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19 May 2010
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किस जमीन की तलाश है समाजवादियों को !

लोहिया से मुलायम तक समाजवादियों का सफर निरंतर बिखराव का ही रहा है। लोहिया से जयप्रकाश तक तो विचारधारा की लौ टिमटिमाती रही। आगे के सफर में यह मशाल अब नए दौर के समाजवादी नेता मुलायम सिंह के हाथों में है। उनकी समाजवादी पार्टीं तो है, मगर समाजवादी विचारधारा
 
Dr. Mandhata Singh
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जनगणना व्यथा-- इनकी कौन सुनेगा ?

जनगणना का कार्य बहुत महत्वपूर्ण है। यह जनगणना देश की सुरक्षा, आर्थिक प्रगति और देश के विकास के संबंध में भी महत्वपूर्ण है। पहले चरण में मकानों का सूचीकरण 16 मई से 30 जून तक किया जाएगा। जिसमें मकानों का नजरी नक्शा तैयार करना, मकानों पर नंबर डालना, मकानों
 
Dr. Mandhata Singh
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बड़ी गड़बड़ियां भी होंगी जनगणना-२०११ में ?

भारत के सभी नागरिकों की पहचान तय करने के लिए जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मगर इसके बारें में सरकार ने ठीक से प्रचार मुहिम नहीं चलाई है। यह लोगों को ठीक से पता भी नहीं है कि किस आधार पर जनगणना के लिए आपके घर आने वाले जनगणना कर्मचारी यह पहचान करेंगे
 
Dr. Mandhata Singh
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नक्सलवाड़ी आंदोलन के जनक कानू सान्याल ने आत्महत्या कर ली

नक्सली नेता कानू सान्याल के नक्सलबाड़ी स्थित घर से उनका शव मिला है। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने आत्महत्या किया है। कहा जा रहा है कि नक्सल आंदोलन के जनक कानू सान्याल ने सिलीगुड़ी से 25 किलोमीटर दूर स्थित गांव के अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वे
 
डा. मान्धाता सिंह
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महिला आरक्षण विरोध की अबूझ पहेली

महिला आरक्षण विधेयक कैसे मुसलमानों और दलितों के अधिकारों को छीनने की साजिश है, यह बात अब विरोध कर रही पार्टियों को अपने वोट बैंक को समझाना होगा। हालांकि जब संसद में सपा प्रमुख मुलायम यादव आज सुबह जा रहे थे तो प्रवेश द्वार के पास ही जमा पत्रकारों ने पूछा
 
डा.मान्धाता सिंह
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महिला दिवस और महिला आरक्षण

सोमवार ८ मार्च को यानी महिला दिवस के मौके पर देश का उच्च सदन महिला आरक्षण के जरिए तमाम विरोध के बावजूद एक नया इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ा है। राजनीतिक विरोध की अपनी गणित और मजबूरियां होती हैं। इसमें जनमत बटोरने और सत्ता लाभ के लिए कभी-कभी सही बातों का
 
डा.मान्धाता सिंह
Mar 07 2010 08:11 PM
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हर की पौड़ीः अपनी जिम्मेदारी भी समझें श्रद्धालु

सभी ब्लागर साथियों व पाठकों को नए साल २०१० की शुभकामनाएं। नया साल शुरू होने से कुछ पहले ही मैंने हरिद्वार हर की पौड़ी, और वहीं ऊंचे पहाड़ पर अवस्थित मां मनसा देवी के मंदिर की यात्रा की थी। यात्रा तो इसके बाद देहरादून की भी की थी मगर फोटो सिर्फ हरिद्वार
 
डा.मान्धाता सिंह
टैग: कुंभ
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लोकतात्रिक सरकार का जनविरोधी राजशाही चरित्र

अगर इतिहास की बात करें तो भारत के विभिन्न भूभागों में शासन कर रहे कई राजाओं को इतिहास के वर्तमान मूल्यांकन में जनविरोधी, आततायी इसी लिए कहा गया क्यों कि उन्होंने बेरहमी से जनता से जाजिया, जकात जैसे कर वसूले और उसे अपनी जरूरतों और विलासिता पर खर्च किय
 
डा.मान्धाता सिंह
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जल्द अमीर बनने का ख्वाब भी टूटा !

दावे चाहे जितना करें मगर यह कड़वा सच है कि दुबई में छोटी-मोटी नौकरियों के सहारे गुजर-बसर कररहे भारतीय परिवारों पर तो संकट के बादल मंडराने लगे हैं। किसी बड़े आंकड़े के चक्कर में न पड़कर सिर्फ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सामान्य लोग इससे कितने प्रभावित
 
डा.मान्धाता सिंह
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अन्नदाता का संकट कब समझेगी सरकार ?

किसानों की परेशानियों-दुखों के प्रति कभी सचेत नहीं रही है सरकार। लगभग हर अनाज को किसानों को औने-पौने भाव में बेचना मजबूरी है। अपना अनाज तो उसे सस्ता बेचना पड़ता है मगर बाजार में वहीं अनाज का भाव आसमान छूने लगता है। यह लाभ किसान ले सके, इसकी कभी किसी
 
डा.मान्धाता सिंह
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लालू की रेल पर ममता का श्वेतपत्र

भारतीय रेल पर बहुप्रतीक्षित श्वेत पत्र संसद के आगामी सत्र में पेश होने की संभावना है जिसमें रेलवे की वित्तीय स्थिति और लालू प्रसाद के रेलवे में आमूल परिवर्तन के दावे की असलियत दिख सकती है। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा यह :श्वेत पत्र: लगभग तैयार
 
डा.मान्धाता सिंह
टैग: ममता
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हमसे ओझल हुआ पत्रकारिता जगत का सितारा प्रभाष जोशी !

अभी कल ( पांच नवंबर) रात की ही बात है जब सचिन ने अपना ४५वां शतक और अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय में १७ हजार से ज्यादा का आंकड़ा पार किया। हमें अब सचिन की उपलब्धि से ज्यादा उत्सुकता इस बात की थी कि भारत की मामूली रनों से हार और सचिन की शानदार बल्लेबाजी पर प
 
डा.मान्धाता सिंह
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समुद्र में विलीन हो जाएंगे कई देश !

फिजी के एक वैज्ञानिक ने चेतावनी दी है कि समुद्र के बढ़ते जलस्तर से प्रशांत क्षेत्र के कई द्वीपों के जलमग्न होने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि कोपेनहेगन में होने जा रहे जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में इन द्वीपों को पुनर्वास सहायता की मांग
 
डा.मान्धाता सिंह
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अनाज कम पड़ जाएगा, लोग भूखे रह जाएंगे ?

भारत एक विषम संकट में फंस सकता है अगर खेती की जमीन को उद्योग धंधों को खड़ा करने की मुहिम में अंधाधुंध इस्तेमाल में परहेज नहीं बरता गया। अभी कहा जा रहा है कि उद्योग धंधो के बिना पूरा विकास संभव नहीं है। इस उद्देश्य की पूर्ति में खेती की उपजाऊ जमान पर
 
डा.मान्धाता सिंह
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फिर भौंका चीन

चीन ने अभी ३ अक्तूबर को प्रधानमंत्री के अरूणांचल दौरे पर भौंका और पिछले साल भी प्रधानमंत्री की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर विरोध जताया था। पिछले साल प्रधानमंत्री चीन से लौटने के बाद 31 जनवरी और 1 फरवरी को अरुणाचल के दौरे पर गए थे। चीन ने निर्वासित आध
 
डा.मान्धाता सिंह
टैग: चीन
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लालगढ़- नंदीग्राम के बाद अब एक और खूनी जंग की आशंका

सिंगुर और नंदीग्राम में सरकार का विपक्ष ने जमीन अधिग्रहण के कारण जो विरोध किया था उसे रोकने में सरकार ने सख्ती का जो रवैया अपनाया था उसकी चरम परिणति भारी पैमानों पर खूनखराबे में बदल गई। दोनों तरफ इलाके में दबदबा कायम रखने की छिड़ी जंग में ताकतवर माकप
 
डा.मान्धाता सिंह
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कहां चले गए गोरख पांडेय के जांबाज ?

गोरख पांडेय। एक जीवट का शख्स। समाजवाद बबुआ धीरे-धीरे आई............। जब भी गुनगुनाता हूं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र जीवन के वो दिन याद आ जाते हैं जब बिरला छात्रावास में इनकी चर्चाएं हुआ करती थीं। हम संबंधित गोष्ठियों में जाया करते थे। यद्यपि म
 
डा.मान्धाता सिंह
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मार्तंड से शुरू होकर पैसे लेकर खबरें छापने तक हिंदी पत्रकारिता

तीस मई। हिंदी पत्रकारिता के इतिहास के १८३ साल। कोलकाता से पहला हिंदी पत्र उदंत मार्तण्ड ३० मई 1826 में शुरू हुआ। इससे बहुत पहले वर्ष 1780 में यहीं से जेम्स आगस्टस हिक्की ने बंगाल गजट या कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर शुरू कर अंग्रेजी पत्रकारिता की शुरुआत कर
 
डा.मान्धाता सिंह
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बंगाल को छीन लेने की राजनीतिक होड़

पश्चिम बंगाल आइला के तांडव के बाद तृणमूल और वाममोर्चा सरकार दोनों में जनता से सहानुभूति बटोरने की होड़ लग गई है। मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य जामतला समेत कई ग्रामीण इलाकों में पीड़ितों से हालचाल पूछते नजर आए तो ममता बनर्जी सुंदरवन इलाके के दौरे पर
 
डा.मान्धाता सिंह
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प्रभाकरण - तमिलों का मसीहा और श्रीलंका का विद्रोही

प्रभाकरण के मारे जाने की खबर ने श्रीलंका सरकार को काफी राहत पहुंचाई है मगर उसके चाहने वाले दुखी भी हैं। यह ठीक वैसा ही है जैसे कश्मीर में मारे गए उग्रवादी भारतीयों के लिए तो उग्रवादी ही होते हैं मगर जिहादियों के लिे शहीद होते हैं। देश, राष्ट्र और विश
 
डा.मान्धाता सिंह
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प्रभाकरण - तमिलों का मसीहा और श्रीलंका का विद्रोही

पहेली बनी रही प्रभाकरण की ज़िंदगी श्रीलंका के पूर्वोत्तर इलाक़े में एक छोटे से क़स्बे में वेलुपिल्लई प्रभाकरण का उदय हुआ और तमिलों के लिए अलग 'होमलैंड' की माँग को पूरा करने के लिए उन्होंने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (एलटीटीई) का गठन किया. उनकी पहचा
 
डा.मान्धाता सिंह
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स्लमडाग मिलेनियर बहुत खराब फिल्म : मृणाल सेन

देर से ही सही एक बड़े फिल्म निर्देशक मृणाल सेन ने बहुचर्चित आठ आस्कर अवार्ड जीत चुकी फिल्म स्लमडाग मिलिनेयर को खराब फिल्म कहा। वैसे तो फिल्म पर तमाम सवाल उठाए जा चुके हैं मगर ताज्जुब यह है कि मृणाल सेन ने अपनी यह राय इतनी देर से दी। अपने जन्मदिन के म
 
डा.मान्धाता सिंह
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सभी चैनलों के सर्वे : किसकी बनेगी सरकार

नई दिल्ली ।। पांचवें और आखिरी दौर की वोटिंग खत्म होने के साथ ही अटकलें चरम पर पहुंच गई हैं कि कौन सरकार बनाएगा। कई टीवी चैनल्स ने वोटिंग के बाद वोटर सर्वे के जरिए अलग - अलग दलों की सीटों के बारे में अटकलें जाहिर की हैं। पार्टी / चैनल हेडलाइंस टुडे स्
 
डा.मान्धाता सिंह
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पैसे लेकर ख़बर छापने का पैकेज

पैसे लेकर ख़बर छापने का पैकेज इस चुनाव में पत्रकारिता का पैसे कमाने का नया हथकंडा बना । कैसे और क्या हुआ इसे आप भी जानना चाहते होंगे । जनसत्ता हिन्दी दैनिक में वरिष्ठ पत्रकार व चिन्तक प्रभाष जोशी ने इस रहस्य से परदा उठाया है। आप भी जानिए क्या है चुना
 
डा.मान्धाता सिंह
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पत्रकारिता की दुनिया में हैं कई और विसंगतियां

पत्रकारिता की दुनिया में हैं कई और विसंगतियां पत्रकारिता की दुनिया में कई और विसंगतियां हैं। मसलन अखबार निकालने और खबरों को संपादित करके एक बेहतर तेवर देने वाले संपादक भी पत्रकारिता के ही काम करतेहैं मगर उन्हें शासन की तरफ से मान्यता प्राप्त पत्रकारो
 
डा.मान्धाता सिंह
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पत्रकारिता की दुनिया में कई और विसंगतियां

पत्रकारिता की दुनिया में कई और विसंगतियां हैं। मसलन अखबार निकालने और खबरों को संपादित करके एक बेहतर तेवर देने वाले संपादक भी पत्रकारिता के ही काम करतेहैं मगर उन्हें शासन की तरफ से मान्यता प्राप्त पत्रकारों की श्रेणी में नहीं रखा जाता। उपसंपादक से लेक
 
डा.मान्धाता सिंह
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15 अप्रैल से बेकार हो जाएँगे 2.5 करोड़ मोबाइल हैंडसेट

देश में बिना मोबाइल उपकरण पहचान संख्या (आईएमईआई) वाले करीब 2.5 करोड़ मोबाइल हैंडसेट आगामी 15 अप्रैल से बेकार हो जाएँगे। एयरटेल और वोडाफोन सहित जीएसएम सेवा उपलब्ध कराने वाली कई कंपनियाँ ऐसे हैंडसेटों को कनेक्टिविटी न देने का अभियान शुरू करने जा रही हैं
 
डा.मान्धाता सिंह
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वादा तेरा वादा, वादे पे तेरे..............।

लगभग सभी दलों ने जनता से वोट पाने के लिए वादे कर डाले हैं। सिर्फ पांच साल बाद ही वादों का यह मेला लगता है। और हर बार जनता को मूर्ख बनाने के भरपूर प्रयास ( वायदे ) यह सोचकर किए जाते हैं कि जनता को पिछला कुछ याद नहीं रहता। बेचारी जनता भी आखिर भूले नहीं
 
डा.मान्धाता सिंह
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वरुण गांधी की भड़ास

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार वरुण गांधी को चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में नोटिस जारी किया गया है.चुनाव आयोग ने वरुण गांधी को नोटिस जारी कर उनपर लगाए गए भड़काऊ भाषण देने और सदभाव बिगाड़ने के कथित आरोपो
 
डा.मान्धाता सिंह
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देखी हमरी काशी की होली !

आप सभी को होली की शुभकामनाएं। होली आते ही बरबस काशी के वो दिन याद आ जाते हैं जब भांग के नशे में धुत्त अस्सी पर हो रहे कवि सम्मेलन में झुंड बनाकर हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए घूमते रहते थे। शाम को अस्सी के कवि सम्मेलन में वैसे तो सभी भद्र ही जुटते
 
डा.मान्धाता सिंह
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२२ नकली विश्वविद्यालयों से सावधान

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देशभर के २२ जाली विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है। इनमें सबसे ज्यादा उत्तरप्रदेश में नौ और राजधानी दिल्ली में छह हैं। इसके बाद बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एक-एक हैं। इनकी सू
 
डा.मान्धाता सिंह
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बाबा रामदेव का देश की जनता से वादा

योगाचार्य स्वामी रामदेव ने स्पष्ट कहा है कि वे सक्रिय राजनीति में नहीं आएँगे, लेकिन इससे बाहर रहकर देश की सत्ता राष्ट्रवादी, पराक्रमी, पारदर्शी, दूरदर्शी, मानवतावादी, अध्यात्मवादी व विनयशील देशभक्त एवं ईमानदार लोगों के हाथों सौंपकर एक शक्तिशाली लोकता
 
डा.मान्धाता सिंह
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बंगाल और झारखंड के हिंदी ब्लागरों से अपील ​​

बंगाल और झारखंड के हिंदी ब्लागरों से अपील ​​ ​ रांची में कोलकाता और झारखंड को हिंदी ब्लागरों का सम्मेलन २२ फरवरी को होने जा रहा है।​​ ​क्या आप इसमें शामिल होना चाहते हैं। तो आप सादर आमंत्रित हैं। आयोजक की अपील व आमंत्रण भी इस मेल के साथ अटैच है। आप च
 
डा.मान्धाता सिंह
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वोट और सत्ता के चक्रव्यूह में फँसी हिंदी

दुनियां में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में हिंदी तीसरे नंबर पर है मगर भारत में ही उसकी दुर्दशा किसी से छुपी नहीं है। राजभाषा होने के कारण इसके नाम पर सरकारी अनुदानों और बजट की लूटखसोट तो खूब होती मगर विकास का ग्राफ निरंतर नीचे ही गिरता जा रहा है।
 
डा.मान्धाता सिंह
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​बहस- ब्लॉग में आखिर क्या लिखा जाना चाहिए ?

हिंदी ब्लागर आजकल इस आलोचना के ज्यादा शिकार हैं कि वे स्तरीय नहीं हैं। या फिर कुछ भी अनाप-शनाप पोस्ट करते रहते हैं। यह सवाल तब खड़ा हुआ है जब हिंदी में ब्लागरों की जमात तेजी से बढ़ी है या फि कुछ सामुदायिक ब्लाग ने रेटिंग में स्तरीय ब्लागरों को पीछे छ
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बांग्लादेश में हिंदू

बांग्लादेश की राजधानी का पुराना इलाका बिलकुल दिल्ली के चाँदनी चौक जैसा दिखाई देता है। वही सँकरी गलियाँ और छोटी-छोटी दुकानें। यहाँ के ताते बाजार और शाखारी बाजार में कई हिंदू रहते हैं। जगह-जगह हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें दिख जाती हैं। यहाँ के जगन्ना
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भारत को नरेंद्र मोदी ही क्यों चाहिए ?

भारत को नरेंद्र मोदी ही क्यों चाहिए ? इस सवाल पर आपके या किसी राजनैतिक सरोकार रखने वाले व्यक्ति के जवाब जो हों मगर एक पत्रकार सुहेल सेठ ने इसका जवाब अपनी नजर से ढूंढा है। १९ अक्तूबर को मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने जो लेख लिखा उसमें मोदी संहारक नही
 
डा.मान्धाता सिंह
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भविष्य के लिए बुनें सपने

सामयिक कैरियर चुनना एक मुश्किल काम है। अगर इसमें मित्रों या माता-पिता के सुझावों को भी मिला दिया जाए तो ऐसी भ्रामक स्थिति पैदा हो जाती है जिसके कोई फैसला लेना भी लगभग असंभव हो जाता है। यहां हम कुछ तरीके बताने जा रहे हैं जिससे न सिर्फ उचित कैरियर चुना
 
डा.मान्धाता सिंह