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पक्कीखबर

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15 Jun 2010
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हम मोबाईल हो गए !

भूमंडलीकरण के इस दौर में हर कोई ग्लोबोलाईजेसन प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लीए आतुर है !और इसकी चाहत रखने वालो के लीए “मोबाइल ” व इंटरनेट वरदान साबित हो रहे है ! बढ़िया है, विकास किसे नहीं पसंद है !कहा यह तक जा रहा है की दुनिया एक ग्लोबल विलेज
Jun 15 2010 08:37 PM
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हम तैयार है ….

राजस्थान और अकाल (सूखा) का चोली दामन का साथ है ! यह तो हर कोई जानता लेकिन क्या आप यह जानते है की राजस्थान का एक जिला ऐसा भी जहाँ अकाल (सूखा) में कुदरत की भूमिका कम और राजनैतिक शिथिलता की भूमिका ज्यादा है ! यकीन मानिये यहाँ उतनी बारिश तो हो [...]
टैग: uncategorized
Apr 20 2010 06:54 PM
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इबादत है !

इबादत है ! प्यार की खूबसूरती और मधुरता की मिसालें दी जाती है !इसके बारे में सदियों से बहुत कुछ लिखा,पढ़ा और सुना जाता रहा है !बावजूद इसके इसे समझने में भूल होती रही है, लेकिन मै वह भूल नहीं करना चाहता मेरा मानना है, की प्यार एक सुन्दर अहसास है बस इसे रूह
Mar 26 2010 11:20 AM
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साधू और शैतान ….

मै एक आम इन्सान,धार्मिक आस्था मेरे लीए जीवन की पहचान ! मै इस वक्त अवाक् और हैरान,क्योकि वक़्त है ये समझने का कोन है साधू और कोन शैतान ! मै एक आम इन्सान …… लगातार जारी है एक द्वन्द मेरे अन्तर्मन में,क्या यही है मेरी आस्था की पहचान, किस दोराहे
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खबर मिली है….

खबर मिली है कि,पंचायात चुनाव खत्म, होते ही सरकार तेज़ रफ़्तार से विकास करेगी ! हमने कहा “आमीन”! उनका कहना है कि इसके लीए “ब्लू प्रिंट” भी तैयार किया जा चुका है हमने कहा कि लगे रहो !उन्होंने अपने इस मजमून पर बिजली छेत्र में हुए
Jan 16 2010 12:18 PM
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kya khoya kya paya !

बस कुछ दिनों का इंतजार और हम पहुच जायेंगे 2010 में !लेकिन जब पीछे मुड़ कर देखेंगे तो पाएंगे कितना कुछ छोड़ आये है हम,लेकिन जहाँ पहुचे वहां हमे क्या उतना मिला है जितना हम पीछे छोड़ आये है ! तो आओ आज इसी बात पर चर्चा कर ले शायद आप मेरी कुछ मदद कर [...]
Nov 25 2009 12:40 PM
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किससे करे शिकायत किससे गिला करे,किससे रहे दूर और किससे मिला करे !

नगाडा बज चुका है !सूबे में चुनावी संग्राम का !प्रयात्शी लाव लश्कर के साथ मैदान में उतर चुके है !लक्ष्य है पालिका अध्यछ कि कुर्सी!मतदाता भी सजग है, प्रत्याशियों को अपनी कसौटी पर तौलने के लीए !लेकिन इन सबके बीच एक ख़ास बात है …अरे एक नहीं दो है
Nov 15 2009 02:13 PM
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khoon or vadiyon ka mel

दोस्तों मेरे कई मित्र मुझसे पूछते है ..”राहुल” आखिर तुम चाहते क्या हो कभी तुम प्रक्रति के खुबसूरत नजरो पर मोहित हो जाते हो तो कभी तुम्हारी तस्वीरो पर खून के लाल रंग दिखाई देते है क्या वजह है इन बदलते दृष्टि कोणों के पीछे ..क्या मतलब है इन
Nov 12 2009 03:54 PM