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ख्वाब का दर

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23 Mar 2010
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विधवा ब्राह्मण महिलाओं को कितना जानते हैं आप?

हम भारतीय घर से बाहर निकलते ही अक्सर इतने शुचितावादी और नैष्ठिक होने लगते हैं कि यह तो लगभग भूल ही जाते हैं कि हमारी स्वाभाविक जिंदगी इन चीजों के कारण अस्वाभाविक और अप्राकृतिक हो जाती है. ....और दूसरों पर उंगली उठाने और राय बनाने में तो हमारी जल्दबाजी का
 
Pankaj Parashar
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हत्या औऱ आत्महत्या से बचा स्त्री का जीवन

बनारस औऱ मथुरा में विधवा आश्रम में विधवाओं के जीवन और जीवन-चर्या से जो लोग परिचित हैं उन्हें कुछ बताने की जरूरत नहीं. पढी-लिखी और कमाऊ औरतें भी पति से पिटती हैं और उसे पति का प्यार बताती हैं. ऐसा सिर्फ अपने देश में ही नहीं होता. अमेरिकी और इंग्लिश औरतें
 
Pankaj Parashar
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ये साथ निभाता रहे मरते दम तक....

एरमा बोमबेक्क (१९२७-१९९६) अमेरिका की बेहद लोकप्रिय हास्य लेखिका मानी जाती हैं. गरीब परिवार में जनमी एरमा को घरेलू स्थितियों को केंद्र में रख कर हास्य रचनाएँ लिखने का शौक बचपन से ही था, जो बाद में इतना लोकप्रिय हुआ कि वे दुनिया में सबसे ज्यादा छपने वाली
 
Pankaj Parashar
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जहाँ से मिट जाएँ सभी तरह के डर...

इब्तिसाम बरकत फिलिस्तीन मूल के उन सक्रिय मानव अधिकार कार्यकर्ताओं और रचनाकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने जन्म स्थान से बल पूर्वक विस्थापन का दंश बचपन में झेला है..जेरुसलम के पास के एक गाँव में जनमी बरकत को तीन साल की उम्र में ही १९६७ का अरब-इस्राएल
 
Pankaj Parashar
Mar 05 2010 04:33 PM
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गंगोत्री ग्लेशिअर प्रति वर्ष पीछे खिसक रहा है- यादवेंद्र

आज कल पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन की बात खूब जोर शोर से उठाई जा रही है...ये ऐसा विषय है जिस पर राजनीति तो सर चढ़ के बोल रही है,पर राजनीतिक लोग भी जिस आधार को ले कर शोर मचा रहे हैं वो है वैज्ञानिकों द्वारा दुनिया के अलग अलग हिस्सों में किये गए दीर्घ
 
Pankaj Parashar
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यारब! ज़माना मुझ को मिटाता है किस लिये

दाइ म [1] पड़ा हुआ तेरे दर पर नहीं हूँ मैंख़ाक ऐसी ज़िन्दगी पे के पत्थर नहीं हूँ मैंक्यूँ गर्दिश-ए-मुदाम[2] से घबरा न जाये दिलइन्सान हूँ, पियाला-ओ-साग़र[3] नहीं हूँ मैंयारब! ज़माना मुझ को मिटाता है किस लियेलौह-ए-जहाँ[4] पे हर्फ़-ए-मुकर्रर[5] नहीं हूँ
 
Pankaj Parashar
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निराशा में अमन की आशा का प्रहसन

कल आईपीएल की नीलामी में बड़े बेआबरू हुए पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ी. सब बिके पर वे न बिके. सबके खरीदार मिले, उनके न मिले. ऊपर से ये कि तमाम भारतीय न्यूज चैनल्स ने उन खिलाड़ियों से ऑन एयर ऐसे-ऐसे सवाल पूछे कि मारे शर्म के वे बेचारे कुछ कह भी न
 
Pankaj Parashar
Jan 20 2010 04:35 PM
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बिहारी मुसलमानों की कौन सुनता है वहां?

आजादी मिलने के साथ ही विभाजन ने हिंदुओं को जो जख़्म दिये वे भारत आकर धीरे-धीरे भर गए। पूर्वी पाकिस्तान औऱ पश्चिमी पाकिस्तान से आए हिंदुओं से मूल हिंदुस्तान के किसी हिंदू ने कोई भेदभाव नहीं किया। वे धीरे-धीरे अपनी रोजी-रोटी कमाने लगे और यहां के समाज में
 
Pankaj Parashar
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उन्हें खेल का क्या इल्म है?

भारतीय मीडिया, नेता औऱ जनता के साथ एक बात कॉमन है कि वह बहुत जल्दी भूल जाते हैं। चाहे सरहद पर शहीद सैनिक हों या ओलंपिक में पदक जीतने वाले खिलाड़ी। करगिल में लड़ाई के समय और मुंबई हमले के समय मीडिया ने सैनिकों के प्रति, उनके परिवारों के प्रति जैसा माहौल
 
Pankaj Parashar
Jan 16 2010 05:10 PM
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हमारी सारी दुनिया हो गयी झूठी

बड़े भाई, यादवेन्द्र जी द्वारा अनूदित कविताएं अब तक हम इस ब्लाग पर प्रस्तुत करते रहे हैं। इस बार पेश है उनकी लिखी एक कविता, जिसके संदर्भ के लिए यहां पेश है खत में व्यक्त विचार.२८ जनवरी १९८९ को लिखी अपनी एक पुरानी कविता आज जाने क्यों अचानक याद आ
 
Pankaj Parashar
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पाकिस्तान- हिंदुस्तान के लोगों को कैसी आजादी?

देश आज़ाद को आज़ादी मिली, लोगों की कुर्बानियां रंग लाई, मगर ज़मीन पर लकीर खींचने की शर्त के साथ। आज़ादी का पूरा लुत्फ खुली हवा में ही उठाया जा सकता है। वतन जब अपना हो, तमाम अख़्तियारात जब अपने ज़द में हो तभी हम आज़ाद हैं। नेताओं ने सोचा और नेताओं के
 
Pankaj Parashar
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नीतीश का 11 परसेंट विकास किन इलाकों के लिए है?

नीतीश राज में 11 फीसदी विकास के डंके का शोर अब कर्कश लगने लगा है। कर्कश सिर्फ इसलिए नहीं कि राज्य और नेशनल मीडिया उसे करीने से छाप रहा है, कर्कश इसलिए कि इस विकास में खतरनाक किस्म के क्षेत्रीय असामनता के बीज छुपे हैं जिन्हे नीतीश सरकार पल्लवित करने के
 
Pankaj Parashar
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क्या भारतीय सेना पाकिस्तानी सेना जैसी बन रही है?

पाकिस्तान में वहां की आर्मी के प्रति लोगों में भयंकर गुस्सा है. पाक अवाम अपनी जहालत और मुश्किलों के लिए पूरी तरह सेना को जिम्मेवार मानती है और लोगों के मन में सैनिकों के लिए जरा भी सम्मान नहीं है. क्योंकि सिविल वर्क तक के ठेके सैन्य अधिकारी लेते हैं और
 
Pankaj Parashar
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बलात्कारी महासंघ के माननीय सदस्यों के नाम...

सावधान! बलात्कारी महासंघ के सदस्यों की बीवियां कमर कस चुकी हैं! हत्यारा एसोसिएशन की बीवियां मोर्चा संभाल चुकी हैं! पिछले पांच सालों में बड़े अपराधियों की पत्नियों को आप मीडिया के कुरुक्षेत्र में महाभारत लड़ते हुए देख सकते हैं। नौकरानी के साथ बलात्कार
 
Pankaj Parashar
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हम सब डटे रहेंगे यहीं इसी धरती पर साथी

में सैनिक तानाशाही ने बर्मा में लोकतंत्र को कुचल दिया। इसका मुखर विरोध छात्रों और नौजवानों ने किया। आज तक इस देश में सैनिक तानाशाहों का लौह-शिकंजा सीधी-सादी जनता को लहूलुहान कर रहा है। 1988 के जन उभार के ज्यादातर नायक आज भी जेल में बंद हैं, जो देश की
 
Pankaj Parashar
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क्या अब भी कोई मुझे नहीं पहुंचाएगा अपने घर?

तिन मोये (नवम्बर 1933-जनवरी 2007) बर्मा में काव्य की नयी धारा के प्रतिनिधि कवि तिन मोये की शुरुआती शिक्षा बौद्ध मठ में हुई और बीस वर्ष की अवस्था से ही वे कविता लिखने लगे. उन्हें प्रकृति और सौंदर्य का कवि माना जाता था. बच्चों के लिए उन्होंने विपुल साह
 
Pankaj Parashar
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ख्वाब का दर

कोई मनुष्य ख़ुद अपने आप को जितना बेहतर जानेगा उतना कोई और नहीं जान सकता। सो मिर्जा ग़ालिब जानते थे दुनियादारी की दिक्कतें और दुनिया के लोगों की चालाकियां-मक्कारियां. इस नश्वर संसार में तख्त-ओ-ताऊस के लिए लड़ते-मरते, इन उपलब्धियों को ही जीवन की सार्थक
 
Pankaj Parashar
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आप कितना जानते हैं पंजाब और पंजाबियों को?

भारत में जब भी पंजाब या पंजाबी की बात होती है तो हम पूर्वी पंजाब के अलावा और कुछ सपने में भी नहीं सोच पाते? मगर क्या विभाजन के बाद पंजाब क्या वाकई पंजाब है? पंज-आब ही जब नहीं है तो फिर पंजाब किस बात का? बहुत बड़ा पंजाब पाकिस्तान में है और एक छोटा और
 
Pankaj Parashar
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बोधिवृक्ष पर वीर्यपात करता हुआ...बिहार

सुशासन बाबू के सकर्मक दुष्प्रचार के कारण पिछले चार सालों से बिहार में गोयबल्स की आत्मा कराह रही है. मीडियाई यशोगान का आलम ये है कि पत्रकार मांस-मदिरा पाकर हड्डी चूसते रहते हैं और मालिकान आठ-आठ, दस-दस पेज के विज्ञापन पाकर. कुछ तथ्यों पर गौर फरमाने से
 
Pankaj Parashar
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भक्तिकाल या अनंतकाल वाया उत्तरकाल

यह कोई लोकसभा नहीं है जहां प्रश्नकाल होता हो और प्रश्नकाल जब फलप्रद-काल न हो तो वह अनुपस्थित-काल में बदल जाए। अजीब बात है कि साहित्यिक इतिहासों में भक्तिकाल को इतिहास के मध्यकाल से जोड़कर देखा जाता है, जबकि यह ऐसा काल है जो आज पहले से कहीं अधिक प्रति
 
Pankaj Parashar
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कभी इस नज़र से देखिये पाकिस्तान को

पाकिस्तान के बारे में हमारे यहां कई तरह की छवि गढ़ी गई है। कई छवियां पाकिस्तान के आतंकियों ने और राजनीतिक आकाओं ने बनाने में मदद की है। अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान इस नाचीज़ ने कुछ तस्वीरें ली थीं, ज़रा नज़र-ए-इनायत करें और देखें कि कुदरत ने पाकिस
 
Pankaj Parashar
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जीता भी जा चुका इसे हारा भी जा चुका

वसुधा के ताज़ा अंक में उर्दू के मशहूर शायर शहरयार द्वारा चुनी गईं कुछ पाकिस्‍तानी कविताएं प्रकाशित हुई हैं। यहां पेश है मेरे मित्र काशिफ़ हुसैन ग़ायर की दो ग़ज़लें। वे पाकिस्तान के जाने-माने शायर हैं और भारत के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है। एक वो
 
Pankaj Parashar
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कुछ पता चला बापजी और भैनजी का?

कल मेरे दफ्तर की एक सुंदर-सी कन्या संवाददाता को इस बात से बड़ी कोफ्त हुई कि कुछ मनचले लड़के, जो रास्ते चलती लड़कियों को छेड़ रहे थे, उन पर फब्तियां कस रहे थे, वे मनचले लड़के उन्हें देखते ही बोले, “ यार तो आंटी हैं। “ ... और ये कहकर ल़ड़के आगे बढ़ गए।
 
Pankaj Parashar
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जोश साहिब अपनी बीवी से बहुत डरते थे

जनाब जोश मलीहाबादी जितने बड़े शायर थे, जितने बेबाक और भावुक इंसान थे, जितने ख़ुशमिजाज़ थे, इस सबसे कहीं अधिक इश्क़ मिजाज़ भी थे। अपनी प्रसिद्ध किताब यादों की बारात में उन्होंने अठारह ऐसी हसीनाओं का उल्लेख किया है, जिनसे उन्होंने बक़ायदा इश्क़ किया। एक जग
 
Pankaj Parashar
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किससे डरते हैं पाकिस्तानी फौजी शासक?

क्या पाकिस्तानी फौजी तानाशाह अमेरिका से डरते हैं? नहीं। भारत से डरते हैं? नहीं। तब वे किससे डरते हैं? आपको जानकर हैरत होगी वे कद्दावर और जनप्रिय शायर से डरते हैं। मुझे भी पाकिस्तान में यह देखकर हैरत हुई कि जो परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान में किसी को कुछ न
 
Pankaj Parashar
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किसकी बात सच है यह कैसे पता चलेगा?

अजीब गड़बड़झाला है. पिछले दो दिनों से हर अखबार इंडियन रीडरशिप सर्वे के हवाले से यह दावा कर रहा है कि वह नंबर वन है। जैसे चुनाव में हर नेता दावा करता है कि वह भारी मतों से जीत रहा है। मगर जब नतीजा आता है तो पता चलता है कि उसकी बीवी ने भी उसे वोट नहीं
 
Pankaj Parashar
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सोचा है नत हो बार-बार

आजकल सचिन तेंदुलकर को लेकर जो घमासान शिव सेना ने मचा रखा है और जो बात इनसे उभर कर आ रही है वो है कि राजनीति से इतर किसी और क्षेत्र में शिखर छूने वाले किसी व्यक्ति कि देशभक्ति या अपने समाज के प्रति निष्ठा को आँकने का पैमाना क्या होना चाहिए. इसी सन्दर्
 
Pankaj Parashar
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चुप रहने में कितनी समझदारी है

सोचा था ख्वाब का दर पर कविता, कहानी, साहित्य आदि से संबंधित सामग्री ही दूंगा और कोशिश रहेगी कि इन्हीं चीजों पर आधारित ब्लाग के रूप में इस ब्लाग को याद किया जाए। मगर जब देश की राजनीति शातिर ढंग से चीजों को गड्ड-मड्ड करने और कथित निश्छलता से देश की जनत
 
Pankaj Parashar
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बार बार आपका पता पूछते हैं...

विजी थुकुल की कविताओं के बाद एक छोटी कविता इस जन कवि की मुश्किलों में पली-बढ़ी बेटी फितरी न्गंथी वानी (1989 में पैदा हुई)जिसे जून 2009 में प्रकाशित उसके पहले काव्य-संकलन से लिया गया है। संकलन का नाम है AFTER MY FATHER DISAPPEARED जिसमे अपनी भाषा के सा
 
Pankaj Parashar
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ख्वाब का दर

दोनों कविताएं इंडोनेशिया के प्रखर क्रन्तिकारी कवि और संस्कृतिकर्मी विजी थुकुल की प्रतिनिधि और बेहद लोकप्रिय रचनाएँ हैं.१९६३ में गरीब मजदूर परिवार में जन्मे थुकुल सुहार्तो विरोधी वामपंथी आन्दोलन में शामिल हुए और ट्रेड यूनियन आन्दोलन के साथ साथ सांस्कृ
 
Pankaj Parashar
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प्रभाष जोशीः अब के सवनवां बहुरि नहि अइहैं...

यह कहने का कोई मतलब नहीं कि तुम समय के साथ चल रहे हो सवाल यह है कि समय तुम्हें बदल रहा है या तुम समय को बदल रहे हो? लोग वक्त के साथ चलने के लिए दिन-रात भागा-दौड़ी कर रहे हैं...कहीं मिसफिट न हो जाएं, लोग आउटडेटेड न कहने लगें इसलिए वे समय के साथ कदम ता
 
Pankaj Parashar
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मां कहकर चीखते हुए..........

आजकल अखबार की नौकरी में कई तरह के काम की अपेक्षा की जाती, कई तरह की फरमाइशें की जाती हैं. मदर्स डे पर फरमाईश की गई कि कृपया मदर्स डे के अवसर पर एक लेखनुमा विज्ञापन लिख दीजिए. सो यह लेखनुमा विज्ञापन लिखा और यह छपा था. रुई के फाहे जैसा नाजुक, कोमलता और
 
Pankaj Parashar
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जो गायब भी है हाजिर भी

गजल गायिकी के क्षेत्र में अपने अनूठे अंदाज के लिए मशहूर पाकिस्तानी गायिका इकबाल बानो नहीं रहीं। मंगलवार, 21 अप्रैल, 2009 को लाहौर के गार्डन टाउन इलाके में उनका इंतकाल हो गया। फौजी जनरल याह्या खान के समय जब इस्लाम को लेकर बेहद सख्त और पाबंदी भरा रवैया
 
Pankaj Parashar
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महिलाएं निर्णायक और शक्तिशाली पदों पर आसीन

भारतीय राजनीतिक परिदृश्य से अलग दुनिया के नक्शे पर औसतन 35 वर्ष की युवा नेत्रियां अपने देश की सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। अफगानिस्तान जैसे कट्टर धार्मिक मुल्क की चर्चित युवा सांसद मलालाई जॉय महज 31 साल की उम्र में कई सरकारी और गैर सरकारी प
 
Pankaj Parashar
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पाकिस्तान में निराला की निराली मिठाईयां

खाने-पीने के शौकीनों के लिए पाकिस्तान का लाहौर शहर वाकई स्वर्ग है, जहां विभाजन से पहले ग्वालमंडी के नाम से मशहूर बाजार पिछले कई दशकों से फूड स्ट्रीट के नाम से जाना जाता है। फूड स्ट्रीट में सड़क के दोनों ओर सिर्फ खाने-पीने की ही दुकानें हैं। शाम के छह
 
Pankaj Parashar
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इतिहास का एक अजनबी

ये तब की बात है जब मैं तब पांच-छह साल का था। मेरी मम्मी चूंकि पत्रकार थी, इसलिए काम के सिलसिले में अक्सर उनका शहर से बाहर आना-जाना लगा रहता था। मेरी मां सोचती थी कि कि चूंकि मेरी कोई बहन या भाई नहीं है इसलिए मेरे लिए बेहतर ये है कि मुझे वे नाना-नानी
 
Pankaj Parashar
Oct 20 2009 03:34 PM
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ऐसे पैदा होती हैं सनसनीखेज खबरें

ये मामला जरा पुराना है, पर प्रासंगिक है. दिल्ली के हाई प्रोफाइल लोगों के क्लब इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में भारत और पाकिस्तान के नामचीन पत्रकारों के लिए द फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स ने एक सेमिनार आयोजित किया था। जिसमें पाकिस्तान की पत्रकारिता को अं
 
Pankaj Parashar
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क्या सोचते हैं पाकिस्तानी युवा?

पाकिस्तान का नाम सुनते ही आम भारतीय के दिमाग में मुंबई हमले में पकड़े गए एकमात्र जीवित आतंकवादी अजमल अमीन कसाब का चेहरा आता है या जम्मू-कश्मीर में प्रतिदिन सुरक्षा-बलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने वाले आतंकवादियों का। दुर्भाग्य से पाकिस्तान हमेशा गल
 
Pankaj Parashar
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ख्वाब का दर

पाब्लो नेरुदा को कैंसर होने की जानकारी जब डॉक्टर ने दी (बाद में वे इसी बीमारी से मरे) , तो बताते हैं कि उन्होंने ये कविता लिखी. हालांकि नेरुदा के कुछ आधिकारिक विद्वानों का कहना है कि किसी ने उनके नाम से यह कविता लिखकर प्रचारित कर दी. बहरहाल जो भी हो-
 
Pankaj Parashar