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डेढ़ हजार बराती तो भूखे ही थे!
पिंगलक के मंत्री करटक और उसकी धर्मपत्नी करटकी के जोर डालने पर वीतरागी लघुपतनक चूहे ने इस शर्त पर विवाह करना स्वीकार किया कि विवाह में कोई तड़क भड़क नहीं हो।करटकी बोली–‘भला यह भी कोई बात हुई! विवाह जीवन में एक बार होता है, सो पूरे धूमधाम से होगा।’इस पर
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Jan 04 2010 01:11 PM


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