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ILLUSION OF REALITY

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18 Jun 2010
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2-3 दिसंबर और 11 सितंबर में क्या तुक है?

बेशक भारत बदल रहा है, 2010 का भारत ठीक वो नहीं जो 1984 में था, लेकिन हमारा बुनियादी चरित्र आज भी हमें एक नरम राष्ट्र (बनाना स्टेट) क्यों बनाए हुए है?जयप्रकाश पाराशरजब मैं पिछली पोस्ट लिख रहा था, मुझे मालूम था कि यह सवाल उठेगा कि अमेरिका के आतंकवादी हमले
 
JAIPRAKASH PARASHAR
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हम भारतवासी ऐसे क्यों हैं?

11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकवादी हमला हुआ तो 2995 लोग मारे गए। उसमें दुनियाभर के लोग थे। अमेरिकी ज्यादा थे। अमेरिका ने क्या किया-अफगानिस्तान और इराक को तबाह कर दिया। बीस देशों की सेनाएं झोंक दीं। उनके 6,000 सैनिक मारे गए। इराक में 1.05
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Jun 14 2010 11:57 AM
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पोखरियाल के अतिथि तुम कब जाओगे

उत्तराखंड को अलग राज्य इसलिए बनाया गया था कि उसका विकास हो। विकास हुआ, लेकिन उस विकास की क्या कीमत राज्य चुका रहा है? पर्यटन यहां प्रमुख उद्योग है, लेकिन क्या पर्यटक यहां दोबारा आना चाहेंगे?जयप्रकाश पाराशर अगर आप यमुनोत्री-गंगोत्री-केदारनाथ की यात्रा पर
 
JAIPRAKASH PARASHAR
May 28 2010 03:59 PM
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जमीन के धंधे से खिसकती जमीन

नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और जमीन कारोबारियों के बीच एक गठजोड़ ने मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार की छवि को भारी नुकसान पहुंचाया है। अब वक्त आ गया है कि रीयल एस्टेट या जमीन जायदाद के नियंत्रण के लिए राज्य स्तर पर एक स्वतंत्र नियामक बनाया जाए, जिसे नीतियों
 
JAIPRAKASH PARASHAR
May 13 2010 09:44 PM
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उनके लिए लोगों का दुख भी 'फनी' है

सूचनाएं कभी सरकारों की मोहताज नहीं होतीं जयप्रकाश पाराशर पिछली बार जब मैंने मध्य प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा के खराब हालात और गांववासियों की सूचना-दरिद्रता के बारे में लिखा तो कुछ लोगों ने इस आलेख को 'फनी' बताया। मेरे पास एक-दो ई-मेल ऐसे भी आए कि गांव के
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Apr 20 2010 10:32 AM
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ओबामा की चिंता और सेमलखेड़ी का सच

सूचना स्रोतों की लिंकिंग से सुधर सकती है शिक्षा की गुणवत्ता जयप्रकाश पाराशर मध्य प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा गंभीर संकट से जूझ रही है। यूं तो यह कोई रहस्य नहीं है। लेकिन मैं पिछले दिनों मध्य प्रदेश की राजस्थान से लगी सीमा पर बसे सिरोंज के एक गांव सेमलखेड़ी
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Mar 15 2010 01:08 PM
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दादा की दुविधाएं और देशकाल

बजट 2010-11 में सामाजिक क्षेत्र पर ज्यादा खर्च, रियायतों के रोलबैक और मुद्रास्फीति की ऊंची दर के संकेत जयप्रकाश पाराशर वर्ष 2010-11 के बजट में वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी सड़क के बीचो-बीच खड़े हैं। न उनके पास ज्यादा उदारताएं हैं और न ही कठोर कदम। संसद के
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Mar 02 2010 08:10 PM
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यात्राएं नहीं, अच्छा शासन चाहिए

किसी गरीब के घर मुख्यमंत्री के पहुंचने का अर्थ यह कतई नहीं है कि लोकतंत्र अंतिम आदमी तक पहुंच गया है। यह लोकतंत्रीकरण की महज शोमैनशिप है। बंजर राजनीति की चतुराईभरी मार्केटिंग है। सत्ता के तंत्र में एक साधारण आदमी की पहुंच आज भी बहुत कम है। बल्कि
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Feb 24 2010 12:49 PM
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तकरीर तो थी पर रहम न था

(हिंदी में ग़ज़ल एक ऐसी विधा है, जो मुझे हमेशा करीब लगती है। अपनी बात कहने के लिए बड़ी आसान। पहली बार हाथ आजमा रहा हूँ। माफ़ करें।)वो घर अच्छा भी था तो खौफ कोई कम न थाखलीफा की बातें थीं बातों में कोई दम न थादम घुटने की शिकायत मैं उससे क्या करताधुआं उसके
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Feb 12 2010 12:29 PM
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सामने ईश्वर टहल रहा था

बहुत दिनों के बाद मेरी माँ ने मेरे लिए बाजरे की रोटी बनाई। मैं बथुआ की भाजी के साथ जब बाजरे की तवे से उतरती गर्म रोटियां खा रहा था तब मुझे दफ्तर जाने की कोई जल्दी नहीं थी। मेरा सात साल का बेटा मेरे पास बैठा था। जैसे मैं कभी अपने पिता के पास बैठा करता
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Jan 08 2010 02:53 PM
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किसने कहा राजा को डर नहीं

राजा को नहीं डरना चाहिए शत्रु सेना ही डरना चाहिए शत्रु की सेना से राजा को नहीं डरना चाहिए अवाम की बगावत सेना ही डरना चाहिए अपने खिलाफ उट्ठे नारों से राजा को नहीं डरना चाहिए अकाल सेना ही डरना चाहिए छीजते खजाने से राजा को डरना चाहिए अपने ही सेनापति और सेना
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Oct 12 2009 12:40 PM
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फ्रॉम नोव्येहेर कोई नहीं

दुनिया की हर शै पर किसी न किसी की छाप है। हर शख्स कहीं न कहीं से। किसी ने पढ़ी किताबें। कोई मां-बाप से सीखा हुआ। किसी के जीन ने उसे ऐसा बना दिया है। किसी को अनुभवों ने घिसघिसाकर कोने ख़त्म कर दिए, कोई भीतर से लहूलुहान है। किसी ने कोई दुःख नहीं देखा तो कोई
 
JAIPRAKASH PARASHAR
Oct 11 2009 04:35 PM