0
चौपाल : आंच पर है 'भाषा’
आँच-8 -- हरीश प्रकाश गुप्त रचनाकार के अन्दर धधकती संवेदना को पाठक के पास और पाठक की अनुभूति की गरमी को रचनाकार के पास पहुँचाना आँच का उद्धेश्य है। आँच के विगत अंक में लोगों का ध्यान आकर्षित करने वाली जिन काव्य रचनाओं का प्रसंग चर्चा में आया था उनमें से
- 4 00 टिप्पणियां [6]
Mar 18 2010 06:33 PM


Shuffle

























