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संवाद का सफर

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19 Apr 2010
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पानी में आग बुझती कैसे?-

सन्तोष गुप्ता भीषण गर्मी, सूखा और अकाल के हालत में चारा और पानी के लिए सड़कों पर उतरे ग्रामीणों की मंगलवार को जय-जयकार हो गई। ग्रामीणों की जय-जय होनी भी थी। चूरू में शायद यह पहला अवसर हो जब छत्तीस कौम और बिरादरी के लोग एक मुद्दे पर एक तम्बू के नीचे एक
 
संतोष गुप्ता
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अपनों ने ही बना दी पराई

किस्से और कहानियां बनी पेयजल उपलब्धता, आगामी सरकारी योजनाएं खटाई में पडऩे के आसारसन्तोष गुप्ता/विश्वनाथ सैनीचूरू, 18 अप्रेल। लोगों ने घरों में घड़े भरकर रखना बंद कर दिया था। गृहिणियां रात सुकून से सोने लगी थी। अल सुबह उठने और मीलों पैदल चलने व सिर पर
 
संतोष गुप्ता
Apr 19 2010 09:35 PM
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फिर घुटन नहीं देगी दुर्गन्ध

सन्तोष गुप्ताचूरू। चूरू के वातावरण में अब घुटन होने लगी है। इसका साफ दिखाई देता कारण शहर के प्राय चहुंओर बढ़ती जा रही गंदे पानी की गैनाणियां हैं। उनसे उठती दुर्गन्ध ने हवाओं को भी बदबूदार कर दिया है। गैनाणियों के आस-पास से गुजरना तो अपना जी खराब करना है।
 
संतोष गुप्ता
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इतनी हिम्मत कहां से जुटाई

सन्तोष गुप्ताकम्प्यूटर की स्क्रीन पर सरदारशहर के संवाददाता का पोस्ट किया समाचार पढ़ा मन बैचेन हो गया। पति के वियोग में तीन बच्चों की मां ने आत्मदाह जो कर लिया था। तीस वर्षीय जवान महिला का इस कदर जिंदा मौत को गले लगाना मेरी समझ से परे था। दिमाग के सारे
 
संतोष गुप्ता
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जानते सब हैं पर जागते नहीं

सन्तोष गुप्ताचूरू। देश का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है। उपभोक्ता होने के नाते उसके पास कुछ अधिकार भी हैं तो कत्र्तव्य भी। उपभोक्ता है कि वह सब जानता है पर फिर भी अपने अधिकारों के लिए जागता नहीं।सूचना एवं जनसंचार क्रांति के दौर में दुनिया के
 
संतोष गुप्ता
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उपभोक्ता जानता सब है पर जागता नहीं

सन्तोष गुप्ताचूरू। देश का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है। उपभोक्ता होने के नाते उसके पास कुछ अधिकार भी हैं तो कत्र्तव्य भी। उपभोक्ता है कि वह सब जानता है पर फिर भी अपने अधिकारों के लिए जागता नहीं।सूचना एवं जनसंचार क्रांति के दौर में दुनिया के
 
संतोष गुप्ता
Mar 18 2010 01:34 PM
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अच्छा होगा अच्छा मत करो

सन्तोष गुप्ताचूरू। आपके लिए बहुत अच्छा होगा बस आप कुछ अच्छा मत करो। इस बात में बहुत सच्चाई है। जितनी सच्चाई है, उतनी गहराई भी। जीवन में बहुत से मौके आते हैं जब आप-हम कुछ अच्छा करना चाहते हंै। चाहते ही नहीं करते भी हैं। परिणाम सकारात्मक नहीं आता। अपेक्षा
 
संतोष गुप्ता
Mar 18 2010 01:25 PM
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पहल आज ही क्यों न हो

-सन्तोष गुप्तापंचायतीराज चुनाव की गरमाहट ने थळी की नश्तर चुभती सर्द हवाओं को शिकस्त दे दी है। समूचा थळी अंचल चुनावी अलाव के ताप में चुस्त और स्फूर्त नजर आ रहा है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव की टीस कहीं दब गई है। सिर्फ और सिर्फ चुनाव में जीत का जोश और
 
संतोष गुप्ता
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बधाई

जन गण का मन से अभिनंदन। लोक तंत्र के हर गण को गणतंत्र दिवस की कोटि-कोटि बधाई।
 
संतोष गुप्ता
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लम्हे जो याद बन गए...

खुशी के अलफाज नहीं-1भीलवाड़ा संस्करण सम्पादकीय प्रभारी पद दायित्व संभाले मुझे अभी चार माह ही पूरे हुए। पत्रिका समूह की सालाना समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने का मौका मिला। बैठक सात और आठ जनवरी को जयपुर के निकट पिंक पर्ल रिसोर्ट में रखी गई थी। पत्रिका समूह
 
संतोष गुप्ता
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ऐसी भी क्या जल्दी है

आज हर किसी को जल्दी है। खाते-पीते, उठते-बैठते, सोते-चलते सब फटाफट हो बस। कोई भी धैर्य और संयम रखना नहीं चाहता। मैं पिछले दिनों घर से दफ्तर के रास्ते पर था। रास्ता थोड़ा सकड़ा था। यूं मान लो कि एक तरफा था। मेरे स्कूटर के आगे एक सज्जन अंतिम यात्रा पर थे।
 
संतोष गुप्ता
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मन की मिटाएं दरिद्रता

भारतीय संस्कार और संस्कृति में दान का बड़ा महत्व हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि दान करने से धन - धान्य और ज्ञान बढ़ता है। जन कल्याण और लोक हित में किए गए गरिमा पूर्ण दान की तो बड़ी महिमा है। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में बुर्जुगों की ओर से किए गए
 
संतोष गुप्ता
Jan 22 2010 11:38 AM
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संवाद का सफर

दोस्तों, पहाड़ सी जिंदगी, धूप-छांव सा मंजर,उतरती-चढ़ती डगर पर मेरे संवाद का सफर, बहुत से कहे-अनकहे किस्से-कहानियों का स्मृति वन है। इस वन का मैं ही माली हूं और मैं ही मालिक। मुझ से ही यहां विचारों की पौध पल्लवित होती है और भावनाओं के पुष्प खिलते हैं।
 
संतोष गुप्ता
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रिश्तों में ले आएं गरमाहट

इक्कीस वीं सदी के पहले दशक के अंतिम बरस का पहला दिन हमारी देहलीज पर आ खड़ा हुआ है। बीते पल और नए क्षण के बीच भला कभी कोई फासला रहा है? हर ढलती सांझ पर नई सुबह की इबारत लिखी होती है। हमें तो उसे पढऩा और ईश्वर के भेजे संदेश को समझना भर होता है। निरंतर
 
संतोष गुप्ता
Jan 01 2010 11:53 AM
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विश्वास पाना अभी शेष है

चूरू।शहरवासियों ने शहरी सरकार चुन ली। चुनाव नतीजों के रूप में लोकतंत्र के इस महायज्ञ की पूर्णाहुति हो गई। नतीजे सबके सामने हैं। अपनी सरकार चुनने में शहरवासियों ने पूरा श्यानापन दर्शाया। अपनी सूझबूझ और परिपक्वता का परिचय दिया। तुम जीते न मैं हारा की तर्ज
 
संतोष गुप्ता
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आओ चुन लें खुद को

स्थानीय निकाय चुनाव का बिगुल बज गया है। राजनीतिक सरगरर्मियां बढऩे लगी है। गली-मोहल्ले, नुक्कड़-चौपाल, सड़क-बाजार हर ओर चुनावी रंगत जमने लगी है। राजनीति में वर्षों से रमे और राजनीति में रमने के इच्छुक आपस में जुडऩे लगे हंै। चाय की थड़ी हो या कलेक्ट्री के
 
संतोष गुप्ता
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कैसे हो इकबाल बुलन्द

जिले में बुलन्द होते अपराधियों के हौंसले और कमजोर होता पुलिस का इकबाल आमजन को बेचैन बनाए हुए है। अपराधियों की सरेआम दहशतगर्दी की एक नहीं अनेक वारदातें हाल में घटित हुई हैं। पुलिसिया तंत्र है कि उसमें कहीं कोई हलचल दिखाई नहीं देती। पुलिसिया वर्दी का रंग
 
संतोष गुप्ता
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शहर से प्रेम दर्शाओ

सन्तोष गुप्ताचुनाव प्रचार का शोर-शराबा थम गया है। भौंपुओं का मुंह बंद हो गया है। सभाओं की जोड़-तोड़ घट गई है। रैलियों की दौड़-धूप मिट गई है। कार्यकर्ताओं का रूठना-मनना लगभग खत्म सा हो गया है। दोस्त-दुश्मनों में मान-मनौव्वल का दौर भी पट गया है। मनाने वाले
 
संतोष गुप्ता
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बोर्ड का विकेन्द्रीकरण नहीं सुदृढ़ीकरण होगा

विधानसभा बाद बोर्ड का पुर्नगठन, ढाई हजार स्कूलों में अगस्त से कम्प्यूटर, शिक्षा-सन् २०१० में बदलेगा बोर्ड चूरू, 3जुलाई। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विकेन्द्रीकरण की नहीं उसके सुदृढ़ीकरण की महती आवश्यकता है। राज्य सरकार विधानसभा सत्र समाप्त होने पर
 
संतोष गुप्ता
Dec 26 2009 02:26 PM
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माळा पेरावो, पगळया करवावो

मंत्रीजी का स्वागत, मास्टरजी की आफतसंतोष गुप्ताचूरू, 9 नवम्बर। सुशासन और संवेदनशील सरकार से राहत की आस ग्रामीणों के गले की फांस बन गई है। सरकार में कृषि एवं पशु पालन मंत्री हरजीराम बुरड़क का अपने ही गृह क्षेत्र के गांवों में पगफेरा ग्रामीणों पर भारी पडऩे
 
संतोष गुप्ता
Dec 26 2009 02:11 PM
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आखिर कब चमकेगा चूरू

कौन हैं शहर के ऐसे हालातों के जिम्मेदार?चूरू, 25 सितम्बर। हैरिटेज सिटी चूरू की जीवंतता कही खो गई है। जिला मुख्यालय होते हुए भी लोग यहां कस्बाई आबोहवा का सा अहसास करते हैं। शहर में चहुं दिशाओं से प्रवेश के साथ किसी भी आगंतुक को यह महसूस ही नहीं होता कि
 
संतोष गुप्ता
Dec 26 2009 01:50 PM
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जागरुकता बढ़ी रोगी हुए नहीं कम

विश्व एड्स दिवस आजचूरू, 30 नवम्बर। जिले में एड्स रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इस साल में अब तक करीब तैंतीस रोगी एड्स पॉजीटिव पहचाने जा चुके हैं। इनमें तीन तो गर्भवती महिलाएं हैं। गत वर्ष की तुलना में एड्स रोगियों की संख्या में करीब ग्यारह की वृद्धि हुई
 
संतोष गुप्ता
Dec 25 2009 03:29 PM
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जनअपेक्षाओं पर कुठाराघात

सन्तोष गुप्ता नगरपरिषद पर काबिज कांग्रेस बोर्ड की पहली साधारण सभा की बैठक में मंगलवार को जो हुआ उस पर शहरवासियों को अफसोस है। जनता की उम्मीद और अपेक्षाओं पर तो जैसे कड़ाके की ठंड में घड़ों पानी पड़ गया। साधारण सभा में जनप्रतिनिधियों का व्यवहार किसी भी
 
संतोष गुप्ता
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खर्च का दुगना पाया सुख-3

पत्रिका समूह की सालाना समीक्षा बैठक में पहुंचने का आमंत्रण मिलने के दिन से ही यह सवाल दिमाग में कौंधने लगा कि भीलवाड़ा से कब निकला जाएगा? पुराना अनुभव है रातभर कामकर या सफर कर कॉन्फ्रें स में पहुंचते हैं तो फिर पूरे दिन नींद और आलस में बीत जाता है।
 
संतोष गुप्ता
Dec 25 2009 02:50 PM
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कौन भुगतेगा खामियाजा

सन्तोष गुप्तानैतिक और सामाजिक मूल्यों ने निरंतर आ रही गिरावट आखिर कहां जाकर थमेगी यह विचार अब लाजिमी हो गया है। शिक्षा जैसे पवित्र पेशे में नैतिक मूल्यों क हृास समाज के हर व्यक्ति के लिए चिंतनीय है। दो दिन पहले दसवीं कक्षा की अद्र्धवार्षिक परीक्षा का
 
संतोष गुप्ता
Dec 25 2009 02:47 PM
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बद अच्छा बदनाम बुरा

सन्तोष गुप्ता भीलवाड़ा। बहुत पुरानी कहावत है बद अच्छा, बदनाम बुरा। मतलब यह कि खूबसूरती चेहरे के बजाय आचरण से पहचानी जाती है। यही बात विभागीय कामकाज के नजरिए से देखें तो विभाग भलें ही अच्छा हो उसका कार्य व्यवहार और कार्य संस्कृति ही उसके अच्छे और खराब
 
संतोष गुप्ता
Dec 25 2009 02:39 PM
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शर्र्मींदगी अनजानी! -2

मुझे शर्र्मींदगी है। अनजानी शर्र्मींदगी। यह मेरी अंतश्चेतना की है। मैं जानता हूं जिस घटना पर मैं शर्र्मींदा हूं उसकी उन्हें खबर भी न होगी। वे बहुत सहज हैं। अत्यंत सहृदय भी। मेरे लिए वे परम आदरणीय हैं और मेरे उज्ज्वल भविष्य के जनक भी। उनकी सरलता का कोई
 
संतोष गुप्ता
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कायम हो वर्दी का विश्वास

भीलवाड़ा। बहुत पुरानी कहावत है पहले मारे सो मीर। मतलब यह कि सामने वाले के चक्षु खुलने तक हाका कर पूरे गांव को अपने पक्ष में कर लेने वाला ही होशियार। बेगूं के विधायक राजेन्द्रसिंह विधूड़ी को राह चलते दो सौ रुपए की सेवा बताने की घटना ने सबकी आंखें खोल दी।
 
संतोष गुप्ता
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इस मर्ज की क्या है दवा

भीलवाड़ा जिले के आसींद तहसील स्थित ग्राम संग्रामगढ़ निवासी भंवरलाल की छह माह की पुत्री ममता अब सिर्फ भंवरलाल की ही नहीं रही। वह हर उस शख्स की ममता पा गई जिसमें तनिक भी मानवीय संवेदना शेष है। जिसने भी ममता के लिए भंवरलाल को तड़पते देखा, ममता की मौत की खबर
 
संतोष गुप्ता
Dec 22 2009 08:41 PM
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निर्दलियों ने बनाया मुकाबला रोचक

प्रमुख संगठन भितरघात के फ्लू से पीडि़तमौजूदा तथा पूर्व विधायक की प्रतिष्ठा दांव परकुल मतदाता- 74 हजार 369पुरुष मतदाता-39 हजार ४०१महिला मतदाता-34 हजार 968 नए मतदाता-10 हजार ३८२पिछला मतदान प्रतिशत-72 (नगर पालिका चुनाव)चूरू, 22 नवम्बर। निर्दलियों की मौजूदगी
 
संतोष गुप्ता
Dec 22 2009 08:11 PM
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'अंकुश' के बिना कैसे कसे शिकंजा

पुलिस डाल-डाल, माफिया पात-पात अवैध शराब माफिया का फैलता जालचूरू, 14अक्टूबर। समान नीति और साफ नीयत के अभाव में जिले में अवैध शराब माफिया का पेट और पैठ गजराज की तरह बढ़ता ही जा रहा है। इस पर शिंकजा कसने के लिए आबकारी विभाग और आबकारी निरोधक दल के हाथ में
 
संतोष गुप्ता
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घड़साना की राह पर चूरू

आस पर भारी प्यास पानी की गुहार में गले रूंदे खेत-खलियान चूरू, 6 अक्टूबर। पानी पर पार पाने के लिए चूरू अब घड़साना की राह पर है। सिंचित क्षेत्र के पानी पर अपने हक के लिए काश्तकारों ने आर-पार की लड़ाई का मानस बनाना शुरू कर दिया है। गांधी जयंती से इसका आगाज
 
संतोष गुप्ता