PRAKAMYA's Image
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
17 Jun 2010
कुल प्रविष्टियां
20
पाठक भेजे
309
पसंद
25
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
15.45
पसंद करें
2
नापसंद करें

चाँद की बारिश

कल फिर रात देर तलक मद्धिम बरसात होती रही ,मानो तन्हा उदास चाँद टिप टिप पिघल रहा हो.. !धीमे धीमे टपक रहे हो चाँद के आंसू फलक से ,रिमझिम रिमझिम बरसती रही चाँदनी टूट-टूट कर..! फिजा में घुल गयी चांदनी रिमझिम सी बरखा मद्धिम सी , मेरे घर के आँगन में उतर आई है
 
आकांक्षा गर्ग
पसंद करें
2
नापसंद करें

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)

किसी समय कि बात है एक कवि का बहुत ही कठिन समय चल रहा था | वह अपने परिवार का भरण पोषण करने में असमर्थ था इसीलिए जब उसने सुना कि राजा प्रतिभा को प्रोत्साहित करता है और अपनी उदारता के लिए प्रसिद्द है तो वह राजमहल कीओर चल पड़ा | राजा के समक्ष आने पर उसने
 
आकांक्षा गर्ग
पसंद करें
0
नापसंद करें

आपकी सहेली ~ मेरी पहेली ~ 3 का उत्तर

उत्तर प्रकाशित करने में हुए एक दिन के विलम्ब के लिए क्षमा प्रार्थी हूँ  |इस पहेली का सही उत्तर है ~नेहा और स्नेहा की मम्मी ने अखबार के एक पन्ने ( टुकड़े ) को दरवाजे के नीचे से आधा अन्दर सरकाया और नेहा को दरवाजे के एक तरफ खड़ा कर दिया और स्नेहा को
 
आकांक्षा गर्ग
Feb 13 2010 09:29 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

आपकी सहेली ~ मेरी पहेली ~ 3

एक छोटी सी पहेली आप सभी साथियों के लिए ~नेहा और स्नेहा दोनों में लड़ाई हुई और एक दूसरे को पीटने लगी उनकी मम्मी ने आकर देखा तो बहुत नाराज़ हुई | लड़ाई से थक हार कर परेशान होकर उनकी मम्मी ने दोनों को सजा देने की सोची और दोनों को एक ही न्यूज़ पेपर के एक ही
 
आकांक्षा गर्ग
टैग: पहेली
पसंद करें
2
नापसंद करें

एक अकेली मैं हूँ और साथ मेरे मेरी तन्हाई

एक अकेली मैं हूँ और साथ मेरे मेरी तन्हाई रात घिरी निस्तब्ध मगर मुझे नींद ना आई दिलो को चीरते हैं खामोशियों के पसरे सन्नाटे खोया खोया चाँद भी गुमसुम ख़ामोशी छाई ! आ जाए जो मुझे नीदं तो शायद आयें मीठे सपने सपने में ही गर आ जाओ कभी तो मेरे अपने तारों भरी
 
आकांक्षा गर्ग
पसंद करें
2
नापसंद करें

शायद ...इसीलिए परियां अब इस ज़मीन पर नहीं आती

एक माँ ही जब जन्म देती बेटी को तो फिर क्यूँ ऐसे रोती जानती नहीं लाडली बेटियां ही तो माँ की परछाई होती ! कच्ची दीवारों के खोखले रिश्तो से अनजान हंसती गाती रुनझुन रुनझुन क़दम बढ़ाती छन छन से पायल छनकाती ! कभी दस्तूरों तो कभी रिवाज़ के हाथों पल पल सताई जा
 
Akanksha
पसंद करें
2
नापसंद करें

काश ... ज़िन्दगी ख्वाब ही होती तो अच्छा होता

लड़की की इच्छा क्या है , बस इक पानी का बुलबुला है बनना चाहती है बहुत कुछ, करना चाहती है बहुत कुछ ! जाना चाहती हैं यहाँ वहां, देखना चाहती है सारा जहाँ कल्पनाएँ करती रहती है ,सोचना चाहती है बहुत कुछ ! चाहती है सब कुछ समेट लेना ,पाना छूना चाहती है आस्मां
 
Akanksha
पसंद करें
2
नापसंद करें

परी हूं मैं यहाँ, बस यूँ ही रहने दो मुझे मेरे ही ख्यालों में

परी हूँ मैं" हाँ परी ही तो हूँ ,हूँ पर अपने ही कुछ खयालो में घबराई सकुचाई तनहा हूँ ,किस्मत के अनसुलझे सवालों में ! आफताबी रेशम से बुनती हूँ ,लाखों सुनहरी झिलमिल ख्वाब रहती हूँ तारों में बसे आसमानी शहर के चाँद आशियाने में ! ना सोचो मैं हूँ कौन , कैसी
 
Akanksha
पसंद करें
1
नापसंद करें

आपकी सहेली ~ मेरी पहेली ~ 2 का उत्तर

इस पहेली का सही उत्तर है ~ तीनो में से कोई भी एक स्विच ऑन करें 15 मिनट के बाद उस स्विच को ऑफ कर दें | बाकि बचे दोनों स्विच में से कोई भी एक ऑन करें और बेसमेंट से प्रथम तल पर आ जाएँ | अब जो बल्ब इस वक़्त जल रहा है उसका स्विच इस वक़्त ऑन है बाकी बचे दो
 
Akanksha
टैग: पहेली
पसंद करें
1
नापसंद करें

आपकी सहेली ~ मेरी पहेली ~ 2

एक छोटी सी पहेली आप सभी साथियों के लिए ~  एक बेसमेंट में तीन स्विच लगे हैं जो की प्रथम तल पर लगे हुए तीन बल्ब के हैं जो लाल , हरे और नीले रंग के हैं और फिलहाल ऑफ हैं | आप उनमे से कोई भी स्विच ऑन या ऑफ कर सकते हैं लेकिन आप बेसमेंट से बाहर प्रथम त
 
Akanksha
टैग: पहेली
पसंद करें
0
नापसंद करें

आपकी सहेली ~ मेरी पहेली ~ 1 का उत्तर

आपकी सहेली ~ मेरी पहेली ~ 1 का सही उत्तर है ~ वह व्यक्ति किसी भी दरबान से अगर यह पूछे की अगर मैं दूसरे द्वारपाल से स्वर्ग का रास्ता पूछूँ तो वह कौनसा द्वार बताएगा प्रत्येक परिस्तिथि में इसके उत्तर में उसे नर्क का द्वार ही बताएगा अर्थात अगर वह  द
 
Akanksha
टैग: पहेली
पसंद करें
1
नापसंद करें

आपकी सहेली ~ मेरी पहेली

एक छोटी सी पहेली आप सभी साथियों के लिए ~ एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और वह यमराज के दरबार में पहुँच जाता है लेकिन यमराज के लिए एक बड़ी मुसीबत खड़ी कर देता है | उस व्यक्ति ने जितने पाप किये हैं उतने ही पुण्य अब यमराज  सोच में पड जाते हैं की इ
 
Akanksha
टैग: पहेली
पसंद करें
2
नापसंद करें

मेरे घर आई एक नन्ही परी ~ ख़ुशी

मेरे घर आई एक नन्ही परी चांदनी के हसीं रथ पे सवार आई रे आई रे ख़ुशी  मेरी प्यारी बहना की छोटी सी बिटिया रानी "सिमटी-सी..सहमी-सी.. मेरी गुड़िया रानी.. जब-जब सहलाऊं.. आ जाए रवानी.. खिलखिलाती हुई भरे.. जीवन में कहानी.. मेरी प्यारी बिटिया.. हुई अब स
 
Akanksha
पसंद करें
0
नापसंद करें

संगीतकार चूहों ने बांधा समां

क्या आपने चूहों को वाद्य यंत्र बजाते सुना है। लंदन में एक टीवी विज्ञापन के लिए बाकायदा चूहों का आडीशन लिया गया। इन चूहों को इन्हीं के आकार के ट्रम्पेट्स, सेक्सोफोन, ट्रोमबोंस, ड्रम और बांसुरी बजाने को दिए गए। जैसे ही चूहों ने इन व
 
Akanksha
पसंद करें
2
नापसंद करें

परी की कहानी सी लगे ये मेरी जिंदगानी !

मुझसे हमेशा कहती थी नानी गुडिया गुड्डे और परियों की कहानी ख्वाब , आंसू और मुस्कान के रिश्ते राजा रानी, परियां और खुदा के फ़रिश्ते ! अपने साए को भी जब ढूंढ नहीं पाए गम के अंधेरों में परछाइयां खो जाए उदासी के अंधेरों में दर्द हद से गुज़र जाए तब खुदा के
 
Akanksha
पसंद करें
1
नापसंद करें

गुलज़ार जी की कुछ और त्रिवेनियाँ

इतने लोगों में, कह दो अपनी आँखों से इतना ऊंचा ना ऐसे बोला करें लोग मेरा नाम जान जाते हैं ! सारा दिन बैठा में हाथ में लेकर खाली कासा रात जो गुजरी चाँद की कौडी डाल गयी उसमे सूदखोर सूरज कल मुझसे ये भी ले जायेगा ! आओ जुबानें बाँट ले अब अपनी अपनी हम ना तु
 
Akanksha
पसंद करें
1
नापसंद करें

गुलज़ार जी और त्रिवेणी

गुलज़ार जी के बारे में क्या कहे जब भी गुलज़ार जी के बारे में कुछ कहने का सोचिये सबसे पहला ख्याल आता है त्रिवेणी का | जिस दिन पहली बार त्रिवेणी सुनी उस दिन से त्रिवेणी के और गुलज़ार जी के फैन हो गए | चंद लफ्जों में पूरी बात कह जाना वो भी इतनी सहजता से और
 
Akanksha
पसंद करें
3
नापसंद करें

और.....ऐसा मैं कभी होने न दूंगी !...

और..... .ऐसा मैं कभी होने न दूंगी !...... . मैंने अक्सर चाहा... पांवों में पहन चांदी की छनकती झांझर सुर्ख गुलाब की पंखुडियों पे चलूँ मैं मखमल की चादरों पे चल के मंजिलों को गले लगाऊं मैं .. . पर ये तुमने होने न दिया ..... . मैंने अक्सर चाहा... इस धूप
 
Akanksha
पसंद करें
1
नापसंद करें

आम आदमी हो या अम्बानी ., गैस याद दिला देती है नानी

आम आदमी हो या अम्बानी ....गैस याद दिला देती है नानी गैस जब अमीर आदमी की संपत्ति बन जाती है दुनिया की नज़रों में चढ़ जाती है भाई - भाई में डालती है फूट झगड़े की जड़ बन जाती है गैस जब गरीब आदमी के घर पहली बार जाती है खुशियों का अम्बार लग जाता है धरती से
 
Akanksha
पसंद करें
4
नापसंद करें

दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे

सभी जानते हैं चवन्नीछाप हिंदी का मशहूर ब्लॉग है, समय, सिनेमा और संवेदना को समझने के लिहाज से. इस ब्लॉग के मॉडरेटर व चर्चित फ़िल्म समीक्षक अजय ब्रह्मात्मज जी ने दिलवाले दुल्हनिया ले के चौदह साल पूरे होने पर कुछ लिखने-यादें सांझा करने का न्योता दिया. त
 
Akanksha