शब्द-शिखर's Image

शब्द-शिखर

http://shabdshikhar.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
17 Jun 2010
कुल प्रविष्टियां
63
पाठक भेजे
1326
पसंद
0
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
21.05
पसंद करें
3
नापसंद करें

क्रान्तिकारी परम्परा को सहेजता : शहीद उपवन

हमने-आपने कई तरह के पार्क देखे-सुने होंगे. पर शहीदों की यादों को सहेजता भारत का पहला पार्क कानपुर में है, जिसका नाम शहीद-उपवन है. क्रान्तिकारी परम्परा को सहेजने एवं सांस्कृतिक व ऐतिहासिक चेतना को जागृत करने के उद्देश्य से कानपुर की प्रसिद्ध संस्था ‘‘मानस
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

दक्षिण से मुम्बई आने की राह दिखने वाली प्रथम अभिनेत्री पद्मिनी

राजकपूर की फिल्म 'जिस देश में गंगा बहती है' की कम्मो के सौंदर्य, लावण्य व कमनीयता का जादू इतना गहरा था कि कई प्रेमियों ने अपनी प्रेमिकाओं का नाम ही कम्मो रख दिया। कम्मो यानी हिन्दी फिल्मों की पहली पहली चर्चित दक्षिण भारतीय अभिनेत्री व मशहूर भरतनाट्यम
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
5
नापसंद करें

बचपन के करीब, प्रकृति के करीब

पं0 नेहरू से मिलने एक व्यक्ति आये। बातचीत के दौरान उन्होंने पूछा-’’पंडित जी आप 70 साल के हो गये हैं लेकिन फिर भी हमेशा गुलाब की तरह तरोताजा दिखते हैं। जबकि मैं उम्र में आपसे छोटा होते हुए भी बूढ़ा दिखता हूँ।’’ इस पर हँसते हुए नेहरू जी ने कहा-’’इसके पीछे
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

'आंधी' से 'राजनीति' तक प्रखर महिलाएं

आजकल 'राजनीति' फिल्म चर्चा में है. कहा जा रहा है कि यह सोनिया गाँधी कि जिंदगी से प्रेरित है. बहुत पहले एक फिल्म आई थी - आंधी. इसे इंदिरा गाँधी के साथ-साथ तारकेश्वरी सिन्हा से भी प्रेरित बताया गया था. आज जब राजनीति में महिलाओं की भूमिका से लेकर फिल्म
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

प्रकृति की ओर एक कदम..

आज विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) है. क्या वाकई इस दिवस का कोई मतलब है. लम्बे-लम्बे भाषण-सेमिनार, कार्डबोर्ड पर स्लोगन लेकर चलते बच्चे, पौधारोपण के कुछ सरकारी कार्यक्रम...क्या यही पर्यावरण दिवस है ? क्या इतने मात्र से पर्यावरण शुद्ध हो जायेगा. जब हम
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

प्रति व्यक्ति आय 44345 रुपये...सोचिये जरा ??

केंद्र सरकार के एक साल पूरे हो गए. आज के दौर में यह अपने आप में उपलब्धि है. खैर उसके पीछे न जाने कितने समझौते और ब्लैकमेलिंग छिपी होती हैं, कोई न जाने. अँधेरी राह में एक जुगनू की चमक भी किसी को नव-जीवन दे जाती है. शायद अब मिली-जुली सरकारों का यही सच है.
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
1
नापसंद करें

सभ्यताओं को लीलने को तैयार 'तम्बाकू' की विषबेल

आज विश्व तम्बाकू निषेध दिवस है. मई माह की भी अपनी महिमा है. मजदूर दिवस से आरंभ होकर यह तम्बाकू निषेध दिवस पर ख़त्म हो जाता है. दुनिया के 170 राष्ट्रों ने व्यापक तम्बाकू नियंत्रण संधि पर हस्ताक्षर तो किये हैं पर वास्तव में इस सम्बन्ध में कोई ठोस पहल नहीं
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
6
नापसंद करें

मँहगाई

मँहगी सब्जी, मँहगा आटाभूल गए सब दालमँहगाई ने कर दियासबका हाल बेहाल।दूध सस्ता, पानी मँहगापेप्सी-कोला का धमालरोटी छोड़ ब्रेड खाओबहुराष्ट्रीय कंपनियों का कमाल।नेता-अफसर मौज उड़ाएंचलें बगुले की चालगरीबी व भुखमरी बढ़ेऐसा मँहगाई का जाल ।संसद में होती खूब
 
Akanksha~आकांक्षा
टैग: कविता
पसंद करें
5
नापसंद करें

तूफान का नाम 'लैला' ही क्यों

आजकल तूफानों के नाम बड़ी चर्चा में हैं. कभी कटरीना तो कभी लैला, समझ में ही नहीं आता कि ऐसे नाम क्यों रखे जाते हैं. मसलन, आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में तबाही मचाने वाले तूफान का नाम लैला है, जिसका मतलब फारसी में होता है स्याह बालों वाली सुंदरी या रात ।
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
1
नापसंद करें

प्रगतिशील सोच के अन्तर्विरोधों के बीच कविता

कविता आत्मा का मौलिक व विशिष्ट संगीत है, जो मानव में संस्कार रोपती हैै। एक ऐसा संस्कार जो सभी को प्रदत्त है पर जरूरत है उसके खोजे जाने, महसूस करने और गढ़ने की। यही कारण है कि सम्वेदनाओं का प्रस्फुटन होते ही कविता स्वतः फूट पड़ती है। जब मानव हृदय में विचार
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
8
नापसंद करें

ब्लागिंग का 'जलजला'...जरा सोचिये !!

आजकल ब्लागिंग में भी टी.आर.पी. के चक्कर में सबसे बड़ा कौन की होड़ लगी/ लगाई हुई है. लोग रात को टी. वी. देखते हैं और अल-सुबह ही लैपटाप पर बैठकर रातों-रात चर्चा में आने का बहाना ढूंढने लगते हैं. वैसे भी इस देश में लोगों को बांटना हो तो पुरस्कार और सम्मान
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

नेताजी का अरमान

नेता-अभिनेता दोनोंहो गए एक समानमंचों पर बैठकर गायेंएक दूजे का गान।चिकनी चुपडी़ बातें करेंखूब करें अपना बखानजनता का धन खूब लूटेंगायें मेरा भारत महान।मँहगाई, बेरोजगारी खूब फैलेनेताजी सोते चद्दर तानखुद खाएं मुर्ग मुसल्लमजनता भुखमरी से परेशान।कभी आंतक, कभी
 
Akanksha~आकांक्षा
टैग: कविता
पसंद करें
1
नापसंद करें

'आज की जनधारा' में 'शब्द-शिखर' की चर्चा

'शब्द शिखर' पर 15 मई , 2010 को प्रस्तुत पोस्ट शेर नहीं शेरनियों का राज को रायपुर से प्रकाशित हिंदी पत्र 'आज की जनधारा' के साप्ताहिक स्तंभ 'ब्लॉग कोना' में 16 मई को स्थान दिया गया है.'आज की जनधारा' में पहली बार मेरी किसी पोस्ट की चर्चा हुई है और समग्र रूप
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

नारी न भाये

कन्या पूजन करते हैं सबपर कन्या ही न भायेजन्में कन्या कहीं किसी के तो सब शोक मनायें ।कन्या हुई तो दहेज की चिंतापहले दिन से ही डरायेहो गई शादी अगर तोदहेज के लिए फिर जलाये ।नारी के बढ़ते कदमकिसी को भी न भायें घर बाहर सब जगहविरूद्ध बात बनायें ।नारी से सब
 
Akanksha~आकांक्षा
टैग: कविता
पसंद करें
4
नापसंद करें

शेर नहीं शेरनियों का राज

अपने देश में तेजी से बहुत सारे जीव-जंतुओं की संख्या कम होती जा रही है. पता नहीं आगामी पीढ़ियों को ये देखने को भी मिलें या नहीं. लगता है कि वे उन्हें सिर्फ पुस्तकों में पढ़ेंगें तथा खिलौने के रूप में खेलेंगें. 2008 में हुई गणना के अनुसार देश में 359 शेर,
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
3
नापसंद करें

अंडमान-निकोबार ब्लॉगर्स एसोसिएशन

आजकल एसोसिएशन की बड़ी माँग है. जिसे देखो वही एसोसिएशन बनाकर पदाधिकारी बना जा रहा है. अपने देश में तो इतने राजनैतिक दल हैं कि चुनाव आयोग को भी कहना पड़ता है कि कई तो मात्र कागज पर खानापूर्ति के लिए हैं. कुछ सक्रिय राजनैतिक दल तो ऐसे भी हैं कि उनके सारे
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
6
नापसंद करें

ईव-टीजिंग और ड्रेस कोड

अपनी नजाकत और नफासत के लिए मशहूर लखनऊ में पिछले दिनों एक बात हुई. इससे पहले कि बात दूर तलक तक जाती, उसे संभल लिया गया पर इस बात ने एक बार फिर से समाज के सामने तमाम सवाल खड़े कर दिए.जिलाधिकारी, लखनऊ ने राजधानी के छात्र-छात्राओं को स्कूल/कालेज यूनीफार्मा
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
5
नापसंद करें

जनगणना में आपका नाम छूटा तो नहीं...

आजकल जनगणना अभियान जोरों पर है. चूँकि इस बार नेशनल पापुलेशन रजिस्टर भी बनाया जा रहा है और इसका काफी महत्त्व है. ऐसे में हर किसी को सुनाश्चित करना चाहिए आपका नाम जनगणना में न छूटे. फिर भी अगर आपका नाम छूट जाता है तो तुरंत अधिकारियों को फोन कीजिए या ई-मेल
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

11 मई : एक अरबवीं बच्ची की 'आस्था' पर चोट

वर्ष 2011 की जनगणना इस समय जोर-शोर से चल रही है। इसे व्यापक और लोकप्रिय बनाने एवं लोगों से जोड़ने हेतु तमाम उपायों का सहारा लिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस जनगणना पर जितनी राशि और मानवीय संसाधन झोंके गए हैं, वैसा पहले कभी नहीं हुआ। यह जनगणना सिर्फ
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
7
नापसंद करें

मदर्स डे पर : माँ की याद में

आज सुबह कुछ पहले ही नींद खुल गई. मन किया कि बाहर जाकर बैठूं. अभी सूर्य देवता ने दर्शन नहीं दिए थे पर ढेर सारी चिड़िया कलरव कर रही थीं. मौसम में हलकी सी ठण्ड थी, शायद रात में बारिश हुई थी. अचानक दिमाग में ख्याल आया कि हम लोग भी घर से कितने दूर हैं. एक ऐसी
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
5
नापसंद करें

आलू के पराठे को तरस गए...

पिछले 15 दिनों तक अंडमान में आलू की किल्लत बनी रही. रोज न्यूज चैनलों पर हम देखते रहे कि देश के विभिन्न भागों में आलू सड़ रहे हैं, पर यहाँ अंडमान में सड़ना छोडिये, देखने को तरस गए. जेब में पैसे होकर भी क्या करेंगे, जब चीज मयस्सर ही न हो. आलू के अभाव में
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

60 साल में मात्र 4 महिला जज ??

...चार साल के लम्बे इंतजार के बाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट को एक अदद महिला न्यायधीश मिल ही गई. सुनकर बड़ा ताज्जुब लगता है कि इस देश कि आधी आबादी महिलाओं की है, पर देश की सबसे बड़ी न्यायपालिका में उनका प्रतिनिधित्व ही नहीं है. एक तरफ हम महिलाओं के प्रति
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
2
नापसंद करें

'डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट' में 'शब्द-शिखर' की चर्चा

'शब्द शिखर' पर 29 अप्रैल, 2010 को विश्व नृत्यदिवस के उपलक्ष्य में प्रस्तुत पोस्ट कत्थक नृत्य भगाए रोग को हिन्दी दैनिक पत्र 'डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट' के साप्ताहिक स्तंभ 'ब्लॉग गुरु ' में 30 अप्रैल, 2010 को स्थान दिया गया है.'डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट' में
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
0
नापसंद करें

कत्थक नृत्य भगाए रोग (विश्व नृत्य दिवस पर)

शास्त्रीय नृत्य से आप सभी वाकिफ होंगे। इसके बारे में सुनते ही जेहन में कत्थक करती किसी नृत्यांगना की तस्वीर उभर आती है। लेकिन क्या आपको इस बात का इल्म है कि यह शास्त्रीय नृत्य मात्र एक कला नहीं बल्कि दवा भी है। इस बात पर अपनी सहमति की मोहर लगाती हैं
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

IIT और IIM में भी शिक्षक नहीं..

कहते हैं किसी भी राष्ट्र को उन्नति की तरफ ले जाने में शिक्षा का बहुत योगदान है. मानव-संसाधन के विकास में भी इसका अप्रतिम योगदान है. प्राथमिक शिक्षा की स्थिति हमारे यहाँ किसी से छुपी नहीं है, पर उच्च शिक्षा का हाल भी बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता.
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
3
नापसंद करें

पूजा से आरंभ हुई थी गुड़िया (Doll) की दुनिया

गुड़िया भला किसे नहीं भाती. गुडिया को लेकर न जाने कितने गीत लिखे गए हैं. गुडिया के बिना बचपन अधूरा ही कहा जायेगा. खिलौने के रूप में प्रयुक्त गुड़िया लोगों को इतना भाने लगी कि इसके नाम पर बच्चों के नाम भी रखे जाने लगे. बचपन में अपने हाथों से बने गई गुड़िया
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
1
नापसंद करें

'डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट' में शब्द-शिखर की चर्चा

'शब्द शिखर' पर 22 अप्रैल, 2010 को विश्व पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में प्रस्तुत पोस्ट पृथ्वी दिवस पर भाये ई-पार्क को हिन्दी दैनिक पत्र 'डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट' के नियमित स्तंभ 'ब्लॉग राग' में 23 अप्रैल, 2010 को स्थान दिया गया है.'डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट' में
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
0
नापसंद करें

पृथ्वी दिवस पर भाये ई-पार्क

आज विश्व पृथ्वी दिवस है. वैसे आजकल हर दिन का फैशन है, पर पृथ्वी दिवस की महत्ता इसलिए बढ़ जाती है कि यह पृथ्वी और पर्यावरण के बारे में लोगों को जागरूक करता है. यदि पृथ्वी ही नहीं रहेगी तो फिर जीवन का अस्तित्व ही नहीं रहेगा. हम कितना भी विकास कर लें, पर
 
Akanksha~आकांक्षा
टैग: कविता
पसंद करें
4
नापसंद करें

गुणों की खान है नारियल

नारियल भला किसे नहीं भाता. फिर समुद्र के किनारे रहने वालों की तो बल्ले-बल्ले है. जब जी में आया नारियल का भोग लगा लिया.नारियल के कच्चे फल को डाभ कहते हैं जिसके अन्दर का पानी स्वास्थ्य और जायके की दृष्टि से अच्छा माना जाता है. किसी को नारियल का पानी अच्छा
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
5
नापसंद करें

..फिर से बचपन के ख्यालों में

कई बार हमें छोटी-छोटी बातें सुकून देती हैं. हम फिर से बचपन में लौटना चाहते हैं. पर क्या करें बड़े होने के आदी जो हो गए हैं. पर शरीर बड़ा होने से क्या हुआ, मन तो अभी भी मानो बचपन की दहलीज पर है. हम बातें जरुर बड़ी-बड़ी करते हैं, पर कई बार हमारी बातों में
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
3
नापसंद करें

हिन्दू धर्म से विमुख डा0 अम्बेडकर (जयंती पर विशेष)

डा0 अम्बेडकर दूरदृष्टा और विचारों से क्रांतिकारी थे तथा सभी धर्मों के तुलनात्मक अध्ययन पश्चात वे बौद्ध धर्म की ओर उन्मुख हुए। एक ऐसा धर्म जो मानव को मानव के रूप में देखता था, किसी जाति के खाँचे में नहीं। एक ऐसा धर्म जो धम्म अर्थात नैतिक आधारों पर
 
Akanksha~आकांक्षा
टैग: साभार
पसंद करें
2
नापसंद करें

आजादी के आन्दोलन में भी सक्रिय रहीं कस्तूरबा गाँधी (जयंती पर)

कहते हैं हर पुरुष की सफलता के पीछे एक नारी का हाथ होता है. एक तरफ वह घर की जिम्मेदारियां उठाकर पुरुष को छोटी-छोटी बातों से सेफ करती है, वहीँ वह एक निष्पक्ष सलाहकार के साथ-साथ हर गतिविधि को संबल देती है. महात्मा गाँधी के नाम से भला कौन अपरिचित होगा. उनकी
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
4
नापसंद करें

'शब्द-शिखर' के एक साथ दो शतक पूरे

आज कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या लिखूं. इसी उधेड़बुन में डैश बोर्ड पर गई तो मुझे आश्चर्य मिश्रित हैरानी हुई कि शब्द-शिखर पर मैंने 120 पोस्ट का सफ़र पूरा कर लिया है. यह शतक कब बन गया, पता ही नहीं चला. इस बीच चिटठा जगत पर भी शब्द-शिखर का सक्रियता
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
0
नापसंद करें

बाल विवाह की भयंकरता समृद्ध राज्यों में भी

आजकल कलर्स चैनल पर चल रहा धारावाहिक 'बालिका वधू' काफी चर्चा में है. पश्चिम बंगाल में तो एक नाबालिग लड़की ने यह कहते हुए शादी से इंकार कर दिया कि बालिका वधु की आनंदी बाल विवाह का विरोध करती है। वस्तुत: बाल विवाह एक ऐसा मुद्दा है, जिसके प्रति हर कोई सचेत
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
0
नापसंद करें

सुप्रीम कोर्ट में भी महिलाओं के लिए आरक्षण

लोकसभा-विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रयास बाद क्या न्यायपालिका में भी महिलाओं के लिए आरक्षण की जरुरत है. ऐसा तब सोचने की जरुरत पड़ती है, जब 29 जजों वाले सुप्रीम कोर्ट में एक भी महिला जज नहीं दिखती है. अभी तक सुप्रीम कोर्ट में 03 ही महिला जज
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
0
नापसंद करें

भूकम्प का पहला अनुभव

भूकम्प का नाम सुना था और खूब पढ़ा भी था, पर कल पहली बार महसूस किया. अंडमान में कल रात्रि 10:27 बजे करीब डेढ़ मिनट भूकंप के झटके महसूस हुए. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर पोर्टब्लेयर में 6.3 और मायाबंदर में 6.9 आंकी गई. जब भूकंप आया तो उस समय अधिकतर भाग में
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
0
नापसंद करें

मम्मी मेरी सबसे प्यारी (बाल-गीत)

मम्मी मेरी सबसे प्यारी,मैं मम्मी की राजदुलारी।मम्मी प्यार खूब जताती,अच्छी-अच्छी चीजें लाती।करती जब मैं खूब धमाल,तब मम्मी खींचे मेरे कान।मम्मी से हो जाती गुस्सा, पहुँच जाती पापा के पास।पीछे-पीछे तब मम्मी आती,चाॅकलेट देकर मुझे मनाती।थपकी देकर लोरी
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
1
नापसंद करें

हैप्पी बर्थडे टू पाखी

आज 25 मार्च को हमारी बिटिया रानी अक्षिता (पाखी) का जन्म-दिन है. आज पाखी 4 साल की हो जाएँगी. पिछला जन्म-दिन कानपुर में तो इस बार अंडमान में. नौ दिन के नवरात्र-व्रत पश्चात् आज ही मेरा फलाहार-व्रत भी टूट रहा है. सो पाखी का जन्म-दिन जी भर कर इंजॉय करेंगे और
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
0
नापसंद करें

गोरों के जाने के बाद भी देश में लूट और स्वार्थ का राज- भगत सिंह

आज 23 मार्च को भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव की पुण्य तिथि है। 23 मार्च 1931 को इन क्रांतिकारियों को आजादी कि कीमत के रूप में फाँसी के फँदे पर लटका दिया गया. भगत सिंह की उम्र तो उस समय तो बहुत कम थी, पर इसके बावजूद उनके विचार बहुत परिपक्व थे. भगत सिंह ने
 
Akanksha~आकांक्षा
पसंद करें
0
नापसंद करें

'पानी' को 'काला-पानी' होने से बचाएं

अंडमान में आजकल पानी की किल्लत जोरों पर है. चारों तरफ पानी ही पानी, पर पीने को एक बूंद नहीं, यह कहावत यहाँ भली-भांति चरितार्थ होती है. सुनामी के बाद यहाँ मौसम पहले जैसा नहीं रहा, अभी से जबरदस्त गर्मी का असर दिखने लगा है. जहाँ बारिश आम बात होती थी, वहीँ
 
Akanksha~आकांक्षा
Mar 22 2010 08:01 AM