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रमणिका फाऊंडेशन

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18 Jun 2010
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पुरुषनिर्मित सौन्दर्यकसौटी पर ही खुद को तोलती है औरतें

विचित्र तो यह है कि स्त्री की मुक्ति का अहसास होने के बावजूद आज भी स्त्री पुरुषनिधार्रित सौन्दर्यमानकों के खांचों में खुद को फिट करने की होड. में शामिल है। आज भी उनका सौंदर्यबोध  उनका सपना पुरुष की नज़रों  में सुन्दर लगना ही है। उनकी
Jun 18 2010 01:11 PM
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हमारी भाषा भी स्त्री विरोधी है

मुक्ति का सपना हर मनुष्य देखता है--औरत भी देखती हैङ्ककिन्तु 'मुक्ति' का अर्थ भिन्न-भिन्न सन्दर्भों में जुदाजुदा होता है। अभी भी भारत में ९०% स्त्रियाँ मुक्ति के विमर्श से अनजान हैं। अधिकांश तो अपनी गुलामी का जश्न मनाती दिखती हैं। जो मुक्त हैं या होना
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रमणिका फाऊंडेशन

हम हजार फूल खिलने ङ्कयों नहीं देते! २०.५.१०रमणिका गुप्ताआदिवासी भाषाओं की प्रवॐत्तिा लोकतांत्रिाक, समतामूलक, स्वातंत्राताप्रिय और भाईचारा या बहनापे से युङ्कत है। ये भाषाएं किसी को श्रेष्ठ या नीचा नहीं दर्शातीं। इनके प्राकॐतिक न्याय और सामाजिक न्याय की
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सरकार मैला उठ्वाने वालो को सजा क्यो नही देती

प्रकाशनार्थ                                        &nbs
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आदिवासी ने तीर क्यों चलाया

पहला खण्डआदिवासी ने तीर क्यों चलाया?आदिवासी ने तीर चलायाहवा में पसर गया एक वक्तव्यआखिर आदिवासी ने तीर क्यों चलाया?ट्रैक्टर के ड्राइवर को ही निशाना क्यों बनाया ?ड्राइवर था सर्वहारा किसान का ही बेटातीर-सा एक प्रश्न उठावक्तव्य से टकराया   उठा एक
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मिथक : काव्यमय कौमों के दस्तावेज

टेलर ने बहुत पहले प्रमाण दिया था कि मिथकङ्ककविता में अभिव्यङ्कित, आदिम इतिहास और एथनॉलोजी है। एक कवि उस स्वाभाविक दुनिया को वैणानिक मनुष्य की दॐष्टि से परख.ता है, तो मिथसॐजक अपने इस आविष्कार को दूसरे ढंग से कहता है। एक आदिम कवि अपनी प्रेरणा को मिथक के
Feb 22 2010 04:43 PM
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बंदूक का विकल्प हो तो आदिवासी लौट आएगा

बंदूक का विकल्प हो तो आदिवासी लौट आएगारमणिका गुप्तापिछले पांच वर्षों में माओवादी आन्दोलन 10 से 20 राज्यों के 223 जिलों में फैल गया हैµयानी भारत के एक तिहाई भू-भाग में। इनमें अधिकतर जिले आदिवासी बसाहटों वाले हैं।दरअसल नक्सलवाद ग्रामीण क्षेत्रा के किसानों
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इस सोच के पीछे कौन?

इस सोच के पीछे कौन?यह फाउंडेशन श्रीमती रमणिका गुप्ता का मानस-शिशु है जो एक महत्वपूर्ण सामाजिक व्यक्तित्व हैं और जिन्होंने सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहलकदमियों की शृंखला के माधयम से एक नया आयाम दिया है। उनकी इच्छा, उनका दृढ़ निश्चय और उनकी