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तुम्हारी खुशबू ...
जी जान से चाहती हूँतुम्हे मैं भुला नहीं सकती.मन में बसी तुम्हारी बातों कीखुशबू मैं मिटा नहीं सकती.सुख दुख में संबल देते हैंतुम संग बीते क्षण वो सारेविरह वेदना में तड़प करये मुहोब्बत छुड़ा नहीं सकती.कठोराघात किये होंगेमैंने भी बहुत..वेदना से जल
Jun 06 2010 07:13 PM


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