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मेरी कही

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14 May 2010
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कुत्ते की पाती गडकरी के नाम

आदरणीय श्री गड़करीजी.सादर प्रणाम. आशा है आप प्रसन्न होंगे. सबसे पहले आपका धन्यवाद कि आपने मेरी प्रजाति के सदस्यों को भारत के महान लोगों के दिलो-दिमाग पर दोबारा ला दिया. वर्ना तो लोग हमें भूल ही चुके थे. आज से पहले टेलीविज़न और अखबारों में हमारा नाम शायद
 
अखिलेश शर्मा
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अब तो लाइन पर आ जाओ

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने राज्य सभा में अपने मंत्रालय के कामकाज के बारे में चर्चा के जवाब में कहा गृह मंत्रालय का मतलब सिर्फ नक्सलवाद की समस्या से निबटने वाला मंत्रालय नहीं है. वैसे भी नक्सलवाद पर अलग से चर्चा हो चुकी है लिहाजा उन्होंने इस बारे में कुछ भी
 
अखिलेश शर्मा
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कॉर्बेट में कुछ पल

वैसे गए तो बाघ देखने. लेकिन उसके पदचिन्ह देख कर वापस आ गए. रास्ते में हिरण, मोर, जंगली मुर्गा, हाथी वगैरह ज़रूर दिखे. आप भी देखें कुछ रंग जिम कॉर्बेट के.
 
अखिलेश शर्मा
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आया है मुझे फिर याद वो ज़ालिम- गुज़रा ज़माना कॉलेज का

मेरे दोस्त मनीष नागर ने होल्कर साइंस कॉलेज होस्टल के दिनों की कुछ यादगार तस्वीरें फेसबुक पर लगाई थीं. मैं वहीं से उधार ले कर इन्हें अपने ब्लॉग पर चस्पा कर रहा हूं. वो दिन भूले नहीं भूलते. हर मोड़ पर नज़रें एक बार पीछे घुमा कर देख लेता हूँ. कोई
 
अखिलेश शर्मा
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तू मेरी वुफर... मैं तेरा एंप्लीफायर

ये नया गाना है जो आज कल एफ एम रेडियो के हर चैनल पर गूंज रहा है.इमरान खान का नाम का गायक है. ट्यून कैची है इसलिए यू ट्यूब पर सर्च किया और मिल भी गया.एम्सटर्डम जाने वाले हाई वे पर एक बेहद कीमती कार दौड़ रही है. इमरान खान गाड़ी चला रहे हैं. ओवरस्पीड है
 
अखिलेश शर्मा
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डटे रहो चिदंबरम

बहुत दिनों बाद हिंदुस्तान को ऐसा गृह मंत्री मिला है.तुलना कीजिए चिंदबरम की सीरियल ड्रेसर शिवराज पाटिल से.मुझे याद है राज्य सभा में नक्सलवाद पर बहस के बाद बतौर गृह मंत्री पाटिल का जवाब.थोड़े बहुत शब्द इधऱ-उधर हो सकते हैं लेकिन लब्बो-लुआब यही है.माननीय
 
अखिलेश शर्मा
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बुढ़ापा

बाल पक जाएंगे.दाँत गिर जाएंगे.पोपले मुंह से निकलेंगी हिसहिसाती आवाज़ें जिनका मतलब जिसकी जो समझ में आए लगा ले.'पापा आप बूढ़े हो जाओगे तब मेरे क्या होगे.क्या तब भी आप मेरे पापा ही रहोगे.'बचपन के इन सवालों पर जवानी में आती है हँसीलेकिन सामने खड़ा
 
अखिलेश शर्मा
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कोई मोमबत्ती इनके लिए भी है क्या?

सोचिए उन 74 जवानों के परिवारवालों के बारे में. उन पर क्या गुजर रही होगी.कइयों के छोटे बच्चे होंगे.. कुछ की बेटियां हाथ पीले करने के इंतज़ार में होंगी तो किसी के माता-पिता इलाज के लिए बेटे की घर-वापसी का रास्ता देख रहे होंगे.लेकिन अब देश के अलग-अलग
 
अखिलेश शर्मा
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जीवन

सांसों की उलझी-सुलझी लड़ियों का है जीवन नामबनते-मिटते और सिमटते सपनों का है जीवन नाम
 
अखिलेश शर्मा
टैग: जीवन
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मजहदी-बिरजू होते रहेंगे

देहरादून से ननद की बेटी की शादी में दिल्ली आई थी मजहदी.करोलबाग से रिश्तेदार के घर होने के बाद बल्लीमारान वापस जा रहे थे. राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर आगे खड़ी थी मजहदी. अचानक धक्का लगा.नीचे पटरियों पर गिर गई. बिरजू काम की तलाश में अपना घर-बार छोड़ कर
 
अखिलेश शर्मा
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पंक्चर का चक्कर

कार, बाइक, स्कूटर, साइकल. कभी-कभी बस और ट्रक भी.चलते चलते पंक्चर क्यों हो जाते हैं.दरअसल, इसलिए क्योंकि कई बार सड़कों पर पड़ी कीलें उनमें चुभ जाती हैं. सख्त रबर को भेद कर पतली ट्यूब में घुस जाती हैं और इसलिए गाड़ियां पंक्चर हो जाती हैं.लेकिन कीलों का
 
अखिलेश शर्मा
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ऐसे खेली होली!

शुरुआत बहुत धीमी थी. बेहद शालीन. इंटरकॉम पर एक-दो फोन होली की बधाई देते हुए. यानी सोसायटी के भीतर से ही. मोबाइल कल रात से ही बरबरा रहा था. लगातार मैसेज पर मैसेज. होली की बधाई पर बधाई. सारे मित्रों को बहुत धन्यवाद. ये जानते हुए भी कि टेलीकॉम प्रोवाइडर खून
 
अखिलेश शर्मा
टैग: होली
Mar 01 2010 01:34 PM
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विपक्षी एकता- सरकार की परेशानी

It seems it was only yesterday. The results for the Lok Sabha elections were out and the Congress got more than 200 seats but fell short of the magic figure of 272. But, today, it is behaving as if it has managed to get more than 300 seats. The budget
 
अखिलेश शर्मा
Feb 28 2010 06:27 PM
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शौचालय किसके उपयोग के लिये?

वैसे मुझे लगता है कि मेरी हिंदी ठीक-ठाक है. लेकिन मैं एक टॉयलेट पर लगे इस नोटिस को समझ नहीं पाया हूँ. शौचालय सिर्फ कार्यालय उपयोग के लिये. क्या इसका मतलब यह है कि इस शौचालय में सिर्फ़ कार्यालय का ही काम हो सकता है या फिर कार्यालय के लोग ही इसका उपयोग कर
 
अखिलेश शर्मा
Feb 28 2010 10:10 AM
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कितना बदल गया इंदौर-2

"ऐसा हैगा. अपन तो शहर के बाहर का हैं. पर आप जिनी रोड पर चली रिया हो उन्हीं पे नाक की सीध में सीद्दा निकल जाओ. एबी रोड आ जावेगो."कानों में मिश्री की तरह घुलती मालवी. अनजाने होकर भी उस अजनबी ने दिल जीत लिया. बात सही तो कही. अगर नाक की सीध में चलते रहोगे तो
 
अखिलेश शर्मा
टैग: इंदौर
Feb 22 2010 10:09 PM
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कितना बदल गया इंदौर-1

सर्राफ़े की गलियाँ, राजबाड़ा का आँगन सब कुछ है. सुबह-सुबह मंदिर की घंटियाँ हैं.सड़कों के किनारे लगे फूलों के ढेर हैं. अगरबत्तियों की खुशबू है. घर के बाहर ताज़ी सब्ज़ियों की आवाज़ लगाते मोबाइल वेजीटेबल शॉपकीपर. जिनके ठेलों पर मंडियों से आए ताज़े टमाटर,
 
अखिलेश शर्मा
टैग: इंदौर
Feb 22 2010 02:34 PM
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मेरी पहली कविता

मैं शून्य में देखता हुआ...निर्विकार, निरंतर..कभी हाथों की लकीरों को...अपने मस्तिष्क पटल पर...इन्हें इधर से उधर खींचता हुआ...ये यहां से वहां चली जाये...तो सुनहरा भविष्य दिखे...लकीरें बेहद गहरी हैं...न इधर जाती हैं न उधर...वर्षों से हाथों पर जमी हैं...जैसे
 
अखिलेश शर्मा
Feb 15 2010 12:08 PM
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लो कर लो बात!

मनमोहन सिंह सीधे-सच्चे और सरल दिल के व्यक्ति हैं. वो पेशे से नेता नहीं नौकरशाह हैं. लिहाज़ा वो बिना लाग-लपेट कर खुले और संतुलित ढंग से अपनी बातें सामने रखते हैं. लेकिन बतौर प्रधानमंत्री उनकी अपनी कुछ महत्वाकांक्षायें भी हैं. वो सच्चे देशभक्त हैं और चाहते
 
अखिलेश शर्मा
Feb 14 2010 11:27 AM
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माई नेम इज़- ?

शाहरूख खान जीत गए. शिवसेना हार गई. Shahrukh Sena defeats Shiv Sena.बहुत अच्छा हुआ. पहले राहुल गांधी ने शिवसेना को हराया. फिर शाहरूख खान ने भी निपटा दिया.वो तो बीच में शरद पवार चले गए थे शिवसेना को ऑक्सीजन देने के लिए. नहीं तो राहुल बाबा के दौरे के बाद तो
 
अखिलेश शर्मा
Feb 13 2010 09:01 PM
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कम चीनी खाओ

राष्ट्रवादी का कहना है कि चीनी न खाने से आज तक कोई नहीं मरा. हाँ खाने में ज्यादा चीनी और नमक ज़हर के समान है. वो ये भी कहता है कि सौंदर्य प्रसाधन के सामनों के दामों में बढोत्तरी हो रही है इस पर कोई सवाल क्यों नहीं उठाता. सिर्फ़ चीनी की बात ही क्यों करते
 
अखिलेश शर्मा
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मैं वापस आ गया

मेरा ब्लैकबेरी चोरी हो गया इसलिए पुराने ब्लॉग मेरी कही का यूज़रनेम और पासवर्ड भी याद नहीं रहा। पुराना ब्लॉग भी एक्टीवेट नहीं हो रहा था। इसलिए अब नये ईमेल आई और पासवर्ड से ब्लॉगिंग दोबारा शुरू कर रहा हूं। अगर आपके पास सुझाव हों किस तरह से पुराने ब्लॉग का
 
अखिलेश शर्मा