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देश-दुनिया

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14 Mar 2010
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हैप्पी पाइ डे !

14 मार्च को गणित के एक महत्वपूर्ण पात्र के दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, ये आज एक अख़बार में छपे लेख से पता चला. जी हाँ, हर साल 14 मार्च को पाइ दिवस (Pi Day) के रूप में मनाया जाता है. इंटरनेट पर सर्च किया तो पता चला ये 22वाँ पाइ दिवस है. किसने
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भारत के ग़लत नक़्शों के कुछ नमूने

भारत के ग़लत नक़्शे के विवाद की कुछ ख़बरें पढ़ने के बाद मैंने इस बारे में वेब पर कुछ देर सर्च किया. मुख्य तथ्य ये सामने आया कि पाकिस्तान और चीन की छोड़ दें तो भारत के मानचित्र का सर्वाधिक ग़लत चित्रण अमरीका करता है. वही अमरीका, आजकल जिसके साथ गाढ़ी
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सवाल-जवाब: ओलम्पिक मशाल

क्या ये सच है कि नाज़ियों ने ओलम्पिक मशाल दौड़ की शुरुआत की थी? हाँ, मौजूदा रूप में मशाल दौड़ की शुरुआत 1936 के बर्लिन ओलम्पिक के दौरान हुई थी. माना जाता है कि हिटलर के प्रचार मंत्री जोज़ेफ़ गोयबल्स को मशाल दौड़ की योजना डॉ. कार्ल डीम ने बताई थी. डीम
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चाइना रेडियो की एक रिपोर्ट

मीडिया के लिए पूरी तरह नहीं खुले किसी देश का सूचना-प्रवाह सत्य से कितना दूर हो सकता है, उसकी मिसाल चाइना रेडियो इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में देखा जा सकता है, जिसे हिंदी श्रोताओं/पाठकों के लिए प्रस्तुत किया गया. मैंने सुना था कि चीनी मीडिया या तो अपनी
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नाम के पीछे क्या है? (3)

गतांक से आगे... Lego - खिलौनों के रूप में प्लास्टिक की ईंटें और अन्य तरह के ब्लॉक बनाने वाली इस कंपनी का नाम डेनिश भाषा के मुहावरे leg godt से आया है, जिसका मतलब होता है Play Well. वैसे लैटिन में Lego का मतलब होता है I Construct जो कि इसके उत्पादों क
Dec 29 2009 11:46 AM
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नाम के पीछे क्या है? (2)

गतांक से आगे... BASF - इस जर्मन रसायन कंपनी का नाम Badische Anilin und Soda Fabrik से लिया गया है. इसमें BASF के शुरूआती उत्पादों और उत्पादन स्थल का समावेश है. यानि जर्मनी के बाडेन प्रांत स्थिति एनलिन और सोडा बनाने वाली कंपनी. BMW - Bayerische Motore
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नाम के पीछे क्या है?

हर नाम का आमतौर पर कुछ-न-कुछ मतलब होता है. और, जब बात किसी बड़ी कंपनी का या किसी प्रसिद्ध ब्रांड का हो, तब तो नाम के पीछे का मतलब कुछ ज़्यादा ही महत्वपूर्ण हो जाता है. आइए ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध ब्रांडों के नामाकरण पर ग़ौर करते हैं- Adidas - खेल सामग्रि
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...इसलिए धरती नष्ट नहीं होगी!

पिछले कुछ महीनों से जैसे-जैसे अब तक के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग की उल्टी गिनती ने ज़ोर पकड़ी, इस प्रयोग के चलते ब्लैकहोल उत्पन्न होने और उसमें धरती के समा जाने की प्रलयवाणी भी तेज़ हो गई. और आज 10 सितंबर 2008 को फ़्रांस-स्विटज़रलैंड क
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आज़ादी से पहले का वृहद भारत

प्रस्तुत है अविभाजित भारत का एक विस्तृत मानचित्र. आज जबकि कश्मीर के बहाने भारत के और टुकड़े करने की खुल कर माँग की जाने लगी हो, अप्रैल 1946 का यह मानचित्र पहले से कहीं ज़्यादा संग्रहणीय हो जाता है. (कृपया बड़े आकार में देखने के लिए मानचित्र पर क्लिक
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बालू से तेल निकालने में जुटा दैत्य

बालू से तेल निकालने के मुहावरे को भले ही किसी असंभव काम के संदर्भ में प्रयुक्त किया जाता हो, लेकिन सचमुच में ऐसा होता है और ख़ूब हो रहा है. ख़ास कर कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में. कनाडा के तेल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा बालू से निकाले गए तेल का है. वहाँ
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स्वास्थ्यवर्द्धक ब्लॉगिंग

अब से सवा तीन साल पहले जब मैंने ख़ुद का एक ब्लॉग बनाया तो उस समय मेरे लिए इस उद्यम के मुख्य उद्देश्य थे- विभिन्न विषयों पर अपनी राय सामने रखना, तथा उपयोगी/रोचक जानकारियों को सरल भाषा में लोगों तक पहुँचाना. ये सपने में भी नहीं सोचा था कि ब्लॉगिंग के म
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निम चिम्पस्की की करूण कथा

बन्दरों पर पंकज अवधिया जी का रोचक शोध पढ़ने के तुरंत बाद एक चिंपांज़ी पर हुए दुखद शोध के बारे में पढ़ने का मौक़ा मिला. ये कहानी है निम चिम्पस्की नामक चिंपांज़ी की. मशहूर भाषाविद नोम चोम्स्की के नाम पर उसे ये पहचान दी गई थी. बात है 1973 की, जब अमरीका
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राज़ खोलो, पहचान गुप्त रहेगी

अमरीका का GPS-निर्देशित स्मार्ट बम किस हद तक सटीक निशाना साधता है? इसके निशाने से कितना दूर तक छिटकने के आसार होते हैं? ये सारी सूचनाएँ इंटरनेट पर उपलब्ध हैं. पेंटागन के खुलेपन के कारण नहीं, बल्कि विकिलीक्स के सौजन्य से. वर्ष 2002 के इस दस्तावेज़ को
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अत्यंत जटिल है जलदस्यु समस्या

जलदस्यु समस्या सोमालिया के पास ही क्यों? इसके दो प्रमुख कारण हैं- पहला सोमालिया में किसी प्रभावी सरकार का नहीं होना, और दूसरा सोमालिया से लगे समुद्र से होकर होने वाला विशद समुद्री व्यापार. पहले कारण की बात करें तो पिछले दो दशकों से सोमालिया में सरकार
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वित्तीय संकट और काला हंस

विकसित देशों को पूरी तरह गिरफ़्त में ले चुके वैश्विक वित्तीय संकट को अब पूरी दुनिया महसूस कर रही है, लेकिन इस संकट को समझना अब भी बहुत दुष्कर माना जा रहा है. बड़े-बड़े अर्थशास्त्री और बाज़ार-विशेषज्ञ अभी तक ये तय नहीं कर पाए हैं कि वित्तीय संकट का अस
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गांधीजी चले चे ग्वेरा की राह

गांधीजी और चे ग्वेरा की सिर्फ़ इस बात को लेकर तुलना हो सकती है कि दोनों ने ही शोषण की व्यवस्था का विरोध किया, दोनों ने ही स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी. लेकिन इसके आगे शायद दोनों के बीच और कोई बड़ी समानता नहीं थी. मसलन गांधीजी अहिंसा के पुजारी थे, तो चे क
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आया नैनोफ़ोबिया का दौर

विज्ञान में आस्था रखने वालों की यदि दुनिया में कमी नहीं है, तो विज्ञान के अनपेक्षित प्रभावों को लेकर डरने वालों की भी बहुत बड़ी संख्या है. ब्रह्मांड की आरंभिक अवस्था जैसी स्थिति पैदा करने वाली महामशीन Large Hadron Collider में कुछ ख़राबी आने के कारण
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पाब्लो नेरुदा का सागर प्रेम

पाब्लो नेरुदा को काम भावनाएँ जगाने वाली प्रेम कविताओं के लिए तो जाना जाता है ही, उनकी प्रसिद्धि प्रकृति के कवि के रूप में भी है.(समर्पित साम्यवादी पाब्लो नेरुदा एक कुशल राजनयिक भी रहे थे.) नेरुदा की कविताओं को पढ़ने के बाद कोई संदेह नहीं रह जाता है क
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भारतीय पुलिस ने भी ख़रीदी है जादुई छड़ी?

ब्रिटेन में इन दिनों इराक़ युद्ध के बारे में एक जाँच आयोग की सुनवाई में ये बात एक बार फिर स्पष्ट हो रही है कि 11 सितंबर 2001 के हमलों से कई महीने पहले से ही अमरीका इराक़ पर हमले की योजना बना रहा था. ज़ाहिर है अमरीकी सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा या ईरान को
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विकल्प जिओ-इंजीनियरिंग के

जिओ-इंजीनियरिंग या भू-यांत्रिकी अभी तक सिद्धांतों तक ही सीमित है. लेकिन पिछले हफ़्ते ब्रिटेन के इंस्टीट्यूशन ऑफ़ मेकेनिकल इंजीनियर्स(आईमेकई) की रिपोर्ट को देखने के बाद लगता है कि अभी से दशक भर के अंतराल में इसे व्यावहारिक धरातल पर उतारा जाना संभव
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मिस्टर आइडिया

डोमिनिक विलकॉक्स को मीडिया में Ideas Man कहा जाता है, लेकिन वे अपने आपको एक सामान्य ज़िंदगी जीने वाला आम आदमी बताते हैं. ब्रिटेन में एडिनबरा कॉलेज ऑफ़ आर्ट और रॉयल कॉलेज ऑफ़ आर्ट से पढ़ाई करने वाले विलकॉक्स अपने अनुभव और अपनी कल्पना शक्ति के घालमेल से
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अपोलो अभियान के फ़ायदे और नुक़सान

आज से ठीक तीन हफ़्ते बाद अमरीका और विज्ञान में आस्था रखने वाले पूरी दुनिया के लोग चाँद पर मानव के क़दम पड़ने की 40वीं वर्षगांठ मनाएँगे. लेकिन ये मौक़ा उस गौरवशाली पल को याद करने के साथ-साथ इस बात पर पुनर्विचार करने का भी होगा कि अपोलो अभियान से क्या
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ग्लोबल वार्मिंग का मुक़ाबला सफ़ेदी पोत के

ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से पार पाने के लिए तरह-तरह के ऊपाय बताए जाते हैं, जैसे- जैव ईंधन का कम प्रयोग, जल विद्युत और नाभिकीय ऊर्जा को बढ़ावा, सस्ते और टिकाऊ सौर-पैनलों का विकास आदि-आदि. लेकिन अमरीका के ऊर्जा मंत्री डॉ. स्टीफ़न चू ने ग्लोबल वार्मिंग
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स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियों के ख़तरे

स्वास्थ्य संबंधी चेतावनियाँ कितनी ख़तरनाक होती हैं, इसका अहसास अक्सर होता है जब किसी परिजन या मित्र से ये सुनता हूँ कि अमुक दवाई, फलाँ साइडइफ़ेक्ट के कारण से नहीं लेनी चाहिए. किसी दवाई के सर्वविदित या शत-प्रतिशत सेवनकर्ताओं में होने वाले साइडइफ़ेक्ट(
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बड़ी संख्याओं की बड़ी दुनिया

बड़ी संख्याओं की अपनी ही एक बड़ी दुनिया है. इस दुनिया में मिलियन, बिलियन और ट्रिलियन जैसी भारी-भरकम संख्याओं की चर्चा होती है. पहले मिलियन-बिलियन से ऊपर की संख्याएँ आम समाचारों में कभी-कभार ही दिखती थीं, लेकिन हाल के दिनों में ट्रिलियन या खरब वाले आं
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वैलेंटाइन्स डे का बढ़ता विरोध

मैं न तो दिलजला हूँ, और न ही बजरंग दल या तालेबान जैसे गुटों से मुझे कोई सहानुभूति है. हाँ, 14 फ़रवरी को जिस तरह बाज़ारवाद नंगा होकर नाचता है, उसे देख कर थोड़ी चिढ़ ज़रूर होती है. ऐसे में बाज़ारवाद का मंगलगान करने में सबसे आगे रहने वाले अख़बार वॉल स्ट
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उपग्रहीय चित्रों का बेवज़ह डर

पिछले दिनों अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के शपथ-ग्रहण समारोह के समय की उपग्रहीय तस्वीर सार्वजनिक की गई. इसमें जहाँ वाशिंग्टन डीसी के राजपथ पर उमड़े जनसैलाब का विहंगम दृश्य चकित करने वाला लगता है. वहीं यदि कोई चाहे तो चित्र से उसे सुरक्षा व्यवस्था का