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कुछ ख़बरें और कुछ बातें

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07 Jun 2010
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शिवना प्रकाशन के मुशायरे तथा पुस्‍तक विमोचन समारोह के वीडियो तथा फोटोग्राफ्स आज एक माह पूरा होने पर प्रस्‍तुत हैं । सुनिये अपने मनपसंद शायरों को ।

शिवना प्रकाशन के पुस्‍तक विमोचन समारोह और मुशायरे को पूरा एक महीना हो गया है । ठीक आठ मई को ये कार्यक्रम हुआ था । सो आज प्रस्‍तुत है उस कार्यक्रम के सारे वीडियो और सारे फोटोग्राफ्स । फोटोग्राफ्स के लिये पिकासा पर जाकर वेब एल्‍बम को देखें जहां पर मुशायरे
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बच्चों से कहना मुझे माफ कर दें - संदर्भ : डॉ.एम हैदर ( लेखक एल आर सिसौदिया उप संचालक जनसम्पर्क सीहोर )

     स्‍व. डॉ. एम. हैदर मसला कोई एसा नहीं जो बहुत गंभीर हो पर उससे जुड़ी डॉ.एम हैदर की सहजता और सरलता जरूर उसे याद करने योग्य बनाती है। एक दिन अचानक ही वे सबेरे-सबेरे अपने बड़े बेटे के साथ प्रकट हुए। दरवाजे पर दस्तक सुन दरवाजा खोला।
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सुकवि स्व. मोहन राय स्मृति पुरस्कार डॉ. आज़म को प्रदान किया जायेगा

अग्रणी साहित्यिक प्रकाशन संस्था शिवना प्रकाशन द्वारा स्व. मोहन राय की स्मृति में  दिया जाने वाला सुकवि स्व. मोहन राय स्मृति पुरस्कार सीहोर के सुप्रसिध्द शायर तथा कवि डॉ.  आज़म को दिया जायेगा । यह पुरस्कार शिवना प्रकाशन तथा मध्यप्रदेश उर्दू
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शिवना प्रकाशन के अखिल भारतीय मुशायरे में पद्मश्री डा. बशीर बद्र, पद्मश्री बेकल उत्साही, डा. राहत इन्दौरी करेंगें चार नई पुस्‍तकों का विमोचन ।

सीहोर के सुप्रसिध्द कवि स्व. मोहन राय की स्मृति में जिले की अग्रणी साहित्यिक प्रकाशन संस्था शिवना प्रकाशन तथा मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय मुशायरे का आयोजन आगामी आठ मई को किया जा रहा है । इस आयोजन में देश भर के दिग्गज
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वैदेही की तड़प, उर्मिला की पीर, और मांडवी की छटपटाहट : विरह के रंग (काव्य संग्रह) कवयित्री सुश्री सीमा गुप्ता, समीक्षा श्री रमेश हठीला

विरह के रंग (काव्य संग्रह) ISBN: 978-81-909734-1-0 सीमा गुप्ता मूल्य : 250 रुपये प्रथम संस्करण : 2010 प्रकाशक : शिवना प्रकाशन पी.सी. लैब, सम्राट कॉम्प्लैक्स बेसमेंट बस स्टैंड, सीहोर -466001(म.प्र.) दूरभाष 09977855399 पुस्‍तक समीक्षा द्वारा श्री रमेश
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शिवना प्रकाशन के होली परिशिष्ट का विमोचन

साहित्यिक संस्था शिवना प्रकाशन द्वारा होली के अवसर पर प्रकाशित होली परिशिष्ट होली का हंगामा का विमाचन जिला जनसम्पर्क अधिकारी श्री एल आर सिसौदिया ने किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता गल्ला व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री कैलाश अग्रवाल ने की विशिष्ट अतिथि के रूप
Mar 05 2010 07:10 PM
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टाटा बिड़ला डालमिया तो गोद में लेटे हैं, क्या हम भारत माता के सौतेले बेटे हैं बत्‍तीस साल से चल रहा एक अनोखा कार्यक्रम सुकवि पंडित जनार्दन शर्मा

टाटा बिड़ला डालमिया तो गोद में लेटे हैं, क्या हम भारत माता के सौतेले बेटे हैं बत्‍तीस साल से चल रहा एक अनोखे कार्यक्रम सुकवि पंडित जनार्दन शर्मा स्मृति काव्याँजलि समारोह सीहोर () ये बहुत ही हैरत की बात है कि कोई कार्यक्रम किस प्रकार से बत्तीस वर्षों से
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और हंसते-हंसते सीने पर गोली खाई 356 क्रांतिकारियों ने

सीहोर। सन 1857 व इससे पूर्व गुलाम भारतवर्ष पर जिन अंग्रेजों ने अपना शासन जमा रखा था उन अंग्रेजों की एक सैनिक छावनी सीहोर के सैकड़ाखेड़ी मार्ग पर सीवन नदी के किनारे पर स्थित थी। 1857 में भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन (गदर) का शंखनाद जब पूरे देश
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शिवना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित दीपक चौरसिया मशाल के काव्‍य संग्रह 'अनुभूतियां' का विमोचन सिटी सेंटर उरई में हुआ- बुंदेलखंड टुडे से डॉ. कुमारेंद्र सिंह

दीपक चौरसिया मशाल का काव्‍य संग्रह अनुभूतियां : मूल्‍य 250 रुपये, 104 पृष्‍ठ, हार्ड बाइन्डिंग, आइएसबीएन978-81-909734-0-3, प्रथम संस्‍करण 2010, प्रकाशक शिवना प्रकाशन बुन्देलखण्ड टुडे से डॉ. कुमारेंद्र सिंह सेंगर की रपट साभार  ।
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मुंतज़ार अल ज़ैदी की तरह हिम्‍मत वाला क्‍या कोई पत्रकार वहां नहीं था जो विधु विनोद चोपड़ा को जूता मारने की हिम्‍मत करता ।

( ये लेख केवल पत्रकारों के लिये है क्‍योंकि गैर पत्रकार लेख की कई बातों से असहमत हो सकते हैं ) स्‍वयं पत्रकार होने के कारण अक्‍सर इस बात से दुखी होता हूं कि अब पत्रकारिता में वह पहले जैसा साहस नहीं बचा । उसके पीछे भी एक कारण ये है कि अब तो पत्रकार कहीं
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क्‍या समाचार तभी होता है जब पुलिस या प्रशासन उसके होने की पुष्टि कर दें, औरों को इसका जवाब सही तरीके से देने के लिये बधाई नवदुनिया

लोकतंत्र का जो ढांचा तैयार किया गया है उसमें दो एक एक की व्‍यवस्‍था है । दो एक एक का अर्थ ये है कि व्‍यवस्‍था की जवाबदारी दी गई है दो को दो का अर्थ कार्यपालिका और विधायिका । ये दोनों ही व्‍यवस्‍था के लिये जिम्‍मेदार होते हैं । जो कुछ भी हमारे आस पास
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हमको मालूम है ख़बरों की हक़ीक़त लेकिन, दिल के ख़ुश रखने को ग़ालिब ये ख़याल अच्‍छा है

मैंने पिछले ही पोस्‍ट में लिखा था कि आजकल आलोचना को सहना एक मुश्किल काम है । हम जिस दौर में हैं उस दौर में आलोचना को निंदा माना जाता है और हम ये मानने को तैयार ही नहीं होते हैं कि हम भी कुछ ग़लती कर सकते हैं । कुछ दिनों पहले मैंने फोटो को लेकर एक काल
Dec 29 2009 11:46 AM
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आइये आपको मिलाते हैं दैनिक विज्ञापन भास्‍कर से

दैनिक भास्‍कर को अब एक समाचार पत्र कहना मतलब ये कि अपनी ही बुद्धि का सार्वजनिक प्रदर्शन करना । दैनिक भास्‍कर अब केवल एक सूचना पत्र हो कर रह गया है जिसमें समाचारों के लिये कहीं कोई स्‍थान नहीं होता है । लेकिन आज तो मैं जिस विषय की बात करना चाह रहा हूं
Dec 29 2009 11:46 AM
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अब समाचार पत्र वाले शायद पाठकों को मूर्ख समझने लगे हैं ।

कल ही मैंने जागरण के बारे में लिखा था और आज ही अपने दूसरे फेवरेट पर कलम चलानी पड़ रही है । कल नवदुनिया जो कि वास्‍तव में नई दुनिया है और हमारे यहां पर नाम बदल कर नवदुनिया के नाम से आता है । कुछ दिनों से मैं देख रहा हूं कि कि नवदुनिया में ऐसे समाचार ह
Dec 29 2009 11:46 AM
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पत्रिका ने फिर की एक भूल, आंकड़ों को उल्‍टा सीधा कर दिया

पत्रिका अपनी शुरूआत के साथ ही गलतियों को करने में आगे रहा समाचार पत्र है । मजे की बात ये है कि इस समाचार पत्र ने अपनी गलतियों से कोई सबक नहीं लिया और ग़लतियों पर ग़लतियां करते जो रहे हैं । यही कारण है कि पत्रिका को भोपाल में आने के बाद जो स्‍थान मिल
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आचार संहिता के बाद भी लाल बत्‍ती में घूमे मंत्री जी, पत्रकार ने खबर उठाई तो दी जान से मारने की धमकी

भाजपा सरकार के मंत्री श्री करण सिंह वर्मा को शायद पता नहीं है कि प्रदेश में आचार संहिता लग चुकी है । शायद समाचार पत्र पढ़ने का उनको समय ही नहीं मिलता है । खैर जो भी हो बात ये है कि मंत्री महोदय इस बात से बेखबर कि आचार संहिता लग चुकी है धड़ल्‍ले से अप
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क्‍या सचमुच राजनीतिक पत्रकारिता का अंत हो गया है

साहित्यिक पत्रिका हंस के अगस्‍त 2008 के अंक में पृष्‍ठ 82 पर श्री मुकेश कुमार का एक लेख प्रकाशित हुआ है जिसका शीर्षक है ''राजनीति को बाहर करने की राजनीति''। वैसे तो मुकेश जी के जो लेख यहां पर प्रकाशित होते हैं वे पत्रकारिता पर आधारित होते हैं और पठनी
Dec 29 2009 11:46 AM
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ख़बरदार अगर बिजली का बिल जमा किया तो 1000 रुपये का जुर्माना भरना होगा

आपको लग रहा होगा कि ये कहां का समाचार है कि  बिजली का बिल भरने पर 1000 का जुर्माना भरना पड़ रहा है पर जनाब ये सच है और मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री के अपने ही जिले का ये समाचार है । समाचार है सीहोर जिले के इछावर विकासखंड के ब्रिजिसनगर ग्राम का जह
Dec 29 2009 11:46 AM
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चुनाव वाले साल में समाचार पत्रों की शुरुआत होना किस बात की ओर संकेत करता है

मध्‍यप्रदेश में इस साल के अंत में ही विधान सभा के चुनाव होने हैं और जैसे कि संकेत मिल रहे हैं कि  इस बार के चुनाव बहुत ही रोचक होने हैं । पिछले चुनावों में तो दो बातें सीधे सीधे ही भाजपा के पक्ष में थीं पहली तो ये कि कांग्रेस के मुख्‍यमंत्री से
Dec 29 2009 11:46 AM
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पत्रकारिता क्‍या सचमुच ही सूचनाओं को इधर से उधर पहुंचाने का ही नाम है

आजकल पत्रकारिता को सूचनाप्रद पत्रकारिता बना दिया गया है । जैसे मुख्‍यमंत्री आए, कलेक्‍टर ने ऐसा कहा, अमुक पार्टी ने धरना दिया, फलाने नेता ने ऐसा का । मतलब कि कुलमिलाकर बात वही है कि सूचनाएं ही सूचनाएं हैं । पाठकों का समामान्‍य ज्ञान बढ़ाए रखने की पूर
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जिला स्‍तर की पत्रकारिता और पत्रकार कलेक्‍टर के खास बन जाने और बने रहने तक सीमित हो गई है

पहले ऐसा होता नहीं था लेकिन अब तो ऐसा  ही हो रहा है कि जिले स्‍तर की पत्रकारिता का मतलब अब हो गया है जिला कलेक्‍टर की गुड लिस्‍ट में स्‍‍थान पाना और उस लिस्‍ट में बने रहने का भरसक प्रयास करना । दरअसल में कलेक्‍टर पद अंग्रेजों के जमाने से ही सबसे
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वो एक व्‍यक्ति जो कि संपादक कहलाता था उसे प्रबंधक में बदल दिया गया है ऐसे में उम्‍मीद न रखें समाचारों की

संपादक एक एसा व्‍यक्ति जो कि अपने समाचार पत्र या पत्रिका की धुरी होता था । मालिक भी उसके सामने बौना होता था । समाचारों के चयन में मालिक से ज्‍यादा चलती थी संपादक की । मालिक को भी अनुरोध करना होता था संपादक से किसी समाचार को लेकर । संपादक का अर्थ होता
Dec 29 2009 11:46 AM
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पत्रिका समाचार पत्र का मुखपृष्‍ठ दूसरों से बाजी मारता तो दिखता है लेकिन स्‍थानीय पृष्‍ठ पर आकर बात टांय टांय फिस्‍स हो जाती है ।

समाचार पत्रों के लिये ये एक ऐसा समय है जब कि  गलाकाट प्रतिस्‍पर्धा के चलते पाठकों के लिये हर तरह का ललचाऊ प्रलोभन दिया जा रहा है । दरअसल में एकाधिकार एक ऐसा शब्‍द है जिसको तोड़ने के लिये समय समय पर प्रयास होते हैं और एकाधिकार भले ही किसी भी
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क्‍या हिंदी की पीड़ा के बारे में बात करना सनसनी फैलाना है और नाग नागिन भूत प्रेत दाऊद की बात करना समाचार दिखाना है

कल के मेरे पोस्‍ट पर एक टिप्‍पणी मिली है जिसमें मुझे निर्देशित किया गया है कि मैं सनसनी फैलाने का काम नहीं करूं । निर्देशित करने वाले कोई जालिम जी हैं । मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि हिंदी की पीड़ा की बात करने का मतलब सनसनी फैलाना कहां से हो रहा है और म
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क्‍या आप जानते हैं कि भारत की राष्‍ट्रीय मिठाई जलेबी है, ऐसा सीहोर के शिक्षा विभाग का कहना है, पढि़ये राष्‍ट्रीय प्रतीकों की पूरी सूची जो जारी की है

आपसे पूछा जाये कि हमारे भारत का राष्‍ट्रीय पुष्‍प क्‍या है तो आप तुरंत बता देंगें कि कमल है । आपसे पूछा जाये कि राष्‍ट्रीय पशु कौन सा है तो आप बिना झिझके बता देंगें कि राष्‍ट्रीय पशु है बाघ । किन्‍तु यदि आपसे पूछा जाये कि भारत की राष्‍ट्रीय मिठाई क्‍
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देखिये एक शहर को अंधेरे में डूबते और उजाले में लौटते 22 जुलाई का सूर्य ग्रहण, ग्रहण की केन्‍द्रीय पट्टी पर के मध्‍यप्रदेश के शहर सीहोर में। पंकज सुबीर

बादलों ने मजा बिगाड़ दिया तो सूर्य ग्रहण में सूर्य की तस्‍वीरें तो नहीं ले पाये लेकिन जिस प्रकार से सात मिनिट में दो बार सुबह को होते देखा वो भी एक अनोखा नजारा था । आप भी देखें ग्रहण की केन्‍द्रीय पट्टी पर के मध्‍यप्रदेश के शहर सीहोर में दो बार सुबह को
Jul 22 2009 12:59 PM
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एतिहासिक सूर्य ग्रहण के बारे में सम्‍पूर्ण जानकारी, कब कब हुआ है भारत में पूर्ण सूर्य ग्रहण और अब कब कब होगा ।

ज्ञात इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि सूर्यग्रहण का केन्द्र सीहोर जिले से होकर निकल रहा है । ज्ञात इतिहास इसलिये कि पिछले दो सौ सालों के इतिहास में कोई उदाहरण नहीं मिल रहा है कि सीहोर से होकर ये ग्रहण की केन्द्रीय रेखा निकली हो । ये पहली बार ही
Jul 21 2009 07:57 AM
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एक पंक्ति का एस एम एस - रात 2:45 पर ओम व्‍यास जी नहीं रहे

आज की सुबह एक दुखद एसएमएस के साथ हुई एक पंक्ति का एसएमस मिला है रात 2:45 पर श्री ओम व्‍यास जी नहीं रहे । पता नहीं क्‍यों मन नहीं माना सो अपने मित्र और स्‍टार न्‍यूज के मध्‍य प्रदेश प्रमुख श्री ब्रजेश राजपूत जी को फोन किया । कुछ देर पूर्व एक और एसएमएस
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लोकतंत्र का तमाशा देखिये वीडियो में, देखिये निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच जूतम पैजार

लोकतंत्र का जितना मखौल हमारे देश में उड़ाया जाता है उतना कहीं और नहीं होता है । आज ये जो वीडियो लगाये जा रहे हैं ये मध्‍यप्रदेश के सीहोर जिले के हैं जहां पर आज नगरपालिका की बैठक के दौरान निर्वाचित पार्षदों तथा मुख्‍यनगरपालिका अधिकारी के बीच जम कर जूत
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बीस हजार रुपयों के लिये बना रखा है उसके परिवार को बंधुआ मज़दूर

भले ही सरकारे ये दावे करती हों कि बंधुआ मजदूरी और खून चूसने वाले साहूकारों की बातें अब गुजरें जमाने की बातें हो गईं हैं लेकिन सच ये ही है कि आज भी बंधुआ मजदूरी की प्रथा चल रही है । मध्‍यप्रदेश में मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में
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क्‍या नईदुनिया जैसे समाचार पत्र भी अब छापने से पहले समाचारों को नहीं देखते हैं

ग़लती हालंकि देखने में तो छोटी सी है लेकिन जब बात नई दुनिया जैसे समाचार पत्र की हो तो फिर उसको बड़ा ही माना जायेगा  । ऐसा इसलिये क्‍योंकि नईदुनिया में समाचारों में ग़लती की संभावना को शून्‍य माना जाता है और फिर ये भी कि नई दुनिया में हर समाचार क
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जागरण जैसा समाचार पत्र और चाटुकारिता का ऐसा नमूना, मुझे आज इस बात पर शर्म आ गई कि मैं भी पत्रकार ही हूं ।

कहते हैं कि मिथक कभी न कभी टूट ही जाते हैं । जैसे मेरा बनाया हुआ एक मिथक था कि मैं समाचार पत्रों में दैनिक जागरण को थोड़ा सा अलग तरह का समाचार पत्र  मानता था । सहीं बताऊं तो भले ही लोग कहते हैं कि उनका दिन दैनिक भास्‍कर के बिना प्रारंभ नहीं होता
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पत्रिका समाचार पत्र के अनुसार काश्‍मीर भारत का अंग नहीं है

आज का पत्रिका समाचार पत्र  देखा तो उसके साथ आया रविवारीय हम लोग भी देखा । उसमें श्री अजय सेतिया जी का लेख सुद्री सीमा कितनी सुरक्षित प्रकाशित हुआ है । लेख सामयिक है और तथ्‍यों के आधार पर काफी अच्‍छी जानकारी देने का प्रयास किया है । किन्‍तु ऐसा ल
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इस ऐतिहासिक विमोचन में अपनी भी भागीदारी दें ''स्‍वागत करें अंधेरी रात का सूरज का

सजीव जी ने जो कार्य किया है वह अद्भुत है उसके लिये मैं प्रशंसा में कुछ भी नहीं कह सकता बस ये ही कह सकता हूं कि एक बार वहां ज़रूर जायें और अपनी टिप्‍पणी ज़रूर छोड़ें । आपकी कही हुई बात सजीव जी के लिये पारीश्रमिक होगी एक ऐसे काम का जिसकी कोई कीमत ही नह
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फोटो पत्रकारिता का स्‍वर्णिम युग क्‍या बीते ज़माने की बात हो गया है ।

एक ज़माना था जब फोटो को लेकर भी समाचार पत्रों में विश्‍ोष रूप से लोगों को नियुक्‍त किया जाता था और फोटो को लेकर एक विशेष प्रभाग होता था । फोटो का चयन करना और उसके नीचे की पंक्तियां लिखना फोटो का शीर्षक लगाना ये भी एक कला हुआ करती थी । दरअसल में फोटो