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shashibhushantamare-beyond astrology

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31 Mar 2010
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गधे के पूत , यंहा मत मूत !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों  !अभी दो दिन पहले मैंने दो भले लोगो को दस्तूर से अलग मसले पर रगडा करते देख बेहद ताज्जुब में पड़ गया /तस्दीक करने पर मालूम हुआ कि पहले वाले भद्र पुरूष उस जगह मूत्र त्याग करते रंगे हांथो पकडे गए जन्हा दूसरे वाले भद्र इन्शान
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लाडली नगर बधू के नखरे हजार उठाये कौन १

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों,वो चाहे अच्छाई हो या फिर बुराई !पर यदि वो, चाहे या अनचाहे ,हमारे शख्शियत से जुड़ गयी है तो एक वक्त ऐसा भी आता है जब वो अच्छाई या बुराई हमारे जी का जंजाल भी साबित हो जाती है क्यों कि लोगबाग उसी के आदि बन चुके होते है और जब उस
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समाज के दरकते खँडहर से एक और ईट का दरकना !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों, फिल्मो में आक्रोश में उबल रहे हीरो को हजारो लाखो बार गरजते-बरसते देखा-सूना था कि हीरो जन्मजात बुरा बनके पैदा नहीं हुआ बल्कि देश-समाज के हालात ने उसे बुरा बनने पर मजबूर किया / मेरे साथ-साथ आपने ने भी सैंकड़ो दफा इस किस्म का
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बाबाशिर ! रूला देने वाला बेरहम रोग और उसकी दवा !

शाशिभूषणतामड़े उवाच; दोस्तों, एक दफा तो कोइ भी बुरे-से-बुरे करतब की तोड़ दुनिया में खोजे तो मिल जाए गी परन्तु एक नामाकूल बेहूदी बिमारी है बाबाशिर जो एक दफा किसी के गले पड़ जाए तो समझे नसीब ही फूट गए उस निरीह प्राणी के / ये मर्ज उस लूसडे की मानिद है
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उड़न-तश्तरी की सेकुलर उड़ान ......[ भाग-२]

शाशिभूषणतामड़े उवाच; दोस्तों,अपने फिल्सफे को अभी मै मुख़्तसर बयान भी नहीं कर पाया था कि मेरे एक मुअजीज ब्लोगर दोस्त संजय बेंगानी ने मेरे पिछले पोस्ट पर एक निहायत ही उम्दा टिपण्णी चस्पा कर दी कि जो भी नए ब्लोगर ब्लोगिंग का आगाज करते है वो एक दम से
Mar 05 2010 09:31 PM
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उड़न तश्तरी की सेकुलर उड़ान ......!

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों,पीछे अनेक महीनो से मै ब्लॉग लिख रहा हूँ , कोइ तिन चौथाई वक्त तो मुझे ये समझने में ही जाया हो गया की ये यदि अक्लमंदी है तो कमअक्ली क्या है और यदि दोनों के बिच मुनासिब फर्क है तो वो इतना बारीक क्यों है कि इस फर्क को समझने
Mar 02 2010 09:53 PM
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बड़े दिल वाले मुल्क के तंग-दिल हाकिम !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों,'' मै ''अमुक '' ईश्वर को हाजिर जानकार सौगंध खाता हूँ की एक मंत्री के तौर पर जो भी विषय मेरी जानकारी आवेगा या लाया जाएगा उसे मै भयमुक्त  और निष्पक्ष रह कर संज्ञान में लूंगा ''इसी किस्म के वो चंद मिलते -जुलते अल्फाज और होते
Feb 27 2010 05:24 PM
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महफूज भाई की कातिलाना खूबसूरती !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों, अपने सुसंयत भाव और खुशमिजाजी के लिए खूब जाने जानेवाले खुशदीप सहगल जी ने जो सलाहियत भरी बाते बतौर टिपण्णी मुझे लिखी उसे मै अपने सर-माथे लगाता हूँ / सहगल साब ने जो बाते महफूज जी के बाबत कही उसे सोलह आन्ना सच्च मै भी कबूलता हूँ
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मीडिया बोले तो .....किशोर आजवाणी उवाच !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों, जी जनाब मै उस मुहाने पर खड़े जमौड़े के निस्बत ही बाते कर रहा हूँ जिनके जरिये हमें तमाम किस्म की हलचलों का पता चलता है , और मै उसी बाबत कहरहा हूँ जो हमारे निजाम में व्याप्त लोकशाही की पहरेदारी पुख्ता नेकदिली से अंजाम देते रहने
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हम फिर से नए रविवार के सत्यानाश होने की बाट जोह रहे है , क्यों की उपरवाले का कुफ्र है टूटेगा जरूर !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों,अब तो जैसे रविवार का दिन ज्यू ज्यू नजदीक खिसकता आता दिखता है वैसे वैसे दिल बैठने सा लगता है , कहने को दिन तो ये छूटी के लिए मुकरर है मगर मशरूफियत असल में अपने उफान पर होती है , हप्ते भर बांकी दिनों की डेली रूटीन किसी भी सूरत
Feb 25 2010 11:15 PM
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खुद को खूबसूरत मानने वाले महफूज भाई को किशोर आज्वानी से मुआफी मांगनी चाहिए !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों,''माई नेम इज खान एक बेजोड़ फिल्म है '' महज इतना ही किशोर आज्वानी ने उचारा था की हमारे ब्लॉग जगत के स्वनाम धन्य शाहरूख खान याने महफूज भाई आपे से बाहर हो गए और रूपक मडोक के तिजारती फितरत की आड़ में मीडिया वालो में खासुलखास स्टार
Feb 17 2010 10:47 AM
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गए थे हरी भजन को ओटन लगे कपास !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों,गए थे हरी भजन को ओटन लगे कपास ! यह मशहूर कहावत मेरे साथ बिलकूल तब फिट बैठ गयी जब मैंने शिव सेना पर ज्योतिषीय लेख लिखने की सोची और उस बाबत जब असलाह इकठ्ठा करने निकला तो मुझे इल्म हुआ की मेरे पास इतनि  जानकारी हो गयी है की
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मेरा पक्का ख्याल है यदि ये चुगलखोरी बंद नहीं हुयी तो ...!

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों.आज के तेजरफ्तार दौर में इन्शान की जरूरते काफी बढ़ी-चढ़ी रहती है , सर चढ़ कर बोलती जरूरते उसे अपने सुभीते के लिए रोज एक नयी ईजाद के लिए उकसाती रहती है / इसी चक्करबाजी में  शायद टेलीफून का औतार हुआ होगा / टेलीफून  एक
Feb 11 2010 08:23 PM
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हिदुस्तान का सबसे बड़ा ज्योतिषी कौन !

शाशिभूषणतामड़े उवाच;दोस्तों,आये दिन ब्लोगरो के बिच जुदा जुदा वाजुहात से ज्योतिष को लेकर बहसबाजी चलती रहती है / एक तबका ज्योतिष के पक्ष में होता है जबकि दूसरा ज्योतिष के वजूद को ही कब की फांसी हो चुकी बताता है और दोनों तरफ के ब्लोगरो में आग उगलती बयान
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बड़े बड़े नामचीन ब्लोगरो की बेगानी ब्लोगिंग !

दोस्तों,आधुनिक युग में संचार  क्रान्ति से समाज कोई भी तबका अछूता नहीं रह गया है /जिसे जो साधन मुहय्या है वो उसका जमके इस्तेमाल कर रहा है / यह बड़ी अच्छी बात है / फोन रखने वाला फोन से ,टेलीविजन रखने वाला टेलीविजन से और इन्टरनेट से जुड़ा बन्दा
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भाषा धीरे धीरे भ्रष्ट हो रही है,!

दोस्तों, साहित्य अकादमी के वर्ष 2009 के पुरस्कारों की घोषणा कर दी गयी है / हिंदी के प्रसिद्ध विद्वान कवी , चिन्तक और विचारक डाक्टर श्री कैलाश वाजपेयी को उनकी कविता संग्रह ''हवा में हस्ताक्षर '' के लिए सम्मानित किये जाने का फैसला हुआ है / बुद्धवार 23
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क्या आपके खाने में जहर मिला है !

दोस्तों, इघर कुछ दिनों से खाद्य आपूर्ति आदि का सरकारी अमला थोडा सुस्त सा पडा मालूम पड़ रहा है वरना पीछे दीपावली गयी उसके दरम्यान काफी सक्रीय हुआ हुआ था / बड़े जोर शोर से एसे लोगो की पकड़ धकर चल रही थी जो खाद्य पदार्थो में मिलावट कर ज्यादा धन पैदा करना
Dec 12 2009 04:31 PM
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यह रुपिया फटा है मै नहीं लूंगा !

प्रिय दोस्तों , चाहे अनचाहे और जाने अनजाने में हम आम प्रायः हम सभी भारतीय अपने देश की संप्रभुता को चोट करते रहते है / ज्यादा तर तो हम यह चोट अनजाने में ही करते है परन्तु बहुतेरे यूं भी है जो पुरे तफ्शील से करते है / अभी दो दिनों पहले हुआ यूं की मै एक
Dec 12 2009 04:31 PM
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भविष्य को लेकर मै भयभीत हूँ !

दोस्तों, जीवन में कई उलझने यूं आजाती है जो पीछे एक लम्बी सोंच के लिए जगह छोड़ जाती है जिसके बाबत बाद में भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाते भले ही चाहे जीतनी रोक थाम क्यों ना करले, इसकी मुख्य वजह यह है की समस्या का दूसरा सिरा छोटे मासूम बच्चो के हाँथ में होत
Dec 12 2009 04:31 PM
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कादर खान अभिनय प्रतिभा के कितने धनी है !

दोस्तों, अब वो पुरे बहत्तर साल का होगया है परन्तु उसके अभिनय में रवानगी अभी भी उतसाह से भरे युवाओं जैसी ही है / अभी दो दिन पहले मेरे एक मुंबई निवासी अभिनेता मित्र ने मुझे बातो बातो में बताया की आज मशहूर चरित्र अभिनेता कादर  खान का जन्म
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ललित मोदी की क्रिकेटया राजनीती !

दोस्तों, आज कोई भी हिन्दुस्तानी क्रिकेट के विषय पर आपस में बाते कर के राजी नहीं है क्यों की जो उम्मीदे हम ने टीम इंडिया से लगायी थी वो सारी धुल में मिल गयी / ख़ास कर चैम्पियन ट्रोफी की बदमजा हार के बाद तो कोई भी क्रिकेट सोचना तक नहीं चाहता है पर
Dec 12 2009 04:31 PM
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शेखर सुमन की किरदार अदायिगी, भई वाह !

दोस्तों, टेलीविजन आज घर घर में अपनी पैठ बना चुका है और केबल ने जैसे टीवी को वो पंख ही देदिए की अब वो ''जन्हा ना जाए रवि , वंहा टीवी पंहुच जाए अभी'' जैसी कहावत चरितार्थ कर रहा है/ खैर, ज्यादा कुछ न कहकर मै यह कहना चाहता हूँ की टीवी पर दिखाए जाने वाले
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जाली नोटों को पहचानने की तमीज ही फिलहाल बचने का एक मात्र रास्ता है !

दोस्तों ! जाली नोटों को पहचानना ही उससे बचने का फिलहाल एक मात्र रास्ता है /क्यो की ना तो सरकार और ना ही स्थानीय प्रशाशन किसी किस्म इमदाद को तैयार है लिहाजा आपकी समझ ही आप की सच्ची दोस्त है / तो आईये निचे दिए चित्रों को देख कर असली और नकली नोटों में फ
Dec 12 2009 04:31 PM
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विमानन कंपनी द्वारा किया अपमान डॉक्टर कलाम का व्यक्तिगत मामला नही है जो जैसे चाहे माफ़.....

२१ अप्रेल २००९ का दिन कोई मामूली दिन नही गिना जाना चाहिए / इस दिन भारत की राजधानी दिल्ली में देश के प्रथम नागरिक रह चुके देश रत्ना भूत्पूर्ब राष्ट्र पति डॉक्टर अब्द्दुल कलाम आजाद को अमेरिकी विमानन कंपनी ने जानबूझ कर भारत की धरती पर ही जी भर कर जल्लिल
Dec 12 2009 04:31 PM
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कोई तो है शेर इस देश में जो दहाड़ना जानता है

दोस्तों, पिछले दिनों माननीय उच्च न्यायलय ने एक बेहद्द संवेदनशील फैसला होमोसेक्स के निस्बत दिया जिसकी गूँज सारे देश में बड़े जोरो से सुनी जा रही है / पश्चिमी देशो की तरज पर होमोसेक्स अब भारत में में भी बड़े शानोशोकत से कानूनी पहनावे में सज्ज ध्ज्ज कर
Dec 12 2009 04:31 PM
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चाल में ठसक हिन्दुस्तानी हो

मुगलों के लंबे शासन के बाद अंग्रेजो के शासन में २०० बरसो तक भारत का दम घुटता रहा और अनगिनत कुर्बानियों का सुफल हमारी आजादी के रूप में सामने है /अंग्रेजो का मिजाज आजादी की जंग की तपिस ज्यादा झेलने के हिसाब से कमजोर साबित हो रहा था किंतु मुद्दा गंभीर य
Dec 12 2009 04:31 PM
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दो जोड़ दो क्या छ होते है ?

हम ने स्कूल में पढा था दो जोड़ दो =चार होते है , यह फार्मूला शायद लोग भूल गए है तभी तो अशोक जाडेजा का पढाया पाठ लोगबाग पढने लगे की दो जोड़ छः होता है और अपना घर बार बेच कर २२ लाख उसे ६६ लाख की आस में सुपुर्द कर दिए और जवाब जो मिला सारी दुनिया जानती ह
Dec 12 2009 04:31 PM
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भूले बटोही की घर वापसी

सुबह का भुला शाम को घर वापस आ जाए तो भुला नही कहा जाता एक कहावत है जो भारत के अल्प सख्यको पर खूब फिट बैठती है /आजादी के बाद सभी वर्ग के लोग बिना ज्यादा सोचे समझे कांग्रेस के पीछे हो लिए थे क्यो की और कोई वैसी पार्टी नही थी जो लोगो में कांग्रेस जैसी प
Dec 12 2009 04:31 PM
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सपने देखने का दिल करता है

कांग्रेस को जो जनादेश मिला है वो है तो बँटा हुआ परन्तु पिछली बार से बहुत बेहतर है अब वो सकून से अपनी शर्तो पर काम कर सकती है /उसकी खोई थाती उसे धीरेधीरे वापस मिल रही है यानि मुस्लिम वोट वापसी कर रहे है जो एस नजरिये से एक बेहतर बात है की जितना ज्यादा
Dec 12 2009 04:31 PM
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सत्य का बोलबाला झूठे का मुँह काला

अक्सर लोग कहते हुए मिल जाते है -अब तो झूठ और बेमानी के बिना गुजारा नही /जब की हमने छोटी उमर से सिखा है सत्य की ही अंत पन्त विजय होती है /और तमाम साहित्य जो चाहे धरम के रूप में हो या सामान्य साहित्य हो सभी जगह यही देखा की जित सत्य की ही होती है परन्तु
Dec 12 2009 04:31 PM