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18 Jun 2010
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इतने सारे दोस्तों से बचाओ...

पहले एक सवाल  कभी सोचा है आपके दोस्त कितने हैं... दो, चार, दस, बीस... पचास... अब सोचिए, इनमें से ऐसे कितने हैं जिनके साथ आप अपनी फैमिली ऐलबम की तस्वीरें शेयर करते हैं। या कहें कि इनमें से ऐसे कितने हैं जो आपके घर आ जाएं तो आप उन्हें आप सिंगापुर या
 
आशीष पांडे
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मैं हूं उसकी गंदी मम्मा

मॉल में घूमते-घूमते  थक गई तो चारों तरफ नजर  दौड़ा कर खाली बेंच ढूंढने लगी। सामने नज़र आ गई। अभी बैठने जा ही रही थी कि‍ एक लडकी दौड़ी-दौड़ी आई। हम दोनों में जैसे रेस लग गई उस सीट को हड़पने की। किसी तरह दोनों समा गए। मैं उसको देखने लगी – 25-26
 
नमिता जोशी
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यह कैसा बाप जो बेटों के हत्यारे को बचाता है...

भोपाल गैस कांड में जिला अदालत के फैसले के बाद इस मामले की कई परतें खुल कर सामने आई हैं। कुछ ऐसी सच्चाई भी सामने आई है जिससे देश की जनता अभी तक अनजान थी। लेकिन जो सच सामने आया है, उससे एक बार फिर यह बात साबित हो गई है कि मुल्क की जनता जो सरकारें चुनती है,
 
पूनम पांडे
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विश्वास में शादी करके तबाह हुई जिंदगी

विश्वास में हुई शादी से राधा की जिंदगी तबाह हो गई। किरन बेदी सुना रही हैं उसकी कहानी उसी की जुबानी। मेरा नाम राधा है। मैं अहमदाबाद की रहने वाली हूं। मैंने बीए, बीएड किया है। परिवार में माता-पिता के अलावा छह भाई हैं। मांगलिक होने की वजह से मेरी शादी में
 
किरन बेदी
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मौसेरे भाइयों की तो मौजां ही मौजां!

कई साल पहले की बात है। चांदनी चौक में टाउन हॉल के सामने एक निर्माणाधीन बिल्डिंग गिर गई और कुछ लोग दब गए। तब के सीएम साहब मौके पर पहुंचे। एमसीडी कमिश्नर भी मौजूद थे। लोग बहुत गुस्से में थे। एक कह रहा था कि टाउन हॉल के ठीक सामने बिल्डिंग बन रही थी, क्या
 
दिलबर गोठी
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प्रेम की लाइसेंस फीस

कॉमन के पास वेल्थ हो या न हो, सरकार तो वसूली की तैयारी में है। कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम पर रोड टैक्स से लेकर सीएनजी की कीमत बढ़ाई जा रही है। कॉमन को गेम्स से क्या मिलेगा, शटअप... यह सवाल पूछना बेकार है। वैसे कॉमन को क्या मिल सकता है, यह सवाल ही बेकार है।
 
आलोक पुराणिक
Jun 14 2010 09:22 AM
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मनी पावर की जय

गुरुवार को हुए महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में मनी पावर की जय बोली गई। सुना और कहा जा रहा है कि  एक-एक वोट की कीमत करोड़ का आंकड़ा छू गई। यह बताने वाले वे ही लोग है जो पावर सेंटर के करीब हैं। कुछ तिकड़मबाजों ने दो-तीन देनदारों से कीमत वसूल की।
 
कुमुद संघवी चावरे
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सब कुछ खत्म हो जाएगा उसके साथ

ग्रीन आजकल फैशन में है। इस साल इन्वायरनमेंट डे पर मीडिया में जितनी कवरेज दिखी, वह बेमिसाल थी। हालांकि ग्लोबल वॉर्मिंग पर दुनिया के देश किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए और न ही ऐसी उम्मीद है कि धरती को इस सबसे बड़े खतरे से उबारने का तरीका जल्द ही खोजा जा
 
संजय खाती
Jun 12 2010 01:50 PM
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...तो हमारी मदद कौन करेगा?

पिछले हफ्ते की बात है। रात का एक बज चुका था। मैं ऑफिस से घर लौट रहा था। वसई स्टेशन पर ट्रेन से उतरकर ऑटोरिक्शा में बैठा। पांच मिनट में घर पहुंचने वाला था। अचानक सडक़ पर भीड़ दिखी। हमारा रिक्शावाला भी रुक गया। सडक़ चौड़ी करने का काम चल रहा था। इसलिए दोनों
 
भुवेंद्र त्यागी
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जो लड़की शर्माई नहीं, वह हो गई चरित्रहीन...

रचना को कोर्ट में देख मेरी आंखें भींग गईं। आज वह अपने पति द्वारा दायर तलाक के मुकदमे का सामना करने आई थी। लेकिन चार साल पहले जब उसने शादी की था, तब सीन कितना अलग था! तब वह हनीमून से वापस आई थी और उसने कुछ बहुत ही प्राइवेट बातें मुझसे शेयर की थीं। उसने
 
अनु चौहान
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बरसो रे मेघा मगर दिल्ली में नहीं

अगर आप अपने देश से प्यार करते हैं और चाहते हैं कि अगले कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान राष्ट्र की भद्द न पिटे तो मेरी आपसे एक विनम्र विनती है - आज ही से भगवान से प्रार्थना शुरू कर दें। गेम्स के लिए जो तैयारी है - चाहे वह वेन्यू हों, कैटरिंग व्यवस्था हो, खेलगांव
 
राजेश कालरा
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फैमिली नंबर वन को गुस्सा क्यों आता है

नो नेहरू, नो गांधी। यह मेसेज है, जो उन लोगों के नाम जारी हुआ है, जो गांधी-नेहरू फैमिली पर कोई फिल्म बनाना चाहते हैं या किताब लिख रहे हैं। नेहरू-एडविना पर बनने वाली फिल्म इंडियन समर  भारत सरकार की फाइलों में फंसी है। सोनिया पर फिल्म बनाने चले जगमोहन
 
संजय खाती
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हायर एजुकेशन में हार न हो

स्कूल एजुकेशन के बाद हायर एजुकेशन की दहलीज पर कदम रखते ही स्टूडेंट्स के मन में एक नई उमंग और आंखों में नए सपने होते हैं। उन्हें अपने सपने साकार करने के लिए, नई उड़ान भरने के लिए एक खुला आसमान भी मिलता है। वे पल भर में सब कुछ पा लेना चाहते हें। इसीलिए
 
दिलबर गोठी
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यह पर्सनल प्रॉब्लम है

ज्ञान चक्षु, जो बिजली जाने की वजह से अंधेरामय हो लिए थे, अब खुल से लिए हैं। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जो भगदड़ मची, उसके लिए पब्लिक ही जिम्मेदार है। सही है, पब्लिक जिम्मेदार है, भगदड़ के लिए, बिजली न आने के लिए, पानी न आने के लिए, सड़कों में गड्ढों के
 
आलोक पुराणिक
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सैमसंग 3 डी टीवी की टेस्ट रिपोर्ट

एलसीडी, एलईडी और अब थ्री डी... टीवी टेक्नॉलजी में नया डाइमेंशन जुड़ता जा रहा है। थ्री डी इस वक्त सबसे ज्यादा क्रेज वाली नई तकनीक है, जो सिनेमाघरों के बाद अब टीवी के पर्दे पर आ गई है। इस बार सैमसंग के नए 3 डी टीवी सेट यूए 46 सी 7000 की टेस्ट रिपोर्ट
 
आशीष पांडे
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कहीं खो न जाएं ये तारे जमीं पर

कुछ दिनों पहले मनोवैज्ञानिकों की एक टीम मुझसे मिलने आई थी। युवाओं और बच्चों में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए वे कुछ उपाय करना चाहते थे। इस कैंपेन में मुझे भी शामिल होना था। उनके जाने के बाद काफी देर तक मैं यह सोचता रहा कि समाज में आखिर क्यों
 
प्रसून जोशी
Jun 06 2010 11:17 AM
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हिंदुस्तानी खून है उसमें भी पर वह हम जैसा नहीं है...

अविनाश मोती नाम है उसका। उम्र होगी कोई 24-25 की। कार चलाता है और हिंदी के अलावा चार और भाषाएं फर्राटे से बोलता है। हर तरह से बिल्कुल भारतीय लगता है... लेकिन वह है नहीं। उसकी रगों में दौड़ते हिंदुस्तानी खून के बावजूद वह खुद हिंदुस्तानी नहीं है।पिछले दिनों
 
नीरेंद्र नागर
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एक रात तारों की छांह में

पिछले हफ्ते मुंबई में बहुत गर्मी रही। मानसून आने से पहले हर साल ऐसा होता है। ह्यूमिडिटी बढ़ जाती है। नतीजतन पसीना थमने का नाम नहीं लेता। दिन में तो चलो धूप के कारण गर्मी मानी। पर रात में? रात में भी कोई राहत नहीं। तो ऐसी ही एक रात एक बजे पसीने से लथपथ घर
 
भुवेंद्र त्यागी
Jun 04 2010 12:01 PM
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इंडिया की टीम नहीं है टीम इंडिया

एक खिलाड़ी का सबसे बड़ा सपना क्या होता है? मेरे जैसे लोगों के हिसाब से तो देश को रिप्रज़ेंट करना। लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और भारतीय क्रिकेटर हम जैसे लोगों की राय से इत्तफाक नहीं रखते। ऐसे कितने क्रिकेटर होंगे, जो सही मायनों में यह कह सकेंगे कि
 
प्रभाष झा
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क्या वेटर आपका गुलाम है?

हरिवंश राय बच्चन ने अपनी जीवनी में एक जगह कहा है - गुलामी के संस्कार पीढ़ियों तक नहीं जाते। जब मैं होटल-रेस्टॉरेंट्स में लोगों को वेटर्स को टिप देते हुए देखती हूं तो यही लगता है। किसी को गुलाम समझने में या खुद से कमतर समझने में जो खुशी हमारी रीढ़ की
 
पूजा
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क्या हम प्रयोग करने से डरते हैं?

क्या आप जानते हैं कि सिकंदर जब भारत आया था तब उसने अपने 7000 की सैनिकों का पड़ाव एक बरगद के पेड़ के नीचे डाला था!  
 
पुनीत बिंद्लिश
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उनकी बेशर्मी और हमारी बेबसी...

अगर आप गांवों से शहरों में ढलते जा रहे भारत में, खास तौर पर उत्तर भारत में रह रहे हैं और इस बात को लेकर फिक्रमंद हैं कि विनम्रता, संवेदनशीलता और कानून के लिए इज़्ज़त लगातार घटती जा रही है, तो ऐसा सोचने वाले आप अकेले नहीं हैं।मैं हर सुबह पौ फटते साइकलिंग
 
राजेश कालरा
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एक भूल ने दी पूरे परिवार को सजा

प्रदीप शर्मा की एक छोटी सी भूल की सजा उनके पूरे परिवार को मिली। किरन बेदी सुना रही हैं उसकी कहानी उसकी की जुबानी। मेरा नाम प्रदीप शर्मा है। उम्र 34। मैं साइंस ग्रेजुएट हूं। उत्तम नगर क्षेत्र के मोहन नगर में मैं परिवार समेत रहता हूं। परिवार में माता-पिता
 
किरन बेदी
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शाम ढले उपयुक्त राहजनी

अखबारों में हाल में कई खबरें पढ़ीं, जिनके शीर्षक थे- कनॉट प्लेस में दिनदहाड़े वारदात, आनंद विहार में दिनदहाड़े लूट, श्रेष्ठ विहार में दिनदहाड़े राहजनी। खबरें और शीर्षक पढ़कर लगा कि जैसे आपत्ति दिनदहाड़े पर थी। मतलब यह मानकर चला जा रहा है कि लूटपाट दिन या
 
आलोक पुराणिक
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टेस्ट रिपोर्ट - ओलंपस म्यू टफ 3000 कैमरा

हॉलिडे सीजन की शुरुआत हो चुकी है। कहीं घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो कैमरा आपके लिए बेहद जरूरी गैजट होगा। यूं तो बाजार में एक से बढ़कर एक कैमरे मौजूद हैं लेकिन मिडल क्लास फैमिली के बजट में फिट बैठने वाले कैमरों में से एक ओलंपस म्यू टफ 3000 की हम
 
आशीष पांडे
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'बे-कार' आसां नहीं होंगी मुश्किलें

'मुश्किलें इतनी पड़ीं हम पे कि आसां हो गईं।' जी हां, दावा है कि दिल्ली में सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। इसे 'देर आयद दुरुस्त आयद' भी कहा जा सकता था बशर्ते सरकार की अप्रोच बैलेंस्ड होती। सरकार को सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने का
 
दिलबर गोठी
May 30 2010 09:59 AM
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कौन मियां? कौन बीवी और कौन काजी?

खाप पंचायतों के फरमानों और ऑनर किलिंग की दिल दहला देने वाली खबरों ने सगोत्र विवाह पर पाबंदी के उस मुद्दे को पटरी से उतार दिया है, जिसकी वजह से उत्तर भारत के समाज में इतनी नाराजगी दिखाई दे रही है। इस दौरान गोत्र और हिंदू मैरिज ऐक्ट पर काफी कुछ कहा और लिखा
 
संजय खाती
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जिंदगी का फन कहीं खो गया

मुंबई में स्कूल-कॉलेज खुलने वाले हैं। कैम्पस में नए साल में नया माहौल होगा। फिर वही सुबह-सुबह उठना, तैयार होना, यूनिफॉर्म-ड्रेस पहनना, भागते-दौड़ते ब्रेकफास्ट निगलना... और बैग संभालते हुए स्कूल बस या ऑटोरिक्शा, टैक्सी और ट्रेन की ओर दौडऩा। ज्यादातर
 
भुवेंद्र त्यागी
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शादी क्यों करना चाहता है कसाब!

कसाब ने शादी करने की इच्छा क्या जाहिर की कि पूरे देश में हो-हल्ला मच गया। खासतौर पर उसके भारतीय लड़कियों से भी शादी की इच्छा जताने से लोगों में खासी नाराजगी है। बावजूद इसके नवभारत टाइम्स.कॉम पर कोई उसकी शादी करीना कपूर से कराना चाहता है, तो कोई साध्वी
 
प्रशांत जैन
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पीएम ने निराश किया, पत्रकारों ने भी

आपने प्रधानमंत्री की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी? अगर देखी और शुरू से आखिर तक बोर हुए, डेढ़ घंटे तक प्रताड़ित महसूस करते रहे, तो आप अकेले नहीं हैं। मैं भी आपके साथ हूं। पूरी दुनिया में राष्ट्राध्यक्ष (शासनाध्यक्ष)की प्रेस कॉन्फ्रेंस की व्यग्रता से
 
राजेश कालरा
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अंधा न बना दे पैसे का पर्दा

पिछले दिनों मुझे एक सम्मान समारोह के तहत लखनऊ जाने का मौका मिला। रास्ते से गुजर रहा था कि एक धर्मशाला पर निगाह गई। धर्मशाला का नाम किसी सेठ के नाम पर था। मन में खयाल आया कि पहले खुद पैसे को इज्जत कमानी पड़ती थी। धनाढ्य वर्ग समाज में इज्जत कमाने के लिए
 
प्रसून जोशी
May 25 2010 10:06 AM
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मर्ज बढ़ता गया ज्यों-ज्यों दवा की

डीटीसी के घाटे का मुद्दा उतना ही पेचीदा हो गया है जितना कश्मीर मुद्दा। मंत्री से लेकर मैनेजर तक सभी सिर धुनकर बैठ गए हैं लेकिन समझ में नहीं आ रहा डीटीसी का क्या करें, इस घाटे का क्या करें। कहने को तो नई बसें, नए बस क्यू शेल्टर, नए बस डिपो...बढ़िया है
 
दिलबर गोठी
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करोड़ों की गर्मी

गर्मी विकट है। लू लपट में जाइए, तो लगता है कि अब अंत निकट है। पर अंत होता नहीं है, बच जाते हैं। जान बची और लाखों पाए मुहावरे के हिसाब से देखें, तो अब रोज लाखों ही मिल रहे हैं। गर्मी जाते-जाते करोड़ों देकर जाएगी। अब क्या चाहिए गर्मी से। खैर यह दिल्ली शहर
 
आलोक पुराणिक
May 24 2010 10:44 AM
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मैंगलोर वाली फ्लाइट

वह मेरे बगल वाली सीट पर बैठा था और बहुत देर से मुझे घूरे जा रहा था, मानो कुछ कहना चाह रहा हो। कुछ चिढ़ते हुए मैंने आंखों के इशारे से पूछा क्या बात है, वह थोड़ा हिचकते हुए बोला, सर मुझे अंग्रेजी बोलनी नहीं आती है, आप एयर होस्टेस से मेरे लिए एक और खाने का
 
आशीष पांडे
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आखिर मैंने इतने पापड़ क्यों बेले?

पिछले साल मुझे डोमिसाइल सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत पड़ी। महाराष्ट्र में 15 साल से ज्यादा समय से रहने को साबित करने वाला यह सर्टिफिकेट तहसीलदार या कलेक्टर देता है। मुझे लगा कि एक ऐप्लिकेशन देनी होगी। उसके साथ कुछ डॉक्युमेंट्स जमा करने होंगे और कुछ दिन में
 
भुवेंद्र त्यागी
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उनका क्या बिगाड़ा है औरतों ने

करीब महीना भर पहले एक दिलचस्प किस्सा हुआ। दुनिया भर की हजारों महिलाओं ने 26 अप्रैल को गहरे गले के कपड़े पहने ताकि उनकी क्लिवेज (वक्ष रेखा) नजर आ सके। इस अनूठी मुहिम को 'बूबक्वेक' का नाम दिया गया। इसका मकसद था यह साबित करना कि महिलाओं के कपड़ों की वजह से
 
संजय खाती
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कितने बामन, कितने रजपूत, मुसहर कितने...

2011 की जनगणना औपचारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। शहरों-गांवों में घर-घर सेंससकर्मियों का जाना शुरू हो गया है। मगर, एक बहस का निपटारा अभी तक नहीं हुआ है। बहस इस बात पर हो रही है कि जनगणना हो किस तरह से। जनगणना में लोगों की जाति पूछी जाए या नहीं। खास विवाद
 
प्रणव प्रियदर्शी
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उस बाघिन को हमने मारा

वाकई यह एक दुखद घटना है। बांधवगढ़ में एक 20 साल की बाघिन की मौत हो गई। कुछ दिनों पहले वह लंगड़ाती हुई दिखी थी, लेकिन कल तालाब के पास मृत पाई गई। बाघों की जान को वैसे भी खतरा है और उनकी संख्या तेजी से घटती जा रही है, ऐसे में इस बाघिन की मौत से लोगों में
 
राजेश कालरा
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सबका दर्द समझो दीदी

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तो आपने देखा ही होगा। कभी-न-कभी वहां गए भी होंगे। इसी हफ्ते वहां भगदड़ मची जिसमें कुचलकर एक महिला और एक बच्ची की मौत हो गई। हमें दुख तो हुआ लेकिन यह ज्यादा बड़ी बात नहीं है ऐसे देश में, जहां हर रोज सैकड़ों लोग हादसों का शिकार होते
 
शिवेंद्र चौहान
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पिता को सहारा देने वाली का दुश्मन हुआ बेटा

ज्यादा शराब पीने वालों के घर उजड़ जाते हैं कुछ ऐसा ही केस है जानकी देवी का। उसका शराबी पति जो कमाता उसे नशे में उड़ा देता फिर वह चल बसा। तब महिला एक ऐसे पुरुष के जीने का सहारा बनी जिसके घर वह साफ-सफाई का काम करती थी। जीवन सही दिशा में जा रहा था पर उस
 
किरन बेदी