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11 Jun 2010
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हबीब तनवीर के ख्‍यात नाचा कलाकार गोविंद निर्मलकर लौटाएंगे पद्मश्री

आज के सांध्‍य दैनिक में इस समाचार को पढ़कर मैं सकते में आ गया अभी दो दिन पहले ही हबीब तनवीर जी की पुण्‍यतिथि पर साथी ब्‍लॉगरों नें पोस्‍ट लगाया और भाइयों नें टिप्‍पणियां भी की और ताने भी मारे कि हबीब जी की पुण्‍य तिथि छत्‍तीसगढ़ को याद रखना चाहिए. यद्धपि
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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शिखर शोध निदेशक डॉ. विनयकुमार पाठक

विद्यालयीन प्राध्‍यापक, साहित्‍यकार, समीक्षक, कवि डॉ. श्री विनयकुमार पाठक का आज जन्‍म दिन है. मेरे इस ब्‍लॉग के पाठकों को इसी बहाने आज आदरणीय डॉ. विनयकुमार पाठक जी को स्‍वयं जानने और आपको जनवाने का प्रयास कर रहा हूं. पाठक जी का जन्‍म 11 जून 1946 को
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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क्‍या नशेबो फराज थे तनवीर, जिन्‍दगी आपने गुजार ही दी : यादें हबीब तनवीर

सात साल की उम्र में ‘मोहब्‍बत के फूल’ नाटक को देखकर एक बालक के मन में अभिनय की ललक जो जागृत हुई वह निरंतर रही, बालक नाचते गाते अपनी तोतली जुबान में नाटकों के डायलागों को हकलाते दुहराते बढते रहा। उसके बाल मन में पुष्पित अभिनय का स्‍वप्‍न शेक्‍शपीयर की
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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कवि गोपाल मिश्र : हिन्‍दी काव्‍य परंपरा की दृष्टि से छत्‍तीसगढ़ के वाल्‍मीकि

हमने अपने पिछले पोस्‍ट में कवि गोपाल मिश्र की कृति खूब तमाशा की पृष्‍टभूमि के संबंध में लिखा है। उस समय भारत में औरंगजेब का शासन काल था एवं देश में औरंगजेब की की दमनकारी नीतियों का दबे स्‍वरो में विरोध भी हो रहा था। खूब तमाशा में कवि की मूल संवेदना
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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कलचुरी काल में राजसत्‍ता का तमाशा : खूब तमाशा

जनवरी 2008 में हमने अपने आरंभ में किस्‍सानुमा छत्‍तीसगढ़ के इतिहास के संबंध में संक्षिप्‍त जानकारी की कड़ी प्रस्‍तुत की थी तब छत्‍तीसगढ़ के इतिहास पर कुछ पुस्‍तकों का अध्‍ययन किया था। हमारी रूचि साहित्‍य में है इस कारण इतिहास के साहित्‍य पक्ष पर हमारा
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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विलुप्‍त होते लोकगीतों को बचाओ

भरथरी गायिका रेखा देवी जलक्षत्री की मन की व्यथाछत्तीसगढ़ की जानी-मानी लोकगायिका रेखा देवी जलक्षत्री पारम्परिक लोकगीतों की उपेक्षा को लेकर चितिंत हैं। उनका मानना है कि नौसिखीए कलाकारों ने छोटी-छोटी मंडली बनाकर लोकगीतों की जगह फूहड़ गीतों को मंच में परोसना
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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ललित शर्मा जी दिल्‍ली में ........

दिल्‍ली से आ रही खबरों के अनुसार ललित शर्मा जी पुरानी दिल्ली रेल्वे स्टेशन पर देखे गए है ......  पाबला जी का मोबाईल आउट आफ कवरेज बता रहा है ....... क्‍या हो रहा है दिल्‍ली में जो दिग्‍गज ब्‍लॉगर दिल्‍ली कूच कर रहे हैं.
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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मईनखे बर मईनखे के स्वारथ खातिर !

छत्‍तीसगढ़ की वर्तमान परिस्थिति में नक्‍सली हिंसा और इससे निबटने की जुगत लगाते बयानबाज नेताओं की जुगाली ही मुख्‍य मुद्दा है. हर बड़े घटनाओं के बाद समाचार पत्र रंग जाते हैं और बयानबाजी, कमजोरियों, गलतियों का पिटारा खुल जाता है. दो चार दिन दिखावटी मातम
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
May 19 2010 04:22 PM
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बेकसूरों की हत्याओं पर कलम का मौन दर्ज करेगा इतिहास : कनक तिवारी

बस्तर में सुकमा-दंतेवाड़ा मार्ग पर यात्री बस को बारूदी सुरंग विस्फोट से उड़ाकर नक्सालियों ने निर्दोष नागरिकों सहित 36 लोगों (संख्या परिवर्तनीय है) की निर्मम हत्या कर दी। यह एक माह में तीसरी बड़ी घटना है। राज्य का पुलिस और खुफिया तंत्रसवालों के घेरे में
 
Animesh Tiwari
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बारूद की गंध से, नक्सली आतंक से पेड़ों की आपस में बातचीत बंद है

कल बस्‍तर में हुए बारूदी विष्‍फोट में क्षत-विक्षत 50 मानव लाशो से टीवी के द्वारा आपका भी सामना हुआ होगा। दिन प्रतिदिन घट रही ऐसी दर्दनाक घटनाओं,  करूणा और आक्रोश के स्‍थानीय हालातों में हिन्‍दी ब्‍लाग जगत में भी रहने का मन नहीं लग रहा है, कुछ दिनों
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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बस्‍तर के पर्याय : गुलशेर अहमद खॉं ‘शानी’

लेखन की दुनियां में बस्‍तर सदैव लोगों के आर्कषण का केन्‍द्र रहा है। अंग्रेजी और हिन्‍दी में उपलब्‍ध बस्‍तर साहित्‍य के द्वारा संपूर्ण विश्‍व नें बस्‍तर की प्राकृतिक छटा और निच्‍छल आदिवासियों को समझने-बूझने का प्रयास किया है। साठ के दसक में छत्‍तीसगढ़ के
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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छत्‍तीसगढ़ के प्रथम मानवशास्‍त्री - डॉ. इन्‍द्रजीत सिंह

'जनजातीय समुदाय के उत्‍थान और विकास का कार्य ऐसे लोगों के हाथों होना चाहिए, जो उनके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्‍य और सामाजिक व्‍यवस्‍था को पूरी सहानुभूति के साथ समझ सकें.' गोंड जनजाति के आर्थिक जीवन पर शोध करते हुए शोध के गहरे निष्‍कर्ष में डॉ. इन्‍द्रजीत सिंह
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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क्‍या हमारा यह ब्‍लॉगिंग प्रयास सफल है : अपनो से अपनी बात

हिन्‍दी ब्‍लॉग जगत में जैसे तैसे हमारा चार साल का वक्‍त गुजर रहा है और हम भरसक प्रयत्‍न कर रहे हैं कि इस ब्‍लॉग में छत्‍तीसगढ़ के संबंध में यथेष्‍ठ जानकारी आपको नियमित देते रहें. कुछ मित्रों नें हमारी आलोचना भी की है कि हम अपने इस ब्‍लॉग में अपनी कम
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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आनलाईन भारतीय आदिम लोक संसार

हिन्‍दी साहित्‍य की बहुत सी किताबें पीडीएफ फारमेट में पहले से ही उपलब्‍ध हैं जिसके संबंध में समय समय पर साथियों के द्वारा जानकारी प्रदान की जाती रही है. हम सब अब इनका उपयोग भी करने लगे हैं, मेरी रूचि जनजातीय सांस्‍कृति परंपराओं में रही है जिससे संबंधित
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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भाषा के लोकतंत्र की रक्षा का दायित्व हर भाषा-भाषी के ऊपर है।

नया ज्ञानोदय में प्रकाशित जया जादवानी की कहानी ‘मितान’ पर मेरी असहमति साहित्य में क्षेत्रीय भाषा के शब्दों का प्रयोग बहुधा होते आया है और इसी के कारण क्षेत्रीय भाषा के शब्दों को गाहे बगाहे हिन्दी नें अपना लिया है। क्षेत्रीय भाषा के शब्दों के प्रयोग के
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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क्या वे औसत दर्जे के परिणामों से संतुष्ट रहेंगे या .... ? : वेंकटेश शुक्ल

सबसे बड़ी महत्ता रोजगार की किसी भी अर्थ व्यवस्था का मापदंड है रोजगार की बहुलता। जब आम लोगों के पास रोजगार होता है तब वे घर लेते हैं, फर्नीचर खरीदते हैं, यातायात, मनोरंजन और कपड़ों - जूतों में पैसा खर्च करते हैं जिस से इन सब क्षेत्रों में रोजगार बढ़ता है।
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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छत्तीसगढ़ एक सोने की चिडिय़ा? : वेंकटेश शुक्ल

छत्तीसगढ़ के पास देश के सम्पन्नतम राज्यों में से एक बनने का अवसर है, पर्याप्त संभावनाएं हैं। शासन की नीतियों में आमूलचूल क्रांतिकारी बदलाव के बिना यह सम्भव है। यह संभव है अगर ऐसी समझ आ जाए कि किसी भी देश या प्रांत को समृद्धता भाग्य से नहीं मिलती। भाग्य
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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ऐसी कोई तकनीक है ही नहीं जो यह सिद्ध कर दे कि बेनामी और फर्जी आईडी से की गई टिप्पणियों के टिप्पणीकर्ता को पहचाना जा सके

"शास्त्री जी आपने लिखा है कि “ओ छत्तीसगढ़ के महारथी! क्या तुम्हारा नाम ब्लॉग-जगत् को बता दूँ?” पर अभी जब मैं यह पोस्ट पढ रहा हूं तब तक उस रथी का नाम सामने नहीं आया। न आना था ना आयेगा और दो कदम आगे बढकर मैं यह कहता हूं कि कोई ऐसी तकनीक है ही नहीं जो यह
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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सद्भावना के शिल्पी भाई गिरीश पंकज : डॉ. परदेशीराम वर्मा

जनवादी कवि नासिर अहमद सिकंदर पन्द्रह वर्ष पूर्व कवियों पर एक स्तंभ लिखते थे । नवभारत में वे प्रति सप्ताह एक कवि से साक्षात्कार लेते थे । यह लोकप्रिय स्तंभ था । नासिर का सीना वैसे भी चौड़ा है मगर उन दिनों इस स्तंभ के कारण उसके सीने की चौड़ाई में कुछ और
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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ब्‍लॉगरों पर साढ़े साती शनी : और हम हिन्‍दी के भविष्‍य के लिए कुछ भी नहीं कर पाए.

आप सभी इस बात से वाकिफ हैं कि हिन्‍दी ब्‍लॉगजगत से परे अंग्रेजी व हिन्‍दी वेब जगत में ज्‍योतिष का चहुंओर बोलबाला है. गूगल सर्च पर धका-धक ज्‍योतिष से संबंधित वेबसाईट खोजे जा रहे हैं और आनलाईन कुण्‍डली बनवाकर फलित बांचा जा रहा है. मूंदरी-गंडा-ताबीज आनलाईन
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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कौन झूठ बोल रहा है ... ??

मानवाधिकार कार्यकर्ता हिमांशु कुमार या पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा : जलता बस्‍तर  आई गूगल में पसंदीदा समाचारों को खंगालते हुए  जागरण  का एक समाचार नजर आया जो इस प्रकार है - माओवादियों से लोहा लेने का सिरदर्द पुलिसकर्मियों के लिए काफी नहीं
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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आदिवासियों ने उठाया हक का सवाल : कंगला मांझी स्मृति स्वर्ण जयंती समारोह

'लगातार शोषण और उपेक्षा के कारण आदिवासी असंतुष्ट हुआ है। आदिवासी कभी किसी का हक नहीं छीनता, मगर लगातार उसके हकों को छीना गया। ' यह उद्गार छत्‍तीसगढ़ के बघमार गांव में प्रसिद्ध आदिवासी क्रांतिवीर व संगठक  कंगला मांझी स्मृति स्वर्ण जयंती समारोह व दो
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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दलित चेतना का सूर्य : शबरी - आचार्य सरोज द्विवेदी

छत्तीसगढ़ के इतिहास और संस्कृति कें मूल में जब हम झांकने का प्रयत्न करें तो हमें जाज्वल्यमान नक्षत्र के रूपमें एक मात्र नाम दिखाई देगा शबरी का । श्रीराम भक्त शबरी के पूर्व का कोई इतिहास उपलब्ध नहीं है । इतिहासवेत्ताओं के अनुसार रामायण नौ लाख चौरासी हजार
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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मुफ्त में अपने ब्‍लॉग का ट्रैफिक बढावें - जुगाड तकनीक

पिछले दिनों मैंनें अपने इस ब्‍लॉग में एवं दो अन्‍य ब्‍लॉग में विभिन्‍न वेबसाईटों के सहारे लगाए जा रहे चटकों का लेखाजोखा लिया तो पाया कि ब्‍लागवाणी के बाद मेरे ब्‍लॉग में  दूसरे क्रम पर गूगल के ईमेज सर्च से ट्रैफिक का बहाव है. यह कहा नहीं जा सकता कि
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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माओ के पोतो, तुम कायर-बटमार हो... : दीपक शर्मा

पिछले दिनों बस्तर के चिंतलनार में हुई भयानक घटना की खबर इंटरनेट अखबार में पढ़ी तब से अब तक रह-रह यह विचार दिल को कुरेदते है कि जिन परिजनों को अपने प्रिय को खोने का दुख हुआ होगा उन पर क्या बीत रही होगी। उनके आंखों के आंसू सूखेंगे या नहीं। वस्तुत: यह घटना
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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फीडबर्नर सब्‍सक्राईबर मेल में अपने पोस्‍ट के फोंट साईज को बडा करना

पिछले चार दिनों से मेरे एक फीडबर्नर मेल सब्‍सक्राईबर श्री आनंद कुमार भट्ट जी का मेल आ रहा था कि मेरे पोस्‍ट जो उन्‍हें फीडबर्नर के द्वारा प्राप्‍त हो रहे हैं उन्‍हें वे पढ नहीं पा रहे हैं क्‍योंकि मेल से प्राप्‍त पोस्‍ट में फोंट का साईज काफी छोटा है.मैं
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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भिलाई में मिले तीन ब्‍लॉगर : मिलने-मिलाने का दौर चलता रहे

कल रविवार का दिन था यानी घर-परिवार का दिन. घर के ही बहुत सारे निजी काम थे जो मुझे निबटाने थे, बेटे और श्रीमतीजी की गुजारिश थी कि हम दिन भर उनके साथ रहें. मैं सुबह - सुबह अपने तेरह वर्षीय पुत्र को खुश रखने हेतु उसे मोटर बाईक विदाउट गियर सिखाने स्‍टेडियम
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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परेशान हूं मैं मेरे नाम को गलत लिखने वालों से

साथियों मेंरा नाम है संजीव तिवारी, छत्‍तीसगढ़ के स्‍थानीय पत्र-पत्रिकाओं में मेरी कलम घसीटी समय-समय पर प्रकाशित होती है. किन्‍तु प्रकाशनों में टंकण त्रुटि के कारण मेरे लेखों में कई-कई बार मेरा नाम संजीव तिवारी के स्‍थान पर 'संजय तिवारी' छपा रहता है (या
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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गूगल की प्रतियोगिता 'है बातों में दम' का पुरूस्‍कार हमें प्राप्‍त हुआ

कल हमें एक मेल प्राप्‍त हुआ जिससे ज्ञात हुआ कि, विगत दिनों गूगल द्वारा आयोजित प्रतियोगिता 'है बातों में दम' में सहभागिता के लिए हमें रू. 3000/- का पुरूस्‍कार प्राप्‍त हुआ है. Dear Hai Baaton Mein Dum? Contest Winner,We apologize for the delay in the
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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तथाकथित मानवाधिकार वादियों बस्‍तर के आदिवासियों को मुहरा बनाना बंद करो

पिछले दिनों छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के गलियारों से एवं समाचार पत्रों से प्राप्‍त जानकारी छत्‍तीसगढ़ के लिए तो चौंकाने वाला नहीं है किन्‍तु यह उन तथाकथित वनवासियों के शुभचिंतकों के लिए अवश्‍य चौंकाने वाला है. इस समाचार से यह स्‍पष्‍ट हो गया है कि तथाकथित
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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बस्‍तर के चिंतलनार में शहीद जवानों के लिए .....

अफ़शोस कि तू मर गयागुजरे दिनों की समाचार की तरहदुख है कि तुझे जांबाजी से लड़ते हुए वे देख नहीं पायेवो देखना भी नहीं चाहते थेक्‍योंकि वे नहीं जानते जांबाजी किसे कहते हैंजंगल वार कालेज की हुनर कोई काम ना आईज्ञान जो काम ना आये वो किस काम कामगर दुश्‍मन
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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पं. माखनलाल चतुर्वेदी की यादें बिलासपुर जेल से

4 अप्रैल - जयंती विशेषबिलासपुर में द्वितीय जिला राजनीति परिषद का अधिवेशन सन् 1921 में हुआ जिसकी अध्यक्षता अब्दुल कादिर सिद्धीकी ने की। स्वागताध्यक्ष यदुनन्दन प्रसाद श्रीवास्तव तथा सचिव बैरिस्टर ई. राघवेंद्र राव थे। इसमें ठाकुर लक्ष्मणसिंह चौहान, श्रीमती
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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मंच नहीं, भूमि होती है बस्तरिया नाट में : योगेंद्र ठाकुर

हर समाज, देश और प्रांत में अपना नाट्य रंग है। बस्तर के उड़ीसा सीमाई क्षेत्र में "नाट" का अपना अलग जलवा है। यही वजह है कि ऋतु परिवर्तन के साथ ग्रामीण नाट करने टोली के साथ निकल पड़ते हैं और दर्शक सारी रात खुले आसमान के नीचे बैठकर इसका आनंद लेते हैं। बस्तर के
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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आयोजन - समाजरत्न पतिराम साव अलंकरण समारोह सम्पन्न

रामेश्‍वर वैष्णव और डा.सुखदेव साहू सम्मानित'गांधीवादी विचारधारा, जीवन शैली और संस्कारों से युक्त पतिराम सावजी को देखकर सहसा मुझे लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण हो आता था। सावजी अपनी कद काठी, गांधी टोपी और अपनी स्वाभाविक विनम्रता में शास्त्री जी के समान
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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छत्तीसगढ के असुर: अगरिया

जनजातीय समाज के लोग अपनी स्वाभाविक प्रवृत्ति से अपनी संस्कृति, परंपरा व प्रकृति को धरोहर की भांति निरंतर सहेजते रहे है, एवं समयानुसार इन्हें सवांरते भी रहे है. आज के विकसित समाज के मूल में इस भूगोल के प्राय: सभी हिस्‍सों में, जनजातीय संस्कृति उनकी
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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ओम प्रकाश जिंदल : उर्जा सर्जक लौह शिल्‍पी

किसान से सफल उद्योगपति, सुप्रसिद्ध समाजसेवी व कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में स्व. ओम प्रकाश जिंदल (7 अगस्त 1930-31 मार्च 2005) ने जीवन की प्रत्येक कसौटी पर खरा उतर कर कमर्योगी-सा जीवन बिताया व कठिन परिश्रम, निष्ठा और सच्चाई से प्रत्येक कार्य को उत्कृष्ठा से
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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मेरी अहिंसा का अर्थ कायरता नहीं

विश्व रंगमंच दिवस पर नेहरू सांस्कृतिक सदन सेक्टर-१ में शनिवार को तीन नाटकों का मंचन किया गया। भिलाई के रंग कर्मियों और क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक समूह बीएसपी के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में नाटकों का मंचन कर रंगकर्मियों ने दर्शकों को संदेश दिया। इस मौके
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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गणेश शंकर 'विद्यार्थी' पत्रकारिता के आदर्श पुरुष : बख्शी सृजनपीठ का कार्यक्रम

आदर्श पत्रकारिता को जीवंत बनाकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हुंकार भरने वाले शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी का बलिदान दिवस पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी सृजनपीठ कार्यालय सेक्टर-9 में विगत दिनो मनाया गया। उपस्थित पत्रकारों, साहित्यकारों एवं गणमान्य लोगों ने उनके
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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बस्तर मे आदिवासियों का माटी तिहार और उल्लास

बस्तर के आदिवासियों का जीवन तथा सारा अस्तित्व जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत माटी से ही जुड़ा होता है। माटी के बिना वह स्वयं की कल्पना नहीं कर सकता। बस्तर के आदिम जनों का मानना है कि माटी जन्म देने वाली मां से भी ज्यादा पूजनीय है, स्नेहमयी है क्योंकि वही जीवन
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari
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सामूहिकता का आनंद और संस्‍कार

क्षमा करें मित्रों मैं मित्रों के कुछ सामूहिक ब्‍लॉगों, जिनसे मैं बतौर लेखक जुडा था, से अपने आप को अलग कर रहा हूँ, वैसे भी मैं इन सामूहिक ब्‍लॉगों में कोई पोस्‍ट लिख नहीं पा रहा था जिसके कारण इनसे जुडे रहने का कोई औचित्‍य ही नहीं रह गया था, मैं हृदय से
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari