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धर्म संसद (अनुराग मुस्कान)

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01 Jun 2010
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अक्सर भगोड़े क्यों होते हैं सन्यासी...?

पहले सन्यासी होने की परिभाषा को समझें...भगवा वस्त्र धारण किए माथे पर चंदन का लेप लगाए कमंडल और चिमटा थामे, मुख से प्रभु नाम की महिमा का गान करता और प्रवचन अथवा कथा बांचता हर कोई साधु या सन्यासी हो, यह आवश्यक नहीं है। पर उपदेश कुशल बहुतेरे। अर्थात दूसरों
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अनुराग मुस्कान- जै बोलो महाराज की...

जै बोलो महाराज की-अनुराग मुस्कानबोल परमपूज्यपाद प्रातःस्मर्णीय श्री बोलवचनानंद महाराज की जय। जयघोष के सम्वेत स्वरों की चीत्कार ने मुझे नींद से जगा दिया। हड़बड़ाकर उठा तो देखा पीतांबर वस्त्रों में लिपटे और माथे पर चंदन का लेप लगाए महाराज आलीशान एयरकंडीशन
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तो क्या सत्संग 'स्टेटस सिंबल' है...?

सच्चा सत्संग अपने अंदर ही होता है-अनुराग मुस्कानकिसी से पूछा कि सत्संग क्या है, तो उत्तर मिला कि प्रत्येक सोमवार को इकत्तीस नंबर कोठी वाले शर्माजी के घर जो उनके गांव से पधारे बाबाजी करते हैं वह सत्संग है। किसी ने कहा हर इतवार को मंदिर में जो प्रवचन होता
Apr 09 2007 09:09 AM