bhawnayen's Image
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
29 May 2010
कुल प्रविष्टियां
28
पाठक भेजे
430
पसंद
0
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
15.36
पसंद करें
2
नापसंद करें

दर्द - एक पिता का

मेरी ज़िन्दगी के बीते हुए उन पलो को शायद तुम भूल गये,तुम्हारी ज़िन्दगी का गुजरा हुआ हर लम्हा लेकिन, याद है मुझे ॥मेरे निगाहों का दर्द महसूस करना आज, शायद तुम भूल गये,तुम्हारे होठों को छूकर जाने वाली हर मुस्कान, याद है मुझे ॥आज मेरा हाथ पकड़कर सहारा देना,
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

माँ

कल "मदर्स डे" है, यानी माँ का दिन । मेरा खुद का ये मानना है कि कोई एक दिन माँ का नहीं हो सकता । हर दिन माँ का होता है क्योंकि माँ की दुआयें हमेशा हमारे साथ रहती है । बड़े खुशनसीब होते है वो, जिन्हे माता पिता का आशिर्वाद प्राप्त होता है और भाग्यशाली होते
 
dipayan
May 08 2010 11:29 PM
पसंद करें
1
नापसंद करें

नसीब

चाँद जब रात को कतरा कतरा बिखरता है ।एक टीस इस दिल मे यूँ ही उमरता है ॥शायद टूटता है, ख्वाब किसी का सहर से पहलेकोई देवदास अपने पारो से, यूँ ही बिछरता है ॥जब सूरज की किरण, चाँदनी से टकराता है ।एक ज्वाला, दो दिलो के बीच भड़काता है ॥और शायद कहीँ किसी पीपल के
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

तलाश

मिट गई है जो अपने हाथों से, वो लकीरे ढूढ़ंते रहे ।तराश सके हमारे तकदीर को, ऐसा कारीगर ढूढ़ंते रहे ॥दूर होकर भी भुला ना पाया है, ये दिल उनको,फ़ासलों के दरमियाँ हम नज़दिकीयाँ ढूढ़ंते रहे ॥तेरे होठों पर एक मुस्कुराहट की ख्वाईश लिये,तमाम उम्र, काटों के चमन में
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

नाकाम मोहब्बत

परिन्दे भी अब इस शहर से रवाना हो चले ।कि इस शहर के पेड़ो पर अब शाखे नहीं रही ॥जो तुमको देख कर जी बहला लेते थे कभी,इस चेहरे पर अब वो निगाहें नहीं रही ॥आज हर तरफ़ हैं अन्धेरा अपनी बाहें फैलाये हुए,राह दिखलाती जो, वो रोशनी की किरणे नहीं रही ॥छोड़ कर चल देना
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

नारी -

नारी कोमल भी, नारी शक्ति भी,नारी इश्वर मे लीन भक्ति भी ।नारी बेटी, बहन, माँ और पत्नी का प्यार भी,नारी अपने में सिमटा पूरा संसार भी ॥बेटी बन, पिता की इज़्जत पर आँच ना आने दिया ।बहन बन, भाई के पास किसी बला को ना जाने दिया ॥पत्नी बन, पति का जीवन सँवार दिया
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

नादान ख़्वाब मेरे

कुछ ख़्वाब मेरे निगाहों से कहीं खो गये हैंगर तुम्हे दिखे कहीं, तो मुझे लौटा देना ।नादान ख़्वाब मेरे, छोटे छोटे, परेशान से,गर तुम्हे मिले कहीं, तो मुझे लौटा देना ॥था बसाया एक छोटा सा संसार कहीं,थी खुशीयां वहाँ पर, कोई गम नहीं ।गर चलते चलते पँहुच जाओ वहाँ
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

दिल की भावनायें - होली में

आया फागुन का महिना और होली का पावन त्योहार ।आओ खोलें हम सब, अपने- अपने दिल के बंद द्वार ॥हिंसा को करके विदा, दे अमन और भाईचारे को निमंत्रन ।आओ बाँटे हमसब मिलकर, इस दुनियाँ मे प्यार ॥अबीर उड़े, गुलाल उड़े, हो आकाश पर रंगो की बौछार ।सबको मिले इस जहाँ में,
 
dipayan
Mar 01 2010 01:30 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

बाघ के दिल से

कभी तुम थर्र-थर्र कापाँ करते थें हमारी गर्जना से,आज हम तुम्हारी कदमों की आहट से घबराते हैं ।कभी तुम नज़रे नहीं मिला पाते थें हमारी नज़र से,आज हम तुम्हारा सामना करने से कतराते हैं ॥कभी तुम जागा करते थें रातो को, हमारे खौफ़ से,आज हम अपने बच्चो को सीने से
 
dipayan
Feb 17 2010 11:54 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक सवाल तुमसे

वो प्यार तुम्हारा मुझसे, था पूरा, या आधा सच था तुम्हारा ।वो मुझको अपना कहना, था पूरा, या आधा सच था तुम्हारा ॥वो स्पर्श, वो आलिंगन, वो कोमल हाथों की छुवन ।वो तुम्हारा मुझ में समाना, था पूरा, या आधा सच था तुम्हारा ॥वो साथ चलना, वो मुझे गिरते हुए सम्हालना,
 
dipayan
Feb 16 2010 09:46 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

तुम्हारी याद

रात्री के गहन अन्धकार मे, जब ये सारा जग सो जाता है,मेरे इन थकी हारी आँखों को नींद क्यों नहीं आती ।ढ़ूढ़्तीं रहती है, ना जाने पुराने यादों की गठरी मे कोई सामान,यादों की यह बोझ, मेरे ज़हन से, क्यों नहीं जाती ॥क्यों ढूढ़ता रहता हूँ, वो धूल की परत हटाकर,
 
dipayan
Feb 05 2010 03:29 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

क्या क्या ना भूला, ज़िन्दगी में

कल, टेलिविशन के एक चेनेल (सब) पर "तारक मेहता का उल्टा चश्मा" देख रहा था। ये सीरियल मुझे अच्छा लगता है, क्योंकी यह एक पारीवारिक माहौल दर्शाता हैं । जो बात मुझे छू गयी, वो यह कि, जब मैने सीरिअल में बच्चो को गुड्डो - गुड़ीयों का खेल व्याह रचाते हुए देखा ।
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

बस य़ूँ ही ...

लो अब महंगी ज़िन्दगी और मौत सस्ती हो चली ।शहर को रवाना हुए लोग, कि खाली बस्ती हो चली ॥मुफ़लिसी ने इन होठों की मुस्कुराहट छीन ली , लेकिन, मेरे अश्को का कोई दावेदार नहीं, दिल को ये तसल्ली हो चली ॥यारो ने यारी निभाई कुछ इस तरह , ऐ मेरे रकीब , कि इस ज़हां मे,
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

bhawnayen

आप सबको गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत शुभकामनायें ।आओ हम सब मिलकर एक नया भारत बनायें ।
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक दुआ, ख़ुदा से..

ज़िन्दगी जीने का सलीखा़ सिखा दे, ऐ मौला ।काँटों भरे चमन मे एक गुल खिला दे, ऐ मौला ॥तेरी रहमत पर हमें कोई शक नहीं हैं, लेकिन,मेरे होठों को भी एक मुस्कान दिला दे, ऐ मौला ॥-----------------------------------किसी ने उसे हिन्दू , किसी ने मुसलमान कहा ।बनाने
 
dipayan
पसंद करें
1
नापसंद करें

कुछ और दिल की बातें

देखिये ना इन मदभरी निगाहों से हमें,ना जाने क्या खता हो जाए ।हम दिवाने होकर भटकते फिरे ,और आप किसी ग़ैर की हो जाए ॥---------------------------------देखा है हमने भी ज़न्नत को ख्वा़बो मे अकसर ।फिर भी हमें उनका मुस्कुराना बेहतर लगा
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

bhawnayen

बसंत पचंमी के शुभ अवसर पर सबको बहुत बहुत शुभकामनायें. धन्यवाद.
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

इरादा

नये साल में, चुन लीं हैं नई मन्ज़िलें।नये पंख लगाये, उड़ चले पुराने परिन्दें ॥नये ज़माने मे नया इतिहास रचने वाले ।आसमान को छूने का दावा करने वाले ॥अब तक जो होता रहा, अब ना हो पायेगा।ज़ुल्म के आगे, कोई सर ना झुक पायेगा ॥संभल जाओ, ऐ ज़ुल्म के ठेकेदारों,हम आ गये
 
dipayan
पसंद करें
1
नापसंद करें

दिल की बातें

उन्होंने मोहब्बत को खेल, दिल को एक खिलौंना समझा ।ठोकर खाकर भी, एक बेवफ़ा को हमनें अपना समझा ॥ दिल को जाना था, गया, अब ज़ान पर बन आई है ।फिर भी उनके हर सितम को हमने अदा समझा ॥----------------------------------------------------अपने चहरे पर आप यूँ नक़ाब ना
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

मुलाक़ात

हकीक़त में मिले उनसे, ऐसी हमारी क़िस्मत कहाँ ।मुलाकात भी की हमने, तो ख्वाबो़ में की ॥टूट ना जायें, ये ख्वाब सुनहरा कहीं आवाज़ से ,गुफ़्तगू भी की हमने , तो निगाहों से की ॥
 
dipayan
पसंद करें
0
नापसंद करें

तलाश

ज़िन्दगी माँग रही है मुझसे, हर पल का हिसाब।और मैं, उन पलो में अपनी उम्र तलाश कर रहा हूँ ।।यूँ तो दुनियाँ में मेरी पहचान, मेरे नाम से हैं ।और मैं, अपने नाम में अपना वज़ूद तलाश कर रहा हूँ।।
 
deep
पसंद करें
1
नापसंद करें

bhawnayen

कल मैने कुछ शब्दो के ज़रिये अपने भावनाओ को रखा था।माफ़ी चाहूँगा, कुछ तकनीकी कारण से वो पोस्ट शायद सही से छप नहीं पाया और ऐसा लगता था की शब्द बार बार दोहराये जा रहे है । अत: , मैं फिर से उसको दोबारा पेश कर रहा हूँ। त्रुटी के लिये क्षमा प्रार्थी ।भटकता राही
 
deep
पसंद करें
0
नापसंद करें

भटकता राही

अजनबी शहर में अकेला भटक रहा हूँ मैं । अन्जान राहों में अकेला भटक रहा हूँ मैं ।। ठहरे हुए इन हवाओं मे, बेवज़ह , श्वास तलाश करता भटक रहा हूँ मैं ।। पत्थर के मकान, पत्थर के भगवान । मिला जो भी यहाँ, वो भी पत्थर जैसा ।। पत्थर की हर मूरत मे, बेवज़ह, दिल तलाश
 
deep
पसंद करें
2
नापसंद करें

हौसला

हालात से लड़कर तकदीर बदलने का इरादा रखते है !हम तुफानो में भी कश्ती उतारने का हौसला रखते है !!बाजू काटकर , हमे कमज़ोर ना समझ, ए नासमझ ,हम ताकत अपने हाथों में नहीं , जिगर में रखते है !!
 
deep
पसंद करें
2
नापसंद करें

एक सवाल खुदा से

तेरे जहाँ में , ए खुदा , ऐसा घर भी है कहीं?की जिसमे, ग़म के कदमो की आहट न हो !तेरे जहाँ में, ए खुदा, ऐसी निगाहे भी है कहीं ?की जिसमे, अश्को का सैलाब न हो !तेरे चमन में , ए खुदा , ऐसी कली भी है कहीं ?की जिसके दामन में एक काँटा न हो?तेरे दिए हुए हर सांस
 
deep
पसंद करें
1
नापसंद करें

bhawnayen

वो जो थे मेरी मुट्ठी में बंद चन्द रेखाए ,उनको भी चुराकर ले गया कोई । लिखी थी जो दास्तान दिल की एक कोरे कागज़ पर ,रात के अँधेरे में उन्हें मिटा गया कोई ।रखे थे निगाहों में छुपाकर कुछ आंसू अपने जिगर के ,चुपके से आकर मुझको रुला गया कोई । ।
 
deep
पसंद करें
1
नापसंद करें

मंजर

जब कभी आसमान पर चाँद आया,हमे अपने गाँव का मंजर याद आयाऊँची इमारतो और रंगीन रौशनी में रहते हुए भी,घर के आँगन में जलता वो चिराग याद आया मिलने को तो मिल जाते है यहाँ हर मोड़ पर आदमी,जाने क्यों दिल को वो इंसान याद आया जवानी पार कर जब बुदापे के दहलीज़ पर खड़े
 
deep