साहित्य-सहवास's Image

साहित्य-सहवास

http://albela-khatri.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
22 May 2010
कुल प्रविष्टियां
59
पाठक भेजे
2172
पसंद
454
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
36.81
पसंद करें
2
नापसंद करें

जिस थाली में खाना उसी में छेद करना .......हमारी विशेषता है

चन्दा रे चन्दा ! ओ चन्दा !किस से सीखा ये धन्धा ?हम से ही सीखा होगा शायद क्योंकि हमारे अलावा तो कोई यह विद्याजानता नहीं अगर जानता भी है तोमानता नहीं जिस थाली में खाना उसी में छेद करना .......हमारी विशेषता है जिसे तूने खूब अपनाया है और आज एक बार फ़िर अपने
पसंद करें
3
नापसंद करें

आज की रात जीना चाहता हूँ

आज की रात जीना चाहता हूँआबे - हयात पीना चाहता हूँइससे पहलेकि मैं तुम्हारे हुस्न के झूले में झूल जाऊंइससे पहलेकि मैं अपने मुर्शिद की दरगाह भूल जाऊंहटालो निगाह मुझसे.................ज़ख्म पहले ही बहुत गहरे है ज़िन्दगानी मेंआज एक घाव सीना चाहता हूँआज की रात
पसंद करें
3
नापसंद करें

सिंगार बन तू ख़ल्क का तो खालिकी मिल जायेगी

अदावत नहींआदावत की बात कर अलगाव की नहीं आ लगाव की बात कर नफ़रत नहींतूउल्फ़त की बात करबात कर रूमानियत कीमैं सुनूंगाबात कर इन्सानियत कीमैं सुनूंगामैं न सुन पाऊंगा तेरी साज़िशेंरंजिशें औ खूं आलूदा काविशेंकिसने सिखलाया तुझे संहार कर !कौन कहता है कि पैदा खार
पसंद करें
2
नापसंद करें

ब्लोगवाणी से सबकी यारी हिन्दी चिट्ठाकारी में

टिप्पणियों की मारामारी हिन्दी चिट्ठाकारी मेंलेखन पर टिप्पणियां भारी हिन्दी चिट्ठाकारी मेंद्वेषपूर्ण जुमलेबाज़ी को ढेरों पाठक मिल जातेतरस रही रचना बेचारी हिन्दी चिट्ठाकारी मेंचिट्ठाजगत के सारे साधक करें मोहब्बत गूगल सेब्लोगवाणी से सबकी यारी हिन्दी
पसंद करें
3
नापसंद करें

थोक के भाव कविताई करने वालो ! कविता के बारे में भी कुछ तो कहो.......

कल की पोस्ट में मैंने सबसे आग्रह किया था कि कृपा कर केकविता की परिभाषा अपने शब्दों में लिखें और बताएं लेकिन उतना प्रतिसाद नहीं मिला जितना मुझे अपेक्षित था ।जो भी हो, मैं एक बार फिर प्रयास करता हूँ । आज कुछ औरपरिभाषाएं कविता की पोस्ट कर रहा हूँ । यदि
पसंद करें
3
नापसंद करें

आदरणीय कवियों और कवयित्रियों !क्या आप एक नज़र इधर डालने की कृपा करेंगे

हज़ारों हज़ार कवि हो चुके, लाखों लाख कवितायें लिखीजा चुकीं........लेकिन आज भी यह प्रश्न जब उठता है किकविता क्या है ? तो अच्छे अच्छे कवि और लेखकगोलमोल बातें करके शब्दजाल द्वारा कुछ ऐसा जवाब देते हैंजिसका कोई मतलब नहीं होता ..........क्षमा कीजियेगा, मैं
पसंद करें
1
नापसंद करें

आँखों के पैमाने में शराब लायी हूँ .... गा कर पूजा गोपालन ने मदमस्त कर दिया ज़बरदस्त कर दिया ....

बहुत दिनों से मैंने मेरा कोई वीडियो नहीं लगाया । ऐसी शिकायतेंअनेक मित्रजन करते हैं तो लीजिये आज एक वीडियो लगा रहा हूँइसमें दिखूंगा तो मैं नहीं लेकिन दिखने वाली गायिका जो गीत गारही है वह लिखा हुआ मेरा ही है ।टी वी चैनल पर सारेगाना प्रतियगिता के दूसरे
पसंद करें
3
नापसंद करें

मुबारक हो कसाब, तू जीत गया.....

मुबारक हो.....मुबारक हो कसाब, तू जीत गयाभाग्य हमारा खराब, तू जीत गयातू जीत गया हरामज़ादे !भारत हार कर बैठा हैक्योंकि लोकतंत्र हमाराकुंडली मार कर बैठा हैखोद ! खोद ! ख़ूब कब्र तू हमारी खोद !तेरे तो दोनों हाथों में लड्डू हैं चादरमोद !जब तलक ज़िन्दा रहेगा,
पसंद करें
2
नापसंद करें

बेटी माँ बाप की साँसों का सतत स्पन्दन है

बेटियां आँगन की महक होती हैंबेटियां चौंतरे की चहक होती हैंबेटियां सलीका होती हैंबेटियां शऊर होती हैंबेटियों की नज़र उतारनी चाहिएक्योंकि बेटियां नज़र का नूर होती हैंइसीलिएबेटी जब दूर होती हैं बाप सेतो मन भर जाता संताप सेडोली जब उठती है बेटी कीतो पत्थरदिलों
पसंद करें
2
नापसंद करें
पसंद करें
2
नापसंद करें

ऐसा होता है कंजूस आदमी.......

कंजूस आदमी का गड़ा हुआ धनज़मीं सेतभी बाहर निकलता हैजब वहस्वयं ज़मीं में गड़ जाता है- शेख सादी
पसंद करें
3
नापसंद करें

बांहों में भर ले बलम हरजाई

जाड़े का मौसम, छोटी रजाईबांहों में भर ले बलम हरजाईननद निगौड़ी बाज़ न आएदरवज्जे पर कान लगाएसरका दे खटिया, बिछाले चटाई .............बांहों में भर ले ...........तू मेरा राजा, मैं तेरी रानीअब काहे की आना-कानीकाहे का डरमैं हूँ तेरी लुगाई .........बांहों में भर
पसंद करें
2
नापसंद करें

गीतों में भर दिया

नयनों से झरते नीर को गीतों में भर दियामैंने हृदय की पीर को गीतों में भर दियाभगवान की क़सम, इसे बेचा नहीं कहींमैंने मेरे ज़मीर को गीतों में भर दिया
पसंद करें
2
नापसंद करें

इत्ते भर से गा लूँगा

मैं तुझे गाना चाहता हूँगुनगुनाना चाहता हूँबस..........ज़रा कंठ सध जायेताल बैठ जायेसुर लग जायेऔरमूड बन जायेज़िन्दगी !ओ ज़िन्दगी !गीत हों न होंगीतकार का दर्द तो हैसंगीत हो न होसांस की झंकार तो हैमैं गा लूँगाइत्ते भर से गा लूँगाबस............ज़रा कंठ सध
पसंद करें
1
नापसंद करें

हँसो हँसाओ ..मौज मनाओ ..........

विद्वजनों ने कहा है :भोजन आधा पेट कर, दुगुना पानी पीतिगुना श्रम,चौगुनी हँसी, वर्ष सवासौ जी______हँसो हँसाओ ..मौज मनाओ ..........
टैग: दोहा
पसंद करें
0
नापसंद करें

गुलामी दुनिया का सबसे घृणित पाप है -नेताजी

गुलामीपूर्ण अन्याय की एक व्यवस्था हैऔर दुनिया कासबसे घृणित पाप हैमनुष्य का जीवनइसलिए है कि वह अत्याचार के खिलाफ लड़े- नेताजी सुभाष चन्द्र बोस
पसंद करें
0
नापसंद करें

मेरा तेवर - मेरा ज़ेवर

मशक्कत मेरा तेवर है ज़ुर्रत मेरा ज़ेवर है मैं इन्हें बदरंग नहीं होने दूंगा प्रयास लाख असफल हों मेरे पर उत्साह भंग नहीं होने दूंगाwww।albelakhatri.com
पसंद करें
0
नापसंद करें

माता शारदा बजायेगी सितार मेरे मेरे देश में.......

कुछ ही दिनों कामेहमान है ये पतझड़,देखो आने वाली है बहार मेरे देश मेंशीतल हवायें औरमादक फिजायें बन्धुझूम-झूम गायेंगी मल्हार मेरे देश मेंकितना सुकून, कितनाआनन्द होगा जबखुशियों के फूटेंगे अनार मेरे देश मेंसुख की सरिता मेंकमल पे सवार माताशारदा बजायेगी सितार
पसंद करें
0
नापसंद करें

लौट जाना इस तरह कि टूट जाए हर सगाई..........

रात येमधुरात सीमधुरात सीबारात सीबारात सीबरसात सीबरसात सीजज़्बात सीजज़्बात सीउत्पात सीउत्पात सीआघात सीआघात सीहालात सी_____हालात तुम बिन क्या हुए हैं देख लो..........._____क्या थे, क्या हम हो गए हैं देख लो...........देख लो इक बार आकर आशियानाफिर तुम्हारा जी
पसंद करें
2
नापसंद करें

बड़ा ही टुच्चा ग्रहण था

ग्रहण ?ये ग्रहण था ?अगर था तो बड़ा ही टुच्चा ग्रहण थाजो यूँ लगा और यूँ उतर गयाकोई निशां नहीं, किधर गया लेकिनदिन भर बवाल मचा रखा थासारी दुनिया को नचा रखा थासमाचार वालो ने !ज्योतिष वालो ने !अरे !ग्रहण ग्रहण क्या चिल्लाते हो ?ग्रहण तो लगे ही हुए हैं हमारी
पसंद करें
1
नापसंद करें

भूतपूर्व भाजपाईजी के नाम कुछ अभूतपूर्व काइकू

किताब लिखो पर ज़रूरी नहीं ख़राब लिखो ख़राब लिखो पर किसने कहा किताब लिखो कमाल किया किताब नहीं लिखी बवाल किया एहसास है ? भूगोल नहीं है ये इतिहास है इतिहास में छेड़ नहीं करते परिहास में जस ले बैठे तरने की चाह में बस ले बैठे पारा गिरा है ?ना रे ना भाजपा का
टैग: काइकू
पसंद करें
3
नापसंद करें
पसंद करें
4
नापसंद करें

जब कभी दुनिया में ख़ुद को तन्हा पाओगी प्रिये !

आपके भी होंठ इक दिन,गीत गायेंगे मेरेनींद होगी आपकी परख्वाब आयेंगे मेरेआपके भी...जागेगी जिस दम जवानी, जिस्म लेगा करवटेंरात भर तड़पोगी, बिस्तर पर पड़ेंगी सलवटेंआँखें होंगी आपकी परआँसू आयेंगे मेरेआपके भी...जब कभी दर्पण में देखोगी ये कुन्दन सा बदनख़ूब इतराओगी
पसंद करें
2
नापसंद करें

जीने की जो चाह है तो मौत से भी नेह कर

रात न ढले तो कभी भोर नहीं होती बन्धुसांझ न ढले तो कभी तम नहीं होता है लोहू तो निकाल सकता तेरे पाँव में से कांच से मगर घाव कम नहीं होता है जीने की जो चाह है तो मौत से भी नेह कर डरते हैं वो ही जिनमें दम नहीं होता है सच मानो जब तक पीर का काग़ज़ न हो कवि की
पसंद करें
1
नापसंद करें

गुरूपर्व के परम पावन अवसर पर हिन्दू और हिन्दूत्व के रक्षक दशमेश श्री गुरु गोबिन्दसिंहजी के श्रीचरणों में..

जिकर आफ़ाक़ न हुन्दा,तां धरती दा बिन्दू किंवें होन्दा ?जिकर होन्दा न अक्खां विच पाणी,तां फेर सिन्धु किंवें होन्दा ?हिन्दू अते सिक्ख विच फ़र्क करण वालयो ,तवारीख कैन्दी एजिकर सिक्ख न होन्दा,तां फेर हिन्दू हिन्दू किंवें होन्दा ?
पसंद करें
0
नापसंद करें

अमृत पी ज़हर उगलता है आदमी

शूलों से जो डर-डर चलता है आदमी तो पांव नीचे फूलों को मसलता है आदमी अन्न जैसे कंचन को कूड़ा कर फैंकता है अमृत पी ज़हर उगलता है आदमी जाने किस बात की अकड़ है जो ऐंठ -ऐंठ दो-दो फीट ज़मीं से उछलता है आदमी गौर से जो देखा बन्धु मुझे ऐसा लगा जैसे अपनी ही आग में
पसंद करें
0
नापसंद करें

कृतज्ञता ! कृतज्ञता ! कृतज्ञता !

जिन सेयह देह मिलीदेह कोस्नेह दुलार और विस्तार मिलाजीवन मिलाजीवन के पौधे नैतिकता का संचार मिलाश्रमशील और स्वाभिमानी रहने का संस्कार मिलाप्यार मिलादुलार मिलाघर मिलापरिवार मिला समाज मिला .........संसार मिलावो सब मिला बिन मांगे,जो मुझे मांगना भी नहीं आता
पसंद करें
0
नापसंद करें

वह कुछ भी हो, साहित्य नहीं

जो करे उजाला नित्य नहींवो दीपक है, आदित्य नहींजिसमें जन का कुछ हित नहींवह कुछ भी हो, साहित्य नहीं
पसंद करें
7
नापसंद करें

कुछ ऐसे दीवाने हैं कि.........

न मन्दिर में , न मस्जिद में , न गिरजाघर में पाया है इसी नरदेह में , अनहद के सच्चे घर में पाया है कई रोते - भटकते , एड़ीयां घिसते रहे युग - युग तो कुछ ऐसे दीवाने हैं कि बस पल भर में पाया है
पसंद करें
6
नापसंद करें

नव वर्ष आ रहा है

नव वर्ष आ रहा है उत्कर्ष आ रहा है सबके हृदय में जैसे नव हर्ष आ रहा है आओ फिर सपने देखें कुछ औरों के कुछ अपने देखें ये जानते हुए कि सपने टूट जायेंगे लुटेरे लूट जायेंगे इस बार भी बचा - खुचा हमारा सुकून पी जायेंगे फिर सारा खून हमारी देह का .......... ..
पसंद करें
6
नापसंद करें

प्यार पपीहे का पावन तप है

प्यार को प्यार रहने दो व्यापार न बनाओ व्यापार बनाते हो तो प्यार मत जताओ क्योंकि प्यार लुटने का सोपान है और व्यापार लूटने का सामान है व्यवहार दोनों का भिन्न है इसीलिए दुनिया खिन्न है क्योंके उत्साह में आ कर अत्यन्त अतिरेक कर देती है और दो विपरीत धाराओ
पसंद करें
8
नापसंद करें

क्योंकि उसका अपना दिल है ....

सुनो ! सुनो ! सुनो ! अपने दिल की धड़कन सुनो ! गुनो ! गुनो ! गुनो ! अपने अस्तित्व का स्वर गुनो ! चुनो ! चुनो ! चुनो ! अपने मन का मार्ग चुनो ! स्वतन्त्र हो तुम सुनने के लिए गुनने के लिए चुनने के लिए लेकिन ख़बरदार ! ये स्वतंत्रता केवल तुम्हारी ही बपौती
पसंद करें
9
नापसंद करें

तुम्हें वहम है कि तुमने प्यार किया है

आहट तुमने की नहीं बेवफ़ाई करते वक़्त होने भी नहीं दी लेकिन मैंने सुन ली इसका मतलब जानते हो ? मुझे यकीं है कि तुम नहीं जानते क्योंकि जानते तो मेरे ज़र्फ़ को और तड़फ को पहचान जाते ............. यानी मान जाते कि मुहब्बत किस चिड़िया का नाम है तुम्हें वहम
पसंद करें
5
नापसंद करें

मज़ा आता है शायद तुम्हें यूँही जीने में

रुत रंगीली है सीली सीली है पवन नशीली है देह भी गीली है ____ ऐसे में याद तुमको किया है ____ प्याला मुहब्बत का पिया है तुम आओ तो बात बन जाये ये रात , सुहागरात बन जाये मगर तुम आओगी नहीं वो आग बुझाओगी नहीं जो जल रही है लगातार हमारे सीने में मज़ा आता है शा
पसंद करें
6
नापसंद करें

हर भाषा मेरी भाषा है

आशा लिखूं तो आशा है निराशा लिखूं तो निराशा है मुझ पर किसी इक भाषा का बन्धन क्यों हो ? हर भाषा मेरी भाषा है कविता और मोहब्बत सोच कर नहीं हो सकती होने के बाद सोचा जाता है भाषा का वस्त्र पहनाया जाता है और सिलसिला आगे बढ़ाया जाता है __ हो सकता है मैं गलत
पसंद करें
10
नापसंद करें

मुझे ये फ़र्ज़ लाज़मी है

द्वार बन्द नहीं है उसका लेकिन मैं खटखटा रहा हूँ क्योंकि उसकी अनुमति बिना भीतर जाने से सकुचा रहा हूँ सकुचाना भी चाहिए , मुझे ये फ़र्ज़ लाज़मी है मैं तो सिर्फ़ आदमी हूँ किन्तु वो बड़ा आदमी है
Dec 18 2009 05:12 PM
पसंद करें
8
नापसंद करें

सफर लम्बा है, थोड़ा सामान बाँध लो..........

तेरी संगत मेरी रंगत निखार देती है पर तेरी मुहब्बत अक्सर मुसीबत में डाल देती है क्योंकि ज़माना ढूंढता है बहाना क़त्ल करने का हर तरफ़ धोखा नहीं कोई मौका वस्ल करने का अपनी हस्ती जुदा है अपनी मस्ती जुदा है अपनी बस्ती जुदा है ये कोई और लोग हैं जो जीना नहीं
पसंद करें
9
नापसंद करें

प्यार में कायनात प्यारी लग रही है

आजकी यह रात प्यारी लग रही है आपकी हर बात प्यारी लग रही है चाँद उतरा है ज़मीं पर , आसमां में तारों की बारात प्यारी लग रही है अब नहीं कोई गिला - शिकवा किसी से प्यार में कायनात प्यारी लग रही है क्यों करे परवाह दिल अन्जाम की जिस्म से शुरुआत प्यारी लग रही
पसंद करें
13
नापसंद करें

मिट्टी को मेरी छूकर कर डाला तूने सोना

कमाल कर दिया रे धमाल कर दिया रे नज़रे - क़रम से तूने निहाल कर दिया रे अब और क्या मैं मांगूं सब कुछ तो मिल गया है सदियों से बन्द था जो शतदल वो खिल गया है नूरानी कर दिया है भीतर का कोना कोना मिट्टी को मेरी छूकर कर डाला तूने सोना महका दिया है तन - मन महका
Dec 15 2009 08:51 PM
पसंद करें
14
नापसंद करें

क्योंकि मैं आज थोड़ा सुरूर में हूँ ..........

महक ये उसी के मन की है जो चली आ रही है केश खोले दहक ये उसी बदन की है जो दहका रही है हौले हौले महल मोहब्बत का आज सजा संवरा है आग भड़कने का आज बहुत खतरा है डर है कहीं आज खुल न जाए राज़ क्योंकि मैं आज थोड़ा सुरूर में हूँ उसी की मोहब्बत के गुरूर में हूँ ज
Dec 14 2009 03:30 PM