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टूटी हुई बिखरी हुई

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18 Jun 2010
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आज मेरी शादी की सालगिरह है ...बधाइयां स्वीकार की जायेंगी!

फरजाना और मेरा वैवाहिक साथ आज पन्द्रहवें साल में दाखिल हो रहा है। धूप छाँव के खेल में जितना मैं पिसता हूँ उससे कहीं ज्यादा वो... ये तो आप भी जानते/ती हैं । आप की बधाइयां एक बार फिर हमें इस बुरे दौर में डट कर खड़े रहने की हिम्मत देंगी ...
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ब्लैक एंड व्हाईट की बात ही कुछ और है !

ये मेरे तीनों बच्चों की ब्लैक एंड व्हाईट फोटो हैं जों मैंने पिछले हफ्ते खींचीं हैं .अबान उर्फ़ गागूफराहसारा
टैग: फोटो
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उम्मीद है कि रवीश कुमार अब भी एफ़ एम गोल्ड नहीं सुन पा रहे होंगे !

रवीश कुमार ने अपना रेडियो बचाओ के अभियान पर सहमति जताते हुए फेसबुक पर कहा कि जब तक एफ़ एम गोल्ड पर काम करनेवालों को पैसे नहीं मिल जाते तब तक वो एफ़ एम गोल्ड सुनना बंद कर रहे हैं. प्रबुद्ध श्रोताओं ने हालांकि उनसे यह पूछ ही लिया कि अगर आप सहमत हैं तो एन
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गाते गाते रोएं क्यूं ...चिल्लाने क्यूं न लगें !

जब बात निकली तो शुरू में कई लोग बड़े चिंतित दिखे लेकिन अब धीरे-धीरे ज़्यादातर लोग यही साबित कर रहे हैं कि भाई हमें मत घसीटो क्योंकि हमको आल इंडिया रेडियो से अक्सर चेक लेने जाना होता है. जोर से बोलने में आज कल गले पर जोर पड़ता है.इसलिए फुसफुसाओ, बल्कि
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मेरी आवाज़ ही पर्दा है मेरे चहरे का

मेरी आवाज़ ही पर्दा है मेरे चहरे कामैं हूँ खामोश जहां मुझको वहां से सुनिए
टैग: इरफ़ान
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एक ताज़ा फ़ोटो

रात भारी सही कटेगी ज़रूर, दिन कड़ा था मगर गुज़र के रहा-अहमद नदीम क़ासमी
टैग: irfan
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जाने कहां गये वो गीत!

मोहल्ला से एक पुरानी पोस्ट का पुनर्प्रकाशनइरफान भाई दोस्‍त हैं। उनकी शख्‍सीयत का एक पहलू नहीं है। वो आंदोलनी रोज़मर्रे से शुरू होकर आज हर उस फ़न के माहिर हैं, जो सामने वाले को चमत्‍कार लग सकता है। अच्‍छी पेंटिंग, अच्‍छे विचार, अच्‍छी आवाज़ और उम्‍दा
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चंदू की नानी

ये मेरे बेटे (साढ़े चार साल)ने पिछले महीने प्रमोद को सुनाई। आप भी सुनिए।
टैग: अबान
Mar 06 2010 12:31 PM
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दाग़-दिल-हमको याद आने लगे...

इक़बाल बानो की आवाज़ और अंदाज़
Feb 27 2010 01:01 PM
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सईद अख्तर मिर्ज़ा से एक मुलाक़ात

भाई भूपेन का फोटो मेरा ट्रीट किया हुआ है !भूपेन ने गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल के दौरान सईद अख्तर मिर्ज़ा से क्या बात की,आइये सुनते हैं .Duration: 40 min Approx Recorded on 10th Feb 2010
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कुंदन शाह से एक मुलाक़ात

गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल में इस बार कुंदन शाह और सईद अख्तर मिर्ज़ा भी आये थे। भाई भूपेन वहां थे और उन्होंने दोनों से बातचीत की।
Feb 19 2010 04:04 PM
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आरज़ू लखनवी को क्यूँ भूलें ?

सहगल साहब को सलाम और आरज़ू लखनवी को भी। नौशाद साहब जिन आरज़ू को अल्लामा आरज़ू कहकर कान पकड़ते थे , उनके लिखे को न्यू थियेटर के बी एन सरकार पत्थर की लकीर समझते थे ।सुनिए ये ग़ज़ल -
Feb 14 2010 02:31 PM
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पांच किताबें: जिन्हें पढ़ने के बाद आप वो नहीं रहे, जो आप थे !

किताबों से हमारा ऐसा रिश्ता है जिसकी मिसाल ढूंढें नहीं मिलती। हर इंसान, जों अक्षर बांच लेता है, उसकी दुनिया में किताबों का एक या दूसरी तरह का स्थान है। ये सवाल जब हमने राम पदारथ से पूछा तो उन्होंने जों सूची बनाई उसे यहाँ हूबहू पेश करता हूँ।१ - अपनी खबर :
Feb 11 2010 11:59 AM
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गुरमा: कुछ तस्वीरें -२

एक अवसाद भरी यात्रा की कुछ तस्वीरें आप पहले देख चुके हैं. अब देखिये दूसरा हिस्सा।सभी को डबल क्लिक कर के बढाया जा सकता है।पहलवान नाऊ का लड़का सबसे बाएँअस्पतालगुरमा क्लब का रुपहला पर्दा यहीं टंगा करता थाअब कैंटीन बन गया है क्लबफैक्ट्रीबिजली विभाग....क्या
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मैं जसदेव सिंह बोल रहा हूँ

पिछले साल मशहूर कमेंट्रेटर जसदेव सिंह से मैंने एक बातचीत की थी. आप भी सुनिए। जसदेव सिंह से इरफान की बातचीतजुलाई 2009, नई दिल्ली : अवधि लगभग आधा घंटा
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भाई प्रणय कृष्ण को सादर

गोरखपुर में कल से फिल्म फेस्टिवल (www.gorakhpurfilmfestival.blogspot.com) शुरू हो रहा है. मैं इसकी सफलता की कामना करता हूँ ।यहाँ मैं एक गाना प्रणय जी को dedicate करना चाह रहा हूँ. तलत साहब का गाया ये गाना प्रणय जी से मैंने एक पिछले गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल
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गुरमा: कूछ तस्वीरें

अब आइये देखते हैं, गुरमा को तस्वीरों के आईने में ।
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मेरी गुरमा यात्रा

अभी तो कुछ वक्त लगेगा कि तस्वीरें आप तक पहुँचाऊ लेकिन ये बताने से खुद को रोक नहीं पा रहा हूं कि मैं पिछले हफ्ते गुर्मा मारकुंडी होकर दिल्ली वापस आ गया। खबर मिली थी कि जेपी सीमेंट वाले हमारी उस कालोनी को उजाड़ने वाले हैं और वहां पर नई आवासीय बस्ती बसाने
टैग: गुरमा
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गंदे गाने:एक श्रृंखला: बिना लेहले संसरवा ना मानी...

इस ब्लॉग को पढ़ने के किए अपना ई मेल का पता ramrotiaaloo@gmail.com पर भेजें.
Dec 29 2009 11:39 AM
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दानिश साहब से बातचीत 2

दानिश साहब से बातचीत 2
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दानिश इकबाल से बातचीत 1

दानिश इकबाल साहब एआइआर दिल्ली में एक जाना माना नाम हैं । वो उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पैदा हुए और आजकल एआइआर के ड्रामा डिवीज़न में काम करते हैं। मैं उन्हें इस बात के लिए जानता हूँ की काम के बीच मुस्कुराया कैसे जाए । आप इस बात के लिए उन्हें जानते हैं
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दानिश साहब कहते हैं !

दानिश इकबाल साहब एआइआर दिल्ली में एक जाना माना नाम हैं । वो उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पैदा हुए और आजकल एआइआर के ड्रामा डिवीज़न में काम करते हैं। मैं उन्हें इस बात के लिए जानता हूँ की काम के बीच मुस्कुराया कैसे जाए । आप इस बात के लिए उन्हें जानते हैं
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हबीब साब को श्रद्धांजलि !

हबीब तनवीर की मौत के साथ हिंदुस्तान में नाटकों का एक अध्याय ख़त्म हो गया है. उन्होंने अपनी समझ और सूझ के साथ जों भी किया उसका महत्व इसलिए भी रहेगा क्योंकि अब हालत और भी बदतर होते जा रहे हैं. हबीब साब ने नया थियेटर नाम का एक ग्रुप बनाया था जिसके सभी क
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एक बार फिर जन्मदिन मुबारक कहिए न!

आज संजय जोशी और मेरा जन्मदिन है. इन दोनों सहित उन तीनों को भी जन्मदिन मुबारक हो जो आज के दिन पैदा हुए. आज मैं ऐसा दिख रहा हूँ.
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इकबाल बानो : एक अप्रतिम गायिका

इकबाल बानो को न जानना इस समूचे भारतीय उपमहाद्वीप को न जानना है। मैं ने उन्हें १९८९ में जाना था, उनकी इस नज़्म से, जिसे यहाँ पेश कर रहा हूँ। मदर डेरी के पीछे ध्रुव apartment में जिस दीवानगी के साथ अनुभव सिन्हा, राजेश जोशी, नवीन वर्मा और विमल वर्मा सहित
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क्या कुछ ब्लॉगरों का यह यात्रा अभियान मेल शोवनिस्ट है?

मुनीश से मेरी दोस्ती अब उतनी ही पुरानी हो चुकी है जितनी राम पदारथ से मेरी दुश्मनी. इस शुरुआती लाइन के बाद मैं सीधे मुद्दे पर आता हूँ जिसका सम्बन्ध इन दिनों ज़ोर-ओ-शोर से चल रहे एक यात्रा अभियान से है और जिसका सूत्रपात भाई मुनीश ने किया है. अगर यह अभि
Apr 19 2009 09:42 PM
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उट्ठा है तूफान ज़माना बदल रहा

साल पहले 25 लोगों ने उदय भाई की अगुआई में एक कैसेट निकाला था. पीछे की कहानी विमल भाई सुनाएँगे. आप मेरी तरफ से ये गीत सुनिए.