2
हाँ वो सपूत वीर सुभाषचंद्र बोस ही था,
गड़..ड़..ड़..ड़...ड़..ड़..ड़.. गर्जना घनघोर थी|तड़..ड़..ड़..ड़..ड़..ड़..ड़.. ताड़ना चहुँ और थी||आर पार तार तार शर्मसार चुनड़ी की कौर थी |तानाशाही, क्रूरपन, मलेछों की सिरमोर थी|| भारत माँ के आँचल में जब अनगिनत छेद थे |अंग्रेजों के प्रगाढ़ किल्ले जब पूरी
- 17 20 टिप्पणियां [4]
Jan 24 2010 10:01 AM


Shuffle








