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11 May 2010
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मेढ़की और मानव-एक लोक कथा

सुमिरन करिकै महादेव का करिकै गौरी माँ को ध्यान। एक मिचकुरी इक बुढ़ऊ का किस्सा सुन्दर करौं बखान। बुढ़ऊ जात रहैं रस्ता माँ एक मिचकुरी परी देखाय। बोली मोहिंका चूमि लेव तो मैं बनि जाउँ सुन्दरी नारि। तब हम तुम्हरी तिरिया बनिकै सगरो बुढ़ापा देहुँ निकारि। सेज
 
Laxmi N. Gupta
May 11 2010 10:39 PM
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अच्छा नहीं

अच्छा नहीं दोस्तो मेरे मरने के पहले मर जाना जब तक स्वास चल रही प्यारे जीने का तुम लुत्फ़ उठाना जब तक मदिरा है प्याली में पीते जाना, पीते जाना अमृत मिल रहा है जीवन में उसको प्यारे क्यों ठुकराना गरल मिल रहा है तो भी क्या शिव की तरह पान कर जाना भला बुरा जो
 
Laxmi N. Gupta
May 04 2010 06:14 AM
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ह्वेनसांग की बलि

विद्वान पाठकों को पता होगा कि चीनी बुद्ध भिक्षु ह्वेनसांग सातवीं शताब्दी में हर्षवर्धन के राज्यकाल में भारत की तीर्थ यात्रा और बौद्ध धर्म के ग्रन्थ जुटाने आया था। इस ह्वेनसांग के बारे में यह कहानी प्रोफेसर माल्कम डेविड एकेल द्वारा दिए एक बौद्ध धर्म के
 
Laxmi N. Gupta
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मालुंक्यपुत्त और गौतम बुद्ध

एक बार मालुंक्यपुत्त नामक एक व्यक्ति भगवान बुद्ध के पास आया और बोला कि उसे भगवान की शिक्षा अच्छी लगती है किन्तु इसके पूर्व कि वह उनका शिष्य बने उसे कुछ प्रश्नों के उत्तर चाहिए। उसने बुद्ध के समक्ष १० प्रश्न रखे। वे इस प्रकार के थे। यह विश्व अनंत है या
 
Laxmi N. Gupta
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तांत्रिक-नास्तिक कथा

पहले पढ़िए:http://www.rationalistinternational.net/article/2008/20080310/en_1.htmlतांत्रिक और नास्तिक में बहस हो गईबड़े कमाल की यह बात हो गईराष्ट्रीय टीवी पर एक झड़प हो गईजो सीखना चाहें उनके लिए शिक्षा की बात हो गईतांत्रिक ने कहा मै मंत्रों का प्रयोग
 
Laxmi N. Gupta
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अंगुलिमाल

समय लगभग ईसा के ५०० वर्ष पूर्व। कोशल देश की राजधानी श्रावस्ती में एक ब्राह्मण पुत्र के बारे में एक ज्योतिषी ने भविष्य वाणी की कि यह बालक हिंसक प्रवृत्तियों के वशीभूत होकर हत्यारा डाकू बन सकता है। माता-पिता ने उसका नाम अहिंसक रखा और उसे प्रसिद्ध तक्षशिला
 
Laxmi N. Gupta
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एक जातक कथा

जातक कथाएं बुद्ध भगवान के पूर्व जन्म की कहानियाँ हैं। बुद्ध भगवान के ५४७ पूर्व जन्मों के आख्यान हैं। कुछ जन्मों में वे पशु या पक्षी हैं और कुछ जन्मों में मानव। इतने जन्मों की साधना के फलस्वरूप उन्हें बुद्धत्व की प्राप्ति हुई। यह कथा तीन मित्रों की है। एक
 
Laxmi N. Gupta
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देवताओं का पसीना

महाभारत में नल-दमयन्ती आख्यान में यह प्रसंग आता है। दमयन्ती का स्वय्म्वर हो रहा है। दमयन्ती नल को वर के स्वरूप में चुनना चाहती है किन्तु सभा में पाँच व्यक्ति हैं जो नल जैसे लग रहे हैं। नल के अतिरिक्त इन्द्र, वरुण, अग्नि और यम भी नल के वेष में आए हैं।
 
Laxmi N. Gupta
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परदेशियों की होली

परदेशियों की होली है न हँसी है, न ठिठोली है जैसे बंजर में घास नहीं उगती है यहाँ रंग की फुहार नहीं चलती है रंग बिना होली बेरंग होती है बिना चीनी की चाय फीकी होती है बिना हुड़दंग के यह कैसी होली है जैसे बिन भंग की ठंडाई घोली है जो सभ्यता से खेली वह कैसी
 
Laxmi N. Gupta
Feb 26 2010 01:40 AM
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तुलसी की मौलिकता

बहुत दिनों से मेरे मन में यह प्रश्न है कि रामचरितमानस की कुछ कथायें तुलसी की स्वनिर्मित हैं या उनका स्रोत अन्य रामायणों या पुराणों में है। जैसा कि विद्वान पाठकों को ज्ञात होगा कि मानस में रामकथा चार सम्वादों में सुनाई जा रही है: १। शिव-पार्वती २।
 
Laxmi N. Gupta
Feb 19 2010 07:04 PM
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वायाग्रा का मूल

कुछ भारतीयों का विश्वास है कि भारत हर वस्तु या आविष्कार का मूल स्थान है। ऐसा विश्वास करने वालों के लिए कुछ 'तथ्य' प्रस्तुत कर रहा हूँ: १। वायाग्रा का मूल भारत है क्योंकि यह शब्द संस्कृत शब्द व्याघ्र से बना है: व्याघ्र --> व्याघ्रा -->वायाग्रा (अपभंश) २।
 
Laxmi N. Gupta
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मेषारूढ़े हनुमते

पिछले सप्ताहान्त में स्थानीय हिन्दू मन्दिर में अखंड रामायण में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। पाठ प्रारम्भ होने के पहले पुजारी जी सभी देवी देवताओं का आवाहन कर रहे थे। हनुमान जी के आवाहन में सुनाई दिया: मेषारूढ़े हनुमते मेढ़े पर चढ़े हनुमान जी का मनोचित्र
 
Laxmi N. Gupta
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पंढरपुर के विठोबा

महाराष्ट्र के पंढरपुर नामक नगर में विठोबा (विट्ठल) और रुक्मिणी का मन्दिर है। इस मन्दिर से जुड़ी हुई कहानी बड़ी अद्भुत है। कहते हैं कि पंढरपुर में पुन्डलीक नाम का एक युवक रहता था। उसकी भगवान विष्णु पर बहुत श्रद्धा थी और वह भगवान के दर्शन की इच्छा करता
 
Laxmi N. Gupta
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भगवान महावीर और शिष्य गोशालक

यह लघु कथा ओशो रजनीस की पुस्तक India My Love से ली गई है। एक बार भगवान महावीर और उनका एक शिष्य गोशालक एक गांव से गुजर रहे थे। भगवान गोशालक को समझा रहे थे कि जितना ही तुम इस अस्तित्व, इस सृष्टि के प्रति उत्तरदायी होगे उतना ही तुम अपनी आत्मा के निकट आओ
 
Laxmi N. Gupta
Dec 29 2009 11:42 AM
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सबसे सुखी कौन?

प्राचीन काल में लिडिया नामके देश (आधुनिक तुर्की का एक भाग) में क्रोसस नामका विख्यात राजा था। इस राजा के पास अपार धन- सम्पत्ति थी और उसे इस बात का बड़ा गर्व था। एक बार सोलन नाम का यूनानी राजनेता क्रोसस से मिलने आया। सोलन अपने ज्ञान, बुद्धिमत्ता और उत्
 
Laxmi N. Gupta
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मर्यादा पुरुषोत्तम

राम तुम कहलाते हो मर्यादा पुरुषोत्तम स्थापित की तुमने मर्यादायें आदर्श पुत्र की आदर्श मित्र की आदर्श पति की आदर्श शत्रु की इत्यादि, इत्यादि आदर्श पति के रूप में तुमने अपनी अपहरण की हुई पत्नी को स्वीकार करने से इन्कार किया यदि रावण ने उसके साथ जबरन बल
 
Laxmi N. Gupta
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टर्की आरती

अमेरिकन शुक्रगुजारी ( Thanksgiving) के त्योहार पर) ॐ जय टर्की देवी। जो खावैं , फल पावैं , भूख मिटे उनकी। प्राण तेरे जावैं , फिक्र नहीं उसकी। ॐ जय टर्की देवी। करुण कहानी तेरी , हम कैसे गावैं ? तेरे बलिदानों का , पार कहाँ पावैं। ॐ जय टर्की देवी। फ्रैंक
 
Laxmi N. Gupta
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समय के सागर के बुलबुले

समय के सागर के हम बुलबुले हैं कुछ क्षण चमकेंगे सूर्य के प्रकाश में कुछ क्षण लड़ेंगे पवन के थपेड़ों से नृत्य करेंगे साथ अन्य बुलबुलों के संघर्ष करेंगे कि बनी रहे हमारी हस्ती किन्तु क्षणभंगुर है हमारी हस्ती दो पल की ही है हमारी मस्ती शीघ्र ही विलीन हो
 
Laxmi N. Gupta
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जीवन के द्वन्द्व

विरह वेदना नहीं सही है जिसने मधुर मिलन का सुख आँकेगा कैसे कभी कलह की कटुता सही न जिसने प्रेम भाव का मूल्य करेगा कैसे कभी गरीबी जिसके पास न फटकी धन की कीमत वह जानेगा कैसे जिससे पीड़ा का कोई सम्बन्ध नहीं है औरों की पीड़ा वह जानेगा कैसे कभी द्वेष की लेस
 
Laxmi N. Gupta
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मैं गीत प्यार के लिखता हूँ

मैं गीत प्यार के लिखता हूँ मैं गीत दर्द के लिखता हूँ जो दर्द प्यार में मिला कभी उसके बारे में लिखता हूँ मैं गीत व्यंग्य के लिखता हूँ जो चुभें न आहत करें किन्तु मैं ऐसा व्यंग्य बोलता हूँ जो केवल हमें हँसाता है वह व्यंग्य नही कहलाता है मैं ऐसे गीत नहीं
 
Laxmi N. Gupta
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किसे पता है

आज प्रिये मधु पी लो मन भर किसे पता है कल क्या होगा देर करो मत पी लो सत्वर कल जो होगा वह कल होगा आज प्यार तुम कर लो मन भर नहीं इसे तुम छोड़ो कल पर प्रेम पन्थ पर आज चलो तुम किसे पता है कल क्या होगा पुष्पों से तुम केश सजा लो साजन को तुम गले लगा लो काल च
 
Laxmi N. Gupta
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मनुष्य जो बकरियों की तरफ घूरते हैं

आज कल एक अंग्रेज़ी पिक्चर चल रही है: Men Who Stare at Goats। मैंने यह पिक्चर नहीं देखी है किन्तु सुना है कि इसमें कुछ विशेष शक्ति वाले मनुष्य बकरियों की तरफ तब तक घूरते रहते है जब तक बिचारा जानवर हृदय-गति रुक जाने से मर नहीं जाता। इसको पढ़ कर मुझे मह
 
Laxmi N. Gupta
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भजन करि ले

तुलसीदास जी ने रामचरितमानस (बालकाण्ड) में कहा है: रहति न प्रभु चित चूक किए की। करत सुरति सय बार हिए की।। जेहि अघ बधेउ ब्याध इव बाली। फिरि सुकंठ सोइ कीन्हि कुचाली।। सोइ करतूति बिभीषन केरी। सपनेहुँ सो न राम हिय हेरी।। प्रभु के चित्त में भक्त के द्वारा
 
Laxmi N. Gupta
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भक्त की भगवान पर जीत

कल्पना करिए महाभारत युद्ध की। भीष्म पितामह पांडवों की सेना को गाजर मूली की तरह काट रहे हैं। दूसरी तरफ वही काम अर्जुन और भीम वही काम कौरव सेना पर कर रहे हैं। भगवान कृष्ण ने प्रण कर रखा है कि वे इस युद्ध में शस्त्र ग्रहण नहीं करेंगे; केवल अर्जुन के सारथी
 
Laxmi N. Gupta
Sep 23 2009 11:01 PM
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अहैतुकी कृपा

परमेश्वर ने अहैतुकी कृपा कर डालीघूस की रकम जज साहब ने खा लीमौत की घटा सर पर से टालीमौत तो क्या सजा भी नहीं हुई सालीपरमेश्वर ने----पूरी बारदात आपको सुनाता हूँमेरा राज़ है, किसी को नहीं बताता हूँहुई थी जब मेरी शादीससुर जी ने दहेज की रकम दी सिर्फ आधीबीवी ने
 
Laxmi N. Gupta
Sep 20 2009 03:15 AM
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सुलेमान की अँगूठी

सुलेमान, अंग्रेज़ी में सालोमन, हिब्रू में श्लोमो (९७१-९३१ ईसा पूर्व) यहूदियों का बहुत प्रतापी सम्राट था। इसका पिता सम्राट डेविड भी बहुत प्रख्यात था। सुलेमान ने यहूदियों के मन्दिर का निर्माण कराया। कहते हैं इसके बनाने में डेढ़ लाख विदेशी मज़दूर, तीन हजार
 
Laxmi N. Gupta
Sep 18 2009 11:21 PM
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सुमेध और सोमवन् - एक पौराणिक कथा

यह अद्भुत कथा लिंग-परिवर्तन और भक्त की महिमा के बारे में है। सच्चे भक्त की भावना को भगवान भी असफल नहीं कर सकते हैं। यह कथा स्कन्द पुराण (सन् ७००-११५० ईसवी) में आती है। एक समय वेदमित्र और सारस्वत नामके दो ब्राह्मण मित्र थे। वेदमित्र के पुत्र सुमेध और
 
Laxmi N. Gupta
Sep 17 2009 08:23 PM
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पदन पोखरिया

यह कहानी एक कहानी का अंश मात्र है, जो मेरी माँ मेरे बचपन में सुनाया करती थीं। पूरी कहानी मुझे याद नहीं है। एक बार एक बारात पैदल ही वधू के गाँव जा रही थी। बाराती रास्ता भूल गए थे। एक गाँव से गजरते हुए देखा कि कुछ लड़कियाँ एक तालाब (पोखरा) पर नहा रही थीं।
 
Laxmi N. Gupta
Sep 16 2009 10:35 PM
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वो ससुरा कछु समझत नाहीं

एक समय एक गाँव में एक ज़मीनदार (शायद अंग्रेज़ी पढ़ा लिखा) रहता था जिसे गाना सुनने का बड़ा शौक था। जो भी उसके दरवाजे से निकलता था उनसे वह गाना सुनने का अनुरोध करता था। यदि किसी ने मना किया तो ज़ोर-जबर्दस्ती भी करता था। एक बार एक किसान दम्पति उसके घर के
 
Laxmi N. Gupta
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एक लघु बोध-कथा

यह एक यहूदी परम्परा से जुड़ी जन-कथा है। कहते हैं कि जब नोआ की नाव में सभी जानवरों के जोड़े सवार हो रहे थे तब एक अजीब आकृति का जानवर आया जो नाव पर सवार होना चाहता था। उसको बताया गया कि अकेले को चढ़ने की आज्ञा नहीं है। इस जानवर का नाम असत्य था। मना किये
 
Laxmi N. Gupta
Sep 14 2009 07:54 PM
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एक बोध-कथा

यह कहानी यहूदियों की बाइबल से है। नोआ और बाढ़ की कहानी सभी को पता है। नोआ जब अपने आर्क यानी नाव में सभी जीवों के जोड़ों को कठिन यात्रा के साथ सही सलामत सूखी भूमि पर ले आया, सबसे पहले उसने अंगूर की बेलें शराब (वाइन) बनाने के लिये लगाईं। जैसे ही वे शराब
 
Laxmi N. Gupta
Sep 12 2009 05:11 AM
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सतयुग की शुरुआत

पहले यह पढ़िए: http://www.reuters.com/article/oddlyEnoughNews/idUSTRE57I45C20090819 ज़्यादातर ख़बरें जो अख़बारों में छपती हैं कलियुगी ज़माने की कुटिलता को व्यक्त करती हैं किन्तु कभी कभी कोई ऐसी ख़बर आती है जिससे लगता है सतयुग की शुरुआत होने वाली है ऐसी
 
Laxmi N. Gupta
Sep 04 2009 07:55 PM
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गधे की कीमत

क्या कभी आपने सोचा है कि गधा दुनिया का सबसे अधिक अपमानित जानवर है और इसमें इसकी अपनी कोई ग़लती नहीं है। यह बहुत ही मेहनती जानवर है जिसके बगैर कुम्हार और धोबी की जीविका नहीं चल सकती, कम से कम दक्षिण एसिया में। दिन रात बिना उफ़ किये काम करता है बस थोड़े से
 
Laxmi N. Gupta
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पापी की उम्र

यह कथा महाभारत के आदि पर्व में आती है। इसमेँ निर्धारित किया गया है कि पाप लगने के लिये पापी की न्यूनतम अवस्था क्या होनी चाहिए। प्राचीन काल में मान्डव्य नामके एक ऋषि थे। एक बार वे अपने आश्रम में एक पेड़ के नीचे तपस्या कर रहे थे। उसी समय कुछ चोर चोरी का
 
Laxmi N. Gupta
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वेश्या बनाम राजनेता

चीन में हुए एक सर्वेक्षण के अनुसार जनता ने वेश्याओं को राजनेताओं की तुलना में अधिक विश्वसनीय माना है:वेश्या बनाम राज-नेतामेरे विचार में अमेरिका में यदि ऐसा सर्वेक्षण किया जाए तो शायद ऐसा ही परिणाम निकलेगा। मैं भारत से ४० से अधिक वर्षों से बाहर रह रहा हूँ
 
Laxmi N. Gupta
Aug 06 2009 07:56 AM
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भगीरथ का जन्म

पद्मपुराण के स्वर्गखंड में एक कथा आती है जो कि आज कल समलैंगिकता के बारे में चल रहे विवाद के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण है। यह एक परम विचित्र जन्म-कथा है। भगीरथ जो गंगा को पृथ्वी पर लाए, यह कथा उनके जन्म के बारे में है। महाराज सगर के पौत्र महाराज दिलीप के कोई
 
Laxmi N. Gupta
Jul 29 2009 06:48 AM
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बन्दर-प्रशिक्षण

(पहले यह पढ़िए: http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/8168199.stm) भारत देश महान है शिक्षा देना हमारा काम है जगद्गुरु का सदा से हमारा ख़िताब है मानवों की शिक्षा में हम अग्रणी हैं बन्दरों की शिक्षा में हम शिरोमणि हैं त्रेता युग में भारत ने सिखाया था
 
Laxmi N. Gupta
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रुरु-प्रमद्वरा

महाभारत के आदि पर्व में एक बड़ी प्यारी प्रेम-कहानी आती है। एक बार गन्धर्वराज विश्वावसु और देवलोक की अप्सरा मेनका के प्रेम सम्बन्ध से एक सुन्दर कन्या का जन्म हुअा। अप्सरायें अपनी सन्तान का पालन नहीं करती हैं। इस परम्परा के अनुसार मेनका अपनी कन्या को ए
 
Laxmi N. Gupta
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साँप के दो जीभें क्यों?

आप ने कभी सोचा है कि साँप की जीभ दो भागों में बँटी क्यों होती है। वैज्ञानिक कारण तो यह है कि साँप अपनी जीभ से सूँघता है। इसको आप विस्तार से किसी जीवविज्ञान की पुस्तक में पढ़ सकते हैं। मैं यहाँ पर आपको पौराणिक कारण देने जा रहा हूँ। यह कल की प्रविष्टि
 
Laxmi N. Gupta
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कद्रू-विनता

रामचरितमानस में एक चौपाई आती है: कद्रू विनतहिं दीन दुख, तुमहिं कौशिला देब। भरत बन्दिग्रह सेइहैं, लखन राम के नेब।। मन्थरा कैकेई से कहती है: (यदि राम राजा बने तो) तुम्हें कौशल्या वैसे ही दु:ख देगी जैसे कद्रू ने विनता को दिया था। भरत वन्दीगृह का सेवन कर
 
Laxmi N. Gupta