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18 Jun 2010
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मैं अकेला हो गया हूँ

रो रहा क्यों व्यर्थ रे मनकौन अपना है यंहा पर .मिट गयी हस्ती बड़ों की है हमारी क्या यंहा पर . सबको अपनी ही पड़ी हैचल रहे सब भावना मेंस्वप्न सब बिखरे पड़े जबहै कान्हा कुछ कल्पना में . . स्वर्ग-सुख के मोह में आनरक में मैं बस गया हूँ . आज जग के जाल में कुछ
 
JEEVAN SANGEET
Jun 18 2010 01:56 PM
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काम सब करो सही

तुम बात सब करो सहीतुम काम सब करो सही तुम सत्य पर अड़े रहोतुम निडर हो खड़े रहो . तुम अनुभवी अतीत होतुम वर्तमान प्रतीत हो तुम जिंदगी को साध लोतुम धैर्य से बढे चलो . तुम दिव्या अंश प्राण हो तुम आत्मा महान हो तुम पूज्य, भाग्यवान हो . तुम चेतना महान होतुम इश के
 
JEEVAN SANGEET
Jun 17 2010 07:58 PM
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चाँद तुम्हारा है

तुम प्यार करो, देखो जग को जग कितना प्यारा लगता है . यह प्यार की दुनिया प्यारी है यह सपनों वाली न्यारी है मस्ती की दुनिया में आओ देखो यह कैसी प्यारी है . तुम बंद कोठरी में रहकरचंदा है दूर, कहा करते . निकालो चांदी-सी रातों में फिर देखो चाँद तुम्हारा है .
 
JEEVAN SANGEET
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AATMA HOO

आत्मा हूँ, दिब्य ज्योति से भरा हूँ . निखरता ही नित चमकता जा रहा हूँ . धुंध सारे छंट गये नूतन-पुराने शुध्द हो सम्पूर्णता में मैं खड़ा हूँ . . है अलौकिक दृश्य मेरी जिंदगी का मैं पिता का प्यार सीधा पा रहा हूँबरसती पावन कृपा, फहरा  रहा हूँ आत्मा
 
JEEVAN SANGEET
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JANHA MAN KO ROOCHTA HAI

हम जाते हैं वंहा, जंहा मन को रुचता है .दिल होता अनमोल, नहीं धन से मिलता है . दिलवाले के साथ किसी का दिल मिलता है . दिल से दिल मिल जाते ही बंधन जुड़ता है . कोई रजा रहे, रहे वह अपने घर का कोई ज्ञानी रहे, रहे वह अपने घर काअहंकारी निज अहंकार में घुल मरता है .
 
JEEVAN SANGEET
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WANHI MERI DUNIYA

जन्हा हूँ, रमा हूँ, वंही मेरी दुनियाभले लोग मिल गये, भली मेरी दुनिया .मुहब्बत का पैगाम है बस सुहानाअच्छा न जिल्लत में जीवन बिताना .मुहब्बत की प्यासी मिली सारी दुनियानहीं सबको
 
JEEVAN SANGEET
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SAJAA KE RAKKHO DHARATI KO

रहो जबतक तू धरती परसजा के रक्खो धरती को जो होंगे भोगने वाले रखेंगे याद वे तुमको . कान्हा अपने लिए कोई कंही कुछ ले के जाता हैसजाता जिंदगी भर तनयंही वह राख होता है . . समय के साथ चलकर तुमनयी धारा बहा जाओ . पुराणी लीक से हटकर नयी राहें बना जाओ ..सजा दो फुल
 
JEEVAN SANGEET
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MERI RAAT MUJHE HAI BHAATI

मेरी रात मुझे है भाती .सुबह सबेरे उठना होता सांझ-सांझ तक खटना होता जीवन-बोझ उठाने हेतुभारी मिहनत करना होता क्ष्रम - सेवा जीवन है साथीमेरी रात मुझे है भाती .स्नेहिल रात मुझे सहलातीकल हेतु तैयार कराती सुख सपनों की सेज सजाती प्राणों में उर्जा भर जाती नींद
 
JEEVAN SANGEET
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AAJ TUM HO KAHI

आज तुम हो कंही और मैं हूँ कंही . बात के सब बदल गए है अंदाज अब कोई बीते ख्वाबों में रहता है कब ?रात रोटी रही दिन विहँसता रहाचाँद-तारे वंही, मन खिसकता रहा मन की बातें सभी मन में घुलती रही आज तुम हो कंही, और मैं हूँ कंही . . तब तुम थे औ तेरे सभी नाज़ थेतेरी
 
JEEVAN SANGEET
Jun 15 2010 09:31 PM
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JAUHAR JARA DIKHAO

जब तक है साँस चलती, तब तक ही जिंदगी हैसब दोस्त रिश्ते-नाते, अपनों की बंदगी है . है समझना तो समझो यह अर्थ जिंदगी का कुदरत का खेल सारा मोहान्ध जिंदगी का .जब तक जमी पर तुम हो तबतक जमी तुम्हारीदुनिया की खातिर मर लो दुनिया नहीं तुम्हारी मरने के बाद कृतियाँ
 
JEEVAN SANGEET
Jun 15 2010 03:40 PM
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PYAAR KI SARITA BAHAAU

चाहता हूँ प्यार की सरिता बहाऊ . विश्व के संग डूबकर उसमे नहाऊ . . दुश्मनी की बात धोखे से नहीं हो . मित्रवत हो मैं गले सबको लगाऊ . . चाहता सुन्दर चमन स्वप्निल सजाऊफुल ही हो फुल जग ऐसा बनाऊ .हो सहज सुख-शांति से परिपूर्ण जीवनकंही दुःख से मुखड़ा मैं न पाऊ . .
 
JEEVAN SANGEET
Jun 15 2010 03:05 PM
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KUCHH BAAT JINDAGI KI

भूले नहीं भुलाती कुछ बात जिंदगी की बीती उम्र बताती कुछ बात जिंदगी की . जज्बात लेके चलते है लोग जिंदगी में जज्बात पर ही चलती है बात जिंदगी की . . घटनाएँ नित अनोखी घटती है जिंदगी में घटनाओ से ही बनती कुछ बात जिंदगी की . सपने हज़ार लेके जीते है हसरतों में
 
JEEVAN SANGEET
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SANKALP MERI JINDAGI

खेल-कौतुक में बितायी जिंदगीआज बिन पतवार बढती जिंदगीछोड़ कर तट बढ़ रही मंझधार में क्या पता किस घात होगी जिंदगी . . थाह पानी कठिन है गहराई की नाव बढती जा रही है धार परनिकल आया हूँ भंवर को झेलकरअब चढ़ाई सामने है ज्वार पर ..संभलते ही फंस गयी है जिंदगीजोश
 
JEEVAN SANGEET
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JEEWAN SANGEET: SUNDAR BANA KE DEKHO

JEEWAN SANGEET: SUNDAR BANA KE DEKHO
 
JEEVAN SANGEET
Jun 12 2010 09:32 AM
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SUNDAR BANA KE DEKHO

जीवन मिली अमानत इसको सजा के देखोपल पल की साधना सेसुन्दर बना के देखो . . तुम मुस्करा के देखोतुम गुनगुना के देखोसुख चैन चाहते तोकुंठा मिटा के देखो . . अपने लिए तो मरतेसब लोग हैं यंहा परअन्यों के हेतु मरकर,जीवन लुटा के देखो . . अपना न कुछ भी तेरासब इश की
 
JEEVAN SANGEET
Jun 12 2010 12:38 AM
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JEEVAN TO SUNDAR SAPNA HAI

जीवन तो सुन्दर सपना हैइसमे मीठी आस भरो तो . नहीं असंभव कुछ भी जग मेंअपने में विश्वास भरो तोलक्ष्य प्राप्त करने की खातिरकर्म हेतु संकल्प भरो तो . . क्या कोई छल लेगा तुमकोक्या कोई गच्चा दे देगा अपनी शक्ति को पहचानोसोंचो, समझो और रखो तो .  .नहीं शोभता
 
JEEVAN SANGEET
Jun 10 2010 12:51 PM
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अनमोल जीवन चाहता hoo

प्यार की नगरी बसाना चाहता हूँमैं सही अनमोल जीवन चाहता हूँ।चाहता मैं सज्जनों के साथ रहनाचाहता हर ओठ पर मुस्कान धरना।मैं दुखो से त्रान पाना चाहता हूँ।मैं सही अनमोल जीवन चाहता हूँ। ।सब सुखी, सानंद हों, यह कामना हैस्नेह की वर्षा सतत, यह भावना है,मैं तुम्हारे
 
JEEVAN SANGEET
Jun 09 2010 05:45 PM
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है अमा की रात

है अमा की रात तोदीपक जलाते बढ़ चलो।राह में है ठोकरे तोखुद हटाते तुम चलो। १।कब, कान्हा, फिर जिंदगी मेंक्या पता कब बात होगी।सामने जब हो अभी तोबात खुल करते चलो। २॥कोई संबल नहीं देगास्वयं संबल बन चलो। ।साधनों की रिक्ततासंकल्प से भरते चलो। । ३। ।योग्य जन जीता
 
JEEVAN SANGEET
Jun 09 2010 04:56 PM
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सांझ ढलती गयी

सांझ ढलती गयी रात बढती गयीदीप को मैं जला राह लखता रहा।हो गयी भोर आँखें खुली ही रहीतुम न जाने कन्हन थे की आये नहीं । ।दर्द मेरा ह्रदय में सजा ही रहातेरी यादों में जीवन घुलाता रहासांझ ढलती गयी रात बढती गयी।दीप को मैं जला राह लखता रहा । ।दुश्मनी कब की थी
 
JEEVAN SANGEET
Jun 09 2010 04:37 PM
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रंग दूंगा अपने रंगों में

आओ तुम मेरे संग साथीरंग दूंगा अपने रंगों में।हिल-मिल जायेंगे हम दोनों।नहीं रहेंगे दो रंगों में॥निर्जन पथ में साथ चलेंगेसुख-दुःख दोनों साथ सहेंगेचाहे हम सब रहे कंही परलेकिन दुनिया साथ गढ़ेंगे। ।हम अपनी-अपनी कमजोरीकह-सुन साथी दूर करेंगे।अपनी महिमा गरिमा
 
JEEVAN SANGEET
Jun 09 2010 03:47 PM
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मैं तो आया दीप जलाने

मैं तो आया दीप जलानेतुम भी दीप जलाओ बंधू।क्यों अँधियारा पंथ रहेगामिलकर दीप जलाओ बंधू। १। अलग-थलग की बात न बोलोमिलजुल कर चलने की सोंचो।संघटना में शक्ति बहुत हैशक्ति प्रबल दिखलाना सोंचो। २।हम सब राही एक राह केमिल kar कदम बढाओ साथी।तम पर विजय पताका फहरेइतनी
 
JEEVAN SANGEET
Jun 09 2010 03:29 PM
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जीवन संगीत सुनाता हूँ

जीवन संगीत सुनाता हूँहर पल, हर क्षण कुछ गता हूँ।मेरी अपनी है रह अलगमैं सुंदर स्वप्न सजाता हूँ। । मेरे पथ का साथी कोई शुभ सपनो वाला ही होगा मेरे जीवन का सहयोगी कुछ करनेवाला ही होगा। ।सुख-दुःख के साथी मुझे प्रियेउनसे ही उर्जा पाता हूँ।मैं जन सेवा का वर्ती
 
JEEVAN SANGEET
Jun 09 2010 02:50 PM