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16 Jun 2010
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मेरे निवास स्थान में रामदरबार का पूजन पाठ भजन अदि का कार्यक्रम संपन्न ....

प्रबिसि नगर कीजें सब काजाह्रदय राखि कोसलपुर राजा.....जिमि अमोघ रघुपति कर बानाएहिं भांति चलेऊ हनुमाना .....कल रात्री पितृ दिवस के तारतम्य में अपने पिता स्वर्गीय पंडित बद्री प्रसाद जी मिश्र की स्मृति में मेरे निवास स्थान में रामायण पाठ और भजन पूजन का
 
महेन्द्र मिश्र
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जल संरक्षण हेतु आम जनता के लिए वाटर हारवेस्टिंग प्रणाली सोकपिट जरुर बनवाये और पेयजल की समस्या से निजाद पाए : पितृ दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाये

सारे विश्व में पेयजल की समस्या दिनोदिन बढाती जा रही है और इस समस्या का निदान हारवेस्टिंग प्रणाली सोकपिट बनवाकर किया जा सकता है . दिनोदिन भूमि का जलस्तर निरंतर कम होता जा रहा है जिसके कारण दिनोदिन पानी का संकट गहराता जा रहा है. समय रहते हमें सचेत होना
 
महेन्द्र मिश्र
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चिट्ठी चर्चा : भुखमरी से लड़ते शहरोज़ की मदद करें

आज मै महेंद्र मिश्र आपके लिए काफी अरसे के बाद आपके समक्ष एक छोटी सी चिट्ठी चर्चा लेकर उपस्थित हूँ . सबसे पहले मैं आप सभी से क्षमा लेना चाहता हूँ क्योंकि घरेलू और अत्यंत जरुरी आवश्यक कार्य होने के कारण चिटठी चर्चा समय पर आपके समक्ष लेकर उपस्थित नहीं हो
 
महेन्द्र मिश्र
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तेरे इशारों पर काँटों पर चल देंगें...

ये प्रियवर तेरे लिए फूल क्या हैं तेरे इशारों पर काँटों पर चल देंगें. तेरी खातिर जहान से टकरा लेंगेतेरी लिए जानम बगावत कर देंगें.तुझे पल भर देखें बिना ये जानम जन्नत में भी हम नहीं रह पाते हैं.हम लाख लाख कोशिशें कर लेते हैं तेरे बिना कहीं भी नहीं रह पाते
 
महेन्द्र मिश्र
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तुझे तेरे शहर में. दिल से तलाश करता हूँ...

तुझे तेरे शहर में. दिल से तलाश करता हूँदोस्तों आस.- वादे के मिलन की करता हूँ.प्यारे दोस्तों.....मेरी ये अजीब फितरत हैमिलन चाहत की प्यास दिल में पैदा करता हूँ.
 
महेन्द्र मिश्र
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माइक्रो पोस्ट ... समाज और मनोरंजक सामग्री और सपनों की उड़ान

* जो समाज मात्र रोटी और मनोरंजक सामग्री पर संतोष कर लेता है वह एक निकृष्ट कोटि का समाज बन जाता है . * ऊँची उड़ाने उड़ने की अपेक्षा यह अच्छा है की आज की स्थिति का सही मूल्यांकन करें और उतनी योजनायें जिसे आज के साधनों से से पूरा का सकना संभव है .
 
महेन्द्र मिश्र
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संस्कारधानी जबलपुर के प्रेस फोटोग्राफर भाई मदन सोनी जी...

संस्कारधानी जबलपुर के प्रेस फोटोग्राफर भाई मदन सोनी जी फोटोग्राफी के क्षेत्र में बेमिसाल प्रतिभा के धनी है . समय समय पर ज्वलंत सामयिक घटनाओं के फोटो, नगर में चल रही सांस्कृतिक समारोहों के , सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान उनके द्वारा लिए गये फोटो नगर के सभी
 
महेन्द्र मिश्र
May 27 2010 07:30 PM
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सुबह के जोग बजाते रहो ढेंग ढेंग....

एक आदमी नशे की झोंक में रास्ते में एक भैस से टकरा गया और धीरे से बोला " माफ़ करना देवी जी गलती हो गई " . राहगीरों ने कहा - भाई तुम भैस से टकरा गए थे . थोड़ी देर बाद वह शराबी एक मोटी औरत से टकरा गया फिर वह जोरो से बोला - माफ़ करना लोग न जाने क्यों भैसों को
 
महेन्द्र मिश्र
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इस ब्लॉगों की महफ़िल में कोई भी हमारा न हुआ...

ओह ब्लागजगत अशांति ही अशांति ...छोटे बड़े सब हलाकान .... बड्डा कौन छोटा कौन... १ नंबर दो नंबर..... बड्डे और छोटे के चेलें आग को हवा देने में लगे है ... कुछ बुजुर्ग समझदार अशांति की आग को फायर बिग्रेड लेकर बुझाने की कोशिश कर रहे हैं .... कई तो शीत युद्ध
 
महेन्द्र मिश्र
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चिट्ठी चर्चा : बड़ा कौन ? किस 'बला' में है मुब्तला 'गीरी' [ ब्लागीरी ] झाड़ या फूंक ही करा लीजे.

आज रविवार का दिन और आज काफी रविवार निकल जाने के बाद मै महेंद्र मिश्र आपका सादर अभिवादन कर आपके लिए चिट्ठी चर्चा लेकर उपस्थित हूँ . भीषण गरमी का माहौल नर नारी पशु पक्षी सभी भीषण गर्मी से त्रस्त हैं और इस समय तापमान ४५ डिग्री के ऊपर जा रहा है तो यहाँ दूसरी
 
महेन्द्र मिश्र
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ए जालिम तू हँस ले जी भरकर...

ए जालिम तू हँस ले जी भरकरमेरे इन ताजे जख्मों को कुरेदकर.तेरा भी कल ऐसा वक्त आयेगातू जियेगा जब आहें भरभर कर । 0000जब याद किसी की आती हैए दिल मेरा बेकाबू हो जाता है .दिल को मेरे चैन तब आता हैजब दिलरुबा मेरे सामने होती है। 00000
 
महेन्द्र मिश्र
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माँ तेरे चरणों में हम शीश झुकाते हैं

हे माँ मैं बहुत ही खुशनसीब हूँ की अपने मुझे जन्म दिया है और आपकी छत्र छाया में मै पला बड़ा हूँ . आज आप इस दुनिया में नहीं हैं पर मैं आपको भूल नहीं पाया हूँ और जब तक मेरा जीवन रहेगा मैं आपको कभी विस्मृत नहीं कर पाऊंगा . कभी कभी ऐसा आभास होता है की आप मेरे
 
महेन्द्र मिश्र
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मजदूर दिवस : देश मे बढ़ते बाल मजदूर

आज मजदूर दिवस हैं इस अवसर पर देश में जगह जगह रैली जुलूस और सेमीनार आयोजित किये जा रहें है और मजदूरों को उनके अधिकार और कर्तव्यों के बारे में जागरुक कराया जा रहा हैं पर इन सबके बावजूद देश में दिनोदिन बाल मजदूरों की संख्या बढ़ती जा रही है . पंडित जवाहरलाल
 
महेन्द्र मिश्र
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लू के कहर में जरा हंस लें जी ....झक्कू के जोग

झक्कू - दादी अप क्या बादाम खाती हैं ?दादी - नहीं बेटा मैं नहीं खाती हूँ मेरे दाँत टूटे है . झक्कू - तो ठीक है ये बादाम की पुडिया आप रख लीजिये मै वापस आकर ले लूँगा ..........झक्कू से उसकी माँ - तुमने उधम किया तो मै तुम्हें मारूंगी . झक्कू - आपने मुझे यदि
 
महेन्द्र मिश्र
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चिट्ठी चर्चा : तो नहीं कह रहा लेकिन... नहीं, नहीं मैं कहीं टंकी-वंकी पर चढ़ने नहीं जा रहा हूँ ...

आज रविवार का दिन मै महेंद्र मिश्र जबलपुर से आप सभी का सादर अभिवादन कर आपके समक्ष एक चिट्ठी जिसे आप लिंक चर्चा कहें या पोस्ट चर्चा कहें लेकर उपस्थित हूँ . ब्लागजगत में चल रही भीषण गर्मी और मेरे शहर में जिस कदर तापमान में बढ़ोतरी हो रही हैं उसके कारण कुछ भी
 
महेन्द्र मिश्र
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समयचक्र

चिट्ठी चर्चा : तपता सूरज और तपती धरती .... आज रविवार को मै महेंद्र मिश्र आप सभी का सादर अभिवादन कर आपके समक्ष बैरंग चिट्ठी लेकर आया हूँ . ब्लॉग जगत में मच रही धूम और तनातनी के कारण समय चक्र की चिट्ठी बैरंग होकर भटक गई थी . मेरी समझ से ब्लागजगत में जो भी
 
महेन्द्र मिश्र
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बाँसुरी चली आओ, होंठ का निमंत्रण है---चिट्ठी चर्चा----ललित शर्मा

समय का पहिया घुमा और संग-संग पुरी दुनिया घुमी, परिवर्तन मौसम का हो रहा है, साथ ही साथ जन मानस में भी परिवर्तन हो रहा है, समय बदलते जा रहा है, हमारे मित्र गिरीश बिल्लौरे जी के नाना जी का स्वर्गप्रयाण कल रात हो गया, उस समय हमारी उनसे बात ही चल रही तभी
 
ललित शर्मा
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महफूज जी और उड़न तश्तरी अचानक जबलपुर शहर में...

लखनऊ के ब्लॉगर भाई महफूज अली जब से जबलपुर प्रवास के निकलें फिर अचानक ब्लागर बिरादरी से गायब हो गए . सभी ब्लॉगर भाई हलाकान और परेशान रहें की आखिर महफूज भाई कहाँ गायब हो गए . खुशदीप जी ने आशंका व्यक्त की कहीं महफूज भाई किसी कन्या के जुगाड़ में है और उनकी
 
महेन्द्र मिश्र
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चिट्ठी चर्चा : ए गनपत जरा इंटरनेट तो खोल ए गनपत जरा ब्लाग तो खोल

आज रविवार को मै महेंद्र मिश्र आपका सादर अभिवादन कर आपके लिए चिट्ठी चर्चा लेकर उपस्थित हूँ . ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए हमारे देश के साथ साथ सारी दुनिया में अर्थ आवर का संकल्प फिर से दोहराया गया . सारी दुनिया में समाजसेवी संस्थाओं और
 
महेन्द्र मिश्र
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एक ब्लागर की वसीयत ब्लागरो के नाम ....

सुना है की अपने वकील बिहारी बाबू कहिन अजय झा जी ब्लागरों की वसीयत बनाने में जुटे हैं तो मैंने भी सोचा की जीते जी वकील बाबू जी से क्यों न अपनी वसीयत तैयार करवा ली जाए ताकि मरने के बाद मन में कोई ख़ुलूस न जाए की जीते जी अपनी ब्लागरी की वसीयत तैयार नहीं करवा
 
महेन्द्र मिश्र
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चिटठी चर्चा : आज दिल फिर शाद के फूलों से नहाया है....

आज रविवार को मै महेंद्र मिश्र आप सभी का सादर अभिवादन कर आपके लिए रविवार की चिट्ठी लेकर आ गया हूँ . आज सुबह सुबह अखबारों में यह समाचार पढ़ा की रेलवे के विज्ञापन में जो नक्शा दिया गया है देश की राजधानी दिल्ली को पकिस्तान में और और पश्चिम बंगाल की राजधानी को
 
महेन्द्र मिश्र
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चिट्ठी चर्चा : पूरी रात कुत्ता मुहँ चाटता रहा... आलस्य की भी हद है ...ओ अफसर के शाही कुत्ते... लाइट ले यार...

आज गुरूवार को मै महेंद्र मिश्र आप सभी का सादर अभिवादन कर आपके समक्ष ब्लॉग पोस्टो की चिट्ठी चर्चा लेकर उपस्थित हूँ . आज मैंने कुछ ब्लागार भाई बहिनों की पोस्टे पढी जिनका जिक्र इस चिट्ठी चर्चा में करने का प्रयास किया है . चिटठी चर्चा के पहले चंद शब्द आपकी
 
महेन्द्र मिश्र
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एक दिन कुकुरपंती के नाम- बारिश का पानी-----चिट्ठी-चर्चा---"ललित शर्मा"

समय चक्र पर एक बार हाजिर हुं एक नयी चिट्ठी चर्चा लेकर-----समय का पहिया घुमता जा रहा है बसंत से फ़ागुन आया और आकर चला भी गया समय के साथ-----पतझड़ का मौसम आया है सूखे पीले पत्तों के साथ अब मौसम भी कुछ अनमना सा है। बस अब भीषण गर्मी पड़ने वाली है, हमारे यहां तो
 
ललित शर्मा
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चिट्ठी चर्चा : बर्थ-सर्टिफिकेट सबूत है हमारे जन्म का डेथ-सर्टिफिकेट सबूत है हमारी मौत का फोटो सबूत हैं हमारे ज़िंदा रहने का...

कल रविवार का दिन था और मै व्यस्तता के चलते समय पर आपके समक्ष चिट्ठी चर्चा प्रस्तुत नहीं कर सका जिसके लिए मैं आप सभी से क्षमाप्राथी हूँ . आज मै आपके लिए छोटी सी चिटठो की चर्चा लेकर उपस्थित हूँ . परसों जबलपुर ब्लागर मीट में भाई महफूज जी मिलने का मौका मिला
 
महेन्द्र मिश्र
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चिट्ठी चर्चा : व्यथा बड़े गुरूजी की

आज गुरूवार को मै महेन्द्र मिश्रा फिर आपके लिए एक छोटी सी चिट्ठी लेकर आपके समक्ष उपस्थित हूँ . आजकल मुझे टी.वी. में अखबारों में सदनों की हंगामाखेज कार्यवाही देखने में बड़ा आनंद आ रहा है . सदन चाहे लोकसभा का हो राज्यसभा का हो या नगरनिगम का हो . मेरी समझ से
 
महेन्द्र मिश्र
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मनुष्य के विचार और संकल्प सामर्थ्य उसे उंचाइयो पर पहुंचा सकते है ...

मनुष्य की विचारशक्ति मनुष्य से कहती है की तुम मुझे अपने मन के जेल खाने में गला घौट कर मत मारो वरन कुछ कार्य कर शरीर के कार्यो के द्वारा उसे बाहर निकालो और अपनी विचार शक्ति को बाहय जगत में बाहर आने दो . मनुष्य खुद जो भी चाहे उत्तम लेखक योग्य वक्ता उच्च
 
महेन्द्र मिश्र
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कुछ रसीले चुटकुले - ब्लागवाणी की बत्ती गुल है और ब्लागजगत में आधा अँधेरा है

ताउजी के पास एक दिन एक पत्रकार उनका धनवान होने का राज जानने पहुंचा . ताउजी ने पत्रकार से कहा - धनवान होने का रहस्य बताने में मुझे पूरा दिन लग जायेगा तब तक कमरे की लाइट क्यों फालतू में जलाई जाए . बातचीत तो हम अँधेरे कमरे में भी बैठकर कर सकते हैं . पत्रकार
 
महेन्द्र मिश्र
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चिट्ठी चर्चा : आलू कचालू बेटे कहां गए थे …

आज रविवार को मै महेंद्र मिश्र आप सभी का सादर अभिवादन कर आपके समक्ष रविवारीय चिट्ठी लेकर उपस्थित हूँ . तीन चार दिनों से इच्छाधारी साधु और उनसे जुड़े सेक्स रेकैट के बारे में टी.वी.चैनलों में अखबारों में खूब देखने और पढ़ने मिल रहा है . इस देश में धर्म और
 
महेन्द्र मिश्र
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ब्लागिंग से निश्चय ही ब्लागरो के बीच आपसी भावनात्मक सम्बन्ध स्थापित होते हैं ...

एक समय जब मैंने ब्लागिंग प्रारंभ की थी तब मुझे ब्लागिंग की एबीसी भी ठीक से मालूम नहीं थी . सबसे पहले मेरे ब्लॉग समयचक्र में भाई समीरलाल जी ने टीप प्रदान की थी जिसमे उन्होंने यह जानकारी दी थी की वे जबलपुर के रहने वाले हैं और बर्तमान में कनाडा में निवासित
 
महेन्द्र मिश्र
Mar 03 2010 08:52 PM
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चिट्ठी चर्चा : रंग बरसे भीगी चुनरिया रंग बरसे ... होली है

तुम्हें खुदा महरूम रखे जिंदगी की हर बुराइयो सेरंगों का पर्वोत्सव मुबारक हो दिल की गहराइयों सेआज रविवार को मै महेंद्र मिश्र आप सभी का सादर अभिनन्दन करते हुए आपके समक्ष होलियाना चिट्ठी लेकर उपस्थित हूँ जिसमे ब्लागर भाई बहिनों के सतरंगी चिटठो की चर्चा की गई
 
महेन्द्र मिश्र
Mar 03 2010 09:01 AM
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व्यंग्य - बरसाने की तर्ज पे तृतीय ब्लागर लठ्ठमार प्रतियोगिता का आयोजन

ब्लॉग में और कम्प्यूटर पर उंगलियाँ पटक पटक कर अपने अपने ढोल अपनी ढपली नगाड़े बजा बजाकर अपनी अहमियत साबित करने की कोशिश होती रहती है पर ये सब ब्लॉग और कम्प्यूटर तक सीमित रहता है पर आपस में किसी का किसी से आमना सामना नहीं होता इसीलिए तू तू और मै मै करने के
 
महेन्द्र मिश्र
Feb 24 2010 07:59 PM
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यह समय हँसने के लिए है ...

मधुदेवी अपनी सहेली से - यार मेरे वो बड़े भुलक्कड़ हैं . एक दिन बाहर से घूमकर आये और अपनी घडी उतारकर बिस्तर पर रख दी और खुद जाकर मेज पर बैठ गए .रामप्यारी मधुदेवी से - यह कोई बड़ी बात नहीं है हमारे ताउजी बड़े भुलक्कड़ हैं . एक दिन बाहर से घूमकर आये और पान
 
महेन्द्र मिश्र
Feb 22 2010 08:42 PM
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चिट्ठी चर्चा : ज़ख्म इतने गहरे हैं इज़हार क्या करें... ख़ुद निशाना बन गए वार क्या करें

आज मै महेंद्र मिश्र आपका सादर अभिवादन कर आजकी रविवारीय चिट्ठी चर्चा लेकर आपके समक्ष उपस्थित हूँ . एक ओर अवकाश की खुमारी फिर ऊपर से वन डे मैच जो रोमांचक होने की संभावना है . टेस्ट मैचो में हमारे देश ने अपनी बादशाहत कायम रखी है . इन दिनों मौसम के नित नए नए
 
महेन्द्र मिश्र
Feb 21 2010 08:14 PM
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मैं तुझ जैसों के मुँह नहीं लगता-चक्कर घनचक्कर "चिट्ठी चर्चा" (ललित शर्मा)

स्वस्थ रहने के लिए आराम करना भी जरुरी है. इससे नयी उर्जा मिलती है काम करने के लिए. हम भी छुट्टी पर थे, लेकिन आराम करने का समय ही नहीं मिला. अभी कुछ आराम किया. पर भाजपा आराम करने के मूड में नहीं है. इंदौर में भाजपा का सम्मलेन चल रहा है. इस सम्मलेन में
 
ललित शर्मा
Feb 19 2010 08:51 AM
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माइक्रो पोस्ट -

प्रतिभाशाली का पाप समाज का बहुत बड़ा अहित करता है .
 
महेन्द्र मिश्र
Feb 17 2010 06:03 PM
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चिट्ठी चर्चा - देखा था जब तुझको मैंने ,चाहा था तुमको प्यार करूँ

आज रविवार को मै आपके लिए वैलेंटाइन चिट्ठी लेकर आपके समक्ष उपस्थित हूँ . प्यार मोहब्बत इश्क ..लव ...हर कोई इन लफ्जो से परिचित होता है . आज वैलेंटाइन डे है... प्रेमी प्रेमिका एक दूसरे से अपने अपने प्यार का इजहार करते है . प्यार करने के लिए कोई उम्र का बंधन
 
महेन्द्र मिश्र
Feb 14 2010 07:13 PM
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चिट्ठी चर्चा : बड़ा बवाल मचा हुआ है. पूरे भारत में दस-पंद्रह शब्द गूँज रहे हैं. शाहरुख़ खान, बाल ठाकरे, आई पी एल, माफी, महाराष्ट्र, उत्तर भारतीय....

आज गुरूवार को मै महेंद्र मिश्र आपके समक्ष चिट्ठी लेकर उपस्थित हूँ . आज ब्लागर मित्रो की पोस्टो को पढ़ने का अवसर मिला . कुछ कविता कुछ लेख अच्छे लगे जिनका जिक्र इस चिट्ठी में कर रहा हूँ . कल महाशिवरात्रि का पर्व है फिर युवा दिलो की धड़कन कहा जाने वाला
 
महेन्द्र मिश्र
Feb 11 2010 08:09 PM
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चिट्ठी चर्चा : आपको खुश रहने का मंत्र दे ही देता हूँ

आज रविवार का दिन है और आप सभी का सादर अभिवादन करते हुए मै महेंद्र मिश्र चिट्ठी चर्चा के साथ आपके समक्ष उपस्थित हूँ . विगत दो दिनों पूर्व मेरे ब्लागर भाई मित्र डाक्टर विजय तिवारी " किसलय" जी का जन्मदिन था इस अवसर पर आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में मै भाई
 
महेन्द्र मिश्र
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चिट्ठी चर्चा : समंदर दिल में मगर होठों पर अंगार रखता है

आज मै महेन्द्र मिश्र आप सभी का समयचक्र की चिट्ठी चर्चा में अभिवादन करते हुए आप सभी की चिट्ठी लेकर आपके समक्ष उपस्थित हूँ . आज काफी नए पुराने मित्र ब्लागरो की पोस्टो को पढ़ने का अवसर मिला जो सार संक्षेप में प्रस्तुत है . इस समय हिंदी ब्लॉग जगत में जो उठा
 
महेन्द्र मिश्र
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बैंगन के डँठल में चिकन का स्वाद-"चिट्ठी चर्चा" (ललित शर्मा)

समय का चक्र अनवरत चल रहा है और हम ही कुछ दिनों से समय चक्र के साथ नहीं चल पा रहे हैं. कहीं उलझने हैं, कहीं पर सूत उलझ जाता है. उसको सुलझाने के चक्कर में समय चक्र आगे निकल जाता है और हम पीछे रह जाते हैं. लेकिन फिर पुन: उसी उर्जा के साथ समय के साथ चलने का
 
ललित शर्मा