2
nazm
बादल कीअठखेलियों सेटिमटिमाती शामतुम बिछा दोजो रुमाल कालाखेल खत्महो जाए....------------------------आवाज़ की रातोतले दबीबुदबुदाती आँखों सेमैं ख़ामोशी चुरा लायी हूँ.....तुम कहो तो दो रोज़ कोजुबां पे रख लूँ....----आंच---
- 12 20 टिप्पणियां [0]
Jun 17 2010 05:30 PM


Shuffle








