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अपनी माटी

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18 Jun 2010
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आज ''काव्योत्सव'' में छपने वाले कवि देवेन्द्र कुमार जी

आज ''काव्योत्सव'' में छपने वाले कवि महोदय हैं देवेन्द्र कुमार जी जो फिलहाल पेशे से पत्रकार हैं और बर्तमान में लखनऊ में कार्यरत हैं उनका पता - L DA कालोनी, कानपुर रोड, लखनऊ, फ़ोन – 9044824636goswami.deven@gmail.कॉम पर संपर्क किया जा सकता है.बेटीमाँ मैं भी
 
माणिक
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इन्दुपुरी जी गोश्वामी आज ''काव्योत्सव'' में

इन्दुपुरी जी गोश्वामी आज  के हमारे रचाकार  है जिनकी कविता ''काव्योत्सव'' में छप रही है.वे एक शिक्षिका हैं साथ ही समाजसेवा के बहुत काम करने में रुचिशील नज़र आती हैं.puri.indu4@gmail.com"तिनके"तिनकों को क्या चाहिए ? कुछ खास धरती नहीं कुछ खास
 
माणिक
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आज ''काव्योत्सव'' में कवि और रचनाकार साथी अरुण चंद्र राय

आज ''काव्योत्सव '' में अलग ही ढंग से कविता के ज़रिये समाज के ख़ास पहलुओं पर ध्यान दिलाने वाले कवि और रचनाकार साथी अरुण चंद्र राय एक परिचय एक कॉपीराइटर के तौर पर कैरियर शुरू करने वाले आपने देश  के विज्ञापन एजेंसियों और बड़े ब्रांडों के लिए कार्य
 
अपनी माटी सम्पादक
Jun 14 2010 09:21 AM
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''काव्योत्सव'' में हमारे आज के रचनाकार साथी हैं लावण्या शाह

''काव्योत्सव'' में हमारे आज के रचनाकार साथी हैं,जिनके कई कवितायें हमें मिली हैं और उनमें से बहुत सी प्रकाशन योग्य भी हैं. हम एक-एक करके ये कवितायें आप तक पहुचाएंगे.लावण्या शाह सुप्रसिद्ध कवि स्व० श्री नरेन्द्र शर्मा जी की सुपुत्री हैं और वर्तमान में
 
अपनी माटी सम्पादक
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स्पिक मैके राष्ट्रीय अधिवेशन,आई.आई.टी.कानपुर की रपट

Normal 0 false false false MicrosoftInternetExplorer4 st1\:*{behavior:url(#ieooui) } /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table Normal"; mso-tstyle-rowband-size:0; mso-tstyle-colband-size:0; mso-style-noshow:yes;
 
अपनी माटी सम्पादक
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''काव्योत्सव'' में आज के रचनाकार हैं आचार्य संजीव 'सलिल'

''काव्योत्सव'' आयोजन में आज के रचनाकार हैं. वरिष्ठ साथी आचार्य संजीव 'सलिल', संपादक दिव्य नर्मदाई मेल; सलिल.संजीव@जीमेल.कॉमवार्ता: ०७६१२४१११३१ / ९४२५१ ८३२४४salil.sanjiv@gmail.comसूरज ने भेजी हैवसुधा को पाती,संदेसा लाई हैधूप गुनगुनाती...आदम को
 
अपनी माटी सम्पादक
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आज ''काव्योत्सव'' में किरण जी राजपुरोहित ''नितिला''

आज ''काव्योत्सव'' में हम आपाकी मुलाक़ात एक कविता के ज़रित्ये करा रहा हैं किरण जी राजपुरोहित ''नितिला''से जो वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ,तखतगढ 306912,जिला पाली ‘राजस्थान’ में रहती हैं और उनसे इनके सपर्क सूत्र 02933220502,9829202502,  बात
 
अपनी माटी सम्पादक
Jun 11 2010 08:02 AM
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समाचार -शामें गजल

Share डॉ. मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट परिसर में बैसाख जेठ की तपन के पश्चात् मेघांे के आगमन पर आयोजित शामें गजल का आगाज हर दिल अजीज डॉ. पे्रम भण्डारी ने ‘‘दागदहली की नज्म ईश्क की दास्तान है प्यारे, अपनी जुबान है प्यारे’’ से किया। डॉ. प्रेम भण्डारी तथा
 
माणिक
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''काव्योत्सव'' में आज डॉ.अनिल चड्डा की रचना

Share अपनी माटी और आप सभी की तरफ से सुनहरे भविष्य की कामना के साथ ''काव्योत्सव'' में आज डॉ.अनिल चड्डा की रचना और  रचनाकार प्रस्तुत हैं.स्वागत करिएगा.आपके अनमोल सुझाव ,विचार भी बताइएगा डॉ.अनिल चड्डा http://anilchadah.blogspot.comनिदेशक,दूरसंचार
 
माणिक
Jun 10 2010 08:52 AM
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हंस कथा मासिक का जून अंक अब ऑनलाइन

हमारे देश का प्रसिद्ध  कथा मासिक जो जनवादी विचारधारा की पत्रिका है,का जून अंक अब ऑनलाइन उपलब्ध है.हम इसे हंस की वेबसाईट पर जाकर डाउनलोड कर सकते है  हैं.वैसे इस अंक
 
माणिक
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एक अदद साहित्यकार धीरेन्द्र अस्थाना

शेयरनमस्कार पाठक साथियोंआज हम अपने साथी डॉ.पल्लव की मदद से देश के एक अदद साहित्यकार का परिचय देते हुए  बताना चाहते हैं कि श्री धीरेन्द्र अस्थाना  अब ऑनलाइन हो चुके हैं. ये समय की जरुरत भी है. किताबें अगर छपी हुई हो और हाथ में लेकर पन्ने पलटने
 
माणिक
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''काव्योत्सव'' में आज शील निगम की रचना

Share अपनी माटी और आप सभी की तरफ से सुनहरे भविष्य की कामना के साथ ''काव्योत्सव'' में आज शील निगम की रचना और  रचनाकार प्रस्तुत हैं.स्वागत करिएगा.आपके अनमोल सुझाव ,विचार भी बताइएगा शील निगम sheelnigam@yahoo.comभीगे मौसम की सुगंधमयी सदा,श्रावणी
 
माणिक
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''काव्योत्सव'' में आज आचार्य संजीव 'सलिल'

आचार्य संजीव 'सलिल', संपादक दिव्य नर्मदाई मेल; सलिल.संजीव@जीमेल.कॉमsalil.sanjiv@gmail.com अम्ब विमल मति देहे हंस वाहिनी! ज्ञानदायिनी!!अम्ब विमल मति दे.....नन्दन कानन हो यह धरती।पाप-ताप जीवन का हरती।हरियाली विकसे.....बहे नीर अमृत सा पावन।मलयज शीतल शुद्ध
 
माणिक
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स्पिक मैके राष्ट्रीय अधिवेशन,कानपुर के फोटो

दर्शकगणडॉ.एन.राजम उस्ताद शाहिद परवेज़ पंडित विश्व मोहन भट्ट टी.वी.शंकर नारायणन विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुति उस्ताद अब्दुल राशिद खान Kudiyaatam गुरु मार्गी मधु पंडित उल्हास केशालकर रूद्र वीणा वादक उस्ताद असद अली
 
माणिक
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अनामिका की कविता''तू और मैं ..''

Share http://anamika7577.blogspot.com/तू और मैं ..मेरे स्वप्नो की छाया में रमी हुईमेरी स्मृतियों में बसीसांसो के धागो में बंधी तू...!और मै.......??तेरी छाया के पीछे दौड़ताएक व्याकुळ, आकुल,बेबस पथिक मात्र हू..!तू अपने ह्र्दय की फुलवारी मेंकिसी और की सोचे
 
अनामिका की सदाये......
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इस कोढ़ में कितनी खाज है!!

मैं भूत बोल रहा हूँ..........!! दोस्तों,जब से झारखण्ड बना....इसे लेकर ना जाने कितने स्वप्न आँखों में जले और देखते ही देखते बुझ भी गए....लेकिन आखों के सपने ऐसे हैं कि कभी ख़त्म ही नहीं होते...और मुश्किल यह है कि कभी पूरे भी नहीं होने को आते....झारखण्ड का
 
भूतनाथ
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Jun 07 2010 03:10 PM
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कला की दुर्दशा देश में

Shareअफ्रीकी कलाकारों के कार्यक्रम में नहीं रहे दर्शक भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की जयपुर इकाई की ओर से गुरुवार को आयोजित अफ्रीकी कलाकारों का कार्यक्रम दर्शकों की अनुपस्थति की वजह से परवान नहीं चढ़ पाया। महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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एक प्रतिभाशाली कलाकर्मी शिव कुमार गांधी

आज सुबह ही जब डॉ. पल्लव जी का मेल मिला तो मैं वहाँ दी गई वेबसाईट पर गया. पाया कि बहुत ही प्रतिभाशाली कलाकार श्री शिव कुमार गांधी वहाँ थी अपने  काम के साथ  . सोचा क्यों ना उनके बारे में कुछ जानकारी आप तक भी पोस्ट करूँ .यहाँ इस पोस्ट में उनकी
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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अशोक जमनानी की ग़ज़ल- परिंदों लौट आना

Share   परिंदों शाम को लौट आना घर ज़रा ज़ल्दी हम दीवारें इस ख़ामोशी से ऊब जातीं हैंउतने ही दानें चुनो जितनी ज़रूरत है हमें यहां कितनी चोंचें घोंसलों  में रीती आतीं हैंजुगनुओं से कह दो ना रात में चमका करें वो रोशनी महलों की इससे खीज जाती हैउनसे ना
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव'' में आज कवि कुलवंत सिंह जी

Share अपनी माटी ब्लॉग और आप सभी की तरफ से सुनहरे भविष्य की कामना के साथ ''काव्योत्सव'' में आज की रचना और  रचनाकार प्रस्तुत हैं.स्वागत करिएगा.आपके अनमोल सुझाव ,विचार भी बताइएगा  कवि कुलवंत सिंह जी Scientific officerSES, MPD, BARC, Trombay,
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव'' में आज सखी सिंह जी

Share अपनी माटी ब्लॉग और आप सभी की तरफ से सुनहरे भविष्य की कामना के साथ ''काव्योत्सव'' में आज की रचना और  रचनाकार प्रस्तुत हैं.स्वागत करिएगा.आपके अनमोल सुझाव ,विचार भी बताइएगा
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव'' में आज नवीन जोशी ’नवेंदु’ जी

Share अपनी माटी ब्लॉग और आप सभी की तरफ से सुनहरे भविष्य की कामना के साथ ''काव्योत्सव'' में आज की रचना और  रचनाकार प्रस्तुत हैं.स्वागत करिएगा.आपके अनमोल सुझाव ,विचार भी बताइएगा --------------------------------- नवीन जोशी ’नवेंदु’ जी  जन्म:
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव'' में आज रामकृष्ण गौतम जी

Share अपनी माटी ब्लॉग और आप सभी की तरफ से सुनहरे भविष्य की कामना के साथ ''काव्योत्सव'' में आज की रचना और  रचनाकार प्रस्तुत हैं.स्वागत करिएगा.आपके अनमोल सुझाव ,विचार भी बताइएगा -----------------------------------------रामकृष्ण गौतम जी जबलपुर (एमपी)
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव'' में आज रश्मि प्रभा जी

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माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव'' में आज अनामिका जी (सुनीता)

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माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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अशोक जमनानी का गीत: ओ पथिक तू चल अकेला

Shareओ पथिक तू चल अकेला कारवां बन जायेगातू समर पर हो समर्पित; तो अमर हो जायेगाना आंसुओं का अर्ध्य  हो न पीर की परवाह होयश की कोई कामना न पथ में शीतल छांव होतू नींव के पत्थर को अपनी आस्था का दान देनिर्माण का हर कंगूरा तुझसे ही जीवन पायेगायह
 
अशोक जमनानी
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Jun 07 2010 02:31 PM
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विषय सूचि

इस ब्लॉग के ब्लॉगर या लेखक की अनुमति के बिना कोई भी छापी हुयी सामग्री आप कहीं पर छापने कृपा नहीं करें .ये ब्लॉग आपके ही सहयोग से बहुत सदस्यों तक आगे बड़ा है,और आपकी प्रतिक्रियाओं के साथ आगे का सफ़र भी तय करेगा .धन्यवाद
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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अनामिका की नई कविता

Share हे उद्धो ...मत जिरह करोउस छलिया कीजिसने भ्रमर रूप रखहम संग प्रीत बढ़ाईऔर अब हमारीहर रात परपत्थर फैंक करजाता है ...मन को जख्मीकरता है ..हमारे अंतस परउसी का पहरा है.द्रगांचल परजाले बुन दिए हैं ..अपनी लिलाओं के उसने. .हमारे वजूद कीअट्टालिका सेवो
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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अशोक जमनानी की लघु कथा: पेटदर्द

Share                 मंत्री जी के पेट में रह-रह कर दर्द उठता। दिन पर दिन बीतते जा रहे थे लेकिन दवा और दुआ दोनों ही बेअसर सिद्ध हो रहीं थीं।अच्छे से अच्छा इलाज़ चल रहा था;
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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ओ......बाबा कृष्ण....!!संभाल लेना यार मुझको....हम सबको.....!!

इन दिनों कई बार यूँ लगता है कि हम लिखते क्यूँ हैं.....हजारों वर्षों से ना जाने क्या-क्या कुछ और कितना-कितना कुछ लिखा जा चूका है....लिखा जा रहा है...और लिखा जाएगा....मगर उनका कुछ अर्थ....क्या अर्थ है इन सबका....इन शब्दों का...इन प्यारे-प्यारे शब्दों का इन
 
भूतनाथ
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव '' रचनाएँ एक जून से

शेयर ब्लॉग्गिंग जगत के सभी साथियों  और पाठकों को अपनी माटी ब्लॉग के सभी सहयोगियों की तरफ से इस ऋतु की बहुत सी शुभकामनाएं,आज से हम ''काव्योत्सव'' आरम्भ कर रहें है.आशा करते हैं कि आपका पूरा पूरा सहयोग  मिलता रहेगा. हमें अभी तक मिली रचनाओं के लिए
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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युवा रचनाकार अशोक जमनानी से दस सवाल

Shareनमस्ते जी अशोक जीकुछ प्रश्न हैं जिनके उत्तर जानकार  मैं और पाठक वर्ग आपके लेखन को और भी अच्छे से समझ सकेंगे.............आशा करतें हैं की जल्दी ही प्रत्युत्तर मिलेगा. लोग कहते हैं कविता का दौर  ख़त्म  हो गया है,कथा की तूती बोलती
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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सेमिनार रपट -‘‘आयड़ नदी ग्रीन ब्रिज सुधार प्रयोग सराहनीय’’

Shareसिटी पैलेस के दरबार हॉल में आयोजित योजना आयोग तकनीकी व वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करेगा(सेमिनार में उपस्थित गणमान्य नागरिक)  झील संरक्षण समिति द्वारा प्रशासन, यूसीसीआई, स्वैच्छिक संस्थाओं, महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन तथा ग्रामवासियों की मदद
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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जल बचाओ विषय पर दिलीप गांधी की दो रचनाएँ.

इस ब्लॉग के ब्लॉगर या लेखक की अनुमति के बिना कोई भी छापी हुयी सामग्री आप कहीं पर छापने कृपा नहीं करें .ये ब्लॉग आपके ही सहयोग से बहुत सदस्यों तक आगे बड़ा है,और आपकी प्रतिक्रियाओं के साथ आगे का सफ़र भी तय करेगा .धन्यवाद
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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अशोक जमनानी की हाल लिखी रचनाएँ

कहानी - बेचारा रामलालShare             छोटे से शहर का छोटा सा मोहल्ला ऐसी ज़गहों पर तो ख़बर आग की तरह फैलती है; बस फैल गयी। सिपाही रामलाल की लड़की किसी दूसरी जात के लड़के के साथ भाग गई। जिसने सुना
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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माणिक की कविता -''बदलते समीकरण ''

Share(विस्मृत  होते महान साहित्यकारों को समर्पित ) जीवन के फलक पर देखा है सभी ने आमद,यौवन और उतार अपनाबुढ़ापे  में बचपन याद आता होगाकभी यौवन में लिखी अधपकी रचनाएँकविता,कहानी और उपन्यासउलझे रहे सदा सेजीवन समीकरणों के
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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अशोक जैन से माणिक की बातचीत

Shareमाणिक:     आन्दोलन में आपकी शुरूआत।अशोक जैन:    जयपुर में कोलेज  की पढ़ाई के शुरूआती दिनों में स्पिक मैके जहां एक फैशन के तौर पर आया था, उन्हीं दिनों मेरा जुड़ाव हुआ। जब सदस्य होना बड़ी बात होती थी, कुछ मित्रों की
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव'' में आज रविन्द्र स्वप्निल प्रजापति जी

Share अपनी माटी ब्लॉग और आप सभी की तरफ से सुनहरे भविष्य की कामना के साथ ''काव्योत्सव'' में आज की रचना और  रचनाकार प्रस्तुत हैं.स्वागत करिएगा.आपके अनमोल सुझाव ,विचार भी बताइएगा --------------------------------------------------- रविन्द्र स्वप्निल
 
माणिक
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Jun 07 2010 02:31 PM
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''काव्योत्सव'' में आज नवीन जोशी ’नवेंदु’ जी

Share अपनी माटी ब्लॉग और आप सभी की तरफ से सुनहरे भविष्य की कामना के साथ ''काव्योत्सव'' में आज की रचना और  रचनाकार प्रस्तुत हैं.स्वागत करिएगा.आपके अनमोल सुझाव ,विचार भी बताइएगा --------------------------------- नवीन जोशी ’नवेंदु’ जी  जन्म:
 
माणिक
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''काव्योत्सव'' में आज रामकृष्ण गौतम जी

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माणिक