1
शनिचर हरता!
प्रत्येक शनिवारहमारा शनिचर उतारने के लिएमिल जायेगे, हर चौराहे औररेड लाइट परअबोध, बुझे से, गंदे -फटे कपड़े मेंबहुत से बचपन।एक लोटे मेंएक लोहे की मूर्ति ,और थोड़े से कडुवे तेल के साथघूमते यह नन्हेंशनिचर हरता !दीदी, भैया, आंटी कह करप्रगट हो जाते है एक देवता
- 16 10 टिप्पणियां [2]
Apr 23 2010 10:13 PM


Shuffle








