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मेरी बातें

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18 Jun 2010
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मेरी नालायक सी दोस्त रिया :)

वो मेरी सबसे नालायक दोस्त है, और मैं उसका सबसे नालायक दोस्त :) ऐसा ही वो कहती है..हमारे बीच अगर लड़ाई न हो कभी फोन पे तो दोनों को अजीब सा लगता है, रात को नींद नहीं आती..बेचैनी सी रहती है, इसलिए हमने तय कर रखा है की जब भी फोन मैं उसे करूँ या वो मुझे करे तो
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मैं हूँ आज की नारी

मैं हूँ आज की नारी..मैं ही हूँ दुर्गा,मैं  ही सरस्वती...मैं कृष्ण की राधा भी हूँ..और सीता भी..फिर आज क्यूँ,कभी लज्जित भी होना पड़ता है मुझे..मैं तो बहन भी हूँ और बेटी भी..फिर भी क्यूँ,इस समाज में.. ..अक्सर उचित सम्मान,और अधिकार से,वंचित  रह जाती
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कुछ ऐसे यादगार सफर थे वो..वो सफर अब वापस नहीं आयेंगे..

जब मैं स्कूल में था, तो ज्यादातर पटना में ही रहता था.कहीं जाना भी हुआ तो अपने गांव बेगुसराय, वो भी छठ पूजा में.हम तो जैसे साल भर सिर्फ छठ पूजा का ही इंतज़ार करते थे.अभी भी याद है वो दिन.जिस दिन हमें गांव जाना होता था, उस दिन सुबह 4 बजे मम्मी उठा देती
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परिवार और मित्र - उनसे जो मुझे सीख मिलती है...

हम अक्सर अपने आस पास, परिवार से या फिर मित्रों से कितने ही ऐसी बातें सीख लेते हैं जो किसी स्कूल में या फिर किसी पढाई के सिलेबस में नहीं रहती.ये छोटी मोटी पर बड़े मतलब वाली बातें रहती हैं.मैं जब घर पे रहता हूँ तब मम्मी से काफी बातें होती हैं.लगभग हर विषय
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ब्लॉगर का नया अपडेट...नए और आकर्षक टेम्पलेट अब ब्लॉगर से ही चुनिए..

ई-ब्लॉगर(Blogspot.com) ने एक नया अपडेट किया है, टेम्पलेट बनाने का, और अपने लेआउट सेक्सन को भी अपडेट किया है. जो लोग नियमित ई-ब्लॉगर पे लोगिन करते हैं उन्हें तो ये अपडेट के बारे में मालूम चल ही गया होगा. ये पोस्ट उन लोगों के लिए है जिन्हें ई-ब्लॉगर के इस
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वो क्या दिन थे जब हम ग्रीटिंग्स कार्ड और चिट्ठी लिखते थे..

आज मेरी बहन निमिषा का जन्मदिन है, ऑफिस जा रहा था सुबह, बस पे था..निमिषा को फोन करके जन्मदिन की बधाई दी, और फिर कुछ देर तक हमारी बातें हुई. पुरे रास्ते मैं ये सोचते जा रहा था की एक वो भी दिन थे जब हम न्यू इयर, जन्मदिन,दिवाली,होली के ग्रीटिंग्स कार्ड लेने
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प्यारा निमिष..

आज आपको कुछ तस्वीर दिखाता हूँ अपने भतीजे की..निमिष की,ये  मेरे बहुत ही करीबी मित्र नीलोत्पल का बेटा है.इसके पिताजी यानी मेरा दोस्त नीलोत्पल जितना पकाऊ और बेकार है ;) ये निमिष उतना ही प्यारा और मासूम...नीलोत्पल  और मैं बहुत ही करीबी मित्र हैं,
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Cocodle.com-एक सराहनीय प्रयास...आप भी मदद करें गरीब और विकलांग बच्चों की..

हम हमेशा सोचते हैं की विकलांग,गरीब और अनाथ बच्चों की मदद करें लेकिन अक्सर ऐसा चाह के भी नहीं कर पाते.अगर  आप इन्टरनेट का इस्तेमाल करते हैं और इन्टरनेट से आपका लगाव भी है, तो आप भी एक छोटी सी मदद कर सकते हैं उन बच्चों के लिए.एक  सर्च इंजन है,
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एक छोटी बच्ची और उसका फूलों का गुलदस्ता..

बात आज शाम की है, जब मैं ऑफिस से वापस घर आ रहा था.एक ऐसी बात हुई जो वैसे तो कोई बड़ी नहीं लेकिन मैं बड़ी देर तक सोचता रहा.पता नहीं ये बात ब्लॉग पे पोस्ट करनी चाहिए या नहीं लेकिन मैं पोस्ट कर रहा हूँ.मैं रहता हूँ बैंगलोर में और यहाँ ऐ.सी. वोल्वो बस बहुत
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बहन की बातें, एक बार फिर...हैप्पी बर्थडे टू माई सिस्टर

बहनों  का संसार भी कितना प्यारा होता है, हम भाइयों के लिए बहनों के दामन में कितना प्यार होता है.ज़माने की उलझन आपको कितना भी परेसान कर दें, कितना भी झकझोर दे, लेकिन बहन के दामन में आते ही आपकी सारी थकान ,सारा दर्द एक पल में ही मिट जाता है.बहनों का
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गूगल का इस्तेमाल एक हद तक ही सही...

ये गूगल के बारे में तो सभी जानते हैं अच्छे से.सभी लोगों को पता है की गूगल है क्या.कुछ भी जानकारी चाहिए हो, तो बस हम लोग गूगल करने लगते हैं, किसी वेबसाइट का नाम याद नहीं या फिर किसी के बारे में जानना है, तो बस गूगल करो और जानकारी लो.कितने ही सर्च इंजन हैं
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एक रात जो बहुत दिनों बाद आई..

कल शाम थोड़ा मैं बहुत थका थका महसूस कर रहा था, शायद काम से सम्बंधित थकान थी या फिर मानसिक थकान.आजकल थोड़ा काम को लेकर भी कुछ परेसान हूँ, कुछ इन्टर्व्यू भी आज कल चल रहे हैं, और थोड़ा सा मैं जॉब चेंज करने के मुड में भी हूँ.शायद यही सब बातें चल रही थीं दिमाग
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हमारे जिंदगी में औरत के होने का महत्त्व..एक स्लाइड-शो

परसों शाम दो लोगों का एस.एम.एस  आया, दोनों ने एक ही एस.एम.एस किया था..वो एस.एम.एस तो इंग्लिस में था, और 4-5 लाइनों का था..वो मेसेज था ही इतना प्यारा की मैंने सोचा की एक पोस्ट कर दूँ उस एस.एम.एस के विषय में..असल  में, ये एस.एम.एस हमारे जिंदगी
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क्या आप भी इन्टरनेट एडिक्ट हैं..? तो इसे पढ़ें...

इन्टरनेट ने तो हमारे जिंदगी में कुछ इस तरह अपनी जगह बना ली है की आज हम बस वर्चूअल समाज में फंस के रह गए हैं. चाहे बातें करनी हो या फिर टाइम पास, कुछ भी हो जब न तब हम इस इन्टरनेट का सहारा ले लेते हैं.कुछ तो ऐसे भी लोग हैं जो दोस्तों से ऑनलाइन बातें करने
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मेरे चार दोस्त-कुछ पुरानी यादों के नशे में -पार्ट 2

अभी सुबह जो मैंने ब्लॉग पोस्ट लिखा, उसी को आगे बढ़ाते हुए ये पोस्ट है...कल वाला नशा आज भी दिन भर बरकरार रहा.दिन में दिल किया कुछ विडियो देखने का तो rajshri.com पे लोगिन किया और कुछ पुराने विडियो देखे..उसी वेबसाइट में कुछ पुराने टी.वी सीरियल के भी लिंक
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कुछ यादों की खुमारी

कमजोरी ये है मेरी की मैं बड़े ही आसानी से जब न तब पुरानी यादों के घरों में चला जाया करता हूँ.कल तो छुट्टी थी मेरी लेकिन फिर भी कुछ काम थे, वो सब करते करते शाम को 4  बजे वापस आया.आते ही जगजीत सिंह और चित्रा सिंह के सारे ड्यूएट ग़ज़ल प्लेलिस्ट पे लगा
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मुकेश,मोहम्मद रफ़ी,किशोर कुमार के कन्सर्ट(युट्यूब कलेक्शन)

ये शायद बहुत लोगों ने युट्यूब पहले भी देखा होगा..चलिए देखते हैं पुराने गायकों के कुछ लाइव कन्सर्ट. ये सारे विडियो युट्यूब  से लिए गए हैं. आपको बहुत आनंद आएगा..इसकी गारन्टी है :)मोहम्मद  रफ़ी..   मोहम्मद  रफ़ी
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दोस्ती क्या है?

दोस्ती क्या है?मेरी नज़र...आज  मेरे नज़र से देखिये दोस्त क्या हैं? दोस्त का मतलब मेरे लिए क्या है? क्या दोस्ती है मेरी जिंदगी में...ये कोई कविता तो नहीं लेकीन मेरे कुछ करीबी मित्रों के नाम हैं...मैंने कोशिश तो बहुत की, की एक अच्छी कविता बने लेकीन शायद
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क्लूनी,पिएर्स और अर्नोल्ड :P

ये पोस्ट थोडा बिना सर-पैर वाला है इसलिए ये पता नहीं कितनो को पसंद आएगा...बंगलोर में मेरे कई दोस्त हैं, लेकीन मूलतः जो करीबी मित्रों में से गिने जायेंगे वो हैं मनीष मलिक और राहुल उपाध्याय. मनीष मलिक मेरे सिनिअर हैं, लेकीन मेरे सबसे अच्छे मित्र में से भी
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कुछ दोस्तों के लिए..

अभी आज ही सुबह एक दोस्त का फ़ोन आया, उस समय मैं ऑफिस के लिए निकाल रहा, जल्दबाजी में था और मुह से ये निकाल गया "भाई बाद में बात करते हैं, अभी थोडा बीजी हूँ..ऑफिस जा रहा हूँ, आज कुछ ज्यादा काम है ऑफिस में". बस फिर क्या था, ये सुनते ही मेरे प्रिय दोस्त ने
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कुछ पुरानी यादों के नशे में - पार्ट १

मैं बचपन में जब अपने छोटे मामा और उनके कुछ साथियों को काम्पिटिशन परीक्षायों की तैयारी करते देखता था तो अक्सर ये सोचता था की जब मैं बड़ा होऊंगा तो मुझे भी ऐसे ही मेहनत करनी परेगी...ऐसे ही पढना पड़ेगा.उस समय मैं ये समझ नहीं पता था की मेरे मामा इतना ज्यादा
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मातृ दिवस(मदर्स डे) पे सब को बधाई..

मातृ दिवस तो पुरे विश्व में अलग अलग दिनों पे मनाया जाता है.इस दिन की सबसे अच्छी बात ये है की ये हमारी माँ के लिए समर्पित एक दिन है.वैसे तो हम अपनी माँ से सबसे ज्यादा प्यार करते हैं,लेकीन शायद ही कभी हम उन्हें ये जताते हैं की हम उनसे कितना प्यार करते
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हम देशभक्ति गीत क्यों नहीं सुनते?

अभी जब कल मैं काम से वापस आया तो सोचा की कोई एक फिल्म देखा जाये.परसों रात "आनंद" मूवी 15  वें बार देख के दिल खुश और आनंदित हो गया था. आज सोचा की फिल्म उपकार देखा जाये.मेरे पास एक 3  इन 1 डी.वी.डी है जिसमे उपकार,पूरब और पश्चिम और क्रांति फिल्म
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एक ऐसा मंदिर जिसपे मुझे पूर्ण आस्था है

वैसे तो हमारे देश में मंदिरों की कोई कमी नहीं.एक से एक सिद्ध मंदिर हैं जहाँ से कोई खली कभी लौटता नहीं.हर के मन की मुरादें जरूर पूरी होती हैं. अगर सच कहूँ तो पहले जब मैं स्कूल में था और जब 12  वी में था, तब तक मुझे भगवान् से कुछ ज्यादा लगाव नहीं था.
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चाइनीज़ टैग - दोस्तों के डिमांड पे

मेरे कुछ ब्लॉगर दोस्तों को टैग लगाने की बीमारी हो गयी है.और वो ये भी चाहते हैं की मैं भी टैग लागों उनके नाम पे.आज ही सुबह एक दोस्त से फिर से धमकी मिली मुझे.अब तो लगाना ही परेगा टैग नहीं तो कोई उपाय भी नहीं बचने का :D  वैसे ये टैग करने वाला काम तो
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हरिवंशराय बच्चन की कवितायेँ अमिताभ बच्चन की आवाज़ में

हरिवंशराय बच्चन जी की कवितायेँ तो सभी को एक जैसे ही प्रिय हैं.उनकी कवितायों को अमिताभ बच्चन की आवाज़ में सुने और डाउन्लोड करें.डाउन्लोड लिंक आपको इस पोस्ट में मिल जाएगी.रात आधी खींच कर मेरी हथेलीएक उंगली से लिखा था प्यार तुमने।फ़ासला था कुछ हमारे
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कुछ बातें ऐसे ही

पिछले कुछ दिन मैं पटना में था, मेरी बहन की सगाई थी, इसलिए थोडा ब्लॉग पे वक़्त नहीं दे पा रहा था.सगाई के बाद भी मुझे वक़्त नहीं मिल पाया सही से ऑनलाइन आने का.2-3 दिन पहले अपने इ-मेल पे लोगिन किया तो मेरे कुछ ब्लॉगर मित्र के इ-मेल इन्बोक्स में थे..सबकी
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बहन के सगाई के कुछ ख़ास पल.. तस्वीरों में

हाँ जी, कल मेरी बहन की सगाई थी..!सब कुछ तो बहुत ही अच्छे से निपट गया और सगाई काफी ज्यादा खुशियों से भरपूर और अच्छी रही..अभी कल ही की बात हो जैसे, हम साथ साथ स्कूल जाते थे,और कल उसकी सगाई...मैं और मेरी बाकी बहने काफी खुश थे.सगाई थोड़ी जल्दी में हुई,
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छोटे छोटे भाइयों(बहनों) के बड़े भैया

कल शाम मैं IPL देख रहा था, की अचानक से मेरी छोटी बहन निमिषा का एक sms आया..वो sms कुछ ख़ास नहीं था, एक गीत के कुछ लाइन उस मेसेज में थे..पहले आइये सुन लें वो गीत कौन सा है फिर आगे की कहानी बताता हूँ.. :)छोटे छोटे भाइयों के बड़े भैया..आज बनेंगे किसी के
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फ़िल्मी बातें

आज दिल बड़ा ही फ़िल्मी हो रहा है, शायद इसलिए भी की पिछले 3 -4  दिनों से कई फिल्मे देख चुका हूँ..वैसे मैं बता दूँ की नयी फ़िल्में तो मुझे पसंद है ही लेकिन पुरानी हिंदी फिल्मो का मैं बेहद शौक़ीन हूँ, और उसमे भी अगर राजेंद्र कुमार-साधना की कोई फिल्म हो तो
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कुछ यादें मेरी..कुछ ख़ास तस्वीरें

कल कुछ उदास सा बैठा था मैं, उदासी का क्या सबब था ये तो मुझे भी पता नहीं, शायद कुछ कारण थे या फिर दिल ऐसे ही किसी सोच में डूबा हुआ था.शाम को अपने एक दोस्त के साथ बैठ के बातें कर रहा था.अचानक कहाँ से ये बचपन वाला किस्सा उठ गया, फिर क्या था हम लग गए पुराने
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हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले

ग़ालिब कि ग़ज़लें - पार्ट २ हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकलेहज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले । डरे क्यों मेरा क़ातिल क्या रहेगा उसकी गर्दन पर वो ख़ूँ जो जो चश्मे-तर से उम्र
Mar 27 2010 02:13 PM
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पाश

युग को पलटने में मसरूफ लोगबुखार से नहीं मरतेमौत के कंधे पर जाने वालों के लिएमौत के बाद जिंदगी का सफर शुरू होता है।  पाश -पंजाब में जन्मे कवी और क्रांतिकारी अवतार सिंह संधू , जिन्हें सब "पाश" के नाम से जानते हैं, 23 मार्च को ही उनकी हत्या कर दी गयी
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Mar 24 2010 10:03 PM
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शहीद भगत सिंह का अंतिम पत्र

आज 23 मार्च है.आज ही के दिन भगत सिंह,सुखदेव और राजगुरु को ब्रिटिश सरकार ने फांसी कि सजा सुनाई थी.आज इन तीनो कि शहादत का दिन है.मुझे मालूम नहीं कितने लोगों को आज का ये दिन याद है.लेकिन हमें इस दिन को कभी भूलना नहीं चाहिए.ये एक अजीब बात है कि हमारे देश के
Mar 23 2010 03:53 PM
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दिल में दर्द, चेहरे पे ख़ुशी

फिल्म श्री 420 में जब नर्गिस ने राज कपूर से ये सवाल किया कि "तुम ये मसखरों जैसी हरकत क्यों करते हो", तो राज कपूर ने बड़ा ही सही जवाब दिया, "इस दुनिया को सीधा देखना हो तो सर के बल खड़ा होना परता है, या ये समझ लीजिये कि दुनिया को हँसाने और खुश करने के लिए
Mar 19 2010 08:48 PM
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सबसे छोटी बहन और सबसे प्यारी बहन

मेरी सबसे छोटी बहन ...मेरी मौसी की बेटी "रीती"शरारत में सबसे आगे और बेहद बातूनी, मुझे तो ऐसा लगता है ये ६ साल की नहीं बल्कि ६० साल की नानी है...मुझसे लडती भी है और मेरे साथ खेलती भी है...मुझे गुड्डे गुड़ियों के साथ खेलने के लिए जिद भी करती है, बहुत ही
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कुछ पुरानी यादों के नशे में ..

ये पोस्ट मेरी उन यादों के लिए है जो मेरे लिए बहुत ही ख़ास हैं, पोस्ट पढने से पहले कृपया इन पंक्तियों पे एक नज़रडालें।"हम भी कभी आबाद थे,वो दिन कुछ ख़ास थे...हर नज़र मेहरबान थी,ऐसे कहाँ अनजान थी॥ "बात ये परसों रात की है, मैं अपने मामी के घर था, मैं और मेरी
Mar 18 2010 08:43 AM
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ये तीसरा साल है....हैप्पी वैलेंटाइन डे

मेरे कुछ जज़्बात हैं दबे हुए से...आज वो तुमसे कह दूँ अगर इजाजत हो तो....आज है दिन मोहब्बत का..आज न चुप रहा जायेगा...दिल की सारी बातें जुबान पे आ जाएगी....आज है दिन मोहब्बत का, आज न चुप रहा जायेगा...हाँ जी, १४ फरबरी आने वाला है,प्यार के इजहार का
Mar 18 2010 08:42 AM
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बेस्ट फ्रेंड

आज एक अरसे के बाद मैं वापस अपने पुराने स्कूल के दिनों में चला गया था.काफी दिनों बाद मैं अपने बचपन के दोस्त, अपने बेस्ट फ्रेंड प्रभात के साथ था.करीब १९ महीने बाद हम मिल रहे थे.समय और काम की वजह से हम अक्सर मिल नहीं पाते.प्रभात रहता है पुणे में और मैं
Mar 18 2010 08:41 AM
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प्रशांत भाई के साथ एक मुलाकात...

वैसे तो शायद मैं प्रशांत भाई से मिलने को बहुत ही दिनों से उत्सुक था, लेकिन कभी वैसा मौका ही नहीं लग रहा था की प्रशांत भाई से मुलाकात हो सके.इस बार तो सोच ही लिया था की प्रशांत भाई से मिलना पक्कहै है...वो भी होली में घर आने वाले थे और मैं भी..३-४ दिनों के