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सारथी

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05 May 2010
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राजनीति और आम जीवन!

जब देश आजाद हुआ था तब देश का भरणपालन अधिकतर आदर्शवादियों के हाथ में था. इस कारण जो देश २५०० साल से लुटतापिटता आया था उसे बहुत ही सावधानी से देश की विदेशनीति बनाई गई, आर्थिक नीति बनाई गई, हर चीज को उस तरह से नियंत्रण में रखा गया जैसे एक मां बडी समझदारी से
 
Shastri JC Philip
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एक बिजली, लाखों का नुक्सान!

सुनते हैं कि उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी दिन प्रति दिन बढ रही है और कई जगह ४५ के ऊपर पहुंच गई है. प्रभु की दया से केरल में पिछले २ हफ्तों से जम कर पानी बरस रहा है. जम कर से मेरा मतलब है हर शाम एक घंटा बिना रुके. सालों पहले जब ग्वालियर [...]
 
Shastri JC Philip
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बनारस का बुद्धिजीवी फरिश्ता!

मार्च के आखिरी हफ्ते का बडा इंतजार था, एक व्यक्ति से मिलने का जो अभी तक तो सिर्फ एक अमूर्त “नाम” था लेकिन जिसे मूर्त रूप में देखने की बडी कामना थी. इस घटना का एक पहलू …केरल में हुआ इक ब्लॉगर महामिलन ……(केरल यात्रा संस्मरण -८) में आ चुका
 
Shastri JC Philip
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संडास या मोबाईल फोन!

आज सुबह सुबह एक अंग्रेजी चिट्ठे पर एक विदेशी की टिप्पणी दिखी कि सन २०१० में हिन्दुस्तान में जितने संडास हैं उनसे अधिक मोबाईल फोन हैं. इस खबर पर कई लोगों ने काफी चुटकी ली एवं कई लोगों ने हंसी की तो मैं ने एकदम टिप्पणी की “क्या आप लोगों को लगता है कि
 
Shastri JC Philip
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क्या एक भी हिंदी प्रोग्रामर नहीं है हिंदीप्रेमी?

सारथी के मित्रों ने नोट किया होगा कि पिछले दिनों मेरी चिट्ठावापसी के समय से मैं हिंदी में लिखते समय काफी संघर्ष कर रहा हूँ. दर असल नियमित रूप लिखने कि बड़ी इच्छा है लेकिन जब से संगणक पर विंडोज ७ का प्रयोग चालू कर दिया है तब से सारे के सारे यूनिकोड हिंदी
 
Shastri JC Philip
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जालियांवाला बाग हत्याकांड!!

पिछले तीन हफ्तों से रोज सुबह ५ को दौड शुरू होती है और रात को ९ बजे खतम होती है. इस चक्कर में चिट्ठाकारी और अन्य सब कुछ पीछे रह जाता है. लेकिन कल जब बेटे के चिट्ठे पर पढ़ा कि कल जालियांवाला हत्याकांड का दिवस था तो मन एक दम से दर्द से भर [...]
 
Shastri JC Philip
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टेलिफोन विभाग को यह क्या हो गया?

मुझे अकसर टेलिफोन का पैसा चुकाने में देर हो जाती है और फाईन देना पड जाता है। लेकिन आज तो गजब हो गया। धर्मपत्नी ने याद दिलाया कि इस बार भी देर हो गई है। यहां विश्वविद्यालय में ही टेलिफोन विभाग का अच्छाखासा दफ्तर है लेकिन वे लोग सिर्फ 2 बजे तक पैसा लेते
 
Shastri JC Philip
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फलों से डर लगता है!

प्रभु की दया से हम सब लगभग सामान्य लोग हैं। किसी तरह की विकलांगता का अनुभव नहीं करते है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि समाज का एक बहुत बडा तबका जो पूर्ण रूप से सामान्य नहीं है उनकी बडी उपेक्षा होती है। मैं ने इस बात को पिछले तीन महीनों में अच्छी तरह
 
Shastri JC Philip
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आज मरते मरते बचे!

मेरे मंझले साढू भाई की बिटिया की शादी तय करने के लिये आज सुबह दो कारों पर हम नौ जने आज सुबह लगभग 150 किलोमीटर की यात्रा पर गये। एलप्पी में नाश्ते के लिये एक जानेमाने हॉटेल में उतरे और आर्डर दिया। हम लोग इंतजार कर रहे थे कि एकदम से खाकी वस्त्रधारी दस [...]
 
Shastri JC Philip
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मजदूरी भी, बेईमानी भी!

कोचिन में हर साल औसतन 165 दिन पानी बरसता है। इन में से कम से कम सौ दिन ऐसी मूसलाधार वर्षा होती है जैसा मैं ने उत्तर भारत में कहीं भी नहीं देखा है। यदि सही तय्यारी न की जाये तो ये 165 दिन सारे केरल को पानी में डुबा सकते हैं। इस कारण मानसून [...]
 
Shastri JC Philip
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आज मिली गाली!

आज के अनुभव पर लिखने की सोच रहा था कि मेरे एक मित्र का चलभाष आया कि सारथी पर अगला आलेख छापने का समय हो गया है। इन्होंने ही दो हफ्ते पहले मुझे नींद से जगाया था, और अब ठान ली है कि सुस्त घोडे को प्यारमनुहार द्वारा उठा चला देना चाहिये। आभार मेरे दोस्त! आज
 
Shastri JC Philip
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जनतंत्र: हम कभी न सुधरेंगे!

पिछले दिनों महिलाओं के लिये आरक्षण के मुद्दे पर जिस तरह हमारे कई राजनीतिज्ञों ने हिंसा का प्रदर्शन किया उसे देख हम सब को समझ लेना चाहिये कि फिलहाल हम सुधरने वाले नहीं हैं। कारण यह है कि जब जनता-की-सरकार बनती है तब यदि आदर्शों से प्रेरित लोग सत्ता की
 
Shastri JC Philip
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सारथी नाम बदल लें !!

आज एक इष्ट मित्र ने चलभाष पर बुला कर उलाहना दिया कि कैसे सारथी हो कि कु्छ लिखतेपढते नहीं हो। आभार उस मित्र का जिन्होंने मुझे सोते से जगा दिया। दर असल एक महीने पहले संगणक और आपरेटिंग सिस्टम बदला और विन्डोज 7 का उपयोग करने लगा तो मेरा इष्ट “केफे हिन्दी”
 
Shastri JC Philip
Mar 06 2010 12:29 PM
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गूगल विज्ञापन और हिंदी चिट्ठे

आज एक मित्र का ईपत्र आया कि उन्होंने गूगल एडसेंस के लिए अप्लाई किया लेकिन गूगल ने उसे निरस्त कर दिया. गूगल के पत्र में उन्होंने कहा है कि वे हिंदी चिट्ठों के लिए विज्ञापन स्वीकार नहीं करते. मित्र जाना चाहते थे कि ऐसा क्यों हुआ जबकि एक साला पहले गूगल
 
Shastri JC Philip
Feb 14 2010 09:52 PM
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दुर्घटना: कौन जिम्मेदार है?

मेरे घर के पास ही है राजमार्ग 47, जिस पर हर महीने मैं 1000 से 3000 किलोमीटर की सफारी करता हूँ. अधिकतर अपनी कार में, लेकिन कई बार गैरों की गाडी में. एक औसत यात्रा 100 से 400 किलोमीटर की होती है. 4-लेन के इस राजमार्ग पर यात्रा सामान्यतया सुखद होती है,
 
Shastri JC Philip
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डॉ अरविंद — बड़े बड़ों की बातें!

मेरे कल के आलेख मसिजीवी का एक प्रश्न!  पर डॉ अरविंद मिश्रा ने टिपियाया: बड़े बड़ों की बातें! तीन शब्द ही सही, लेकिन इस टिप्पणी को पढ कर बढा अच्छा लगा. अच्छा इसलिये कि डॉ अरविंद बहुत ही सुलझे हुए व्यक्ति हैं एवं सुलझे हुए चिट्ठाकार हैं. वे अधिकतर
 
Shastri JC Philip
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मसिजीवी का एक प्रश्न!

मेरे पिछले आलेख पाबला जी से हुआ अपराध बहुत बडा? पर काफी सार्थक टिप्पणियां आई हैं जिनके लिये मैं अपने चिट्ठामित्रों का आभारी हूँ. इन में से एक टिप्पणी पर जरूर कुछ कहना चाहूँगा जो मेरे मित्र मसिजीवी से मिली है. (मसिजीवी) चर्चा के लिए अनंत विकल्‍प थे फिर
 
Shastri JC Philip
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पाबला जी से हुआ अपराध बहुत बडा?

आज एक लंबे अरसे के बाद चिट्ठाजगत में वापस आया तो लगा कि घमासान अभी भी खतम नहीं हुआ है. कल कोई विषय था आज कुछ और है. इन में सब से आखिर में दिखाई दिया पाबला जी के विरुद्ध हो रहा घमासान जिस में उनको “बागी” (साईबर स्क्वेटर) घोषित कर दिया गया है. पाबला-विरोधी
 
Shastri JC Philip
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निमंत्रण: शास्त्री परिवार!

मेरे बेटे आनंद का कुमारी अर्पिता के साथ शुभ विवाह (23 जनवरी 2010) पर सारथी के सारे मित्रों का स्वागत है.   विवाह स्थल: भारतमाता कालेज, त्रिक्ककारा, एर्नाकुलम समय: 23 जनवरी 2010, प्रात: 11 बजे सस्नेह — शास्त्री परिवार
 
Shastri JC Philip
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ईसा जयंती: शुभ कामनायें!!

ईसा-जयंती के इस पावन पर्व पर आप सब को ईश्वर की असीम आशिष प्राप्त हो!
 
Shastri JC Philip
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ज्ञान जी का प्रस्ताव और धन!

मेरे कल के आलेख प्राचीन भारत में आर्थिक विषमता नहीं थी! पर टिपियाते समय ज्ञानदत्त जी ने एक आश्चर्यजनक बात कह दी जो इस प्रकार है: मनुष्य समान बन नहीं सकता। पूंजी को आप समान बांट भी दें तो वह कालान्तर में पुन: वही असमान बंट जायेगी।  [ज्ञानदत्त पाण
 
Shastri JC Philip
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प्राचीन भारत में आर्थिक विषमता नहीं थी!

मेरे कल के आलेख  एक झूठ जिसे हर कोई सच मानता है!! पर दिनेश जी ने टिपियाया: यह कह कर नहीं टाला जा सकता कि विषमता इतनी अधिक नहीं थी। समाज में जब से संपत्ति का संचय आरंभ हुआ है तब से विषमता है। एक समय वह था जब दास हुआ करते थे। यह विषमता का [...]
 
Shastri JC Philip
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एक झूठ जिसे हर कोई सच मानता है!!

मेरे पिछले आलेख सोने की चिडिया भारत: सच या गप? में मैं ने प्राचीन भारतीय सिक्कों के आधार पर यह प्रस्ताव रखा था भारत एक समृद्ध देश था जिस कारण लगभग 3000 साल तक यह विदेशी व्यापारियों को आकर्षित करता रहा. मैं ने यह भी कहा था कि लोग इसे लगभग 1200 साल लूट
 
Shastri JC Philip
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सोने की चिडिया भारत: सच या गप?

बचपन में बडे उत्साह से हम लोग गाते थे “मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती”. हमारे अध्यापक लोग बताते थे कि किसी जमाने में हिन्दुस्तान को  “सोने की चिडिया” कहा जाता था. अंग्रेजों के राज (और सफल ब्रेनवाशिंग) के साथ साथ राष्ट्र के प्रति 
 
Shastri JC Philip
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100 रुपये में मुफ्त खाना??

कल दोपहर को एक भिखारी आया जिसे मैं ने दो रुपये दिये. उसने झुक कर ऐसा प्रणाम किया जैसे मैं ने सारी दुनियां उसकी झोली में डाल दी हो. भीख को अपना हक मानने के बदले उसे एक एहसान मानने वाले भिखारियों को मैं काफी उत्सुकता से देखा करता हूँ. कल भी ऐसा ही [...
 
Shastri JC Philip
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लव जिहाद: क्या बला है यह?

पिछले दिनोँ सुरेश चिपलूनकर ने इशारा किया था कि केरल मेँ एक नये प्रकार का जिहाद चल रहा है. समयाभाव के कारण अभी तक इस विषय पर लिख नहीँ पाया था. जैसा मैँ ने अपने आलेखोँ (केरल में धार्मिक संघर्ष !!, केरल में मुस्लिम-ईसाई संघर्ष??) में कहा था, धार्मिक माम
 
Shastri JC Philip
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केरल में मुस्लिम-ईसाई संघर्ष??

मेरे पिछले आलेख केरल में धार्मिक संघर्ष !! में मैं ने इशारा किया था कि धार्मिक सहिष्णुता के मामले में केरल एक आदर्श प्रदेश है. यहां के हिन्दू, ईसाई, मुस्लिम अपने अपने धर्मो, उसूलों, और कर्मकांड के मामले में बहुत कट्टर  हैं. लेकिन इस कट्टरता ने उ
 
Shastri JC Philip
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केरल में धार्मिक संघर्ष !!

मेरे चिट्ठामित्र सुरेश चिपलूनकर ने अपने आलेख भारत में ईसाई-मुस्लिम संघर्ष की शुरुआत केरल से होगी… Christian Muslim Ratio and Dominance in Kerala में केरल में भयानक संघर्ष का भय जताया है. मैं टिप्पणी द्वारा उस आलेख की गलती बताने लगा तो मुझे लगा कि एक
 
Shastri JC Philip
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उन्मुक्त, सुरेश चिपलूनकर: अनुमोदन तथा कुछ और बातें!!

सुरेश चिपलूनकर के चिट्ठे को हर कोई जानता है. इनके हिन्दूवादी विचारों से कई चिट्ठाकार इनका विरोध करते हैं, लेकिन मैं इस चिट्ठे के स्नेहियों में से एक हूँ क्योंकि मैं भी सुरेश के समान ही राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिये समर्पित हूँ. पिछले दिनों उन्होंने
 
Shastri JC Philip
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चिट्ठाकारों को नंगा करने की साजिश!!

कुछ हफ्तों से चिट्ठे पढ नहीं पाया था (मेरे पिताजी के लिये घर-अस्पताल-घर चक्कर के कारण). लेकिन आज तसल्ली से बैठ कर चिट्ठों पर नजर डालने लगा तो महावीर बी सेमलानी का एक आलेख नजर आया जिसमें उन्होंने चिट्ठाजगत में पिछले दिनों जो कलुषित वातावरण पैदा हुआ था
 
Shastri JC Philip
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बाबू बडा या पीएचडी थीसिस्!!

पिछले कई दिनों से मैं भारतीय शिक्षा व्यवस्था की शोचनीय हालात के बारे में बता रहा था. शिक्षा की इस दयनीय हालत के लिये कई प्रकार के लोग जिम्मेदार हैं और इन में से एक है शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित वे  बाबू लोग और कर्मचारी जो बात बात पर अडंगा डाल
 
Shastri JC Philip
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शुभ दीपावली !!

सारथी के परिवार एवं सारे मित्रों को दीपावली की शुभ कामनाये!!!
 
Shastri JC Philip
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घोडों को खच्चर बनाया जा रहा है!!

भारत की चिंतन परंपरा न केवल अतिप्राचीन है बल्कि अति व्यापक भी है. फलस्वरूप भारतीय मनीषी लोगों ने अपनी तर्कशीलता के आधार पर जो ज्ञान प्रात किया और जिसे लिखित रूप में भावी पीढियों को दिया उसके तुल्य कोई कार्य दुनियां के किसी देश में नही हुआ है. राजाश्र
 
Shastri JC Philip
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मौलिक चिंतन जाये भाड में!!

कल के मेरे आलेख पर ab inconvinienti  ने टिपियाया: हर मौलिक चीज़ भारत में गटर में फेंकने लायक समझी जाती है. विदेशियों की नक़ल उतार कर उनकी बुराइयाँ ज़रूर अपना लेते हैं पर उनकी अच्छी बातें पूरी तरह नज़रंदाज़ कर दी जाती हैं. इसका एक अच्छा उदाहरण है
 
Shastri JC Philip
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रट्टा मारो, पोजिशन लाओ!!

बीएससी प्रथम वर्ष, गणित का विद्यार्थी. बडे उत्साह के साथ मैं महाविद्यालय में पहुंचा था. मेरा लक्ष्य एकदम स्पष्ट था — मैं एक वैज्ञानिक बनना चाहता था. गणित की पहली कक्षा में ही हमारे योग्य अध्यापक ने 40 विद्यार्थीयों की कक्षा को समझाया “बेटा, केल
 
Shastri JC Philip
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जब तबलची भौतिकी पढाये!!

मेरे कल के आलेख विद्यालय दिमांग को कुंद कर रहे हैं!! पर अंतर सोहिल ने टिपियाया: छोटे शहरों के छोटे-छोटे स्कूलों में तो 10वीं 12वीं तक पढी हुई लडकियों को 1200-1500/- में टीचर की नौकरी दी जाती है, जिन्हें बिल्कुल भी अनुभव नही होता है। और इन स्कूलों की
 
Shastri JC Philip
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विद्यालय दिमांग को कुंद कर रहे हैं!!

मेरे कल के आलेख भारतीय उच्च शिक्षा में मैं ने याद दिलाया था कि आज दुनियां के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में भारतीय विश्वविद्यालयों का नामोनिशान नहीं है. इसका कारण चालू होता है विद्यालय से. आज पढेलिखे एवं थोडे बहुत पैसे वाले लोगों के अधिकतर बच्चे अंग
 
Shastri JC Philip
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भारतीय उच्च शिक्षा

यह लेख कई दिन से मन में चक्कर काट रहा था, लेकिन दो कारणों से इसे आज ही लिखने का इरादा बन गया. पहला कारण है इस हफ्ते के नाबेल प्राईज. दूसरा कारण है अनुनाद जी की एक सूचना कि दुनियां के 100 सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में एक भी भारतीय विश्वविद्यालय नहीं
 
Shastri JC Philip
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नोबेल प्राईज क्यों नहीं !!

इस साल (शांति को छोड) 12 नाबेल प्राईज दिये गये हैं जिन में 11 अमरीका के निवासियों को मिला  है. क्या कारण है कि हिन्दुस्तानी लोग सहस्त्र-करोड रुपया वैज्ञानिक संस्थाओं पर खर्च करने के बावावजूद एक भी इनाम नहीं ले पाते. जैसा मैं ने पिछले चार आलेखों
 
Shastri JC Philip
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पुलीस स्टेशन का एक और चक्कर!!

केरल में अकसर पुलीस से मुलाकात होती रहती है: कभी हाईवे पर (जहां सघन जांच होती है) या पुलीस स्टेशन पर. आज पिताजी को खाना देकर अस्पताल से वापस आ रहा था कि पांच पुलीस वालों ने हाथ दिखाया. मैं समझ गया कि बेचारे बिन वाहन परेशान हो रहे हैं . वे लोग सुबह से
 
Shastri JC Philip