वर्ष २०१० में विश्व पशु चिकित्सा दिवस के अवसर पर एक विश्व एक स्वास्थ्य विषय पर पूरे विश्व के पशु चिकित्सकों ने विचारमंथन किया । २४ अप्रैल को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पूर्वांचल के पशुचिकित्सकों ने होटल शिवॉय में एक भव्य समारोह का आयोजन करके विश्व पशु
पशुओं के सबसे निकट पशुपालक एवं पशुचिकित्सक रहते हैं जिस कारण से पशुओं से मानव में रोग संचरण में इनकी भूमिका अति महत्वपूर्ण होती है। अमेरिका से प्रकाशित एक शोधपत्र में पशुचिकित्सकों की भूमिका पर व्यापक अध्ययन किया गया है। वास्तव में पशुचिकित्सक का संपर्क
भारत में पशुओं में रोग नियंत्रण के लिए कोई अलग तंत्र नहीं होने से एक पशु चिकित्सक को सारे कार्य करने पड़ते हैं। टीकाकरण, प्रजनन, प्रसार, रोग उपचार आदि के लिए एक ही पशुचिकित्सक उत्तरदायी होता है। सरकारी उदासीनता की वजह से गावों में तथाकथित फर्जी
देश में पशुओं की ख़राब हालत के लिए हम सब जिम्मेदार हैं। हम सब मिलकर प्रयास करने के बजाय एक दूसरे पर दोषारोपण करते रहते हैं। कुछ सरकारी नीतियाँ जिम्मेदार हैं कुछ जनता जिम्मेदार है। पैरावेट जैसे ही हजारों लोगों को सरकार ने जानवरों की जान से खेलने का
राष्ट्र निर्माण में पशु चिकित्सकों के महत्व पूर्ण योगदान की हमेशा उपेक्षा की गई है जिस कारण पशु चिकित्सकों के कल्याण की तरफ़ सरकारें भी पूरा ध्यान नही देती हैं और उनकी आवश्यकताओं एवं भूमिका को पुनः परिभाषित कराने की जरुरत है। समस्त पाठकों विशेषकर