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रिजेक्ट माल

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01 Jun 2010
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जनगणना: ओबीसी की गिनती से असहमति

दिलीप मंडल हर दशक में एक बार होने वाली जनगणना के लेकर इस समय देश में भारी विवाद चल रहा है। विवाद के मूल में है जाति का प्रश्न। मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू होने के बाद से ही इस बात की मांग उठने लगी थी कि देश में जाति आधारित जनगणना कराई जाए, ताकि किसी
 
दिलीप मंडल
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जाति, जनगणना और आरक्षण: सही बहस की जरूरत

निखिल आनंद जाति भारतीय समाज की जड़ - जमीन से जुडी एक बड़ी हकीकत है। पर अफ़सोस कि आज के बौद्धिक बहस में सबसे कम शामिल है। पढ़े-लिखे और बुद्धिजीवियों, जिनमें समाजशास्त्री और राजनीतिक विद्वान भी शामिल हैं, इस मसले पर बहस करने से कतराते नजर आते हैं - मानो
 
दिलीप मंडल
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कौन बेहतर?

अनिल सिन्हावे जो ख़ामोशी से जीते रहे हजारों साल की लीक पर पूजते रहे कभी न दिखाई पड़ने वाले देवताओं को पुरखों की याद में दीप जलाते रहे खेत, जंगल जिन्हें पहचानते थे हवाएं कभी थरथराई नहीं जिनके आने पर या वे ?जिन्होंने कभी शंकाओं को छिपाया नहीं देवताओं से भी
 
pranava priyadarshee
May 18 2010 11:26 PM
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वह मारा जाएगा

(निरुपमा कांड के खिलाफ मशहूर संस्कृतिकर्मी अश्विनी कुमार पंकज की कविता) देहरी लांघो लेकिन धर्म नहीं क्योंकि यही सत्य है पढ़ो खूब पढ़ो लेकिन विवेक को मत जागृत होने दो क्योंकि यही विष (शिव) है हँसो जितना जी चाहे जिसके साथ जी चाहे पर उसकी आवाज से देवालयों
 
जनहित अभियान, राजनारायण यादव, दिलीप मंडल
May 09 2010 01:52 AM
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निरुपमा पाठक के लिए न्याय

निरुपमा के लिए न्याय पिटीशन पर दस्तखत करें। निरुपमा की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि वह अपनी मर्जी से शादी करना चाहती थी। वर्णव्यवस्था के पुजारियों ने इस अपराध के लिए उसे मौत की सजा दे डाली। पिटीशन पर क्लिक करें।
 
दिलीप मंडल
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श्यामाप्रसाद को हां है तो भीमराव को नहीं क्यों?

दिलीप मंडल दिल्ली की सबसे ऊंची इमारत का नाम जनसंघ के संस्थापक श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर रखा गया है। ये इमारत दिल्ली नगर निगम की है और इस समय दिल्ली नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी का बहुमत है। इसलिए माना जा सकता है कि बीजेपी जिन लोगों से प्रेरणा
 
दिलीप मंडल
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मायावती की माला आपको बुरी क्यों लगती है?

दिलीप मंडलउत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष कुमारी मायावती की माला को लेकर राजनीति और भद्र समाज में मचा शोर अकारण है। मायावती ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है जो वर्तमान राजनीतिक संस्कृति और परंपराओं के विपरीत है। नेताओं को सोने चांदी
 
दिलीप मंडल
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'औकात' तक सिमटता वजूद

प्रणव प्रियदर्शीमुंबई के सायन उपनगर का एक फ्लैट। 29 साल की रंजन तैयार हो रही है। रविवार होने की वजह से दफ्तर में तो छुट्टी है, पर रंजन जल्दी-जल्दी तैयार हो रही है। ऐसा लगता है, उसे कहीं पहुंचना है और देर हो रही है। काम वाली बाई घर साफ करते हुए उस कमरे
 
pranava priyadarshee
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लोकविमर्श, असहमति का निषेध और षड्यंत्रपूर्ण शांति

दिलीप मंडलमुंबई को कोई मुंबई न कहे या चेन्नई और कोलकाता को उनके पुराने नाम से पुकारे तो क्या ऐसे शख्स को देश या इन शहरों में रहने का हक नहीं होना चाहिए? इसी तरह किसी महिला के कपड़े की लंबाई कम हो या घेरा पतला तो क्या इस बात के लिए उस पर पत्थर फेंके जाने
 
दिलीप मंडल
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कॉमरेड, आपने मुसलमानों के साथ ये क्या किया?

-दिलीप मंडल(ये लेख संपादन के बाद 23 फरवरी जनसत्ता के संपादकीय पेज पर छपा है।)अपने नाम में कम्युनिस्ट लगाने वाली पार्टियों का आग्रह होता है कि उन पर कोई और आरोप लगाइए लेकिन कम से कम उन्हें सांप्रदायिक मत कहिए। भारत में कम्युनिस्ट नाम से चल रही पार्टियों
 
दिलीप मंडल
Mar 04 2010 03:36 PM
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पहले दिल में थे, अब बटुए में हैं

-मोनिका(मोनिका रांची, झारखंड में पब्लिक एजेंडा पत्रिका से जुड़ी हैं।)मोहनदास करमचंद गांधी। हमारे और आपके लिए भले ही यह नाम आज देश का सर्वप्रिय और सबसे सम्मानित संस्था का हो, लेकिन इसके अनुसरण का हर मौका हाथ से जाता रहता है और लोग इसके मूक गवाह बने देखते
 
आर. अनुराधा
टैग: गांधी
Feb 27 2010 11:55 PM
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ब्रूनो की बेटियां (कवि-आलोकधन्वा) पूर्व पुलिस अफसर के हरम में...

ब्रूनो की बेटियां वामपंथी कवि आलोकधन्वा की प्रसिद्ध रचना है। आलोकधन्वा इन दिनों वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से जुड़ गए हैं। इस विवि के कुलपति विभूति नारायण राय इन दिनों साहित्य चर्चा से ज्यादा दलित उत्पीड़न की वजह से जाने
 
दिलीप मंडल
Feb 14 2010 10:14 AM
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संत वेलंटाइन और महाराज मनु का मुकाबला

(अमर उजाला में ये लेख पढ़ने लिए क्लिक करें) नफरत की बुनियाद पर कायम एक पूरी व्यवस्था प्यार के धक्कों के आगे चरमरा रही है। ये बदलते उत्पादन संबंधों, आधुनिकता और शहरीकरण का मिलाजुला असर है.... दिलीप मंडल भारतीय समाज के लिए ये जश्न मनाने और ढोल-नगाड़ा बजाने
 
दिलीप मंडल
Feb 13 2010 11:27 AM
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आखिर कहां गायब हो जाते हैं दलित-आदिवासी अफसर

दिलीप मंडलकुल 88 में एक भी नहीं। ये आंकड़ा है देश की शीर्ष नौकरशाही में दलित अफसरों की मौजूदगी का। देश को चलाने वाली शीर्ष नौकरशाही यानी केंद्र सरकार में सेक्रेटरी पद पर नियुक्त अफसरों की संख्या के बारे में ये आंकड़ा केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण राज्य
 
दिलीप मंडल
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जब सवाल जाति का हो तो क्या सेकुलर(?) और क्या संघी

जब वर्धा में प्रोफेसर अनिल चमड़िया की नियुक्ति निरस्त करने का आदेश जारी किया जा रहा था, लगभग उन्हीं दिनों दूर दक्षिण में मैंगलोर यूनिवर्सिटी में भी ऐसा ही एक फैसला हो रहा था। एक यूनिवर्सिटी केंद्र सरकार की है और दूसरी यूनिवर्सिटी एक ऐसे राज्य में चल रही
 
दिलीप मंडल
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दीपक आस का

(दोस्तो, डा कुमार विनोद की ग़ज़लें आप इस ब्लाग पर पहले भी पढ़ चुके हैं. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मे बतौर असोसिएट प्रोफ़ेसर छात्रो को गणित की गुत्थियाँ सुलझाना सिखाते हुए विनोद जी कविता के लिए भी समय निकालते रहे. उनका ग़ज़ल संग्रह 'बेरंग हैं सब तितलियाँ'
 
pranava priyadarshee
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सबसे खतरनाक है कामयाब लोगों का अलगाववाद

दिलीप मंडल उन्हें इस देश की सड़कें नापसंद हैं। वो ज्यादातर सफर हवाई जहाज से करते हैं और हो सके तो हवाई जहाज से सिटी सेंटर तक आने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तमाल करते हैं। भारत में दुनिया के लगभग सारे लक्जरी ब्रांड मिलने लगे हैं लेकिन वो शॉपिंग के लिए लंदन,
 
दिलीप मंडल
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फिर पूछें कि कौन दुश्मन है ..

शेष नारायण सिंहअपनी स्थापना के समय से ही भारत और पाकिस्तान के बीच तल्खी कई स्तर पर महसूस की जाती रही है. पाकिस्तानी हुक्मरान शुरू से जानते रहे हैं कि 1947 के पहले के भारत में रहने वाले मुसलमानों को बेवक़ूफ़ बना कर पाकिस्तान की स्थापना की गयी थी. आखिर तक,
 
दिलीप मंडल
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लड़ाकू विमान में प्रेजिडेंट की उड़ान का मतलब

आज, 8 जनवरी 2010 के नवभारत टाइम्स में संपादकीय पृष्ठ पर भी मेरा यह लेख पढ़ा जा सकता है। ऑनलाइन एडीशन का लिंक है- लड़ाकू विमान में प्रेजिडेंट की उड़ान का मतलब- अनुराधाअपने सिर को हमेशा साड़ी के पल्लू से ढक कर रखने वाली 74 वर्षीया राष्ट्रपति श्रीमती
 
आर. अनुराधा
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आरएसएस के लोग सबसे ज्यादा अंतरजातीय विवाह करते हैं। आश्चर्य कैसा?

जनसत्ता के संपादकीय पेज पर छपे लेख पर कुछ प्रतिक्रियाएं आईं हैं। उन्हें प्रकाशित करने में विलंब हुआ, क्षमाप्रार्थी हूं। ये चर्चा महत्वपूर्ण है, इसलिए टिप्पणियां पोस्ट की शक्ल में यहां पेश हैं। जाति के नाश में आरएसएस की भूमिका पर आप भी विचार करें। अवसर
 
दिलीप मंडल
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आरएसएस, अंतरजातीय विवाह और जाति का अंत

दिलीप मंडल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत कहते है कि हिंदू समाज को अब मिलकर जाति पर हल्ला बोल देना चाहिए। जाति का विरोध इस समय फैशन में है। हिंदू समाज में जिस भी व्यक्ति को जाति की चोट नहीं झेलनी पड़ती और किसी खास जाति का होने का नु
 
दिलीप मंडल
Dec 29 2009 01:30 PM
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वक्त बदल गया है, आप भी बदलिए!

प्रभाष जोशी और राजेंद्र यादव, मेरे करीबी रिश्तेदारों में कई जातियों के लोग हैं। ब्राह्मण से लेकर कायस्थ और नायर से लेकर दलित तक। ये सभी सभी परिवार प्रेम से रह रहे हैं। आपके परिवारों में भी लोगों ने प्रेम किया होगा और कई ने जाति से बाहर शादियां भी की
 
दिलीप मंडल
Dec 29 2009 11:39 AM
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किसके नाम पर जलाएं उम्मीद के दीये

शुरुआत पूजा प्रसाद की इन पंक्तियों से... आइये उम्मीद जगाएं ईश्वर के नाम पर जलाएं कुछ दीये और इन दीयों से असंख्य देहरी टिमटिमाने की आस बनाएं... आइये उम्मीद जगाएं। कविता आगे बढ़ती है, पूरी कविता आप उनके ब्लॉग पर पढ़ सकते हैं, पर यहाँ मैं आपका ध्यान इस प
 
pranava priyadarshee
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Slum in a world of millionaires!

ऑस्कर की जीत ने 'स्लमडॉग' और 'जय हो' इन दोनों शब्दों को ग्लोबल विस्तार दे दिया। इस नयी लोकप्रियता की बदौलत अब ये दोनों शब्द एक नयी दौड़ में शामिल हो गए हैं। वह है अंगरेजी भाषा का दस लाखवां शब्द बनने की। इस दौड़ में ७३ और शब्द शामिल हैं। बहरहाल, इसी ब
 
pranava priyadarshee
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भावनात्मक उबाल अगर सूचनारहित हो...

डॉक्टर एस डी नैय्यर ([ डॉक्टर नैय्यर आर्मी के रिटायर्ड कर्नल हैं। वह अस्थमा एसोसियेशन के प्रेजिडेंट भी रह चुके हैं। दिल्ली के मॉडर्न स्कूल में पिछले दिनों हुयी एक छात्रा आकृति भाटिया की मौत पर वे बहुत बेचैन हैं। उनका कहना है की एक तो सही जानकारी की क
 
pranava priyadarshee
Dec 29 2009 11:39 AM
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The Sweetest Little Magenta Flower Girl

By A. Surekha Rao Hey Guys, I thought I must share this exqusite experience I had this morning while returning from my morning walk, I came across this little girl standing by a flower plant outside what could have been her house. She might not have been
 
आर. अनुराधा
टैग: memoirs
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बंदिनी

बंदिनी http://www.macromedia.com/go/getflashplayer " type="application/x-shockwave-flash" bgcolor="#000" width="328" height="94" src=" http://www.esnips.com//escentral/images/widgets/flash/esnips_player.swf " flashvars="theTheme=blue&autoPlay=no&
 
दिलीप मंडल
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क्या फर्क है प्रिंट और वेब पत्रकारिता ?

दिलीप मंडल वेब इस समय दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता मीडियम है। लेकिन सवाल ये है कि क्या कभी ऐसा समय आएगा जब वेब पत्रकारिता प्रिंट को रिप्लेस कर देगी। यानी क्या आप ऐसे समय की कल्पना कर सकते हैं जब आप समाचारों के लिए पूरी तरह से वेब पर निर्भर हो जाएं। श
 
दिलीप मंडल
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डॉ. अंबेडकर नहीं पढ़ पाए थे जो भाषण, क्या वही है भारत की मुक्ति का मार्ग?

शेष नारायण सिंह (क्या मायावती जाति के विनाश के ऐतिहासिक कार्यभार को पूरा करने का बीड़ा उठाएंगी। पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार और समाजवाद के अध्येता शेष नारायण सिंह के विचार। उनसे sheshji@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है। ) पिछली सदी के सामाजिक और राजनीतिक
 
दिलीप मंडल
टैग: फुले
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मेरिट में आगे, जिंदगी में पीछे!

कल आईआईएमसी में इस बात पर चर्चा हुई कि लड़कियां जीवन के विविध क्षेत्रों में टॉप पर क्यों नहीं हैं। जबकि 10वीं और 12वीं की कक्षाओं में वो बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। सीबीएसई के तमाम पिछले नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैँ। इस बारे में पूजा मीणा, स्नेहा श
 
दिलीप मंडल
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रिजर्वेशन: उम्र में छूट किसे चाहिए?

दिलीप मंडल (ये लेख नवभारत टाइम्स के संपादकीय पन्ने पर मुख्य लेख के रूप में छप चुका है। आप भी देखिए।) यूपीएससी और कई और सरकारी संस्थान तथा एजेंसियां नौकरियों में खास समुदायों को उम्र में छूट देती है। ऐसी ही छूट एंट्रेंस और कंपिटिटिव एक्जाम के लिए अटैं
 
दिलीप मंडल
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गुलामगिरी: एक बेहद जरूरी किताब

शेष नारायण सिंह महात्मा गांधी की किताब हिंद स्वराज की शताब्दी के वर्ष में कई स्तरों पर उस किताब की चर्चा हो रही है, जो जायज भी है। महात्मा जी की इसी किताब ने सत्याग्रह और अहिंसा को राजनीतिक विजय के एक हथियार के रूप में विकसित करने की प्रेरणा दी और 19
 
दिलीप मंडल
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पत्रकारों के पेट तक पहुँचती है लालगढ़ पुलिस की लात?

कोलकाता की पत्रकार बिरादरी उबल रही है, पर दिल्ली में चुप्पी छाई है। एकाध अनुरंजन झा (भड़ास4मीडिया) और अविनाश (मोहल्ला लाइव) को छोड़ दें तो ब्लॉगों पर भी यह सवाल लोगों को मथता नजर नहीं आ रहा। उल्टे यह सवाल उछल रहा है कि जब पत्रकार पुलिस के वेश में या
 
pranava priyadarshee
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ये वक्त के साथ खुद को बदल नहीं पाए!

प्रभाष जोशी और राजेंद्र यादव,मेरे करीबी रिश्तेदारों में कई जातियों के लोग हैं। ब्राह्मण से लेकर कायस्थ और नायर से लेकर दलित तक। ये सभी सभी परिवार प्रेम से रह रहे हैं। आपके परिवारों में भी लोगों ने प्रेम किया होगा और कई ने जाति से बाहर शादियां भी की
 
दिलीप मंडल
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क्रिकेट के मैदान में अधूरा भारत क्यों दिखता है?

दिलीप मंडल विनोद कांबली का टीम से बाहर होना क्या किसी नस्लभेदी या जातिवादी साजिश की वजह से हुआ था? एक टीवी कार्यक्रम में इस ओर संकेत कर विनोद कांबली ने बेहद संवेदनशील मुद्दा छेड़ दिया। लेकिन एक व्यक्ति के टीम में होने या न होने या निकाले जाने से बड़ा एक
 
दिलीप मंडल
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प्रेमचंद और प्रेमचंद की परंपरा में आदिवासी कहाँ हैं?

(झारखंड के प्रमुख संस्कृतिकर्मी पंकज का ये लेख ई-मेल से मिला है। कई पुराने मठो और मूर्तियों के विखंडन के इस दौर में पढ़िए पंकज को।)2009 की 31 जुलाई के एक दिन बाद जब सारे हिंदी साहित्यकार प्रेमचंद जयंती आयोजनों की थकावट दूर कर चुके होंगे, मैं अपना यह सवाल
 
दिलीप मंडल
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Magic of medieval Patriarchy in a democratic state

Anil sinhaIt was a Sunday evening। Just before going out to the local market I wanted to update myself on day’s happenings. It landed me up in front of the most objective of the news channels, the NDTV. But it came to be a very disappointing experience
 
pranava priyadarshee
Jul 29 2009 12:34 PM