उन लोगों का प्रतिनिधित्व करता हूँ जिन्हे
Dec 29 2009 11:56 AM
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Windows Live Writer का इस्तेमाल

रवि रतलामी के ब्लोग को पढ़ने से पता चला की एसा भी कोई Tool है जो ब्लोग को offline लिखने की सुविधा प्रदान करता है। सोचा डाउनलोड किया जाए और देखा जाए कि ये कैसा है और कितना सुविधाजनक है। Google में टाईप किया "Windows Live Writer" और Micorsoft की लिंक पर
Dec 29 2009 11:56 AM
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बारहमासा - महाकवि विद्यापति

साओनर साज ने भादवक दही। आसिनक ओस ने कार्तिकक मही।। अगहनक जीर ने पुषक धनी। माधक मीसरी ने फागुनक चना।। चैतक गुड़ ने बैसाखक तेल। जेठक चलब ने अषाढ़क बेल।। कहे धन्वन्तरि अहि सबसँ बचे। त वैदराज काहे पुरिया रचे।। चानन रगड़ि सुहागिनी हे गेले फूलक हार। सेनुरा स
Dec 29 2009 11:56 AM
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आल्हा-रूदल गीत

लागल कचहरी जब आल्हा के बँगला बड़े- बड़े बबुआन लागल कचहरी उजैनन के बिसैनन के दरबार नौ सौ नागा नागपूर के नगफेनी बाँध तरवार बैठल काकन डिल्ली के लोहतमियाँ तीन हजार मढ़वर तिरौता करमवार है जिन्ह के बैठल कुम्ह चण्डाल झड़ो उझनिया गुजहनिया है बाबू बैठल गदहियावाल
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लकड़ी की काठी, काठी पे घोड़ा

लकड़ी की काठी, काठी पे घोड़ा घोड़े की दुम पे जो मारा हथौड़ा दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा, दुम उठा के दौड़ा घोड़ा पहुँचा चौक में, चौक में था नाई घोड़े जी की नाई ने हजामत जो बनाई चग-बग चग-बग, चग-बग चग-बग घोड़ा पहुँचा चौक में..... दौड़ा दौड़ा दौड़ा घोड़ा, दु
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शिक्षा का उद्देश्य

मैं एक संस्मरण को यहाँ स्थान दे रहा हूँ, जिसने मेरे मस्तिष्क में शिक्षक की छवि को आदर्श रूप प्रदान किया था । यह बात उस समय की है जब मैं सकरी के बगल में सूर्य नारायण सिंह उच्च विद्यालय में आठवीं कक्षा में पढता था । संस्कृत के शिक्षक मोहन बाबू काफी कडक
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Valentine's Day Special

Game of Table Tennis seems to be the De Facto entertaining activity in our office. And with the time many have mastered themselves in this game. Now it's common... it's usual to have one or another sorts of tournament on the Table. But one on the
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