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सप्तरंगी प्रेम

http://saptrangiprem.blogspot.com/
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17 Jun 2010
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ओ मेरे मनमीत!

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता रावेन्द्र कुमार रवि जी का एक प्रेम-गीत 'ओ मेरे मनमीत'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... सोच रहा-तुम पर ही रच दूँ मैं कोई नवगीत! शब्द-शब्द में यौवन भर दूँ, पंक्ति-पंक्ति में प्रीत! हर पद
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झंकृत

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता कवि कुलवंत सिंह का गीत 'झंकृत'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... झन - झन झंकृत हृदय आज हैवपु में बजते सभी साज हैं ।पी आने का मिला भास हैमिटेगा चिर विछोह त्रास है ।मंद - मंद मादक बयार
Jun 12 2010 10:12 AM
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गुलमोहर

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती संगीता स्वरुप जी की कविता 'गुलमोहर'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... याद है तुम्हें ? एक दिन अचानक आ कर खड़े हो गए थे मेरे सामने तुम और पूछा था तुमने कि - तुम्हें गुलमोहर के फूल पसंद
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अहसास

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती आकांक्षा यादव जी की कविता 'अहसास'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... एक अहसासकिसी के साथ काकिसी के प्यार काअपनेपन काएक अनकहा विश्वासजो कराता है अहसासतुम्हारे साथ काहर पल, हर क्षणइस क्षणिक
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ऐ सुनो !

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती शिखा वार्ष्णेय जी की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... सुनो! पहले जब तुम रूठ जाया करते थे न,यूँ ही किसी बेकार सी बात परमैं भी बेहाल हो जाया करती थी चैन ही नहीं आता था मनाती
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प्यार का सार

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती रश्मि प्रभा जी की एक कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... दस्तकें यादों कीसोने नहीं देतींदरवाज़े का पल्लाशोर करता हैखट खट खट खट...सांकल ही नहींतो हवाएँ नम सी यादों की सिहरन बनअन्दर आ
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सम्बन्ध आज सारे, व्यापार हो गये हैं

एक तरफ प्यार की अनुभूतियाँ हैं तो वहीँ इस प्यार का सौदा करने वाले भी पैदा हो गए हैं. रिश्ते-नाते-सम्बन्ध सभी कई बार जितने अछे लगते हैं, दूसरे ही क्षण वे बेगाने हो जाते हैं. कहीं पंचायतें प्यार का गला घोंट रहीं हैं तो कहीं आनर किलिंग के नाम पर प्यार की
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एक अलग एहसास

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता विनोद कुमार पांडेय का एक प्रेम-गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... नित पुष्प खिला कर,खुशियों के,मन बगिया महकाया तुमने,आँखों के आँसू लूट लिये,हँसना सिखलाया तुमने,सूना,वीरान,अधूरा
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ग़ज़ल

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती जय कृष्ण राय 'तुषार' की ग़ज़ल. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... सुहाना हो भले मौसम मगर अच्छा नहीं लगतासफर में तुम नहीं हो तो सफर अच्छा नहीं लगताफिजा में रंग होली के हों या मंजर दीवाली के
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मेरा हृदय अलंकृत

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता रावेन्द्र कुमार रवि का एक प्रेम-गीत 'मेरा हृदय अलंकृत'. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... मेरा हृदय अलंकृत होकर करे न क्यों परिहास! उसे मिला है- मुग्ध चंद्रिका-सा अनुरंजित हास! बनी उदासी
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प्रेम

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती कृष्ण कुमार यादव की कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... प्रेम एक भावना हैसमर्पण है, त्याग हैप्रेम एक संयोग हैतो वियोग भी हैकिसने जाना प्रेम का मर्मदूषित कर दिया लोगों नेप्रेम की
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प्रणय गीत

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटता कवि कुलवंत सिंह का प्रणय-गीत. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... गीत प्रणय का अधर सजा दो ।स्निग्ध मधुर प्यार छलका दो ।शीतल अनिल अनल दहकाती,सोम कौमुदी मन बहकाती,रति यामिनी बीती जाती,प्राण
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पीले फूल

'सप्तरंगी प्रेम' ब्लॉग पर आज प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटती संगीता स्वरुप जी की कविता. आपकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार रहेगा... मैंने यादों के दरख्त पर टांग दिए थे अपनी चाहतों के पीले फूल और देखा करती थी उनको अपनी निर्निमेष आँखों से जब भी कोई चाहत होती
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प्रेम आधारित रचनाओं का स्वागत : सप्तरंगी प्रेम

सप्तरंगी प्रेम ब्लॉग पर हम प्रेम की सघन अनुभूतियों को समेटे रचनाओं को प्रस्तुत करेंगे. जो रचनाकार इसमें भागीदारी चाहते हैं, वे अपनी 2 मौलिक रचनाएँ, जीवन वृत्त, फोटोग्राफ भेज सकते हैं. रचनाएँ व जीवन वृत्त यूनिकोड फॉण्ट में ही हों. रचनाएँ भेजने के लिए मेल-
Apr 08 2010 12:50 PM