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08 Mar 2010
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किसको कहूं शिवसेना!

मनोज राठौरशिव नाम की धून लोगों को नई ऊर्जा प्रदान करती है। लगता है कि ताकत दोगुनी हो गई। भगवान शंकर की बारात में शिव भक्त शामिल हुए थे। उनका आवरण कुछ भी हो, लेकिन आत्मा पवित्र थी। मुंबई में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने सेना की छवि खराब कर दी। वह सत्य के
 
crimnal
Feb 15 2010 03:25 PM
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विदेश में सुरक्षित नहीं है बिटिया

मनोज राठौरविदेश में रहने वाली भारतीय बिटिया की सुरक्षा के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा राष्ट्रीय महिला आयोग की पहल अच्छी है। एनआरआई (अप्रवासी भारतीय) सेल के माध्यम से विदेशी पतियों की काली करतूत सामने आएगी। हालांकि, व्यापक इंतजाम करने के बाद भी
 
crimnal
Feb 11 2010 05:13 PM
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बयानबाजी बनी ताकत

मनोज राठौरझूठ किसी सही काम के लिए बोला जाए तो उसे माफी मिल जाती है। मगर भारत की बिड़वना है कि राजनीतिक दल अपने हित के लिए झूठ बोलते हैं। उन्हें न जनता से मतलब और न ही देश से। बयान से लोगों का दिल जीतने वाले नेता हमेशा छल करते हैं। धर्म, समाज, भाईचारा,
 
crimnal
Feb 09 2010 06:01 PM
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बेटा सबकुछ, बेटी बोझ

मनोज राठौरआज के युग में लोगों के लिए बेटा ही सबकुछ है। बेटी उसेबोझ लगती है। अब आधुनिकता के कारण पता चल जाता है कि गर्भ में पलने वाला भू्रण लड़का है या फिर लड़की। यदि बेटा होता है तो परिजन खुशी का ठिकाना नहीं रहता। वह मोहल्ले में हजारों रुपए की मिठाई बांट
 
crimnal
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कल्पना से परे है अपराध

नमस्कार साथियों,मंजिल को भूलकर, रास्तों पर ध्यान दिया।अब मिल गई है मंजिल, रास्तों के कारण।हमेशा मैंने रास्तों पर ध्यान दिया है। इसके चलते आज दूर ही सही, लेकिन मंजिल नजर आ रही है। विचारों को व्यक्त करने के लिए ब्लाग को माध्यम बनाया है। आज मेरा पारखी नजर
 
crimnal
Nov 18 2009 11:55 PM