संस्कृते किम् नास्ति's Image

संस्कृते किम् नास्ति

http://sanskritekimnasti.blogspot.com
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
12 Jun 2010
कुल प्रविष्टियां
7
पाठक भेजे
64
पसंद
0
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
09.14
पसंद करें
0
नापसंद करें

संस्कृतरामकथा

संस्कृतमयं रामकथापारायणम् 1जूनत: छत्तीसगढस्य दुर्गनगरे प्रथमवारम्आयोजितम् अभवत्।तस्य उद्घाटनम् अतिथय: दीपप्रज्वलनपूर्वकं कृतवन्त:।मंङ्गलाचरणेविद्वांस: वैदिकमन्त्रान् छात्रा: संस्कृतगीतं च उच्चारितवन्त:।मुख्यातिथय: विद्वांस: , डा.महेशचन्द्रशर्मा
 
आचार्य धनंजय शास्त्री
Jun 12 2010 10:15 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

दु:खस्य समाधानम् अध्यात्मम्

दु:खनिवृत्तिम् अधिकृत्य एव अध्यात्मचिन्तनम् आरब्धम् ।न केवलं स्वदु:खनिवारणम् अपितु संसारस्य सर्वेषां प्राणिनां दु:खनिवारणम् । सामान्यत: जना: प्राणिन: वा आहारे निद्रायां भये मैथुने आसक्ता: व्यस्ता: मत्ता: विक्षिप्ता: च भवन्ति, किन्तु ऋषय: स्वपरदु:खनिवारणे
 
आचार्य धनंजय शास्त्री
May 07 2010 09:05 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें
पसंद करें
0
नापसंद करें
पसंद करें
0
नापसंद करें

सुख और आनंद मे भेद

ईश्वर, जीव, प्रकृति ये तीन अनादि तत्त्व हैं। इनमे प्रकृति सत् अर्थात सत्तात्मक अनादि तत्व है जो सृष्टि का उपादान कारण और जड़ स्वरुप है। जीव सत्  और चित् अर्थात चेतन सत्ता है जिसके इच्छा, द्वेष, प्रयत्न, सुख, दु:ख, और ज्ञानादि गुण हैं। ईश्वर
 
आचार्य धनंजय शास्त्री
पसंद करें
0
नापसंद करें

sanskriten kim

deshe janah sanskritam prati prasnam prichchhanti yat sanskriten kim iti
 
आचार्य धनंजय शास्त्री
Mar 14 2010 10:50 PM