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लम्हें जिन्दगी के

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31 Dec 2009
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खिज़ां को बुलाने चलो

हर फ्रिक्र-ए-ज़हां को दिल से भुलाने चलो । चलो ख़्वाब में सूकून की नींद सोने चलो । खिज़ा में भी रंगो को याद रखना सदा , मौसम-ए-ग़म में भी , खुशी को पाने चलो । राहतों के शहर की तलाश में मर ना जाना , आफतों के जहां में ही , घर बसाने चलो । खिज़ा के बिन बहार क
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हुनर मुझमैं नहीं……….

चेहरे बदलने का हुनर मुझमैं नहीं , दर्द दिल में हो तो हसँने का हुनर मुझमें नहीं, मैं तो आईना हुँ तुझसे तुझ जैसी ही मैं बात करू, टूट कर सँवरने का हुनर मुझमैं नहीं । चलते चलते थम जाने का हुनर मुझमैं नहीं, एक बार मिल के छोड जाने का हुनर मुझमैं नहीं , मैं
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कल्पनायें सारी……….

कल्पनायें सारी जीवन की सोच बन कर रह गई । जिन्दगी मुझ पर मैं जिन्दगी पर बोझ बन कर रह गई । महल टूटे सारे आरजू हर रेंत का ढेर बन कर रह गई । धूप से भागे तो छाँव मैं सर्द आहें मिली , दुनिया एक धूप छाँव का खेल बन कर रह गई । संगीत खामोशी का है , [...]
Dec 03 2009 01:19 AM
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जिन्दगी में बहुत काम आया हमें

जो गम देके तुमने सिखाया हमें । जिन्दगी में बहुत काम आया हमें । जब लगी ठोकर , गिर के बैठ गये , तब लगा पास तुमने बिठाया हमें । गुजर जाते बरसो मगर ना समझते , चन्द लम्हों में तुमने समझाया हमें । हे वही फिर भी, नई सी लगी , जाने कैसे दुनिया को तुमने दिखाया
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पागल दिल था

कल तुम गुजर रहे थे , या कोई ग़ज़ल गुनगुना रहा था …. कल आहट थी कोई पहचानी , या कोई दरवाजे पर आ आ के जा रा था …. कल चाँद था फलक पर , या तेरा चेहरा मुस्कुरा रहा था …. मैने बहुत रोका मगर , वो ना था ना नज़र आरहा था …. पागल दिल था श
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पागल दिल था

कल तुम गुजर रहे थे , या कोई ग़ज़ल गुनगुना रहा था …. कल आहट थी कोई पहचानी , या कोई दरवाजे पर आ आ के जा रा था …. कल चाँद था फलक पर , या तेरा चेहरा मुस्कुरा रहा था …. मैने बहुत रोका मगर , वो ना था ना नज़र आरहा था …. पागल दिल था श
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अन्धेरी रात उसने भी

परिन्दो को कभी क्या , माँ ने उड़ना सिखाया था , उन्हे तो बस किसी शाख से गिरकर बताया था । तुम्ह भी चुप चाप चले आये हो महफ़िल से , तुम्हे भी क्या उसी ने जाम पिलाया था । हमे अब गम से दहशन नहीं कोई, मिला के दर्द ,जाम खुशी का पिलाया था । शहर की गलियों के [...]
Aug 02 2009 08:10 PM
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क्या करूँ

दिल से तेरा ख्याल ना जाये तो क्या करूँ । तू ही बता तेरी याद आये तो क्या करूँ । हसरत है कि तुझे इक नजर देखूँ , किस्मत अगर ना दिखाये तो क्या करूँ । चारों तरफ़ तू ही नजर आये तो क्या करूँ , हवाये तेरी आवाज सुनाये तो क्या करूँ । मैं सर झुकाता हूँ सजदे में
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शहरों का बच्चा है

रंग महौब्बत का है ताउम्र चमकता रहता है । इस नगरी में जादु है गुलाल बरसता रहता है । क्या तुम से मिलता है ? एक दिवाना भटकता रहता है । बचपन जिसके साथ है वो हर पल चहकता रहता है । शाख से गिरता है और भटकता रहता है । शहरों का बच्चा है माँ को तरसता रहता है ।
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कागज़ पर मंदिर

रंग घुले है हवा में मैंने रंगों रंगीनियों को कागज़ पर खिलते देखा आवाज़ दिखती है फिजा में मैंने मखमली आवाज़ को कागज़ पर चलते देखा महक दिल से दिल तक समाती है मैंने रूह [...]
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गुनाह होते हुऎ देखा

मैने खुद को ही तबाह होते हुऎ देखा , जर्रे जर्रे में गुनाह होते हुऎ देखा । रग रग में लहू बन के जो दौड़ता था, मैनें उसको भी स्याह होते हुऎ देखा । उचाँईयों से ना मेरा जिक्र करो , खुद को गर्दिश में पनाह होते हुऎ देखा । जो समझता था मुझे मुझसे ज्यादा , मैने
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कुछ गीत तुम्हारे देदो

कुछ सपने लेकर मेरे कुछ गीत तुम्हारे देदो । लेकर सब सुर साज मेरे आवाज़ तुम्हारी देदो । सन्नाटे में सांसे अक्सर शोर मचाती हैं , दिल की धड़कन गीत कोई गाती हैं , सुनता हूँ जो गीत शब्दो से है बना नहीं , मेरे बोलो को तुम अपनी रवानी देदो । कुछ सपने लेकर मेरे
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2 साल -एक सफ़र

मार्च 2007 , जब मैनें अपने ब्लोग पर पहली पोस्ट की थी तो ये नहीं जानती थी कि आगे क्या होगा । बस युँ ही ब्लोग बनाया और फ़िर …. यूँ सफ़र पे चल दिये थे के मंजिल का ना पता था , हम बह रहे थे युँ ही के साहिल का ना पता था । कविता मेरे [...]
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दीप , दीप क्यूँ हैं ?

मैं खडी़ की खडी़ रह गई और मेरे साथ वाले मुझ से कौसों आगे निकल गये । मुझ से बहुत पीछे वाले भी आगे बढ़ते रहे और मैं…… वहीं की वहीं । ना जाने जिन्दगी क्या चाहती थी । उस अन्धेरे से भरी जिन्दगी में कुछ साथ रुकने को तैयार नहीं … बस मैं और
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तुम वो बहर बनो

मेरे ज़िन्दगी के सफर में तुम मेरी चाह है हमसफ़र बनो यही ख्वाब है मेरा एक हर नजारा तुम हर नजर बनो | जहाँ हो वफ़ा हर शाम में , जहाँ ज़िन्दगी हर जाम में , जहाँ चाँदनी हर रात हो , उम्मीद की हर सहर बनो | मैं नहीं काबिल तेरे बना , तू फलक मैं गर्दिश
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जिंदगी कई बार

जिंदगी कई बार हमें अंधेरे में लाके छोड़ देती है | दर्द में बेहाल बेबस छोड़ देती है ना मैं नज़र आता हूँ ना रास्ता नजर आता है दूर तक बस अँधेरा नज़र आता है तड़पता हूँ रोता [...]
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जिंदगी कई बार

जिंदगी कई बार हमें अंधेरे में लाके छोड़ देती है | दर्द में बेहाल बेबस छोड़ देती है ना मैं नज़र आता हूँ ना रास्ता नजर आता है दूर तक बस अँधेरा नज़र आता है तड़पता हूँ रोता [...]
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कल

कल याद मेरी उसे रुला आई है । कल बात मेरी बिगड़ती बना आई है । कल शाम सुबह सा मन्ज़र कर , कल रात मेरी पतझड़ बहार आई है । कल क्या था कुछ खास नहीं , कल शाख मेरी लहरा लहरा आई है । कल चुप चाप दबे पावं चला आया , कल आवाज़ मेरी वहाँ से आई है । कल-कल [...]
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हौसलों के देश में

एक कदम ही रखा ,हो खडा़ महल गया , दिल मेरा सम्भल गया , टूट कर सवरं गया , हौसलों के देश में , हौसलों के देश में । देश है ये इक नया , इक अलग जहाँन है , हारता नहीं कोई , जीत ही मुकाम है , हौसलों के देश में , हौसलों के देश में । ना कहीं [...]
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कल

कल याद मेरी उसे रुला आई है । कल बात मेरी बिगड़ती बना आई है । कल शाम सुबह सा मन्ज़र कर , कल रात मेरी पतझड़ बहार आई है । कल क्या था कुछ खास नहीं , कल शाख मेरी लहरा लहरा आई है । कल चुप चाप दबे पावं चला आया , कल आवाज़ मेरी वहाँ से आई है । कल-कल [...]
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दिल के मेहमान

गम कभी दिल के मेहमान नहीं होते , दोस्त कभी दिल से जुदा नहीं होते । हद नहीं होती किसी प्यार के पैमाने की , चूर नशे में मयखाने नहीं होते । उम्र में घाव बढ़ते रहते फ़िर भी , दिल से बच्चे कभी सयाने नहीं होते । महफ़िल में आकर आफ़त मोल ली , यादो में अब तेरी वी
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वादे नहीं करते

हम वादे नहीं करते टूट जाते हैं , कोशिशे करते हैं कामयाब हो जाते हैं । कितने भी मजबूत हो धागे सभी , रिश्तो की तरह वो टूट ही जाते है । गुलो का कितना भी रखो ध्यान , पेड़ से टूट कर मुरझा ही जाते हैं । कोई पीछा करता है साये की तरह , यादें साथ छोड़ती ही नहीं
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बेहाल ज़िन्दगी के

पन्नों में जल रहे थे कुछ साल ज़िन्दगी के , धुआँ धुआँ से हो गये कई ख्याल ज़िन्दगी के । एक तेरी याद है बस जो दिल बेहलाती है , वरना सताते हैं हमे कई सवाल ज़िन्दगी के । वफ़ा मोहब्बत में ,दोस्ती में बेवफ़ाई , होते है कई तजूर्बें बेमिसाल ज़िन्दगी के । हंसते चेहर
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बापू का ख़त

प्रिय देशवासियों , मैं यहाँ स्वर्ग में कुशल-मंगल हूँ आशा करता हूँ भारत में भी सब कुशल-मंगल ही होगा । इन दिनों सुभाष के कई शिष्ये ( शहीद ) आये और मंगल भगत भी वापस आने की तैयारी में लग रहे हैं तो मुझे लगा देश में सब थीक तो है या नहीं ? आज देखा तो पता [