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मेरा गाँव मेरा देश

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16 Jun 2010
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गुंडागर्दी और पुलिस की लापरवाही

अंततः विगत सप्ताह मेरे साथ वह हुआ जिसकी मुझे लम्बे समय से आशा थी. मेरे गाँव खंदोई, पुलिस थाना नर्सेना, जनपद बुलंदशहर में गुंडों का एक समूह है जो आरम्भ में तो काफी बड़ा था किन्तु अब उसके अनेक सदस्यों की हत्याओं अथवा गाँव छोड़ देने से कुछ छोटा होगया है. यह
 
देवसूफी राम कु० बंसल
टैग: खंदोई
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अंग्रेज़ी माध्यम शिक्षा का आडम्बर

भारत में जब किसी परिवार को भर पेट भोजन मिलने लगता है तब वह अपने बच्चों को अच्छे शिक्षा प्रदान करने की इच्छा रखने लगता है. ऐसे लोगों को ललचाने के लिए देश भर में अंग्रेज़ी माध्यम के स्कूलों की भरमार है, जिनके विविध स्तर और शिक्षा प्रदायन के मूल्य हैं,
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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सभ्यता और संस्कृति

आज पूरी मानव जाति की बुद्धिहीनता है कि वह सभ्यता और संस्कृति में अंतर कराना भूल बैठी है, और यह भूल ही इस सर्वश्रेष्ठ जाति को पतित कर रही है.  यह है इस अंतर को समझने का एक प्रयास.सभ्यता से हम भली भांति परिचित हैं - मानव की जीवन को बेहतर बनाने की सतत
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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किशोरावस्था प्रेम, समाज और विधान

मेरे गाँव का एक परिवार नगर में रहता है जो कुछ दिन पूर्व ग्रीष्मावकाश व्यतीत करने गाँव आया था. आगमन के तीसरे दिन उस परिवार की १५ वर्षीय किशोरी एक संध्या में अचानक लुप्त हो गयी. परिवार ने तुरंत मुझसे सहायता माँगी और मैं किशोरी की खोज में लग गया. रात्रि भर
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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सामान्य और विशिष्ट लोगों की मानसिकता

जैसा मेरे देश का हाल है, ठीक वैसा ही मेरे गाँव का. समाज दो वर्गों में बनता है - सामान्य और विशिष्ट. विशिष्ट व्यक्ति साधन-संपन्न और कुटिलता में संपन्न हैं, जिसके कारण सरकार जो भीख निर्धनों के लिए देती है, ये उसके माध्यम होते हैं और उसमें से मोटा हिस्सा मर
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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जनसामान्य की मानसिकता

अभी विगत कुछ दिनों में मुझे अपने गाँव के जनसामान्य की मानसिकता का प्रत्यक्ष बोध हुआ जिसे में लघु स्तर पर पूरे भारत के जनसामान्य की मानसिकता का प्रतिबिम्ब मानता हूँ. जैसा कि मैं इसी संलेख पर पहले घोषित कर चुका हूँ कि मैंने अनेक लोगों के बार-बार आग्रह पर
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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मानव अधिकार आयोग की पुलिस पर निर्भरता

लगभग २ वर्ष पूर्व एक नव-विवाहित युगल रात्रि में मेरे गाँव से होकर कहीं जा रहा था. रास्ते में वे एक विद्युत् वोल्टेज युक्त तार में उलझ गए और दोनों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी. वह तार लगभग ८ दिन से टूटा पडा था और सम्बंधित विद्युत् कर्मियों ने उस पर कोई
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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जनगणना और मतदाता सूची के छिद्र

भारत की वर्तमान जनसँख्या लगभग १,२००,०००,००० कही जाती है. किन्तु इस बारे में जो अव्यवस्था मेरे गाँव के रूप में दिखाई देती है वही सर्वत्र व्याप्त है. मेरे गाँव में इस समय लगभग १,७०० मतदाता हैं किन्तु इनमें से लगभग ३०० ऐसे मतदाता हैं जो गाँव से बाहर रहते
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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गन्ने की खेती

भारत के एक प्रसिद्ध कवि द्वारा रचित दोहा है -'अति का भला न बरसना अति की भली न धूप,अति का भला न बोलना अति की भली न चूप.' किन्तु भारत के किसानों ने इससे कोई सीख नहीं ली और जब कोई फसल उगाते हैं तो सभी उगाते हैं. इस बार प्रत्येक किसान गन्ने की फसल बो रहा है
 
देवसूफी राम कु० बंसल
May 09 2010 12:14 PM
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सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मेरा अनुभव

सूचना अधिकार अधिनियम भारत का बहुचर्चित अधिनियम है जिसके अंतर्गत प्रत्येक नागरिक को किसी भी सार्वजनिक कार्यालय सेउससे सम्बंधित विषयों पर सूचना पाने का अधिकार दिया गया है.  किन्तु इस बारे में मेरा अनुभव कुछ इस प्रावधान के विपरीत है. राजकीय पदों पर
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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आरक्षण का विष

भारत के स्वतंत्रता संग्राम की यह एक गंभीर त्रुटि रही कि स्वतंत्रता की मांग करने वालों ने कभी यह विचार नहीं किया कि वे स्वतन्त्रता के बाद इस विशाल और समस्याग्रस्त देश को कैसे चलाएंगे. इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि स्वतन्त्रता प्राप्ति पर देश का नेतृत्व
 
देवसूफी राम कु० बंसल
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नेतृत्व का अभाव

स्वतंत्रता संग्राम ने भारत को अनेक नेता प्रदान किये थे जिनमें से महात्मा गाँधी और सुभाष चन्द्र बोस शीर्षस्थ रहे हैं  स्वतन्त्रता के बाद भी सरदार पटेल ने देश के गृहमंत्री के रूप में जो कर दिखाया था नेहरु जैसे तथाकथित नेता उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते
 
देवसूफी राम कु० बंसल
Apr 16 2010 07:56 AM
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विद्युत् संकट और संघर्ष

 उत्तर प्रदेश के अन्य गाँवों की तरह ही एक वर्ष पहले तक मेरे गाँव खंदोई में भी विद्युत् संकट अपने कैरम पर था - ग्र्रेश्म में विद्युत् वोल्तागे २३० के स्थान पर ५० वोल्ट तक गिरा रहता था, तथा सर्दी में भी १५० वोल्ट से अधिक अपवादस्वरूप ही प्राप्त होता
 
देवसूफी राम कु० बंसल
Apr 11 2010 11:09 AM
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बलात्कार का विरोध

सन २००८ के अंत में एक सुबह मुझे ज्ञात हुआ कि गाँव के दो या तीन युवाओं ने एक अविवाहित मुस्लिम १४ वर्षीय बालिका के साथ बलात्कार किया है और अपराधियों के परिवार वाले बालिका के पिता को पुलिस में शिकायत करने से रोक रहे हैं. सभी गाँव वाले तमाशा देख रहे हैं
 
देवसूफी राम कु० बंसल
Apr 01 2010 04:27 PM
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प्राथमिक विद्यालय का संघर्ष

सन १९६१ में जब में कक्षा ९ में पहुंचा था, तभी से अब सन २००० में अपने व्यावसायिक कार्यों से निवृति पाने तक की लगभग ४० वर्ष की अवधि में प्रमुखतः गाँव से बाहर ही रहा हूँ यद्यपि यदा-कदा संपर्क बना रहा है. सन २००० में जब स्थायी निवास की दृष्टि से यहाँ लौटा तो
 
देवसूफी राम कु० बंसल
Mar 26 2010 12:44 PM
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मेरा गाँव खंदोई

मेरा गाँव खंदोई देश के कृषि प्रधान क्षेत्र गंगा-यमुना दोआब में गंगा नदी से केवल ४ किलोमीटर की दूरी पर बुलंदशहर जनपद में स्थित है. यह क्षेत्र कला और संस्कृति की दृष्टि से बहुत अधिक पिछड़ा है तथापि राजनैतिक चेतना से भरपूर है. किन्तु यह राजनैतिक चेतना देश
 
देवसूफी राम कु० बंसल
Mar 24 2010 08:41 AM