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अनजाना पथिक

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27 Mar 2010
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दिखावा.......

        सर्वप्रथम आप सभी को होली की ढेर सारी बधाइयाँ !!!! भारत ने पाकिस्तान को हॉकी में हराया अच्छा लगा ! इन सारी बातों के बीच न जाने क्यों मेरा मन अनायास ही पूर्व वर्ष में आई फिल्म चक दे इंडिया की तरफ जा रहा है !जी हाँ
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कैसे बयां करूँ

सुबह की इस आगाज को मै कैसे बयां करूँ,रात के उस अंदाज को मै कैसे बयां करूँ,,डराती है अन्धेरें में खड़ी एक परछाई मुझे,उस परछाई के राज को मै कैसे बयां करूँ,,आज जिस कदर अकेले में जिए जा रहा हुं मै,तन्हाई की इस आवाज को मै कैसे बयां करूँ,,देखता हूँ अपने चारों
Feb 20 2010 03:56 PM
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सचिन को सलाम...

सचिन आला रे आला,आज सचिन ने ३०००० रन बनाकर एक और तोहफा दिया है भारत को,आओ उस सचिन के हिन्दुस्तानी होने पर गर्व करें न की उसे भाषाओँ  में बाटने का प्रयास करें , जय हिंद, जय सचिन !!
Feb 20 2010 03:43 PM
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यथार्थ!!!

छीनता हो स्वत्व कोई, और तुम , त्याग तप से काम  लो यह पाप है ,पुण्य है, विछिन्न कर देना उसे , बढ़ रहा तेरी तरफ जो हाथ है!!!!          दिनकर की इन्ही पंक्तियों से सीख  लेने  की
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Feb 20 2010 03:38 PM
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विमर्श...

 समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल ब्याध !जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनका भी अपराध !!          अपने प्रिय कवि रामधारी सिंह "दिनकर"  की इन्हीं पंक्तियों से प्रेरणा लेते हुए मैंने तटस्थता का चोला अब
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Feb 20 2010 03:37 PM
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जीना सिखा दिया

जीवन को एक पल में, जीने की चाह नेजीना सिखा दिया !जीता हूँ इसलिए की, मरना है एक दिन, जिन्दादिली के इसी, ज़ज्बात ने मौत से, लड़ना सिखा दिया !सोचता हूँ की इस,बेदर्द ज़माने से चला जाऊं, पर इस ज़माने ने,अनजाने में ही मुझे दर्द को,सहना सिखा दिया! देखता हूँ जब
Feb 20 2010 03:32 PM
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कोशिश!!

आज मैंने देखा उसे, जो चीख चीख कर पुकार रही थी !बह रहे थे अश्रु उसकी आँखों से, वो निहार रही थी !आँखे फेरे मैं  भी, बढ़ चला था औरों कि तरह, पर वो निरीह सी, मृतप्राय, रुन्धें  स्वर से कराह रही थी !याद आया कि जाना है
Feb 20 2010 03:30 PM
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मॉडर्न ज़माना

मॉडर्न ज़माना देखो जी,कही है रूखी कही है घी !!माँ को मॉम पिता को डेड,बाल रंगाये डिफ़रेंट शेड !हिंदी को चाकू मारे, अंग्रेजी को गोली,जाने कैसी भाषा इनकी, जाने कैसी बोली !मॉडर्न ज़माना देखो जी,पीते हैं
Feb 20 2010 03:27 PM