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विचार-बिगुल

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15 Jun 2010
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बंधु आगे बढ़ता चल, सबका माल पचाता चल कवि सम्मेलन में सम्मानित हुए डा. परिहार

आगरा। साहित्यिक संस्था आनंद मंगलम् एवं हरप्रसाद व्यवहार अध्ययन संस्थान के तत्वावधान में स्थानीय माथुर वैश्य महासभा भवन में विगत रात्रि अ.भा. कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन केन्द्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन ने किया। मुख्य अतिथि
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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बड़ो के प्रति न्यायपालिका की नरमी

यह प्रश्न देशवासियों को निरंतर मथ रहा है कि 1984 में भोपाल में हुई भयानक त्रासदी के आरोपियों को पर्याप्त दंड नहीं मिला। यूनियन कारबाइड सयंत्र भोपाल में जहरीली गैस रिसने से 15000 लोग काल-कवलित हो गये। लगभग पांच लाख लोग प्रभावित हुए। इस मामले में माना जा
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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समझ में नहीं आता द रेड साड़ी पर विवाद

स्पेनिश लेखक जेवियर मोरो द्वारा सोनिया गांधी पर लिखित पुस्तक द रेड साड़ी आजकल विवादों के घेरे में है। सन् 1977 की घटनाओं के आधार पर लिखी गई यह पुस्तक स्पेन और इटली में पहले ही प्रकाशित हो चुकी है। अब उसका अंग्रेजी अनुवाद प्रकाशित हो रहा है। प्रकाशन होने
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह १४ जून को

साहित्यिक संस्था आनंद मंगलम और हर प्रसाद व्यव्हार संसथान के सयुक्त तत्वावधान में १४ जून को आगरा के माथुर वैश्य महासभा भवन पर नवल सिंह भदौरिया स्मृति कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रोफ़ेसर ॐ पाल सिंह
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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कठिन होगी डगर इंग्लैंड की

विलायत अर्थात् ब्रिटेन जाना उसके गुलाम रहे देशों के नागरिकों की अन्तिम और पहली इच्छा होती है कि वह वहां जाये। वहीं रहे और उनकी तरह अथाह पैसा कमाये। इसके लिए उन्हें अगर शादी का सहारा लेना पड़े तो भी कुछ गलत नहीं है। वहां का निवासी बनने के लिए इन देशों के
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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भोपाल के तत्कालीन जिलाधिकारी कायर

अफ़सोस की बात है की आज भोपाल के तत्कालीन जिलाधिकारी श्री मोती सिंह को यह बात याद आ रही है की उन्हें यूनियन कार्बाइड के चीफ वारेन एन्डरसन की ज़मानत सुनिश्चित कराने का आदेश मुख सचिव ने दिया था। उस समय अर्जुन सिंह मुख्मंत्री थे। इस तरह के बयां देने से आम जनता
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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माटी के दीप-काव्य का उजाला (काव्य संग्रह)

माटी के दीप-काव्य का उजाला (काव्य संग्रह)समीक्षकः डा. महाराज सिंह परिहारहिंदी साहित्य के इतिहास में कविता ने ऐतिहासिक भूमिका का निर्वाह किया है। इसके माध्यम से ही हिंदी जन-जन तक पहुंची। गेयता और ध्वन्यात्मकता के कारण इसे लोगों का आत्मसात करने में परेशानी
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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बदलाव आयेगा उच्च शिक्षा में

विश्वविद्यालय अनुसंधान आयोग उच्च शिक्षा में हो रही निरंतर गिरावट के कारण अब उसका कायाकल्प करने में जुटा है। मद्रास विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एसपी त्यागराजन की अध्यक्षता में बनी यूजीसी कमेटी की रिपोर्ट को मानव संसाधन विकास ने स्वीकार कर लिया है। सात
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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Jun 08 2010 09:59 PM
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श्री श्री रविशंकर पर हमला कितना सच

विगत दिनों आर्ट ऑफ लिविंग मिशन के प्रणेता रवि शंकर पर हमला हुआ। इस हमले को जहां रविशंकर ने अपने ऊपर जान से मारना करार दिया जबकि इसके विपरीत राज्य सरकार सहित गृहमंत्री चिदम्बरम ने इसे अधिक गंभीरता से नहीं लिया। बल्कि इसे उनके शिष्यों का आपसी झगड़ा करार
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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पाकिस्तान का बदलता नजरिया

पाकिस्तान के राष्टपति का मानना है कि भारत के साथ युद्ध उनके एजेंडे में कतई नहीं है। वह शंति से आपसी मतभेदों को समाप्त करना चाहते हैं। वह लोकतंत्रवादी तथा उदारवादी है। वह पाकिस्तान में लोकतंत्र को मजबूती देने में जुटे हुए हैं। उनकी निगाह में युद्ध किसी
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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ममता का परचम-कांग्रेस की विवशता

नगर निकायों के चुनाव में ममता बैनर्जी की पार्टी की भारी जीत ने उनके हौंसले बुलंद कर दिये हैं। इस जीत से आल्हादित होकर वह संप्रग सरकार को आंखे दिखा सकतीं हैं। वैसे भी ममता पर मनमोहन का कोई जोर नहीं है। वह गाहे-बगाहे उन्हें नकारती रहीं हैं। वैसे भी
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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Jun 04 2010 09:33 PM
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डाक्टर महाराज सिंह परिहार के दो गीत

यह गीत रामजन्म आन्दोलन के समय लिखा गया जब आगरा में धर्म के नाम पर दंगा हुआ। यहाँ की गंगा जमुनी संस्कृति के साथ खिलवाड़ किया गया। आपकी भाईचारे को ध्वस्त करने का प्रयास किया गया। उस दोरान हम आगरा की शानदार विरासत भूल चुके थे।संत नहीं कोई और हैंआज जहरीली
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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डा. राजकुमार रंजन के दो गीत

हिंदी साहित्य की लोकप्रिय विधा गीत ने हमेशा से ही लोगों को आल्हादित और प्रफुल्लित किया है। इसके माध्यम से मानवीय संवेदनाएं अधिक प्रभावी ढंग से मुखर हुई हैं। गीत ही वस्तुतः साहित्य की आत्मा है। डा. राजकुंमार रंजन देश के ऐसे गीतकार हैं जो मंच और प्रकाशन के
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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वरिष्ठ कवि निखिल सन्यासी का सम्मान

आगरा स्थित नागरी प्रचारिणी सभा के शताव्दी वर्ष में वरिष्ठ कवि निखिल सन्यासी का सम्मान किया गया। सांसद डाक्टर राम शंकर कठेरिया, विख्यात कवि सोम ठाकुर, पूर्व सांसद व कवि प्रो ओमपाल सिंह निडर ने उन्हें शाल पहनाकर तथा प्रशस्ति पत्र भेट कर उनका सम्मान किया।
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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नहीं है ईमानदारी हिंदी पत्रकारिता में

हिंदी पत्रकारिता जिसने आज़ादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका का निर्वहन किया। वह आज कहीं दिखाई नहीं देती। समाज को जाग्रत करने तथा उसे पाखंडों से निकालने की अपेक्षा पत्रकारिता समाज को गलत दिशा में ले जा रही है। कभी सम्मान का यह पेशा अब दलालों, पूंजीपतियों तथा
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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बस सरकार चल रही है

यूपीए सरकार ने कोई ऐसा काम नहीं किया जिससे आम आदमी को राहत मिले। किसी तरह से मनमोहन सिंह अपनी सरकार चला रहे हैं। यह सरकार अपनी योजनाओं को अमली जामा पहनाने में असमर्थ दिखाई देती है।यह दिशाहीन सरकार है। आम जनता को इससे भविष्य में कोई उम्मीद नहीं है। वस्तुत
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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आम आदमी से दूर मनमोहन

केन्द्र की यूपीए सरकार ने अपना एक वर्ष पूरा कर लिया है। लेकिन जिस आम आदमी का नारा देकर यह सरकार आई थी। वह आम आदमी कहां है ? कहां है उसके सपने ? कौन सोच रहा है उसकी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए ? वैसे मनमोहन सिंह ने अपने प्रधानमंत्रित्व काल के छह
 
डा. महाराज सिंह परिहार
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पानी पर होगा युद्ध

इस समय समूचा देश जल संकट से त्राहि-त्राहि कर रहा है। अगर यही आलम रहा तो पानी ही लड़ाई का प्रमुख कारण बन जायेगा। क्योंकि जीने के लिए भोजन से भी अधिक पानी की जरूरत होती है। आश्चर्य इस बात का है कि इस भयावहता की ओर न तो सरकार का ध्यान है और न ही जनता का। वह
 
डा. महाराज सिंह परिहार
May 29 2010 07:16 AM
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तखल्लुस और कविता में उपनाम की परंपरा

किसी भी कवि सम्मेलन को देखो अथवा मुशायरे को। वहां इस अदब के नामचीन लोग मिल जायेंगे। किसी का नाम भोंपू है तो कोई पागल है। कोई सरोज है तो कोई रंजन। कोई संन्यासी है तो कोई निखिल संन्यासी। लेकिन इस सच्चाई को बहंत कम लोग ही जानते होंगे कि इनके असली नाम कुछ और
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मैं गीत लिखता हूँ-राजकुमार रंजन

मैं राजकुमार रंजन आप के पास आ गया हूँ। मैं गीत लिखता हूँ, गाता भी हूँ। गीत ही मेरा जीवन है। मैं अपने सम्पूर्ण जीवन के साथ आप से मिलता रहूँगा . आप सबको प्रणाम ।
 
Dr Raj Kumar Ranjan
May 23 2010 06:40 PM
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जरूरी नहीं मुस्लमान फतवे को स्वीकारें

मजहबी ठेकेदार समाज पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए अपने धार्मिक अधिकारों का दुरुपयोग करते आ रहे हैं। वह नहीं चाहते कि लोग पढ़ें, लिखें, उनका विवेक जाग्रत हो। अगर लोग पढ़-लिखकर ज्ञानवान और विवकेशील बन जाएंगे तो इन कथित गुरुओं, पंडितों और मुल्लाओं की दुकानें
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इस्लाम में गैर बराबरी नहीं

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सोनिया-राहुल की राजनीति

भीषण गर्मी में भी उत्तर प्रदेश का राजनैतिक वातावरण गरमाया हुआ है। सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी इन दिनों प्रदेश के दौरे पर हैं। उनकी निगाहें 2012 पर हैं जब यहां विधान सभा के चुनाव होने हैं। उन दोनों की कोशिश है कि आगामी चुनावों में पार्टी अपना पुराना गौरव
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प्रगति के नए प्रतिमान

प्रगति के नए प्रतिमान बंधू आगे बढ़ता चल,सबका माल पचाता चलअगर तरक्की करनी है तोटंगड़ी मार गिराता चलसच्चाई को आग लगा दे,भाईचारे को दफना दे उन्हें डुबोकर बीच भंवर मेंअपनी कश्ती पार लगा लेझूठ फरेबों की नदियाँ मेंगोते खूब लगाता चल.........अगर कवि बनना है
May 19 2010 03:01 PM
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संतन को सीकरी सूं ही काम

पहली नजर में उपर का शीर्षक ज़रूर पाठकों को अटपटा लगेगा पर सच्चाई से मुंह मोड़ना रचनाकार का काम नहीं है। रहे होंगे कभी संत कवि कुम्भन दास। जाने किस भावावेश में कह गए, संत को कहाँ सीकरी सूं काम। जबकि इतिहास गवाह है कि हमने हमेशा सत्ता के गलियारों के आश्रय
May 19 2010 02:31 PM
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महाकवि सूरदास सम्मान से अंलकृत डा. परिहार

साहित्यिक सेवाओं तथा पत्रकार जगत की उपलब्धियों, सफल संपादन व प्रगतिशील चिंतन के लिए डा. एम.एस. परिहार (डा. महाराज सिंह परिहार) को 17 मई की अर्द्धरात्रि को आगरा विकास संघ द्वारा आयोजित साहित्यकार सम्मान समारोह में महाकवि सूरदास सम्मान से अलंकृत किया गया।
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शिवसागर काव्य सभागार का शुभारम्भ

आज के समय में साहित्य के प्रति उपेक्षा का भाव है। लोगों के पास समय नहीं है इसे पड़ने और सुनने का। ऐसे परिवेश में किसी कवि का काव्य सभागार का निर्माण करना अपने में महत्वपूर्ण है। देश के मशहूर गीतकार शिवसागर शर्मा द्वारा निर्मित शिवसागर काव्य सभागार का
May 17 2010 04:44 PM
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क्रांति का बिगुल

क्रांति का बिगुलहम गीत प्यार के गाते हैंक्रांति का बिगुल बजाते हैंहम परिवर्तन के अग्रदूतपानी में आग लगाते हैंजब जब धरती का मान गिराऔर बेबस का सम्मान गिरामर्यादा का चीर के दामनजब भूखे का इमान गिरातभी शब्द का तरकश लेकर सत्ता से टकराते हैंधर्म बना मानव का
May 16 2010 08:45 AM
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न्यायपालिका में होगी ईमानदारी की पूजा

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के.जी. बालाकृष्णन ने अपनी सेवानिवृति से पूर्व दियेअपने वक्तव्य में यह स्वीकार किया कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है लेकिन अधिक नहीं है। उनकीइस स्वीकारोक्ति से स्पष्ट है कि हमारे न्याय के मंदिर भ्रष्टाचार में
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जाति आधारित जनगणना-क्या होंगे परिणाम

भारत की सामाजिक संरचना ऐसी है कि इसमें बिना जाति के रहना असंभव सा है। आदमी की पहचान ही जाति से होती है। पानी पिलाने से पहले अमुक व्यक्ति की जाति पूछी जाती है। हमारे गांव व शहर भी जातियों में बंटे हुए हैं। हर गांव में जाति विशेष की प्रचुरता होती है। कुछ
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टी-20 से शर्मनाक विदाई

आखिर वहीं हुआ जिसकी आशंका थी। अपने को टी-20 क्रिकेट का शहंशाह कहने वाला भारत सेमीफायनल में भी नहीं पहुंच सका। श्रीलंका ने वेस्ट इंडीज में उसकी शर्मनाक विदाई कर दी। इस टी-20 विश्व टूर्नामेंट से यह जाहिर हो गया कि अब हमारे खिलाड़ियों में जीतने की भूख के
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अखिल भारतीय कवि सम्मलेन और डाक्टर राय तथा डाक्टर परिहार का सम्मान

अखिल भारतीय कवि सम्मलेन और डाक्टर राय एवंडाक्टर परिहार का सम्मानआगरा ही नहीं हिंदी जगत की प्रतिष्ठित संस्था आनंद मंगलम सा तत्वावधान में १४ मई २०१० को माथुर वैश्य सभा भवन आगरा पर अखिल भारतीय कवि सम्मलेन और डाक्टर राय एवं डाक्टर व डाक्टर रंजन, परिहार का
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डा. एम.एस. परिहार के दो समसामयिक गीत

एक और संग्रामआजादी है अभी अधूरीपाये न जनता रोटी पूरी।तंत्र लोक से दूर हुआ हैअवमूल्यन भरपूर हुआ है।।आज देश टुकड़ो में बंटता जीना हुआ हराम।अभी देश को लड़ना होगा एक और संग्राम।।सपनों की लाशें आवाराबेबस का है नहीं गुजारा।माली ने गुलशन मसला हैगांधी का भारत
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May 02 2010 05:27 PM
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जो तटस्थ हैं समय लिखेगा उनका भी अपराध

आज की राजनीति पतन के दौर से गुजर रही है। राष्ट्रवाद, गांधीवाद, समाजवाद अथवा अम्बेडकरवाद ट्रेड मार्क बनकर रह गये हैं। न तो गांधीवादियों में गांधी की नैतिकता है और न ही समाजवादियों में परिवार के अतिरिक्त समाज के प्रति संवेदना है। अम्बेडकरवाद भी सत्ता पाने
Apr 30 2010 07:48 PM
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जनता ही भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाये

मेडीकल काउन्सिल ऑफ इन्डिया के चेयरमैन डा. केतन देसाई के घर से बरामद अरबों रुपयों की नकदी और जेबरात से लगता है कि वह कितनी बेरहमी के साथ हराम की कमाई को दोनों हाथों से बटोर रहे थे। मध्यप्रदेश में ही एक आईएएस दम्पत्ति भी करोड़ों की काली कमाई के साथ पकड़े
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सेना से ही ईमानदारी की अपेक्षा क्यों

अभी सकुना मामले में सारे देश में भूचाल मचा हुआ है जिसके तहत ले-जनरल अवधेश प्रसाद सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों पर कोर्ट मार्शल के आदेश हुए हैं। इससे पहले तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष जनरल दीपक कपूर ने इस आरोपी सैन्य अधिकारियों के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई
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राहुल का 2012 मिशन

उत्तर प्रदेश की राजनीति फिर गर्मा रही है। कांग्रेस ने खोये हुए आधार को वापस लाने के लिए अपने युवराज राहुल को मैदान में उतार दिया है। हालांकि वह लोकसभा चुनाव से पहले ही प्रदेश में सक्रिय हो गये थे। इससे कांग्रेस को सफलता भी मिली। अब राहुल गांधी का मिशन
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अम्बेडकर के सपनों से खेलते उनके अनुयायी़

’’वे धन्य हैं, जो यह अनुभव करते हैं कि जिन लोगों में हमारा जन्म हुआ। उनका उद्धार करना हमारा कर्तव्य है। वे धन्य हैं, जो गुलामी का खात्मा करने के लिए अपना सब कुछ निछावर करते हैं। और धन्य हैं वे, जो सुख और दुःख, मान और अपमान, कष्ट और कठिनाइयां, आंधी और
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अपने को बदलो कलमकारों

जाने कब हम कलमकारों का जमीर जागेगा औेर सच्चाई की जंग के लिए आगे आएंगे ? आजादी के बाद जो अपेक्षाएं थीं। समतायुक्त समाज का सपना था। हर हाथ को काम और रोटी का वादा था। क्या हुआ इन वायदों और संकल्पों का ? आज भी अंधेरे में भारत सिसक रहा है। किलकारियां मार रहा
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क्या विधायिका में पत्नियाँ या प्रेमिकाएं होंगी

जब हम अपने अतीत पर नजर डालते है तो पाते है कि प्राचीन काल में गार्गी, मैत्रेयी, अपाला जैसी प्रसिद्ध महिला दार्शनिक थी। स्वंतत्रता आंदोलन में भी महिलाओं का योगदान पुरुषों से कम नही था। इस आंदोलन से जुड़ने के गांधीजी के आह्वान पर ऐसे समय महिलाओं ने इसमें