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प्रेमवाणी

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04 May 2010
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इस्लामी बैंक में सारे इनसानों का हित है।

जिस समय पूरी दुनिया आर्थिक संकट से जूझ रही थी और उसका कोई समाधान देखाई नहीं दे रहा था उस समय कुछ गैर-मुस्लिम पश्चिमी अर्थशास्त्र विशेषज्ञयों नें यह परामर्श दिया था कि विश्व आर्थिक संकट से निकलने के लिए इस्लामी आर्थिक नियम को अपनाना अति आवश्यक है। युरूप
 
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बंधुआ मज़दूरी और इस्लाम

अन्तराष्ट्रीय कामगार दिवस के अवसर पर भारत के माथे पर एक कलंक "बंधुआ मज़दूरी" की समस्या का वर्णन करना अति आवश्यक है। इस प्रथा ने आज तक भारत के कुछ भागों में आज़ाद इनसानों को उनके इरादों, क्षमताओं तथा जीवन के अधिकारों से वंचित कर रखा है। इस
 
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संदेहों का निवारण (अन्तिम भाग)

इस दुनिया में हिन्दू तो पहले से हैं, लेकिन मुसलमान बाद में क्यों बने...???बहन जी! मानव इतिहास का अध्ययन करने से पता चलता है कि इस धरती पर अलग अलग विभिन्न मानव नहीं बसाए गए अपितु एक ही मानव से सारा संसार फैला है। निम्नलिखित तथ्यों पर ध्यान दें, आपके
 
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बहन फिर्दौस खान.... (3)

बहन फिर्दौस खान के कुछ संदेह हैं जिनका जवाब देने की कोई खास ज़रूरत महसूस नहीं करता था  परन्तु सम्भव है कि कुछ साथी भ्रम में पड़ जाएं और सोचें कि इनके पास  कोई उत्तर नहीं है। हालाँकि हम समझ रहे हैं कि यह इस्लामी नियम से अज्ञानता का
 
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बहन फिर्दौस खान...इस्लाम सुधारवादी बनाता है आतंकवादी नही (2)

 इस्लाम ने मानव को हर योग में सुधार की शिक्षा दी और आतंक से दूर रखा बल्कि इस्लाम आया ही इसी लिए ताकि शान्तिपूर्ण समाज की स्थापना हो, कुप्रथाओं का नष्ट हो और समाज में प्रेम की भावनाएं पैदा हों। इसी लिए मुसलमान जहाँ कहीं गए लोगों ने उनके प्रेम-भाव से
 
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बहन फिर्दौस के सवाल और उनके जवाब (1)

बहन फिर्दौस खान ने अपने ब्लौग पर कुछ सवाल पूछा है जो अति महत्वपूर्ण हैं निम्न में उनके जवाब एक एक कर के दे रहा हूँ, कामों के हुजूम, समय की तंगी और सवाल के तफ्सील तलब होने के कारण मैं कई भागों में इसका उत्तर दूगाँ। आशा है कि इन सवालों पर चिंतन मनन करेंगी।
 
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इस्लाम और शान्ति

इस्लाम का उद्देश्य पूरे संसार में शान्ति स्थापित करना है। इस्लाम हर धर्म का सम्मान करता है। क़ुरआन में इनसानी जानों का सम्मान इतना किया गया है कि उसने किसी एक व्यक्ति (चाहे उसका धर्म कुछ भी हो) की हत्या को सारे संसार की हत्या सिद्ध करता हैः “जो कोई किसी
 
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वन्दे मातरम् ?

वन्दे मातरम् बंगला भाषा के प्रसिद्ध उपन्यासकार बंकिमचंद्र चटर्जी की उपन्यास 'आनंदमठ' मैं शामिल है। मूल रूप में यह उपन्यास इस्लाम शत्रुता पर आधारित है और उसमें अंग्रेज़ों को अपना सुरक्षक और मसीहा सिद्ध किया गया है। वन्दे मातरम् उपन्यास का एक भाग है।
 
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एक संदेह

कल सजीव भाई ने हमारे ब्लाँग के तीन लेखों पर अलग अलग एक ही टिप्पणी डाली जिसका सार यह है कि(1) मुस्लिम हर धर्म की समानता की बात करता है परन्तु इस्लाम, क़ुरआन और मुहम्मद सल्ल0 को ऊपर दिखाना चाहता है। क्यों...?(2) मुहम्मद सल्ल0 की तुलना अन्य धार्मिक ग्रन्थों
 
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जल का संरक्षण और हमारी ज़िम्मेदारियाँ

आज हर व्यक्ति जल का दुर्पयोग कर रहा है। स्नानागार, शौचालय, रसोई घर और बागीचे की सींचाई में जल की खपत अत्यधिक मात्रा में हो रही है। हम सब का कर्तव्य बनता है कि हम सब जल की सुरक्षा करें उसे नष्ट न होने दें, क्यों कि किसी भी चीज़ का दुर्पयोग दरिद्रता तथा
 
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जल का संरक्षण औऱ इस्लाम (प्रथम भाग)

आज विश्व जल दिवस है। इस दिन जल के संरक्षण पर वार्ताएं होती हैं, मानव जीवन में जल के महत्व पर प्रकाश डाला जाता है। यह मानवता के जीवन सामग्रियों में से एक बहुमूल्य सामग्री है जिसका अनुभव छोटा बड़ा हर एक करता है। इससे कोई भी चीज़ निर्लोभ नहीं हो सकती चाहे
 
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क्या ईश्वर अवतार लेता है?

आज इस धरती पर कुछ लोग अवतार की कल्पना रखते हैं। यह कल्पना क्यों आई ? उसकी वास्तविकता क्या है? अवतार का सही अर्थ क्या होता है? इस्लाम इस सम्बन्ध में क्या कहता है? इस लेख में हम इन्हीं विंदुओं पर बात करेंगे।प्रिय मित्रो! आज ईश्वर का नाम अवश्य लेते हैं,
 
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Feb 24 2010 09:13 PM
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ऐसे थे …विश्व नायक

विश्व नायक मुहम्मद सल्ल0 ने कभी किसी खाने में ऐब नहीं लगाया, इच्छा होती तो खाते वरना छोड़ देते।विश्व नायक मुहम्मद सल्ल0 मिलने वाले को सब से पहले सलाम करते थे, हर व्यक्ति से हंस कर बात करते, तपाक से हाथ मिलाते और हाथ न छोड़ते जब तक वह स्वयं अपना हाथ न
 
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Feb 21 2010 09:38 PM
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सब से महत्वपूर्ण समस्या

आज धरती पर मानव विभिन्न समस्याओं में ग्रस्त है परन्तु इन सारी समस्याओं में सब से महत्वपूर्ण समस्या अपने ईश्वर, स्वामी औऱ पालनकर्ता से अवगत न होना है। क्या यह खेद की बात नहीं कि पैदा किसने किया औऱ सम्बन्ध किसी दूसरे से जोड़ा जा रहा है? क्षमा कीजिएगा यदि
 
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स्वतंत्रता और इस्लाम

सर्वप्रथम प्रत्येक भारत वासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर ने सम्पूर्ण सृष्टी को स्वतंत्र पैदा किया है। ईश्वर को यह बात कदापि प्रिय नहीं कि उसकी सृष्टि किसी और की दासता में रह कर जीवन बिताए। कारण यह है ईश्वर सृष्टा है तो वह अपनी
 
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अज़ान क्या है?

एक सांस्कृतिक सभा में एक बार हमने अपने देशवासियों से यह प्रश्न किया कि अज़ान क्या है ? अधिकांश लोगों का उत्तर था कि अज़ान में ईश्वर को पुकारा जाता है, कुछ लोगों ने कहा कि यह ईश्वर की भक्ति का एक नियम है। जबकि एक सज्जन ने कहा कि अज़ान में अकबर बादशाह को
 
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अज़ान क्या है ? (दूसरा भाग)

आपके मन में यह प्रश्न पैदा हो रहा होगा कि अज़ान के शब्दों का क्या अनुवाद होता है तो आइए सर्वप्रथम हम अज़ान के शब्दों का अर्थ जानते हैं" ईश्वर सब से महान है (चार बार) मैं वचन देता हूं कि ईश्वर के अतिरिक्त कोई दूसरा उपासना के योग्य नहीं (दो बार) मैं वचन
 
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अज़ान क्या है? (तीसरा भाग)

अज़ान क्या है? के तीसरे भाग के साथ हम आपकी सेवा में उपस्थित हैं, इस भाग में आप देखेंगे कि मानव कल्यान तथा ईश्वरीय मार्गदर्शन हेतु अज़ान क्या संदेश देता है। तो आईए चलते हैं अज़ान के तीसरे शब्द की व्याख्या की ओरःतीसारा शब्दः मैं वचन देता हूं कि मुहम्मद
 
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अज़ान क्या है? (अन्तिम भाग)

पाँचवा शब्दः आओ सफलता की ओरः इस शब्द द्वारा एक व्यक्ति के मन एवं मस्तिष्क में यह बात बैठाई जाती है कि सफलता न माल एकत्र करने में है, न ऊंचे ऊंचे भवन बनाने में, बल्कि वास्तविक सफलता केवल एक ईश्वर की पूजा में है, जो महाप्रलय के दिन का भा मालिक है। और यह
 
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Dec 31 2009 11:08 AM
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हज्ज और क़ुर्बानी के नायक (तीसरा भाग)

तब ईब्राहीम अलै0 ने अपने दिल में यह ठान ली कि उनकी मुर्तियों का कुछ न कुछ अवश्य इलाज किया जाए। आपने सोचा कि उनके त्योहार का दिन निर्धारित है, उसी दिन यह काम भलि-भांति पूर्ण रूप में सम्पन्न हो सकता है। त्योहार के दिन जब उन से त्योहार में भाग लेने का
 
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Nov 28 2009 03:26 PM
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हज्ज और क़ुर्बानी के नायक (२)

जब आपको अपने पिता से निराशाजनक उत्तर मिला तो अपने समुदाय के चंद्रमा और सूर्य की पूजा करने वालों को अति तत्वदर्शिता से समझाया, जब रात का अंधकार छा गया तो आपने सब के समक्ष एक सेतारा को देखकर कहा कि यह मेरा भगवान है। परन्तु जब वह डूब गया तो सुबह होते ही
 
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Nov 28 2009 12:15 AM
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हज्ज और क़ुर्बानी के नायक

अभी हज्ज और क़ुर्बानी का त्योहार आ रहा है। हज्ज और क़ुर्बानी का इतिहास क्या है?मुसलमान हज़्ज और क़ुर्बानी क्यों करते हैं। और हज्ज और क़ुर्बानी का वास्तविक अभिप्राय क्या है? इन सब को समझने के लिए सब से पहले हमें हज्ज और कुर्बानी के नायक को समझना होगा तो
 
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Nov 26 2009 01:11 AM
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इस्लामः मानव के लिए बहुमूल्य उपहार

इस्लाम क्या है? और इनसान को क्या संदेश देता है? खेद की बात यह है कि इसे भलि-भांति समझा नहीं गया। शताब्दियों से भारत में हिन्दू मुस्लिम एक साथ रहते आ रहे हैं पर उनका ज्ञान एक दूसरे के प्रति सूनी सुनाई बातों, दोषपूर्ण विचार और काल्पनिक वृत्तांतों पर आधारित
 
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Nov 11 2009 11:46 AM
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महान चमत्कार के होते हुए एक मानव-मात्र

मानव पथभ्रष्टता का मूल कारण महापुरुषों तथा संदेष्टाओं की चमत्कारियाँ हैं। ईश्वर ने मानव मार्गदर्शन हेतु हर युग एवं हर देश में जब संदेष्टाओं को भेजा, तो उनकी सत्यता को सिद्ध करने के लिए उनको कुछ चमत्कारियां भी दी। परन्तु लोगों ने इन चमत्कारियों की
 
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Oct 26 2009 12:09 PM
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प्रवचन 2

श्री अब्दुल्लाह पुत्र अब्बास (रज़ि0) का बयान है कि एक दिन मैं अल्लाह के अन्तिम संदेष्टा मुहम्मद सल्ल0 के पीछे सवारी पर बैठा था कि आपने फऱमायाः«ऐ बेटे! मैं तुम्हें कुछ बातें सिखाता हूं: अल्लाह को याद रख, अल्लाह तेरी रक्षा करेगा। अल्लाह को याद रख अल्लाह को
 
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ईश्वर की महिमा ( एक प्रवचन)

हज़रत अबू ज़र ग़िफारी रज़ि0 का कथन है, कि अन्तिम संदेष्टा मुहम्मद सल्ल० ने बयान किया कि अल्लाह (ईश्वर) फरमाता हैः· «ऐ मेरे दासो! मैंने स्वयं पर अन्याय को वर्जित कर लिया है,और तुम्हारे बीच भी इसे वर्जित कर दिया है इस लिए परस्पर एक दूसरे पर अन्याय न करो।·
 
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Oct 18 2009 10:40 PM
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१२४००० संदेष्टाओं के पश्चात विश्व नायक क्यों ?

एक सज्जन ने बड़ा अच्छा प्रश्न किया कि क्यों ईश्वर ने एक लाख चौबीस हज़ार संदाष्टाओं को भेजा? शायद प्रमात्मा पहली बार सही धर्म न भेज पाया, क्यों नबियों का संदेश अधोरा रहा ? यह एक संदेह है जिसका निवारण होना चाहिए ताकि सत्य खुल कर सामने आ सके। इसी उद्देश्य
 
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इस्लाम नया धर्म नहीं क्या मतलब?

इसका अर्थ यह है कि इस्लाम का कोई मानव संस्थापक नहीं जैसा कि अन्य धर्मों का है उदाहरणस्वरूप बुद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध हैं , सिख धर्म के संस्थापक गुरूनानक हैं, जैन धर्म के संस्थापक महावीर स्वामी हैं, हिन्दू धर्म भी अपने गुरूओं का धर्म कहलाता है
 
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Oct 02 2009 01:57 PM
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रोज़ा के लाभ

विज्ञान के इस आधुनिक युग में इस्लामी उपवास के विभिन्न आध्यात्मिक, सामाजिक, शारीरिक, मानसिक तथा नैतिक लाभ सिद्ध किए गए हैं। जिन्हें संक्षिप्त में बयान किया जा रहा है।आध्यात्मिक लाभः(1) इस्लाम में रोजा का मूल उद्देश्य ईश्वरीय आज्ञापालन और ईश-भय है, इसके
 
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प्रेमवाणी

मुहम्मद सल्लo का एक प्रवचन अनुवादः हज़रत अबूज़र और हज़रत मुआज़ बिन जबल रजि़0 से रिवायत है कि अल्लाह के रसूल सल्ल0 ने फरमायाः जहाँ कहीं भी रहो अल्लाह से डरते रहो,गुनाहों के बाद नेकियाँ कर लो, नेकियाँ गुनाहों को मिटा देंगीं, और लोगों के साथ अच्छे आचरण से
 
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Sep 10 2009 05:07 AM
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रमज़ान का इनामी प्रतियोगिता = केवल गैर-मुस्लिम भाइयों के लिएनिम्नलिखित वाक्यों में सही उत्तर पर ( √ ) के चिन्ह लगाएं ।1- इस्लाम का अर्थ क्या होता है ?शान्ति ( )मानव एकता ( )आतंकवाद ( )2- इस्लाम विश्वव्यापी धर्म है जो................. के मार्गदर्शन हेतु
 
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Sep 02 2009 12:21 AM
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आपकी अमानत आपकी सेवा में (७)

एक बोदा विचार : कुछ लोगों का मानना यह हैं कि हम उनकी पूजा इस लिए करते हैं कि उन्होंने ही हमें मालिक का मार्ग दिखाया और उनके वास्ते से हम मालिक की दया प्राप्त करते हैं। यह बिल्कुल ऐसी बात हुई कि कोई कुली से ट्रेन के बारे में मालूम करें जब कुली उसे ट्रेन
 
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प्रेमवाणी

ईश्वर का साझी बनानासबसे बड़ा पाप हैउस सच्चे मालिक ने अपने कुरआन में हमें बताया कि नेकियों, सतकर्म, पुण्य ओर सदाचार छोटे भी होते हैं और बड़े भी इसी प्राकर उस मालिक के यहॉ गुनाह, कुकर्म, पाप भी छोटे बड़े होते हैं उसने हमें बताया है कि जो पाप हमें सब से अधिक
 
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Jul 30 2009 11:03 AM
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मौत के बाद (५)

मौत के बाद इस आयत के दूसरे भाग में कुरआन मजीद एक बड़ी सच्चाई की तरफ हमें आकर्षित करता है यदि वह इंसान की समझ मे आ जाये तो सारे संसार का वातावरण बदल जाये। वह सच्चाई यह है कि तुम मरने के बाद मेरी तरफ़ लौट जाओगे और इस संसार में जैसे भी कार्य करोगे वैसा बदला
 
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Jun 21 2009 08:46 PM
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प्रकृति का सबसे बड़ा सत्य (३)

इस संसार बल्कि प्रकृति की सब से बड़ी सच्चाई है कि इस संसार सृष्टि और कायनात का बनाने वाला, पैदा करने वाला, और उसका प्रबन्ध चलाने वाला सिर्फ और सिर्फ अकेला मालिक है। वह अपने अस्तित्व (ज़ात) और गुणों मे अकेला है। संसार को बनाने, चलाने, मारने, जिलाने मे उसका
 
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Jun 21 2009 08:28 PM
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प्रेमवाणी (२)

यह बात कहने की नहीं मगर मेरी इच्छा है कि मेरी इन बातों को जो प्रेमवाणी है, आप प्रेम की आँखों से देखें और पढें। उस मालिक के लिए जो सारे संसार को चलाने और बनाने वाला है ग़ौर करें ताकि मेरे दिल और आत्मा को शांति प्राप्त हो, कि मैंने अपने भाई या बहिन की धरोहर
 
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आपकी अमानत आपकी सेवा में - (भाग १)

(यह एक पुस्तिका का प्रथम भाग है जिसके लेखक भारत के एक महान विद्वान तथा लेखक मुहम्मद क़लीम सिद्दिक़ी साहिब हैं , इस पुस्किता का अध्ययन करना हर इनसान के लिए ज़रूरी है। क्योंकि इसमें एक अमानत ऐसी बताई गई है जिसे लोग भुले हुए हैं। आशा है कि यह पुस्तिका पाठकों
 
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एक प्रार्थना, संदेहों का निवारण

यह एक प्रार्थना है, अनुरोध है, गुज़ारिश है साम्प्रदाइकता के सदस्यों से! क्योंकि मैं भी एक भारतीय हूँ। भारत की धरती से प्यार करता हूं, इस पावन धरती की स्वतंत्रता में अपने पूवर्जों के बलिदान हमें याद हैं। फिर इतिहास ने यह भी देखा है कि हमने अपने देश में
 
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क्या हम भारत की प्रगति में बाधा नहीं डाल रहे हैं?

प्रिय बन्धुओ ! भारत एक लोकतंत्र देश है जहाँ हर धर्म एवं जाति के लोग परस्पर भाई-चारगी के साथ शताब्तियों से रहते हैं मानो कोई एक ही बागीचा के विभिन्न फूल हों। लेकिन इन दिनों साम्प्रदाइकता के नाग ने इस परम देश को भी डसना शुरू कर दिया है। कभी पक्षपात का
 
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Feb 17 2009 06:21 PM
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क्या आप इस महा-पुरुष को जानते हैं (भाग २)

जब आपकी आयु चालीस वर्ष की हो गई तो ईश्वर ने मानव-मार्गदर्शन हेतु आपको संदेष्टा बनाया,आपके पास आकाशीय दूत जिब्रील अलै0 आए और उन्हों ने ईश्वर की वाणी क़ुरआन पढ़ कर आपको सुनाया। यहीं से क़ुरआन के अवतरण का आरम्भ हुआ, जो इश्वर की वाणी है, मानव-रचना नहीं। इसी
 
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Feb 11 2009 08:09 PM