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ज़िंदगी है, जंग, लढना सीख लो
ज़िंदगी है जंग, लढना सीख लोजी सकोगे गर्चे मरना सीख लोना रुका है, ना रुकेगा कारवाँसाथ दो या धूल बनना सीख लोबेटियों जैसी चली वह जाएँगीहँसके साँसोंसे बिछडना सीख लोलोग मिलकर फिर जुदा हो जाएँगेप्यार तनहाई से करना सीख लोमंज़िलें तो उम्रभर झुलवाएगीराह तुम अपनी
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May 17 2010 12:09 PM


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