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03 Apr 2010
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फूल वाली माई

कभी कभी जीवन में कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जो की बारबार सोचने पर मजबूर करतीं है कि क्या निर्धन के पास ज्यादा दिल बड़ा होता है जो कि धनि के पास नहीं हो सकता| आज मैं एल्लोरा में स्तिथ घ्रिश्नेश्वर ज्योतिर्लिंग में गयी थी | हर बार की भांति मैं फूल वाली माई के
 
Neelam Pande
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मायावती की माया

आजकल नया चर्चा का विषय उत्तर प्रदेश है| ग्रामीण इलाका गरीबी की रेखा पर झूल रहा है वहीं रईसी इस कदर है कि करोड़ों की माला गले की हार बन कर रह गयी है |इसे ही कहते है अधजल गगरी छलकत जाये|मुझे कभी कभी लगता है कि मनुष्य केवल स्वयं का ही क्यों सोचता है?खासतौर
 
Neelam Pande
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गुढी पाडवा

गुढी पाडवा अर्थात चैत्र मास की प्रतिपदा महाराष्ट्र में मनाये जाने वाला नववर्ष|नूतन वर्ष का यह पहला दिन|पौराणिक काल से ही यह मान्यता है की इसी दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की|अतः इस दिन सुबह घरघर में ध्वजा फहरायी जाती है|सभी देवी देवता की पूजन की जाती
 
Neelam Pande
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हम इन बाबा को इतना महत्व क्यों देते है?

आजकल प्रतिदिन समाचारों में देखने को मिलता है ढोगी संतों के बारे में,जिनके बारे में सुनकर निगाहें शर्म से झुक जाती हैं |लगता है की इनका क्या अस्तित्व है |ये क्या साबित करना चाहते है कि ईश्वर पर से लोगों का विश्वास हट जाये?ये संत जो कि वास्तव में योगी ना
 
Neelam Pande
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होली के दिन ......

होली का त्योहार आते ही बचपन के दिन आखों के सामने घूम जाता है अब ना तो वो समय रहा ना ही माता पिता रहे ना ही वो घर रहा जहां बचपन बीता, आज होली में उत्साह भी नहीं दिखता जो हमारे बचपन मन होता था शायद इसका कारण है अब हम ज्यादा विकसित हो गएँ है या फिर यूँ
 
Neelam Pande
Feb 27 2010 11:29 AM
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अब पत्र लिखने का जमाना तो गया ...........

आज का युग वैज्ञानिक युग है जहाँ हम कागज कलम पर लिखना नहीं चाहते|बच्चों को जब भाषा के तहत पत्र लिखना पड़ता है तो उनके पसीने टपकते है,फिर रटा कर लिखना पड़ता है|अभी एक दिन मुझे अपने माता पिता की बहुत याद आया रही थी शायद उनके रहते इतनी याद ना आई होगी जितना
 
Neelam Pande
Feb 26 2010 09:33 AM
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1411 बाघ बचे हैं

1411 बाघ बचे हैं आजकल चारों तरफ विस्तृत रूप से फैला है|अब मुझे समझ नहीं आता कि अब मै क्या करूँ .....जा कर जंगल में डेरा डालूं ??????आप ही सोचो ये तो एक दिन में हुआ नहीं तो अचानक बाघों कि चिंता सरकार को क्यों हो गयी ...मेरा सोचना तो ये है कि इतने
 
Neelam Pande
Feb 24 2010 01:03 PM
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हाय ये बोर्ड परीक्षा से बदलता मौसम..

उत्तर भारत में ठण्ड की मार अभी खत्म होनी शुरू हुयी है,मौसम बदलने लगा कुछ लोगों के यहाँ मौसम ज्यादा गर्म हो चुका है क्योकि उनके यहाँ बोर्ड परीक्षा है.....माता पिता को ज्यादा पसीने छूट रहें हैं किसी को दसवीं की परीक्षा की चिंता है तो कहीं ज्यादा पसीने बह
 
Neelam Pande
Feb 21 2010 07:00 PM
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टीवी ड्रामा ...राहुल दुल्हनिया ले जायेगा.........

इन दिनों पैसा बनाने की होड़ में सभी टीवी चॅनल वाले लगे है फिर शो चाहे जैसा भी हो?इसके बारे मैने पहले भी जिक्र किया था किन्तु मुझे ये नहीं मालूम था कि ये इतना घटिया शो होगा|सबसे पहले दूल्हा जिसके स्वयं के चरित्र का अता पता नहीं है| मुझे जो बात सबसे ज्यादा
 
Neelam Pande
Feb 18 2010 11:24 AM
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सास बहु हर घर की कहानी, नारी ही नारी की दुश्मन

ये पुरातन से चला आरहा है, कि सास और बहु का किस्सा, करीब करीब हर घर का रोना होता है|सास बहु कि बुराई करती है तो बहु सास की| समझ नहीं आता कि गलत कौन है?बहु अपना राग अलापती है अपने पति के सामने तो सास अपने बेटे से बहु की शिकायत पहुंचती है\ऐसे में फंसता है
 
Neelam Pande
Feb 18 2010 05:57 AM
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आखिर हमारा देश पिछड़े देशों में क्यों है?

ये गौर करने लायक बात है कि हमारा देश सारे देशों के मुकाबले पिछड़ा क्यों है? इसका एक कारण तो तय है कि हम लोग काम में कम दूसरों कि टांग खीचने में वक्त ज्यादा बिताते है|आज जैसे वेलेंटाइन दिवस है सारे चैनल पर इसकी ही चर्चा है - कहते है कि हम संस्कृति को बचा
 
Neelam Pande
Feb 14 2010 07:59 PM
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वेलेंटाइन दिवस केवल 14 फ़रवरी को ही क्यों ?

१४ फ़रवरी को वेलेंटाइन दिवस क्यों मनाया जाता है? क्योंकि सन 1400 से 14 फरवरी को यह इग्लैंड में मनाया जाता रहा है|धीरे धीरे इसने सब जगह अलग अलग रूप ले लिया|अब मेरे दिल में केवल एक प्रश्न उठता है कि क्या हमें प्रेम का इज़हार केवल एक दिन १४ फ़रवरी को ही
 
Neelam Pande
Feb 14 2010 04:10 PM
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बच्चे के जन्म के साथ माँ का एक नया जन्म होता है

ये सही है की एक बच्चे के जन्म के बाद माँ को नया जन्म मिलता है, माँ बढ़ते बच्चे को नौ माह तक अपनी कोख में संभाले रहती है फिर होता है बच्चे का जन्म,तमाम तकलीफों के पश्चात एक बच्चे का जन्म होता है और माँ को मिलती है नई जिन्दगी|मैं ये नहीं जानती की सब माँ
 
Neelam Pande
Feb 10 2010 09:24 PM
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जैसी फसल हम बोते है ठीक वैसा ही काटते हैं.....

जैसी फसल हम बोते हैं ठीक वैसा ही काटते हैं अर्थात जैसा हम कर्म करते है ठीक वैसा ही फल हमें मिलता है| ये मेरी अजमाई हुयी बात है , ऐसा ही मै अपनी सोच नहीं लिख रही हूँ बल्कि मैने अपनी आँख देखी घटनाओं से अनुभव किया कि यदि कोई अपने बड़ों कि सेवा करता है वो भी
 
Neelam Pande
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एक आस्था फूटपाथ पर गुज़र बसर करने वालों की

आज मेरी कार मुंबई की सड़कों पर दौड़ रही थी,तभी मेरी निगाह अचानक फुटपाथ पर पड़ी, जहाँ काफी झुग्गी झोपड़ियाँ थी,अभी मै देख ही रही थी कि तभी मुझे उन झोपड़ियों के बीच एक शिवालय दिखा| मैने गाड़ी ड्राईवर से रोकने के लिए कहा,ड्राईवर ने गाड़ी रोकी मैने उस मंदिर
 
Neelam Pande
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जिन्दा रहने पर पानी को तरसाए, मरने के बाद करे हो हल्ला से श्राद्ध

ये वाक्य पढ़ कर थोडा अजीब लगता है किन्तु वास्तव में आजकल ऐसा ही देखने एवम सुनने को मिलता है|कभीकभी बहुत आश्चर्य होता है कि आखिर लोग बदल कैसे जाते हैं| माता पिता कि तरफ से मुख कैसे मोड़ लेते है?जिम्मेदारियों से कैसे मुकर जाते है?मेरा एक अनुभव ये भी रहा है
 
Neelam Pande
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भारतीय परिधान साडी का आधुनिकीकरण

नवयुग आधुनिकीकरण का युग है|आज हम सब चीज़ों को तोड़ मरोड़ कर आधुनिकता की चादर में लपेटे जा रहें जा है|ठीक इसी प्रकार पुरातन से चली आ रही भारतीय परिधान साडी का भी आधुनिकीकरण कर के पुर्णतः पोस्टमार्टम किया जा रहा है|साडी जिसमें नारी को एक सम्मान मिलता था,एक
 
Neelam Pande
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टीवी पर एक और नौटंकी शुरू "राहुल दुल्हनियां ले जायेगा" लेकिन कितनी बार ?

टेलिविज़न का शो आजकल बड़ा हिट जाता है और जाना भी चाहिए क्योकि नौटंकी के बादशाह लोग काम कर रहे है|अभी कुछ दिन पहले ही इमेजिन इण्डिया पर राखी सावंत का स्वयंवर दिखाया गया टी. आर. पी. बढ़ी,तो लो भईया एक और नौटंकी जनता जनार्दन के लिए ला दिया गया| इस बार लाया
 
Neelam Pande
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परम महिमामयी अंगारक चतुर्थी

'अंगारक चतुर्थी 'कि महात्म्य -कथा गणेशपुराण के उपासना खंड के ६०वे अध्याय में वर्णित है| वाह कथा संक्षेप में इस प्रकार है -"धरती माँ ने महामुनि भरद्वाज के जपा पुष्प -तुल्य अरुण पुत्र का पालन किया| सात वर्ष के बाद उन्होंने उसे महर्षि के पास पहुँचा दिया|
 
Neelam Pande
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पश्चिमीसभ्यता को अपनाने की होड़ में आज की युवा पीढ़ी

वर्तमान समय में युवा पीढ़ी पश्चिमी सभ्यता को भारतीय संस्कृति से ऊँचा मानती है इसीलिए वहाँ का रहन सहन, खानपान,बोलने का तरीका,इत्यादि अपनाती है| युवा लड़के लड़कियां मदिरापान, धुम्रपान, को ही समाजिक जीवन बना लिया है|आखिर ये दिखावा क्यों इतनी तेज़ी से फैल रहा
 
Neelam Pande
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किशोरावस्था में अनुशासनहीन होते बच्चे ...जिम्मेदार कौन????

आजकल प्रायः सुनाने में आता है कि हमारा बच्चा तो बिलकुल भी मेरा नहीं सुनता|बोर्ड की परीक्षा है किन्तु वो तो अपनी मनमानी करता है|किन्तु ऐसा होने में आखिर दोषी कौन है? किशोरावस्था में बच्चे बड़ों की तरह व्यवहार करना शुरू करने लगते है, उन्हें माता पिता की
 
Neelam Pande
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बच्चों कि जानलेवा नादानी,माता पिता कि बढती परेशानी

आजकल समाचारों में सबसे ज्यादा खबर कम उम्र के बच्चों द्वारा आत्महत्या की होता है,दिल दहल जाता है ऐसा क्या हो गया है कि बच्चों को ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है?उनके माता पिता के लिए सोच कर लगता है कि उन पर क्या गुज़र रही होगी ? वो बच्चे के साथ ही ढेरों कल्पनाएँ
 
Neelam Pande
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सगाई टूटी सानिया की,पेट दर्द से बुरा हाल मिडिया का.....

काल का सारा दिन मिडिया का बहुत व्यस्त था सानिया मिर्ज़ा की सगाई टूटने के मामले में|बिचारे सारी रात फोन लगाते रहे,किसी ने फोन नहीं उठाया देर रात या फिर बहुत सुबह किसी ने एस.ऍम.एस के जरिये YES लिख दिया तो तसल्ली मिली कि चलो आज की ब्रेकिंग न्यूज़ का चटपटा
 
Neelam Pande
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एक अच्छी शुरुआत IBN7 कि तरफ से

आज IBN7 पर एक आइडियल पुरस्कार दिखाया जा रहा था जिसमे विकलांगो, मानसिक विकार,मूक बधिर जैसे क्षेत्र में जिन्होंने कार्य करके एक मुकाम तक पहुंचाया उन्हें ये पुरस्कार प्रदान किया गया| आज ये देख कर इतना अच्छा लगा की अभी भी हमारे यहाँ कुछ लोग ऐसे है जो इतना
 
Neelam Pande
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कोचिंग पुराण

आज का युग प्रतिस्पर्धा का युग है|प्रत्येक ओर होड़ मची है, लोग लम्बे रेस के घोड़े की तरह दौड़ रहे है|इसके लिए तकरीबन नब्बे प्रतिशत बच्चे कोचिंग की तरफ भाग रहें है|अध्यापक भी कोचिंग में ज्यादा रूचि दिखाते है, क्योकि मोटी कमाई वहीँ होती है| आज प्रत्येक जगह
 
Neelam Pande
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अंग्रेज़ चले गए लेकिन अंग्रेजी विरासत में छोड़ गए

आज गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर भी मस्तिष्क में न जाने क्यूँ एक उलझन है कि आखिर हम अंग्रेजी भाषा के दीवाने क्यों है?मैने बहुत से पुरुषों एवम खासतौर पर महिलाओं को देखा है कि यदि अंग्रेजी में उनकी फीस माफ़ है तो वो ज़रूरत से ज्यादा कोशिश करेगीं इसमें सबसे
 
Neelam Pande
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गणतंत्र दिवस 26 जनवरी

कल 26 जनवरी को हम 61 वाँ गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनायेगे|कार्यालय,विद्यालयों,सरकारी विभागों में झंडे फहराए जायेगे प्रत्येक वर्ष की भांति कार्यक्रम दोहराए जायेगे|किन्तु क्या सही मायनो में हम गणतंत्र दिवस मना रहे है?हम रटी रटाई चीजों को सिर्फ दोहरा
 
Neelam Pande
Jan 25 2010 07:21 PM
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हमारी सरकार

आज 23 जनवरी है नेता जी सुभाष चन्द्र बोस का जन्मदिवस| बहुत उम्मीदों के साथ भारत को आज़ाद करवाने में योगदान दिया था| शायद उन्होंने कभी भी ये नहीं सोचा होगा कि आज़ादी के साठ वर्ष के पश्चात भारत में सरकार कि क्या हाल होगी और नेताओं के बीच आपसी तालमेल कैसा
 
Neelam Pande
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आज की मिडिया, ज्योतिष, एवम तर्कशास्त्री

आज की मिडिया ऐसी हो गयी है कि यदि कभी वक्त न कट रहा हो तो किसी भी NEWS CHANNEL के सामने बैठ जाओ कुछ न कुछ चटपटी खबर मिल ही जाएगी बशर्ते देश में कोई हलचल न हो|आजकल ज्योतिष एवम तर्कशास्त्रियों के बीच मिडिया का एक अहं भूमिका हो गयी है आपस में हलचल करवाने
 
Neelam Pande
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आखिर हम दूसरों पर आश्रित क्यों है???

मानव जीवन ईश्वर का दिया एक अनमोल उपहार है,जिसमें मनुष्य को जो सबसे कीमती वस्तु प्राप्त होती है वो है मस्तिष्क जिससे हम विचार कर सकते हैं अच्छा,भला बुरा अपने जीवन को सँवारने का तरीका सोच सकते है, किन्तु फिर भी हम दूसरों पर ही आश्रित होते है|क्योकि हमें
 
Neelam Pande
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कर्मफल

पाप और पाराकोई नहीं पचा सकता यदि कोई छिपाकर पारा कहा ले, तो किसी न किसी दिन वह शरीर से फूट कर निकलेगा| पाप करने से उसका फल एक न एक दिन निश्चय ही भोगना पड़ेगा| रेशम के कीड़े जैसे अपनी लार से अपना घर बनाकर आप ही उसमें फंसता है, वैसे ही संसार के जीव भी अपने
 
Neelam Pande
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बहुमूल्य होते हैं माता पिता

जीवन में रिश्तों की बहुत अहमियत होती है| कुछ रिश्ते जन्म से जुड़े होते है जिसमे सबसे पहले माँ का नाम आता है क्योकि बच्चे की हर साँस माँ पहचानती है माँ से हर साँस से बच्चे का रिश्ता जुड़ता है तो पिता से रक्त का सम्बन्ध होता है|माता पिता ऐसे बहुमूल्य रत्न
 
Neelam Pande
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प्रवचन का महत्त्व

आज के युग में प्रवचन का प्रचलन अत्यधिक है किन्तु सही अर्थ में क्या जनता प्रवचन सुनती है? क्या प्रवचन में कहे गये वचनों को जीवन में पालन करते हैं? क्या प्रवचन का अर्थ व्यक्ति जानता है? शायद नहीं क्योकि समाज में अभी भी लोग प्रवचन सुनने का अर्थ अच्छा समय
 
Neelam Pande
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DENAP

ज्योतिष शास्त्र को लेकर प्रायः वैज्ञानिको के दिलो दिमाग पर नकारात्मक विचार आते है,उसका सिर्फ एक ही कारण है कि आज के युग में व्यक्ति बिना ज्योतिष शास्त्र की पूर्ण शिक्षा लिए अपनी जीविका चला रहा है, उन्हें न्यूनतम ज्ञान होता है और वो उसी के आधार पर तरह तरह
 
Neelam Pande
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बसंत पंचमी

भारत में बसंत ऋतु के आगमन की सूचना बसंत पंचमी से ही मिलनी शुरू हो जाती है|माघ शुक्ल पक्ष (महाराष्ट्र,गुजरात, दक्षिण भारत इत्यादि जगहों पर माघ कृष्ण पक्ष)की पंचमी कोम्नाया जाने वाला यह पर्व बसंत पंचमी के नाम से जाना जाता है|इस दिन माँ सरस्वती का जन्म दिवस
 
Neelam Pande
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टेलिविज़न के कारण पुस्तक के प्रति कम होती जागरूकता

आज का युग टेलिविज़न का युग है जहाँ बच्चे नहाने ,खाने से लेकर सोने तक टेलिविज़न देखते है|इसकी आदत घर से ही पड़ती है|जब बच्चा अबोध रहता है उसे दुनियादारी कि जानकारी नहीं होती तब उसके जिद्द करने पर हम उसे टी.वीदिखाते है बच्चा बहल जाता है|इसी प्रकार उसे खाना
 
Neelam Pande
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ज्योतिष एवम अन्धविश्वास दोनों का मेल नहीं

ज्योतिषशास्त्र एवम अन्धविश्वास दोनों का आपस में कोई मेल नहीं हैं|इसके बारे में मैं पहले भी लिख चुकी हूँ|ज्योतिष एक शास्त्र है एक विद्या है जबकि अन्धविश्वास अशिक्षित लोगों द्वारा फैलाई गयी भ्रांतियां है|ज्योतिष कि पूर्ण शिक्षा होती है जैसे कि प्रत्येक
 
Neelam Pande
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BURJ KHALIFA - ऊँची ईमारत , क्या सोच भी ऊँची होगी ?

हाल ही में विश्व की सबसे ऊँची ईमारत - BURJ KHALIFA - का उद्घाटन किया गया . 828 Meter tall building with 60 Lakh square foot area and more than 160 floors - mankind has really made a marvel on earth.60 देशों की मदद से इतनी ऊँची इमारत का निर्माण हुआ|लोग
 
Neelam Pande
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Dharm Sab Ek Hae

सर्व-धर्म -समन्वय ईश्वर एक है,परन्तु उनके नाम और भाव अनंत है|जो जिस नाम और भाव से उनकी आराधना करता है, उसे वे उसी नाम और उसी भाव से दर्शन देते है| कोई किसी भी भाव, किसी भी नाम या किसी भी रूप से उस ईश्वर की उपासना या साधना भजन करता है उसे निश्चय ही ईश्वर
 
Neelam Pande
Jan 16 2010 04:13 PM
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MAKAR SANKRANTI

14 जनवरी मकर संक्रांती पिता सूर्यदेव जब अपने पुत्र शनिदेव की राशि मकर में प्रवेश कर उत्तरायण होते है तो वह दिवस मकर संक्रांति कहलाता है|इस दिन पिता पुत्र का मिलन होता है, इस दिन से देवताओं का ब्रहम मुहूर्त प्रारम्भ होता है एवम सारे शुभ कार्य प्रारम्भ
 
Neelam Pande