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'हम सब एक न्याय नाटक के पात्र हैं'
मैं जब एल.एल.बी. ऑनर्स की पढ़ाई कर रहा था उन दिनों मेरा एक मित्र जो साथ ही पढ़ता था अदालती सिस्टम का मजाक बनाते हुए अक्सर कहता था कि- न्याय जैसी कोई चिडि़या होती नहीं है, ये अदालतें वगैरह सब इसलिए हैं कि बहुत सारे न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों,
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Feb 04 2010 09:23 PM


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