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08 Mar 2010
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एक सबसे छोटा इंटरव्यू

ज़ी न्यूज में बतौर रिपोर्टर काम करते हुए मुझे जाना पड़ा ओड़ीसा। उसी उड़ीसा में जो चक्रवाती तूफान के भयंकर कहर से कराह रहा था। कैमरामैन इंदीश बत्रा के साथ मैं निकल पड़ा था उस रिपोर्टिंग पर जिसमें आंसू थे और बस आंसू ही थे। हमने सुबह की फ्लाइट ली थी और डेढ़
 
Sanjay Sinha
Feb 19 2010 07:17 PM
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दो साड़ियां और एक कफन

बैं गलोर से आज फोन आया कि पुतुल की मां अस्पताल में हैं और डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा है। अमेरिका के न्यूजर्सी शहर से उनके बेटे के आने का इंतजार हो रहा है और आज शाम उसके आने के बाद वेंटिलेटर हटा दिया जाएगा, फिर वो लोग लाश को पटना ले जाएंगे। प
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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3 MISSED CALLS - रात के आंसू

मे री पत्नी ने बताया कि सुबह से तीन बार उसके ऑफिस में काम करने वाली लड़की ने फोन किया और हर बार उठाने से पहले काट दिया। मेरी पत्नी ने कहा कि ये मिस्ड कॉल छुट्टी की कॉल है। मैंने उससे पूछा कि मिस्ड कॉल देने का क्या मतलब है? वो घंटी बजा कर फोन बंद करने
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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3 MISSED CALLS - रात के आंसू

पिछले दिनों दो बातें ऐसी थीं जिसने मुझे काफी परेशान किया। 1. मेरी पत्नी ने मुझे बताया कि उसके मोबाइल पर सुबह-सुबह तीन मिस्ड कॉल आए । 2. मेरे दफ्तर में एक साथी ने मुझसे अगले दिन की छुट्टी मांगी, तो वो सचमुच कातर था। दोनों घटनाओं ने मुझे काफी परेशान कि
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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वो लड़की

वो लड़की फिर नहीं मिली। कभी नहीं। आज कई महीनों, वर्षों के बाद सोचता हूं कि वो क्यों नहीं मिली तो तस्वीर कुछ साफ होती सी लगती है। मैं आज भी सोच में पड़ जाता हूं कि ऐसा कैसे हो सकता है..कि वो मुझसे मिलना ही ना चाहे। ऐसा नहीं होना चाहिए था। जो लड़की मुझ
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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वो 27 साल

ब्लाग के तमाम मित्रों ने जो जवाब मुझे भेजे उसके बाद मैं बाध्य हो गया कुछ और कहने के लिए। मैं सभी को अलग से जवाब नहीं दे पा रहा हूं, लेकिन जिन लोगों ने मेंरे ब्लाग को पढ़ा और अपनी प्रतिक्रिया दी है उनके लिए मैं दिल से आभारी हूं। कई लोगों ने इतना भावुक
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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फिर कुछ कहना है

आज फिर कहने को कुछ है, इसलिए लंबे समय के बाद कुछ लिखने बैठा हूं। पिछले दिनों कई लोगों से मुलाकात हुई, कई लोगों से बात हुई। हर आदमी अपने आप में असंतुष्ट दिखा और थोड़ा दुखी भी। आखिर क्यों? कई दिनों तक चुपचाप सोचता रहा। आखिर आदमी खुश क्यों नहीं है। जिसे
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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पत्नी और बेटा

अब जो आपको अपनी आपबीती सुनाने जा रहा हूं वो भी किसी के साथ हो सकता है, क्या पता हुआ भी हो। लेकिन मुझे बहुत हैरानी है कि भारत में ये सब क्यों और कैसे होता है और बर्दाश्त करना हमारी मजबूरी बन जाती है। दो साल पहले मैं अमेरिका में था। मेरी पत्नी और मेरे
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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दो महिलाएं

पिछले दिनों दो महिलाओं से अलग-अलग तारीख में मिलना पड़ा। एक महिला मेरे दफ्तर के स्टूडियो में इंटरव्यू के सिलसिले में आई थी तो दूसरी का इंटरव्यू करने मुझे दिल्ली के ताज महल (मानसिंह रोड) होटल में जाना पड़ा। पहली महिला के इंटरव्यू का जो तय समय था वो उसी
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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प्रसंगवश

मेरी एक दोस्त ने एक शापिंग मॉल के बाहर अपनी कार पार्क की। कार पार्क करते ही पार्किंग वाला वहां आया। उसने पैसे मांगे तो मेरी दोस्त ने कहा कि वापसी पर पैसे दूंगी। पार्किंग वाले ने कहा कि नहीं अभी पैसे देने होंगे। इसपर मेरी दोस्त ने कहा कि पैसे ले कर आप
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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आप सभी की प्रतिक्रियाएं

आप लोगों की प्रतिक्रियाएं मिलीं। कई लोगों ने मुझे सलाह दी है कि मैं किसी क्राइम रिपोर्टर से संपर्क करूं। सवाल ये है कि क्या बिना सिफारिश के कोई काम नहीं हो सकता है? वैसे आप लोगों को बता दूं कि मैंने अपने कई रिपोर्टरों के अलावा दूसरे चैनल के साथी रिपो
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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आपके साथ भी ऐसा हो सकता है

ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है और आप सिवाय मन मसोस कर चुप रह जाने के कुछ भी नहीं कर सकते। 14 नवंबर को दोपहर में मैं अपने एक साथी के साथ कार से दफ्तर जा रहा था। दिल्ली के आईटीओ पुल पर पीछे से एक इंडिका कार ने मेरी कार को जोरदार टक्कर मारी। मेरी होंडा स
 
Sanjay Sinha
Dec 29 2009 11:54 AM
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वो गर्म हथेलियां...

परसों अमिताभ बच्चन से मुलाकात हुई। इससे पहले कई बार मिल चुका हूं। बहुत सी मुलाकातें याद नहीं हैं, लेकिन पहली मुलाकात याद है। 1980 में मां की मृत्यु के बाद लग रहा था कि जिंदगी बेमानी है, पढ़ाई-लिखाई का कोई मतलब नहीं, मौत ही जिंदगी का सबसे बड़ा सत्य है
 
Sanjay Sinha
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मैं क्यों लिखूं?

कल रात अप्पी आई थी। वैसे ही मुस्कुराते हुए, चमकीली आंखों के साथ पांच फीट तीन इंच की अप्पी कह रही थी इतना लिखते हो, मुझ पर कुछ लिखो न! मेरी नींद खुल गई। काफी देर तक फिर अप्पी मेरे सामने खड़ी रही। बहुत यकीन करने पर ही यकीन हुआ कि वो सचमुच नहीं आई थी, व
 
Sanjay Sinha
Oct 14 2009 07:51 PM
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एक और छल?

शारदा जी, रंजना जी और आर्यन तीनों के हौसलाआफजाई के बाद लगातार दूसरी कविता। एक और छल? -------------- मान लो मैं बैठे बैठे मर जाऊं मान लो मर कर मैं स्वर्ग जाऊं मान लो देव खुद मिलने आएं मान लो मिल कर अफसोस जताएं मान लो मुझसे पूछें वो सवाल जमीं पर कोई क्
 
Sanjay Sinha
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पीली आंखों वाली लड़की

वो लड़की कभी जी ही नहीं पाई। जब उसे पहली बार प्यार हुआ था तब भी नहीं। और अब जब उसके बेटे की शादी हो गई है तब भी नहीं। जब उसे प्यार हुआ था तब पूरा घर उसका दुश्मन हो गया था। सबने कहा था ये गुनाह है। फिर भी छिप - छिप कर चंद दिनों तक तक वो अपनी चाहत से म
 
Sanjay Sinha
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क्योंकि मैं शर्मिंदा हूं

मेरी छोटी बहन का फोन आने से पहले मैं सिर्फ विचलित था, लेकिन रात के ११ बजे उससे फोन पर बात करने के बाद से मैं शर्मिंदा हूं। मैं दफ्तर से रोज की तरह घर आ रहा था कि आचानक फोन की घंटी बजी। आम तौर पर
 
Sanjay Sinha