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आज मुझे जी भर रोने दो
आज मुझे जी भर रोने दो !बीते मधुर क्षणों को मुझकोविस्मृति सागर में खोने दो ,आज मुझे जी भर रोने दो !छुओ न उर के दुखते छाले,मेरी साधों के हैं पाले,बढ़ने दो प्रतिपल पर पीड़ाउसमें स्मृतियाँ खोने दो !आज मुझे जी भर रोने दो !मत छीनो मेरी उर वीणा,भर देगी प्राणों
Jun 17 2010 07:29 AM


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