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11 Jun 2010
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"तुलसी के बिरवे"

"तुलसी के बिरवे"श्री तुलसी प्रणाम वृन्दायी तुलसी -देव्यैप्रियायाई केसवास्य चविष्णु -भक्ति -प्रदे देवीसत्यवात्याई नमो नमःमैं श्री वृंदा देवी को प्रणाम करती हूँ जो तुलसी देवी हैं , जो भगवान् केशव की अति प्रिय हैं हे देवी आपके प्रसाद स्वरूप , जो उच्चतम सत्य
 
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इंग्लैंड की राज परम्परा और साम्राज्ञी एलिजाबेथ

इंग्लैंड की राज परम्परा और साम्राज्ञी एलिजाबेथ इतिहास साक्षी है जब् सन १९५३ , २ जून का दिन , इंग्लैंड के लिए बहुत बड़े बदलाव को लेकर उपस्थित हुआ था चूंकि उसी ऐतिहासिक दिन , एलिजाबेथ को, इंग्लैंड की महारानी घोषित कर दीया गया था -- उसके पहले सन १९४७ में
 
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प्रशांत महासागर और भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुमधुर जुगलबं

प्रशांत महासागर और भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुमधुर जुगलबंदीलावण्या दीपक शाहमैंने अमरीका भूखंड का एक छोर से दूसरे तक का लंबा प्रवास किया है । आज मेरा मन कर रहा है, कि चलिए, आज आपको ले चलती हूँ - उत्तर अमेरिका के पश्चिमी छोर पर ... जहाँ भारतीय शास्त्रीय
 
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एक अमरीकी , भारत प्रेमी लेख़क से मिलिए, जिनका नाम है, श्री रोबेर्ट आर्नेट

एक अमरीकी , भारत प्रेमी लेख़क से मिलिए, जिनका नाम है, श्री रोबेर्ट आर्नेट : " India Unveiled " / भारत की छवि , बे नकाब सी " के लेख़क " INDIA UNVEILED "कुछ वर्ष पूर्व, जब् मेरी मुलाक़ात श्री रॉबर्ट आर्नेट से हुई तब मुझे , मेरे पति दीपक जी और रॉबर्ट आर्नेट
 
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May 06 2010 02:05 AM
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उत्तर अमरीका भूखंड का सबसे घनी आबादी वाला प्रांत केलीफोर्नीया है --- चलिए सैर पर

उत्तर अमरीका भूखंड का सबसे घनी आबादी वाला प्रांत केलीफोर्नीया है -केलीफोर्नीया प्रांत , उत्तर अमेरीका के पश्चिम किनारे पर का अति विशाल भूभाग है जिसका एक किनारा इस पृथ्वी के शायद सबसे रमणीय स्थान कि सूची में , पहले ५ में गिना जाएगा -- केलीफोर्नीया प्रांत
 
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Apr 08 2010 08:28 AM
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" एक समय की बात है ..."/ श्री कृष्‍ण बिहारी ‘नूर’ संस्‍मरण / एक ग़ज़ल

हमारे इलाके में , अब बसंत के आगमन की तैयारी है हवाएं अब भी अंतिम ठण्ड को समेटे, सूर्य के ताप से ,गर्माहट हासिल करने का प्रयत्न कर रहीं हैं ..मार्च महीने के अंतिम दिन शेष हैं और बाग़ में घास हरी होने लगी है ..बर्फ अब शायद गिरे या ना गिरे ..कोइ भरोसा नहीं
 
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Mar 25 2010 01:42 AM
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अटल छत्र सच्चा दरबार

चैत्र नवरात्र आरम्भ हो रहे हैं - आइये, इस शुभ अवसर पर , माता जगदम्बा का स्मरण करें ..... शक्ति स्वरूपा माँ अपनी हर संतान की मनोकामना पूर्ण करें आज आपके लिए , माँ भवानी के दरबार से , उनकी आराधना में गाये गये कुछ सुमधुर गीत लेकर उपस्थित हूँ ...सभी गीतों के
 
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आ प सभी को " हो ली की भी , बहुत बहुत शुभ कामनाएं "

आज होली के पर्व पर कुछ बातें , समाज से जुडी ,मनोमंथन - सी , मेरे मन में , उभरीं हैं और सोचा, आप सब के संग साझा करूं .एक ग़ज़ल : " सुफेद रंगों में रंग भरना , कोई तो सीखे " http://www.youtube.com/watch?v=zwh24rkx5Xw&feature=player_embedded#बचपन के दिन
 
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Feb 28 2010 03:04 AM
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वसंत समये प्राप्ते , काक काक पिक: पिक :

हे ब्लॉग जगत के साथी , मित्रों , आप पर सदा विद्यादायिनी माँ सरस्वती देवी की कृपा रहे ।बासंती ऋतु , यहां तो फिलहाल आ नहीं पायी परंतु , बासंती मन , श्वेत्वस्रावृता सरस्वती देवी को प्रणाम कर , शीघ्र बसंत आगमन की प्रार्थना तो कर ही सकता है ...हे माँ, आपके
 
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पापाजी , आपकी बिटिया , आपको सादर प्रणाम करती है और आपकी पुण्य तिथि पर : ११ फरवरी -

स्वर कोकिला सुश्री लता मंगेशकरपँडित नरेन्द्र शर्मा की " षष्ठिपूर्ति " के अवसर पर , माल्यार्पण करते हुएलता जी ने ये गीत पहली बार सार्क के स्था पना के अवसर पर गाया था । इसे लिखा था पंडित नरेंद्र शर्मा जी ने । ये गीत बाद में टी सीरीज के प्रेम भक्ति मुक्ति
 
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Feb 11 2010 09:55 AM
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दूसरा नोबल पुरस्कार ? इस पुरस्कार को सम्मानित करनेवाली एक भारतीय महिला हैं रुथ मनोरमा

दूसरा नोबल पुरस्कार ?जी हां , इस पुरस्कार को सम्मानित करनेवाली एक भारतीय महिला हैं रुथ मनोरमा ।नारी के पक्ष में हैं रुथ मनोरमा । हर प्राताडित इंसान के लिए कार्य करतीं हैं वे --आपने शायद इनका नाम भी न सुना हो । परंतु इन्होंने महत्त्वपूर्ण कार्य किया है और
 
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आखिर ये `मुहब्बत ' है क्या बला ?

क्या है, न, हमें भी आदत थी , आप में से कईयों की तरह , कि कहीं कोइ बेहतरीन शेर या कविता पढी उसे सहेज लिया - - ऐसी ही किसी घड़ी में, ये शेर , हमने दर्ज कर लिए थे ...शायद आपने पहले भी सुने होंगें , पर आज यही आपके सामने प्रस्तुत करने का मन हुआ ..वीकेंड ,
 
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ऐ अमरों की जननी, तुमको शत-शत बार प्रणाम, मातृ-भू शत-शत बार प्रणाम।

जीवन की अंधियारीरात हो उजारी!धरती पर धरो चरणतिमिर-तम हारीपरम व्योमचारी!चरण धरो, दीपंकर,जाए कट तिमिर-पाश!दिशि-दिशि में चरण धूलिछाए बन कर-प्रकाश!आओ, नक्षत्र-पुरुष,गगन-वन-विहारीपरम व्योमचारी!आओ तुम, दीपों को निरावरण करे निशा!चरणों में स्वर्ण-हासबिखरा दे
 
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कविता : स्व. पंडित नरेन्द्र शर्मा / कविता - कोष " की पूरी टीम को मेरी हार्दिक बधाई

एक गीत का आनंद लीजिये , कृपया क्लीक करीएhttp://www.sopanshah.om/lavanya/1949.wma तुम उसे उर से लगा स्वर साधतीं-- उठते सिसकते स्वर तुम्हारे मधुर बेला के! मूक होती कथा मेरी, शून्य होती व्यथा मेरी, चीर निशि-निस्तब्धता जो, तीर-से आते सिसकते स्वर तुम्हारे
 
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दिल हुआ आशनां !

दिल हुआ आशनां !-------------------------बुझते चरागों से उठता धुआं , कह गया अफ़साने, ....रात के !कि , इन गलियों में, कोई आकर, चला गया था !रात भी थमने लगी थी, सुनके मेरी दास्ताँ ,चाँद भी थमने लगा था, देखकर उठता धुंआ !बात वीराने में की थी, लजा कर दी थी
 
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-- ५० * तापमान ?? बा बा रे ....ऐसा पहली बार हुआ है, १७, १८ सालों में ...

त्तारीख : ६ , जनवरी ,२०१० , दक्षिण अमरीका के तालाहास्सी फ्लोरीडा में एक , यहां का गरीब इंसान , पूरा कम्बल ओढ़ कर , कडाके की ठण्ड से अपनी सुरक्षा करने का प्रयत्न कर रहा है -- ध्यान से देखिये , उसने स्नीकर माने जूते पहन रखे हैं , जींस भी पहनी है और सूरत
 
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गीतों और गज़लों से सजी हिन्दी चित्रपट की दुनिया का सुरीला सफ़र

हिन्दी फिल्मों में अपनी दर्दभरी , दिल को छु लेनेवाली आवाज़ , दिलकश अदाकारी और गंभीर हुस्न के लिए पहचानी जानेवाली मशहूर अदाकारा स्व. मीना कुमारी जी ने कई सुमधुर और अविस्मरनीय गीतों में अपने सशक्त अभिनय से जान फूंक दी .......... आवाज़ और लफ्जों के जादू
 
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भारत में , और विदेशों में भी भारत के सब से ज्यादह प्रसिध्ध नेहरु परिवार के कुछ अज्ञात या कम जाने पहचाने सदस्यों के बारे में और कुछ कवितायेँ भी ....

प्रथम भारतीय ध्वज वीर सावरकर द्वारा निर्मित : सन १९०६ एकम सत्य ~ कौन रहा अछूता जग में, सुख दुःख की छैंया से ? धुप छांह का खेल जिन्दगी ये सच
 
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आपके लिए कुछ कवितायेँ

भारत माता विधा दायिनी सुमति , श्वेत्वस्त्राव्रुता देवी सरस्वती आज आपके लिए कुछ कवितायेँ लेकर उपस्थित हूँ ........ ............ माँ , अल्मोड़े में आए थे जब राजर्षि विवेकानंदं, तब मग में मखमल बिछवाया, दीपावलि की विपुल अमंद, बिना पाँवड़े पथ में क्या वे
 
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महाभारत : और श्री बी आर चोपड़ा जी की यादें .........

रूपा गांगुली -- मेरे आराध्य श्री कृष्ण हैं - - मेरे मन के भाव , इसी गीत में प्रकट हैं सुनियेगा ......... . http://www.youtube.com/watch?v=sqRfhMWjbn4&feature=fvw श्री बी। आर । चोपड़ा जी ने दूरदर्शन पर ' महाभारत ' की कथा को , आधुनिक युग के लिए प्र
 
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मेरी पोस्ट इस से आगे की पोस्ट पर कई सालगिरह की शुभकामनाएं मिलीं -- आप सभी का ह्रदय से आभार प्रकट करती हूँ ......... ख़ास तौर से अनुज भाई श्री पंकज 'सुबीर जी ' की कोटिश: आभारी हूँ जिन्होंने मेरे सालगिरह को सार्वजनिक उत्सव बना कर, हिन्दी ब्लॉग जगत के प
 
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सदाबहार गीत और मन के भाव

कुछ गीत ऐसे होते हैं जिन्हें आप पहली बार सुन ले फ़िर बरसों तलक वे आपके वजूद का एक हिस्सा बन जाते हैं । इन्हे तो मैं, सदाबहार गीत ही कहूंगी । ~~~~ जरूरी नहीं के वे खुशीयों के गीत हों ! शादी - ब्याह पर गाये जानेवाले , मंगल - गीत हों ! ......ये गीत इतने
 
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नवम्बर , आरम्भ हो गया है .........

अजी सुन रहे हैं क्या ? जी हां नवम्बर आरम्भ हो गया है अरे हां, हमने भी दुनियाभर के समाचार सुन लिए -- ओबामा जी कहते हैं, अब सब ठीक होनेवाला है -- मैं , नाना को भी यही तो सुना रहा हूँ ;-) नवम्बर आरम्भ हो गया है आपको पता भी है क्या , अब २००९ का ये साल बस
 
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श्री राज कपूर जी : भारतीय चलचित्र निर्माण , " BOLLYWOOD " एक विशाल व्यवसाय है [ कई सारी दुर्लभ तस्वीरें ]

इस चित्र में, रितू के विवाह के 2 दिन पहले संगीत संध्या के अवसर पर रीतू के लिए मेरी अम्मा श्रीमती सुशीला नरेंद्र शर्मा ने हमारी बगिया से चमेली , जूही और नन्हे गुलाब की कलियों के बाजू बांध , टीका , कर्ण फूल, गलहार , हाथ के गजरे , बनाकर , हल्की केसरिया
 
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Oct 19 2009 11:04 PM
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पिछले दिनों -- क्या क्या हुआ ?

भारतीय प्रोग्राम , अकसर , हिन्दू मंदिरों में या फिर कुछ भारतीय संस्थाओं द्वारा मिलजुल कर आयोजित किये जाते हैं - हमारे शहर में भी इसी तरह का आयोजन हुआ जहां ये कन्याएं भूमि पर बैठकर , शाम का भोजन खा रहीं हैं जिसे तैयार किया कुछ भारतीय माताओं ने .... इन
 
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क्रिया योग : ओतोबायोग्रफ़ी ऑफ़ अ योगी

स्वामी जी श्री प्रज्ञानंद जी `गुरु कृपा ईश कृपा सम ' कृपाकांक्षीनी मम्मी जी और मैं : इनके दामाद हार्ट सर्जन हैं गुरु ~ शिष्य परम्परा सचित्र आंधियों में जलता दीप , एक , अकम्पित लड़ता अंधियारे से , नन्हा सा जीव अकेला बोलो जलता रहता , किसके सहारे ? वही
 
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ॐ नमो भगवते महादुर्गायेय नम:

ii ॐ नमो भगवते महादुर्गायेय नम: ii दुर्गा - पूजा ---------------------------------------------------------------------------------------------------सजा आरती सात सुहागिन , तेरे दर्शन को आतीं ,माता , तेरी पूजा , अर्चना कर , भक्ति निर्मल पातीं !दीपक , कुम
 
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मेरे आदरणीय दादा _ श्री राज सिँह डुँगरपुर

मेरे आदरणीय दादा श्री राज सिँह डुँगरपुर दादा = श्री राज सिँह डुँगरपुर जी,
 
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गतांक से आगे : श्री इन्द्रबहादुर सिंह जी का सम्पादकीय पुस्तक : " शेष - अशेष " से जारी ....

इस चित्र में, दीपक, मैं, मेरी अम्मा स्व, सुशीला नरेंद्र शर्मा, जीजाजी बकुल भाई , स्व. वासवी ( मेरी बड़ी बहन ) , स्व. पं. नरेंद्र शर्मा , मुझसे छोटी सौ. बांधवी तथा सबसे छोटा भाई,श्रीमान परितोष नरेंद्र शर्मा मेरी अम्मा स्व. सुशीला नरेंद्र
 
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Sep 08 2009 09:06 PM
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कई दुर्लभ चित्र :+ यादें : " शेष -अशेष " ( सम्पादकीय )

आज आपके लिए कई दुर्लभ चित्र लेकर पुन: उपस्थित हूँ -- समय का दरिया अपनी रवानी से बहता हुआ , हमारे अपनों को भी ले डूबता है और तब रह जातीं हैं ,सिर्फ यादें ............यही " शेष -अशेष " है
 
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पतझर सावन बसंत बहार (काव्य संग्रह)

अनुराग भाई की कविता पुस्तक और भाई श्री पंकज सुबीर जी की समीक्षा आज ही देख पाई हूँ - पुस्तक मेरे पास भी पहुँची है, समीक्षा लिखना अभी शेष है -- किन्तु , मेरी सद्भावना हरेक कवि के लिए प्रेषित करते हुए .....हर्षित हूँ और शाबाशी मेरे अनुज भ्राता श्री पंकज भाई
 
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"फ़ुरसतिया जी " .के पांच साल और हमारे ...कित्ते हुए पूरे ? .

श्री गणेश का आगमन गौरी कुंड की कुछ मिटटी लेकर हाथों में ,एक अकेली साँझ को , सोच रहीं माँ पारबती ,"कब आयेंगे घर , मेरे , शिव ~ सुंदर ? "केशर मिश्रित उबटन लेकर हाथों मेंफिर खूब उसे मल मल कर , उतारायूं ही, अपने गोरे अंग से , खेल खेल में ...बना दी , आकृति एक
 
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आज के फनकार : ( रेडियो प्रोग्राम ) : " आकाशवाणी " तथा "विविध भारती " के भीष्म पितामह , या वेदव्यास ? ( पृथ्वी पर , सबसे बड़ा रेडियो नेटवर्क ) --

" आकाशवाणी " तथा "विविध भारती " के भीष्म पितामह की यादें आपके सामने प्रस्तुत है -- " आज के फनकार " नाम से रेडियो प्रोग्राम आया करता था जिसमे हिन्दी फिल्म से सम्बंधित किसी कलाकार या रचानाकार के योगदान को याद करते हुए सुमधुर संगीत के साथ उनकी जीवनी पर भी
 
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" पूर्ण घटम`"

सत्यमेव जयते बापू : " शांति ~ दूत "हे भारत माँ के वीर पुत्र ,तुमने अपनी बलि चढाई थी -भारत माँ के पुण्य भाल पर ,चन्दन की बिंदिया सजाई थी !स्वर्ण - पात्र भरा रक्त चन्दन से,माँ के अश्रु से भीग, हुआ गीला...खादी के धागों को बुनकर के,सूती माला , माँ को पहनाई
 
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Aug 12 2009 10:17 PM
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एक खुली परियोजना : कविता कोश / उर्दू के अजीम तरीम मशहूर शायरों के कलाम -

कविता कोष एक स्वयंसेवी प्रयास है . कई लोगों ने अथक परिश्रम कर हिंदी - उर्दू भाषा ही नहीं कई प्रादेशिक तथा संस्कृत के शाश्वत काव्य को खोज कर , इन्टरनेट पर स्थापित करने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया है -हिन्दी/उर्दू काव्य में युगाधार रहे रचनाकारों से लेकर नई
 
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Aug 08 2009 10:02 PM
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हमारे प्रकाशकों ने अभी लेखकों को भाव देना नहीं सीखा।

उत्तर अमरीका में निवास करतीं सभी रचनाकार महिलाओं की कृतियाँ आपको इस पुस्तक में पढने को मिल जायेगी -- संपादिका हैं डाक्टर अंजना संधीर जी -- पुस्तक का नाम है, ' प्रवासिनी के बोल ' पूर्णिमा बर्मन जी http://www.abhivyakti-hindi.org/snibandh/2009/pravasi.htm
 
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आओ , बरखा बून्दनिया

यह कला कृति श्रीमती सुशीला नरेंद्र शर्मा (मेरी अम्मा ) द्वारा हलदनकर आर्ट इंस्टिट्यूट में , बनाई गयी थी ।ऐसे बिजली और बरखा का तांडव प्रकृति दिखलाती है तब , सारे जीव, अपने अपने आश्रय खोज कर , साँस रोके , सहम जाते हैं और बरखा का जल , जीवनदायी होता है पर
 
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किसने किया किस का इंतज़ार ? क्या पेड़ ने फल फूल का ?फल ने किया क्या बीज का ?बीज ने फ़िर, किया पेड़ का ?हर बार, ज़िंदगी जीत गई ! प्रेमी ने पाई परछाईं ,अपने मस्ताने यौवन की ,प्रिय की कजरारी आंखों में ,शिशु मुस्कान चमकती - सी ,और, उस बार भी ज़िंदगी जीत गई !
 
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रचना से रचियेता तक : क्या ब्लॉग लेखन , साहित्य है ?

उड़न तश्तरी " के मशहूर समीर लाल " समीर " जी श्री ज्ञानदत्त पाण्डेय जी Gyandutt Pandey जी ज्ञानदत्त पाण्डेय की मानसिक हलचल http://halchal.gyandutt.com/ नत्तु पांडे के साथ , झूले पर झूलिए नेट पर फैला साइबरित्य : ये आलेख इन्होने लिखा और साहित्य और ब्लॉग
 
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सुश्री सुब्बालक्षमी / .कैसे कैसे लोग आए और चले भी गए .............

यही नाम है " भारत रत्न " से सर्व प्रथम विभूषित किए जानेवाली इस महान गायिका का ! इन्होने , तमिल, तेलेगु, संस्कृत , हिन्दी , मलयालम, , कन्नड़ , बंगाली , गुजराती और मराठी भाषाओं में भी गीत गाये थे । उस्ताद बड़े गुलाम अली खान साहब उन्हें सदा " सुस्वरलक्ष
 
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