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11 Jun 2010
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एंडरसन के पलायन का जिम्मेदार कौन?

“यूनियन कारबाइड” विभीषिका पर काफी टिप्पणी चल रही है. घटना मध्य प्रदेश की है. पुलिस केस भी वहीं का है. भोपाल के तत्कालीन जिलाधीश श्री मोती सिंह और तत्कालीन नागरिक उड्डयन विभाग के प्रभारी श्री आर.सी. सोंधी का बयान भी तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री
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अरे! वह फिर बोला

मेरे ब्लॉगर साथियों मैने कहा था कि अपनी पुरानी पार्टी का नाम नहीं लूँगा. उत्तर प्रदेश बड़ा प्रदेश है और यहाँ की राजनीति और दल देश को प्रभावित करते है. आज बात व्यक्ति की नहीं मुद्दे की हो रही है. अपने साथियों को मेरी पुरानी पार्टी के नए प्रवक्ता बेशरम,
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मेरा सुन्दर सपना टूट गया

२०१२ के उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों के पहले का आखिरी उपचुनाव डुमरियागंज में संपन्न हुआ जिसके झकझोर देने वाले निर्णय ने सभी तथाकथित बड़े दलों के सपनों को धूलधूसरित कर दिया है. २००७ के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को ३१६५३ (२५%) मत, बहुजन समाज
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स्थानीय नेतृत्व की महत्ता

बंगाल निकाय चुनावो में कुमारी ममता बनर्जी की भारी जीत ने एक बार फिर बताया है कि स्थानीय नेतृत्व कितना महत्वपूर्ण होता है. ममता सत्तर के दशक में श्री सिद्धार्थशंकर राय मंत्रिमंडल के पूर्व मंत्री श्री सुब्रत मुखर्जी के साथ राजनीति में सक्रिय थी. श्री
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गिलहरी

आज मै बहुत दिनों के बाद सिंगापुर के अपने होटल के कमरे के बाहर के लान में बैठ कर सिंगापूर के सौन्दर्य को निहार रहा था, तभी मुझे तीन चार गिलहरियाँ दिखाई दी सबका रंग अलग-अलग था क्योंकि सभी आस-पास तो थी परन्तु अलग-अलग रंगों के परिवेश में भ्रमणशील थी. पता
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जो जीता वही सिकंदर

राजनीति का खेल अभूतपूर्व कभी मै भूतपूर्व तो कभी तुम भूतपूर्व. आज समाचार पत्रों में बंगाल पौर निगम के चुनाव के ‘एक्सिट पोल’ का विवरण देखने को मिला. वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस में कांटे की लड़ाई और कांग्रेस का लगभग सफाया. परम्परागत रूप से
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आखरी गीत मोहब्बत का सुना लूं तो चलूँ

मै आज अपने ब्लॉगर साथियों को बताना चाहता हूँ कि अंतिम बार मै अब अपनी पुरानी पार्टी के बारे में लिख रहा हूँ. आज मै एक रहस्योदघाटन कर रहा हूँ जो बहुत ही स्तब्ध करने वाला है. सबसे पहले मै उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती से खेद व्यक्त करते हुए
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दर की दर की ठोकरों इतना मुझे बता दो मेरा कुसूर क्या है?

कल के टाइम्स आफ इंडिया के प्रथम पृष्ठ के सर्व भारतीय संस्करणों में आदरणीया जया बच्चन जी की मेरे साथ एक भावुक अन्तरंग तस्वीर के नीचे शीर्षक था “पार्टी पहले” और खबरों में वर्णन था कि मुझ पर समाजवादी मित्र “भावनात्मक अत्याचार” कर रहे
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आजा पीया मोहे अंग लगा ले, जनम सफल हो जाए

स्वर्गीय गुरूदत्त की अमर कलाकृति “प्यासा” में गीता दत्त जी का गाया कई दशकों पूर्व का यह गीत आज की आधुनिक राजनीति के सन्दर्भ में कितना सार्थक लगता है. पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कांग्रेस के शीर्ष प्रबंधकों से हुई घुटनाटेक
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कटुता क्यों?

राजीव जी के स्मृति स्थल पर सोनिया जी के साथ-साथ बहन सुषमा को देख कर अच्छा लगा. सुषमा जी मुझे बहुत स्नेह करती है चाहे मिलना कम ही क्यों ना हो, उनके पति पूर्व समाजवादी नेता श्री स्वराज कौशल तो बड़े भाई की तरह ध्यान रखते है. नेहरू जी के समय की राजनीति में
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राजीव जी का निर्वाण दिवस

श्री राजीव जी को मै बहुत कम यानी ना के बराबर जनता था. उनके अभ्युदय काल में मै कलकत्ता में बड़ा बाजार जिला कांग्रेस कमेटी का सचिव हुआ करता था. मै श्री सुब्रत मुखर्जी, जो अभी हाल तक तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के पहले तक पश्चिम बंगाल कांग्रेस के
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हिंसा, नक्सलवाद और विकास

छत्तीसगढ़ के दांतेवाड़ा में फिर खून बहा. इसके पहले तो सुरक्षाकर्मी मारे गए थे, अबकी सामान्य नागरिको की बारी थी. खून किसी का बहे, खून तो खून है. हमारे समाज की समस्या है कि भूख, पेट और राशन पर कई बड़े-बड़े भाषण है परन्तु नेताओं के सांप्रदायिक और जातीय
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क्षत्रियों के पोप नहीं रहे

श्री भैरो सिंह शेखावत जी को मैने बहुत ही नजदीकी से देखा, समझा, और जाना है. मेरी उनकी पहली मुलाक़ात श्री ललित मोदी के विवाह के दौरान उस समय हुई थी जब वह राजस्थान के मुख्यमंत्री थे और ललित मोदी उस समय भी भाजपा नेत्री वसुंधरा राजे के विशेष स्नेही थे.
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कुत्ता कौन?

कल से नितिन गडकरी जी के इस बयान की बड़ी ज्यादा चर्चा है कि चारा घोटाले और आय से अधिक संपत्ति घोटाले ने श्री लालू यादव जी और मुलायम सिंह यादव जी को ऐसा कुत्ता बना दिया है जो अपनी जान बचाने के लिए शासक दल के पाँव के तलवे चाटने वाले कुत्ते बन गए है. इस बयान
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अब अपराधी कौन?

राह पकड़ तू एक चला-चल, मिल जाएगी मधुशाला. प्रख्यात कवि श्री हरिवंशराय बच्चन जी की मधुशाला की यह प्रसिद्द पंक्ति उन सबो के लिए है जो अपने उसूलों के रास्ते बिना बदले चलते-चलते अपने निर्धारित लक्ष्य पर पहुँच जाते है. लेकिन उन राजनेताओं का क्या करे जो सुबह,
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राज्य सभा में अंतिम दिन

आज राज्यसभा का अंतिम दिन और मेरे कई पुराने साथियों के छः वर्षों के कार्यकाल का भी अंतिम दिन था. इस पूरे बजट सत्र में आज मेरा पहला दिन था. समाजवादी दल के नए दूल्हे रामगोपाल का पूरा जलवा दिख रहा था. हर विदा ले रहा समाजवादी सांसद रामगोपाल की चालीसा पढ़ रहा
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डिम्पल, मै और हमारी फिल्म

आज “मुंबई मिट्टई” के सेट पर डिम्पल को और मुझे एक प्रेम गीत युगल दंपत्ति के रूप में गाना था. कोरियोग्राफर ने गीत के फिल्मांकन की कुछ विचित्र मुद्राएँ बताई तो हम एक दूसरे को देखने लगे. मैने डिम्पल से कहा कि छात्र जीवन में सत्तर के दशक में जब आप
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सहनशीलता की संस्कृति

क्षमा चाहता हूँ, चाह कर भी कई दिनों से ब्लॉग न लिख पाया. डॉ. राममनोहर लोहिया अंग्रेज़ी के विरोध से ज्यादा भारतीय आंचलिक भाषाओं के प्रचार-प्रसार के पक्षधर रहे. मंदिर, मस्जिद, जाति, वर्ग, धर्म समाज को विभाजित करते है. सिनेमा के अँधेरे में हिन्दू, मुसलमान,
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खंडित-विखंडित तीसरा मोर्चा

बधाई हो मुलायम सिंह जी, आखिर कब तक आप वामपंथी साथियों से यू.पी.ए.-1 का प्रतिशोध लेंगे? आपने तीन बार वामपंथियों को चूना लगा दिया है. पहली बार नरायणन की हामी भर कर कलाम का कलमा श्री प्रमोद महाजन के कहने पर अडवानी जी और अटल जी के साथ पढ़ कर आपने उस मोर्चे को
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धीरे-धीरे बोल कोई सुन ना ले

आजकल फोन टैपिंग की बड़ी चर्चा है. मुझे एक बात की बड़ी प्रसन्नता है कि जो बात मै बोलता हूँ कुछ दिनों बाद वही बात और भाषा सभी बोलते है. जब बटला हाउस इनकाउन्टर के मुद्दे को मैने उठाया था तो सब चुप थे, यहाँ तक कि मेरे भूतपूर्व नेता श्री मुलायम सिंह जी ने भी
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क्रिकेट का सरूर और हमारे थरूर

शशि थरूर और लालिर मोदी दो व्यक्ति ही नहीं है बल्कि मानव व्यक्तित्व के दो जीवंत उदाहरण है. ललित और उनके परिवार को मै वर्षों से जनता हूँ. ललित म्रदुभाशी, व्यवहारकुशल और मित्रों के मित्र है. कभी भैरों सिंह शेखावत के नजदीकी होते थे फिर लोगों की नज़रों में
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ये कैसी ऐयारी?

किसी की माने तो दिल से माने, मन ना माने तो कोई बात नहीं! आदरणीय मुलायम सिंह जी व्यवहारिक राजनेता है और अपने राजनैतिक शत्रुओं को भी उन्होंने मान दिया है. श्री बेनी वर्मा, राज बब्बर जी और आज़म खान से बिछड़ने के बाद भी ना तो खुद, नाही उनके परिवार ने और नाही
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भौतिकता का स्थाईत्व

आजकल मन बहुत हल्का है. पहली बार मुंबई में बच्चन जी के घर नहीं रुका. अमूमन भीड़ के कारण होटल का कमरा तो कई बार लिया था लेकिन सोने अमित जी के घर ही जाता था. जया जी काफी बीमार है, कल उनका जन्मदिन भी था. घर जा कर उन्हें बधाई दी, बीमारी का हाल-चाल पूछा और चल
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मुख्य न्यायधीश, गृहमंत्री और प्रधानमंत्री मोदी का क्या करे!

मै पुणे में था. सिमबायोसिस अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय में एक पूर्वनियोजित कार्यक्रम के अनुसार श्री अमिताभ बच्चन जी एवं मेरा संयुक्त संबोधन होना था. ठीक इस कार्यक्रम के पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सार्वजनिक निर्माण मंत्री के निमंत्रण पर कुछ
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राष्ट्रीय दल और क्षेत्रीय दल

भारतीय राजनीति का संक्रमण राष्ट्रीय दलों का कमजोर होना और केन्द्रीय सरकार के गठन में क्षेत्रीय दलों पर निर्भरता के कारण धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. अतीत में गैर कांग्रेसवाद के प्रवर्तक राजनेताओं ने कांग्रेस के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए गैर कांग्रेसी
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मेरे ख़ुलूस ने मुझे रखा अँधेरे में, तेरा फरेब मुझे रोशनी में ले आया

कल गढ़ मुक्तेश्वर में विधायक मदन चौहान जी के सौजन्य से एक भारी सभा हुई. मथुरा के बाद पश्चिम उत्तर प्रदेश की यह मेरी दूसरी बड़ी सभा थी. स्वर्गीय जनेश्वर जी मुझे अपनी म्रत्यु के एक पखवाड़े पहले मुझे मुलायमवादी से समाजवादी की बेशकीमती हिदायत दी थी. उनकी सलाह
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महिला आरक्षण विधेयक की राजनैतिक अपरिहार्यता

पता नहीं आजकल मेरी पुरानी पार्टी को क्या हो गया है? परिवर्तन जीवन का अंग है. एक परिधि से दूसरी परिधि में जब व्यक्ति अथवा दल की उत्तरोत्तर वृद्धि की पद्धति आरम्भ होती है तो हर परिधि के साथ दल, नेता, नीति का समन्वय होता है और उसी के साथ-साथ परिवर्तन. पिछले
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Unmasking the Monster

Since time immemorial the Indians approach towards asceticism has always been carrying great influence. Because of that people have a genuine regard for hermits and ascetics. We always respect their spiritual merits and saintly lives without
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Who should we blame for stampedes?

Today it is quite shocking to know that more than sixty people have died and equal numbers are injured in a stampede when the entry gate of an overcrowded spiritual ashram in Mangarh village near Kunda town in Uttar Pradesh’s Pratapgarh district suddenly
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Union Budget 2010-11

Today the seasoned Congress leader and UPA government’s finance minister Sri Pranab Da presented the much-anticipated Union Budget 2010-11. Now it is the time for him to receive both praise and brickbat from several quarters. India is a big country
Feb 26 2010 08:25 PM
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Women Reservation Bill

This morning through a newspaper, I came to know that cabinet is going to take up women reservation bill. I entered in upper house of parliament in 1996 and the very same year “women reservation bill” was drafted during Mr. Deve Gauda regime. In last 14
Feb 25 2010 03:52 PM
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पूर्वांचल, हरितप्रदेश, बुंदेलखंड, विदर्भ और तेलंगाना

आज मुझे तेलंगाना के साथियों ने दिल्ली में प्रदर्शन लिए याद किया. जंतर-मंतर पहुंचते ही मैने काले कोट वाले वकीलों के जखीरे को देखा. यह सभी विधिवेत्ता मुट्ठी बांधे अपने दांतों को भीचते हुए तेलंगाना की मांग का इजहार बड़े ही गुस्से से कर रहे थे. पिंजरे से
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मथुरा की रैली

आज मै श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में था. क्षत्रिय महासभा की रैली रेले में बदल गई. लगभग एक लाख लोगों में अधिकाँश क्षत्रिय भाई थे लेकिन उनके साथ-साथ महाराज अग्रसेन के वंशज वैश्य भाई, निषाद भाई, कुशवाहा, चौहान, और कुर्मी भाइयों के साथ साथ धर्मान्तरण के कारण
Feb 21 2010 09:03 AM
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आतंकवाद के कई चहरे

पूणे की जर्मन बेकरी में धमाका हुआ. कोई सुराग नहीं की यह किसकी हरकत है लेकिन पकड़ा कोई मुसलमान ही जाएगा. हो सकता है की वह मुसलमान भी हमारी बच्ची इशरत जहान की तरह मासूम हो लेकिन अपने मुसलमान होने की अच्छी-खासी कीमत उसे भी चुकानी पड़े. हमारे सेकुलर सियासतदा
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पूर्वांचल राज्य का गठन: समय की मांग

देश की आज़ादी के ६० से भी अधिक वर्षों के बाद भी उत्तर प्रदेश देश के सबसे अधिक पिछड़े राज्यों में गिना जाता है. क्षेत्रफल और जनसंख्या के हिसाब से उत्तर प्रदेश दुनिया के अधिकतर देशों से बड़ा है और अगर विशेषज्ञों की माने तो इतना बड़ा अकार प्रदेश के विकास के
Feb 14 2010 10:10 PM
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जेनेटिकली रूपांतरित फसलें: अभिशाप या वरदान?

ब्रिटिश भारत में हुए १९४३ के आकाल ने ४० लाख से भी अधिक लोगों की जान ली थी. इस आकाल के वर्षों बाद तक सारा देश इसे नहीं भुला पाया था. परन्तु १९६७ और १९७८ के बीच हुयी “हरित क्रांति” ने हमारे देश की खद्यानों की समस्या को लगभग ख़त्म कर दिया था और
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मोदी फिर बोले…

आतंकवाद के मुद्दे पर दिल्ली की बैठक में श्री नरेन्द्र मोदी फिर बोले. अबकी वह यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी जी के विरुद्ध नहीं बल्कि केन्द्रीय गृह मंत्री श्री चिदम्बरम एवं प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह की तारीफ़ में बोले. आतंरिक सुरक्षा एवं आतंकवाद पर
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पालिताना और ताजमहल की कोई राजनीति नहीं..

पत्रकार भाइयो का कोई जवाब नहीं और हमारे राजनैतिक विरोधियो का भी, कुछ भी लिखते है और कहते है. पिछले दिनों से काफी चर्चा है कि बच्चन साहब श्री नरेन्द्र मोदी के ब्रांड एम्बैसडर बन गए है. इससे बड़ा सफ़ेद झूठ और क्या हो सकता है. बच्चन साहब अपनी नई फिल्म
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मैं और मुलायम सिंह जी

मेरे और मुलायम सिंह जी के रिश्ते लगभग २० वर्ष पुराने है और पिछले १५ वर्षों से राजनैतिक धूप-छावं को हमने साथ-साथ भोगा है. मैने उनमे और स्वयं में कभी कोई भेद-भाव नहीं समझा. उनकी विपत्ति को अपनी और उनके लोगों को अपना जाना और माना. मेरे चरित्र को कलंकित करने
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याद किया दिल ने कहाँ हो तुम…

मेरे कल कल के गाजीपुर दौरे में नए अन्जान मित्रों की भारी भीड़, पुराने जाने-माने चेहरों की अनुपस्थिति, साउंड बाईट, साथ में जया बच्चन जी और भोजपुरी गायक मनोज तिवारी जी थे. आजकल काफी तनाव में रहता हूँ. किडनी प्रत्यारोपण के बाद निर्धारित ब्लड टेस्ट की
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