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मेरी आवाज़ सुनो...!

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16 Mar 2010
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मेरी आवाज़ सुनो...!

नव संवत्सर क्यों नहीं मानते...!!ग्रेगेरियन कैलेण्डर का आखिरी महिना आते ही पूरे विश्व में जहां-जहां पर अंग्रेजों का आधिपत्य रहा है, वे सारे देश नए साल की आगुवानी करने के लिए तैयारियां करने लगते हैं. हैप्पी न्यू इयर के झंडे, बैनर, पोस्टर और कार्डों के साथ
 
प्रबल प्रताप सिंह्
Mar 16 2010 02:06 PM
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मेरी आवाज़ सुनो...!

न नौ मन तेल होगा, न राधा नाचेगी...!!!बहुप्रतीक्षित महिला आरक्षण विधेयक काफी जद्दोज़हद के बाद आखिर संसद का राज्यसभा में पेश हो गया. कुछ सहयोगी विपक्षी पार्टियों के हो हल्ला और वाकआउट के बावजूद यूपीए की सरकार चौदह साल बाद संसद उच्च सदन में बिल के पक्ष में
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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कांग्रेस आई महंगाई लाई...!!!

कांग्रेस आई महंगाई लाई...!!!बजट २०१०-२०११ ने कांग्रेस के आम आदमी की जेब पर डाका डाला है.आम आदमी ने कांग्रेस को सत्ता सौंपकर अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारा है.नरेगा को मनरेगा का नाम दे दिया और ४० हज़ार करोड़ आवंटित कर लुटेरों और दलालों की जेब और भरने का अवसर
 
प्रबल प्रताप सिंह्
Feb 27 2010 08:05 PM
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तरुणाई के सपने

आज आज़ाद हिंद फौज के मुखिया सुभाष चन्द्र बोस का जन्म दिन है. देश को आज़ादी दिलाने में इनके अप्रतिम योगदान को भला कोई कैसे भुला सकता है. खासकर युवा. वो युवा जिनकी हर देश के उत्थान और सृजन में अहम भूमिका रहि है. उन्हीं के शब्दों में पढ़िए तरुणाई के सपने...हम
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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मेरी आवाज़ सुनो...!

साहित्य के अमृत...! आज साहित्य की दुनिया के एक अमृत शिक्षाशास्त्री, प्रशासक, चिन्तक-विचारक, साहित्यकार, भाषाविद, सम्पादक आचार्य पंडित विद्यानिवास मिश्र जी का जन्म दिवस है.साहित्य के इस अमृत पुत्र के बारे में संभवतः सभी लोग जानते होंगे. मिश्रजी के बारे
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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मेरी आवाज़ सुनो...!

हम बेज़ुबां भी दिमाग रखते हैं....!मैं प्रतिदिन दो बार  दांत साफ़ करती हूं.ठण्ड में मैं भी गर्म कपड़े पहन के निकलता हूं.साल में दो बार दांतों के डाक्टर से अपना दांत चेक करवाता हूं. मैं प्रतिदिन सनबाथ लेता हूं.  जब मैं गहरी नींद में होता
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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मेरी आवाज़ सुनो...!

नव वर्ष मुबारक....! चटकती कलियों को किलकती गलियों कोनव वर्ष मुबारक....!नील गगन के बादल कोममता के आँचल कोनव वर्ष मुबारक....!पूरब की पुरवाई कोसागर की गहराई कोनव वर्ष मुबारक....!अनेकता के साथों कोएकता के हाथों कोनव वर्ष मुबारक....!पतझर की बहार कोमाटी के
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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साल २००९ जा रहा.....!!२१वीं सदी के आखिरी दशक की आखिरी शाम. ये साल बहुतों के लिए बहुत अच्छा रहा होगा तो बहुतों के लिए बहुत बुरा. कुछ लोगों के लिए ये साल मिलाजुला रहा होगा. सभी अपने - अपने तरीके से बीत रहे साल २००९ का मूल्यांकन कर रहे हैं. भारत का आम आदमी
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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मेरी आवाज़ सुनो...!

एक क़ुरान - ए - सुख़न का सफ़ा खुलता है......!!" बल्लीमाराँ के मोहल्लों की वो पेचीदा दलीलों की - सी गलियाँसामने टाल के नुक्कड़ पे, बटेरों के क़सीदेगुड़गुडाती हुई पान की पीकों में वह दाद, वह वाह - वाचाँद दरवाज़ों पे लटके हुए बोसीदा - से कुछ टाट के
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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ये अंधा क़ानून है....!!!!!!ये अंधा कानून है, ये अंधा कानून है,ये.... अंधा....कानून....है......जी हां आप सही सोच रहे हैं. ये लाईनें न्याय की देवी जो आँख पर पट्टी बांधे हैं उनके लिए है. जो न्याय की देवी दूध का दूध और पानी का पानी वाला फैसला देने के
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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मेरी आवाज़ सुनो...!

तस्वीरें कुछ कहना चाहती हैं......!!कश्मीर का कहवा कानपुर में लज्जत कश्मीरी वाज़वान की लज्जतभरी दुकान  ये है जनाब मोहम्मद साहबान साहब जो हमें कहवा का रसपान करने वाले है ब्रजेन्द्र स्वरुप पार्क में चल रहा है हस्तशिल्प मेला, वहीँ पे मिलेगा आपको कश्मीरी
 
प्रबल प्रताप सिंह्
Dec 17 2009 03:39 PM
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मेरी आवाज़ सुनो...!

ये तस्वीरें कुछ कहती हैं....!!असंतुष्ट और धोखा खाए छात्र - छात्राओं के लिए नया बैच, आइए आप भी यहाँ धोखा खाइए. आपको चैन न मिल रहा हो तो यहाँ आकर अपना चैन ठीक करा सकते हैं. जैसा कि ये फोटो कह रही है. प्रबल प्रताप सिंह
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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कोपेनहेगन क्या होपेनहेगन बन पाएगा....?दिन सोमवार तारीख सात है आज. डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में दुनियाभर  के पर्यावरण प्रेमियों का जमावड़ा लगा है. सात से अट्ठारह दिसम्बर तक जलवायु में बढ़ते जहर को कम करने की योजना - परियोजना पर चर्चा होगी.
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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        एड्स  जानकारी ही बचाव है...!आज विश्व एड्स दिवस है. देश और विदेश में इस भष्मासुर से जंग जारी है. इस भष्मासुर की बदौलत कईयों की गरीबी दूर हो चुकी है. ये अलग बात है कि इस दानव से लाखों लोग हर साल भष्म  हो रहे
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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धैर्य एक आदमी अपनी जमा पूँजी से नया ट्रक खरीद लाया. उसके तीन साल के ने खेल- खेल में चमचमाते हुए ट्रक पर हथौड़ी से चोट कर दी. वह आदमी गुस्से में दौड़ता हुआ उसके पास आया और सजा देने के लिए उसने अपने बेटे के हाथ पर हथौड़ा मार दिया. बच्चे के हाथ से बह
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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स्वीकार सत्य और असत्य के बीच इतना बड़ा स्पेस होता है कि आप अपना सत्य खुद तय कर सकते हैं. इस बारे में एक लतीफा सुनिए. एक आदमी मनोचिकित्सक के पास गया और कहा कि मेरा इलाज कीजिए, नहीं तो मेरी ज़िन्दगी तबाह हो जाएगी. मनोचिकित्सक ने पुछा- आपको क्या तकलीफ है ?
 
प्रबल प्रताप सिंह्
Nov 27 2009 04:53 PM
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26/11 के बहानेएक कहावत है कि छोटी सी चींटी हाथी जैसे विशालकाय प्राणी के सूंड में घुस जाए तो उसे धराशायी कर देती है. एक साल पहले आज की तारीख में १० चींटियों (प्रशिक्षित आतंकवादियों) ने भारत के भीमकाय सूंड (मुंबई) में घुसकर उसे धराशायी कर दिया. सूंड में
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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बीस साल का जुनून....!!

बीस साल का जुनून....!!बीस साल पहले आज ही कि तारीख १५-११-८९ को सचिन रमेश तेंदुलकर ने पकिस्तान के खिलाफ अपने अंतर्राष्ट्रीय करिअर का आगाज़ किया था.इन बीस सालों में सचिन के क्रिकेट करिअर में तमाम उतार- चढ़ाव आए. सभी मुश्किलों का सचिन ने धीरतापूर्वक
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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हिन्दी पट्टी इतनी पिछड़ी क्यों.....?हिन्दी पट्टी की जब भी बात होती है तो गरीबी, अपराध, अशिक्षा, अविकास और भ्रष्टाचार जैसी विकत समस्याओं से शुरू होती है. यह सर्वविदित है कि हिन्दी पट्टी की राजनीतिक चेतना सारे देश में सबसे विख्यात रही है और इस तथ्य को
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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तुम्ही सो गए दास्ताँ कहते कहते....!!! ............और अब सामने प्रभाष जोशी और सन्नाटा छा जाए। जो डराने लगे। असम्भव है। लेकिन यह भी हुआ। पहली बार डर लगा... दिमाग में कौंधा, अब। एम्बुलेंस का दरवाजा बंद होते ही खामोशी इस तरह पसरी कि अंदर चार लोगों की मौजूदगी
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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कलम के सिपाही

          कलम के सिपाही को भावभीनी श्रधांजलि प्रभाष जी का आखिरी लेख तहलका हिन्दी पत्रिका में......... -- शुभेच्छु प्रबल प्रताप सिंह  कानपुर - 208005उत्तर प्रदेश, भारत मो. नं. - + 91 9451020135ईमेल-
 
प्रबल प्रताप सिंह्
Nov 07 2009 02:01 PM
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मेरी आवाज़ सुनो...!

शुक्रिया कहना सीखिए....! आपके पास रोशनी है, जल है, भोजन है, तो हर किरण, हर बूँद और हर कण के प्रति शुक्रिया कहना सीखिए. एक साधारण सा धन्यवाद आपके जीवन को बदल सकता है. जो कृतज्ञता महसूस करते हैं उनमें अपनेपन की सम्भावनाएं अधिक होती हैं. हर बार जब हम
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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मेरी आवाज़ सुनो...!

सभी ब्लॉगर बंधुओं को दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें...!!जलाओ दीप जलाओ...!एकता का दीप जलाओसमता का दीप जलाओममता का दीप जलाओ.प्रेम की बातीसौहार्द का तेल मानवता का दीया बनाओ.जलाओ........ मन से ईर्ष्याजन से द्वेष तन से घृणा आपस से क्लेश
 
प्रबल प्रताप सिंह्
Oct 17 2009 06:27 PM
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आज के रावण जिसे हमने पैदा किया उसे कौन जलाएगा ?

आज के रावण जिसे हमने पैदा किया उसे कौन जलाएगा ?आज २८ सितम्बर २००९, को विजयदशमी है. सारा देश इस पर्व के रंग में रंगा है.कहते हैं की सतयुग में राम ने आज ही के दिन रावण रूपी अत्याचार का वध किया था.और रामराज्य की स्थापना की थी. छुट्टी का दिन होने के नाते
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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जय हो जनता के जनादेश की

एक महीने तक चले आईपीएल यानी इंडियन पोलिटिकल लीग के दौरान लोकतंत्र के मैदान में काफी गर्मी देखने को मिली। सभी इस ऊहापोह में थे कि क्या ये गर्मी दिल्ली की संसद का मौसम पाँच साल के लिए फ़िर बिगाड़ेगी ? लेकिन इन सब कयासों को ग़लत साबित करते हुए जनता ने अपना
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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सौदागर सत्ता के

गठबंधन की राजनीति के बदलते सांचे में एक साथ रहने के लिए शर्तें मामूली कारणों से भी बदल जाती हैं। पद्रहवीं लोकसभा के चुनाव में गद्दी की दौड़ में कोई पीछे नहीं रहना चाहता है। इस चुनाव के स्वरुप को विधानसभा चुनावों के रूप में परिवर्तित कर दिया है, जिसमें
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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ग़ज़ल

मदारी डमरू बजाएगा,बन्दर जनता को खूब झुमाएगा।मदारी भावनाओं को भड़काएगा,बन्दर जनता को आपस में लड़ाएगा।चुनावों में पैतरेबाजी खूब करते हैं,नेता हमारे मदारी का रूप धरते हैं।वादों में जख्मों को भरपूर भरते हैं,इनके चौखट पे सर मजबूर रखते हैं।सबकी ख़बर रखते हैं ये
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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सरफ़रोशी की समां दिल में जला लो यारों

जब देश आज़ाद हुआ तो आम आदमी का हाथ ही एकमात्र पार्टी थी। पचास साल से अधिक समय तक देश पर इसी पार्टी ने शासन किया। सत्ता सुख के मद में लोकतंत्र की दुर्गति इस पार्टी ने जितना किया शायद दुनिया के किसी और लोकतान्त्रिक देश के साथ ऐसा नहीं हुआ। देश की आबादी के
 
प्रबल प्रताप सिंह्
May 14 2009 03:05 PM
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कविता

ब्लॉगर्स को मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं मां मां मां होती है. मां धरती होती है. मां आकाश होती है. मां जाडे की गुनगुनी धूप होती है. मां जेठ की दोपहर की छांव होती है. मां सावन का झूला होती है. मां वसन्ती हवा होती है. मां हर रिश्ते का आधार होती है. मां
 
प्रबल प्रताप सिंह्
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बतिया है करतुतिया नाही....

हमारे गाँव में एक कहावत प्रचलित है कि-"बतिया है करतुतिया नाही, मेहरी है घर खटिया नाही।" यह कहावत उन निठल्लों के लिए प्रयुक्त होता है जो लम्बी-लम्बी बातें छोड़ने में माहिर होते हैं। बातों के सिवा कोई दूसरा काम नहीं। बातें ऐसी कि जिसे सुनकर सूरज को भी
 
प्रबल प्रताप सिंह्
May 07 2009 05:14 PM
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चुनावी मेला

भारतीय लोकतंत्र के मैदान में चुनावी मेला अपने शवाब पर है। सभी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टियों के नेता अपने-अपने चुनावी ठेले को अपने- अपने निर्वाचन क्षेत्रों में घूम रहे हैं। चुनावी ठेला नारों और वादों के झुनझुनों से लदा हुआ है। चुनावी ठेलों से सभी
 
प्रबल प्रताप सिंह्